DNA: पुलिस ने अल-फलाह के HR डिपार्टमेंट में काम करने वाले जमील नाम के शख्स को भी गिरफ्तार किया है. अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम आज उत्तर प्रदेश में की गई एक कार्रवाई में भी सामने आया है.
उमर और मुजम्मिल की आतंकी साजिशों की वजह से ही एक यूनिवर्सिटी का नाम भी सुर्खियों में आया. ये है फरीदाबाद की वो अल-फलाह यूनिवर्सिटी जहां उमर और मुजम्मिल काम करते थे. इसी अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर एक्शन की शुरुआत अब हो चुकी है.
बड़ी खबर ये है कि भारतीय विश्वविद्यालय संघ ने अल फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी है. NAAC यानी NATIONAL ASSESEMENT AND ACCREDIATION COUNCIL ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी को SHOW CAUSE NOTICE भेजा है . NAAC का दावा है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने मान्यता प्राप्त होने का दावा किया था लेकिन इस यूनिवर्सिटी को NAAC ने मान्यता नहीं दी है . इतना ही नहीं काउंसिल ने ये भी कहा है कि मान्यता के लिए यूनिवर्सिटी ने CYCLE-1 प्रक्रिया के तहत आवेदन तक नहीं किया है . मान्यता देने वाली संस्था के दावों से दो बातें साफ हो जाती हैं. पहला ये कि यूनिवर्सिटी ने मान्यता का दावा करके छात्रों और उनके अभिभावकों को अंधेरे में रखा और दूसरा ये कि यूनिवर्सिटी ने मान्यता का दावा करके फर्जीवाड़ा किया. हो सकता है कि इस खुलासे के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर कानूनी कार्रवाई भी की जाए. आज भी आतंक के आरोपों से घिरी इस यूनिवर्सिटी से जुड़ा पुलिस एक्शन जारी रहा है. आज हरियाणा पुलिस का बम निरोधक दस्ता भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कैंपस में पहुंचा. बताया जा रहा है कि दस्ते ने यूनिवर्सिटी परिसर और लैब की जांच की. दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी यूनिवर्सिटी के पार्किंग में छानबीन की. इस छानबीन में पुलिस को एक ब्रेजा कार मिली जिसकी जानकारी निकालने पर पता चला कि ये गाड़ी आतंकी नेटवर्क की मास्टरमाइंड कही जा रही शाहीन शाहिद के नाम पर पंजीकृत है. अल फलाह के एचआर डिपार्टमेंट का शख्स भी गिरफ्तार ऐसे में सवाल खड़ा होता है क्या ये गाड़ी शाहीन शाहिद का करीबी माने जाने वाला मुजम्मिल लेकर आया था या फिर शाहीन शाहिद ने खुद ये गाड़ी यूनिवर्सिटी में लाकर खड़ी की थी. पुलिस ने अल-फलाह के HR डिपार्टमेंट में काम करने वाले जमील नाम के शख्स को भी गिरफ्तार किया है. अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम आज उत्तर प्रदेश में की गई एक कार्रवाई में भी सामने आया है. दिल्ली पुलिस ने यूपी के हापुड़ से फारुक अहमद डार नाम के एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है. फारुख डार भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के पद पर कार्यरत रह चुका है और इस आरोपी का ताल्लुक भी कश्मीर से है . ज़ी न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक डॉक्टर फारुक डार घाटी के बडगाम का रहने वाला है . एक ही मकसद यूनिवर्सिटी मेंआतंकियों का काम करना? DNA के 12 नवंबर के संस्करण में हमने आपको बताया था कि कश्मीर में आतंक परस्ती के आरोपों की वजह से निकाले गए एक डॉक्टर निसार को भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सीनियर रेजीडेंट का पद दिया गया था. अब फारुक अहमद डार का नाम सामने आया है. यूनिवर्सिटी में आतंकियों का काम करना. कश्मीर के आतंक परस्तों को यूनिवर्सिटी में बड़ा पद देना. इन तथ्यों की वजह से अल-फलाह यूनिवर्सिटी की भर्ती प्रक्रिया आरोपों के कठघरे में खड़ी होती है. इसी सवाल को ज़ी न्यूज़ रिपोर्टर्स ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों के सामने भी रखा . हमारे सवालों पर क्या जवाब मिला. ये आपको भी गौर से देखना और सुनना चाहिए. यूनिवर्सिटी से जुड़े लोग या यूं कहें कि उनके प्रतिनिधि तो सामने आ रहे हैं. भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित कमियों को कबूल रहे हैं लेकिन एक चेहरा किसी के सामने नहीं आ रहा है. ये चेहरा है अल-फलाह ट्रस्ट का चेयरमैन जवाद सिद्दीकी. आतंकियों के यूनिवर्सिटी में रहने का तथ्य सामने आने के बाद भी जवाद सिद्दीकी कहीं नजर नहीं आया. ED और EOW यूनिवर्सिटी का फॉरेंसिक ऑडिट करेगा जवाद सिद्दीकी सामने आए या नहीं लेकिन अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं . जी न्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक अब ED और EOW यूनिवर्सिटी का फॉरेंसिक ऑडिट करेगा यानी यूनिवर्सिटी के वित्तीय लेन-देन की जांच की जाएगी ताकि अल-फलाह की फंडिंग और खर्चों से जुड़ा सच सामने आ सके. अल-फलाह के साथ ही साथ आतंकी नेटवर्क से जुड़ी जांच एक और यूनिवर्सिटी तक पहुंची है . ये है लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी जहां मास्टरमाइंड शाहीन का भाई परवेज काम करता था . दिल्ली धमाके से कुछ ही दिन पहले परवेज ने इस्तीफा दे दिया था.यूनिवर्सिटीज के साथ ही साथ एजेंसियों की नजर देश के अलग-अलग प्रांतों में मौजूद कश्मीरी छात्रों पर भी है. कश्मीरी छात्र क्यों जांच एजेंसियों के राडार पर हैं. ये समझने के लिए आपको ज़ी न्यूज़ की इंवेस्टिगेशन से निकली एक्सक्लूसिव जानकारी बेहद गौर से देखनी और समझनी चाहिए. दिल्ली ब्लास्ट जैश-ए-मोहम्मद की बड़ी साजिश! सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश-ए-मोहम्मद ने एक बड़ी साजिश रची थी . इस साजिश का मकसद था जैश के समर्थकों को देश के अलग अलग कॉलेज और यूनिवर्सिटी में प्लांट करना . इन कथित छात्रों को सोशल मीडिया के जरिए ब्रेनवॉश किया गया था. अब एजेंसियां उन कश्मीरी युवाओं को ढूंढ रही हैं जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में कश्मीर के बाहर स्थित विश्व विद्यालयों या कॉलेज में एडमिशन लिया है ताकि जैश की इस साजिश को भी नाकाम किया जा सके. अल-फलाह यूनिवर्सिटी संगीन आरोपों का सामना कर रही है . हालांकि अब तक जांच पूरी नहीं हुई है लेकिन एक शिक्षण संस्थान में आतंकी तत्वों की मौजूदगी सामने आने का ये तथ्य पाकिस्तानी इतिहास के एक चैप्टर की याद दिला देता है. ये चैप्टर जुड़ा है पाकिस्तान के सबसे बड़े मदरसे दारुल-उलूम-हक्कानिया से. बंटवारे के बाद दारुल उलूम हक्कानिया का मकसद क्या था? बंटवारे के बाद वर्ष 1947 में दारुल उलूम हक्कानिया की स्थापना की गई थी. इस मदरसे का मकसद था पाकिस्तान में मजहबी शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना. इस्लामिक मूल्यों को समझाने वाले मौलवी और हाफिजों को तैयार करना लेकिन अफगानिस्तान पर सोवियत हमले के बाद से सब बदल गया . दारुल-उलूम-हक्कानिया से वो जिहादी निकलने लगे जो अफगानिस्तान में जाकर लड़े थे. आगे चलकर इसी दारुल-उलूम-हक्कानिया से तालिबान के भी बड़े कमांडर निकले. यानी जो संस्थान मजहबी शिक्षा के लिए तैयार किया गया था वो आतंक की फैक्ट्री बन गया. इसी वजह से पुलिस और जांच एजेंसियां युद्धस्तर पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं ताकि हमारे देश के शिक्षण संस्थानों को सफेदपोश आतंक के ब्रीडिंग ग्राउंड बनने से रोका जाए. यानी पाकिस्तान के दारुल उलूम हक्कानिया जैसा कोई संस्थान कभी भारत में ना खड़ा हो पाए. यह भी पढ़ेंः Delhi Blast: कभी ताल ठोक..., अब मांद में दुबके आतंकी; मोदी सरकार का खौफ या कुछ और?
Al Falah DNA Al Falah University Terrorist Delhi Blast
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
दिल्ली धमाके के इमाम का DNA टेस्ट, व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल क्या है?Delhi Terror Attack: हमारे देश में आतंक की साजिशें कितनी गहरी है, इसका पता लगाने में जांच एजेंसी जुट गई है. आज हमने व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का DNA टेस्ट किया.
Read more »
Delhi Red Fort Blast: लाल किले के पास हुए धमाके वाली i20 कार में मौजूद था डॉ. उमर, DNA जांच में हुई पुष्टिDelhi Red Fort Blast: लाल किले के पास हुए धमाके वाली i20 कार में मौजूद था डॉ. उमर, DNA जांच में हुई पुष्टि Delhi Red Fort Blast: Dr. Umar was present in the i20 car that exploded near the Red Fort, DNA test confirms
Read more »
मां के DNA से हो गया डॉ. उमर के डीएनए का मिलान, दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासाRed Fort Delhi Blast News: दिल्ली ब्लास्ट में मिलिट्री ग्रेड के विस्फोटक के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है, जिसमें अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद आनन-फानन में यह धमाका हुआ। विस्फोट को अंजाम देने वाले डॉ.
Read more »
Delhi Red Fort Blast: ফিঁদায়ে ডা. উমরই চালাচ্ছিল i20! DNA টেস্টে বেরিয়ে এল দিল্লি বিস্ফোরণের ভয়ংকর সত্যি...Delhi Red Fort Blast: DNA test confirms doctor Umar Nabi was driving hundai i20 that exploded near Red Fort
Read more »
DNA के बारे में जानें: सवाल और जवाबगूगल डूडल ने डीएनए पर सवाल-जवाब के माध्यम से जानकारी दी है। यहां डीएनए से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब दिए गए हैं, जो छात्रों और सामान्य ज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी हैं।
Read more »
नर कंकाल की पहेली सुलाझने की कोशिश: बेटे ने फिर दिए DNA सैंपल, बोला− 30 साल पहले हुआ था पिता का कत्लमुरसान के गिलोंदपुर गांव में नर कंकाल मिलने के मामले में डीएनए टेस्ट फिर से कराया जा रहा है। एक युवक ने अपने पिता की हत्या का आरोप परिवार पर लगाया है। पहले लिए गए डीएनए सैंपल मैच नहीं हुए थे, जिसके बाद अब मृतक के भाई, बेटे और बेटी के नमूने लिए गए हैं। हड्डियों को भी प्रयोगशाला भेजा जा रहा है ताकि पहचान सुनिश्चित हो...
Read more »
