देवउठनी एकादशी साल की महत्वपूर्ण एकादशी में से एक है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की निद्रा से जागते हैं। इस दिन से ही शुभ कार्यों की भी शुरुआत हो जाती है। इस दिन पर देवताओं को जगाने के लिए विशेष पूजा और गीत गाए जाते हैं। ऐसे में चलिए पढ़ते हैं देवों को जगाने के...
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देवउठनी एकादशी के दिन देवताओं को निद्रा से जगाने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसके साथ ही इस दिन पर देवताओं को जगाने के लिए कुछ पारम्परिक गीत भी गाए जाते हैं। देवउठनी एकादशी पर देवों को उठाने के लिए गीत गाने की परम्परा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि ऐसा करने से साधक व उसके परिवार पर भगवान विष्णु के साथ-साथ देवी-देवताओं की भी कृपा बनी रहती है। देवउठनी एकादशी के गीत उठो देव बैठो देवहाथ-पांव फटकारो देवउंगलियां चटकाओ देवसिंघाड़े का भोग लगाओ देवगन्ने का भोग लगाओ देवसब चीजों का भोग लगाओ देव ॥उठो देव बैठो देवउठो देव, बैठो देवदेव उठेंगे कातक मोसनयी टोकरी, नयी कपासज़ारे मूसे गोवल जागोवल जाके, दाब कटादाब कटाके, बोण बटाबोण बटाके, खाट बुनाखाट बुनाके, दोवन देदोवन देके दरी बिछादरी बिछाके लोट लगालोट लगाके मोटों हो, झोटो होगोरी गाय, कपला गायजाको दूध, महापन होए,सहापन होए।जितनी अम्बर, तारिइयोइतनी या घर गावनियोजितने जंगल सीख सलाईइतनी या घर बहुअन आईजितने जंगल हीसा रोड़ेजितने जंगल झाऊ झुंडइतने याघर जन्मो पूतओले कोले, धरे चपेटाओले कोले, धरे अनारओले कोले, धरे मंजीराउठो देव बैठो देव दूसरा गीत मूली का पत्ता हरिया भरिया ईश्वर का मुख पानी भरिया, मूली का पत्ता हरिया भरिया बबीता का मुख पानो भरिया ओल्या-कोल्या धरे अनार जीयो वीरेन्द्र तेरे यार ओल्या-कोल्या धरे अनार जीयो पुनीत तेरे यार ओल्या कोल्या धरे पंज गट्टे जीयो ललिता तेरे बेटे ओल्या-कोल्या धरे पंज गट्टे जीयो मनीषा तेरे बेटे ओल्या-कोल्या धरे अंजीर जीयो सरोज तेरे वीर ओल्या कोल्या धरे अंजीर जीयो पूजा तेरे बीर ओल्या-कोल्या लटके चाबी, एक दीपा ये तेरी भाभी ओल्या-कोल्या लटके चाबी एक शगुन ये तेरी भाभी बुल बुलड़ी नै घालो गाड़ी राज करे अशोक की दादी बुल बुलड़ी नै घालो गाड़ी राज करे पुनित की दादी बुल बुलड़ी नै घालो गाड़ी राज करे रोहन की दादी जितनी इस घर सींक सलाई उतनी इस घर बहूअड़ आई जितनी खूंटी टाँगू सूत उतने इस घर जनमे पूत जितने इस घर ईंट रोड़े उतने इस घर हाथी घोड़े उठ नारायण, बैठ नारायण, चल चना के खेत नारायण में बोऊँ तू सींच नारायण, में काटृ तू उठा नारायण मैं पीस तू छान नारायण, में पोऊ तू खा नारायण कोरा करवा शीतल पानी, उठो देवो पियो पानी | उठो देवा, बैठो देवा, अंगुरिया चटकाओ देवा ॥ जागो जागो हरितश गोतियों के देवा यह भी पढ़ें - Dev Uthani Ekadashi 2025 : देवउठनी एकादशी पर चाहिए श्रीविष्णु की कृपा, तो इन शक्तिशाली मंत्रों के जाप से होगी मनचाही मुराद पूरी यह भी पढ़ें - Devuthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर इन 7 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा धन और सम्मान अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।.
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देवउठनी एकादशी के दिन देवताओं को निद्रा से जगाने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसके साथ ही इस दिन पर देवताओं को जगाने के लिए कुछ पारम्परिक गीत भी गाए जाते हैं। देवउठनी एकादशी पर देवों को उठाने के लिए गीत गाने की परम्परा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि ऐसा करने से साधक व उसके परिवार पर भगवान विष्णु के साथ-साथ देवी-देवताओं की भी कृपा बनी रहती है। देवउठनी एकादशी के गीत उठो देव बैठो देवहाथ-पांव फटकारो देवउंगलियां चटकाओ देवसिंघाड़े का भोग लगाओ देवगन्ने का भोग लगाओ देवसब चीजों का भोग लगाओ देव ॥उठो देव बैठो देवउठो देव, बैठो देवदेव उठेंगे कातक मोसनयी टोकरी, नयी कपासज़ारे मूसे गोवल जागोवल जाके, दाब कटादाब कटाके, बोण बटाबोण बटाके, खाट बुनाखाट बुनाके, दोवन देदोवन देके दरी बिछादरी बिछाके लोट लगालोट लगाके मोटों हो, झोटो होगोरी गाय, कपला गायजाको दूध, महापन होए,सहापन होए।जितनी अम्बर, तारिइयोइतनी या घर गावनियोजितने जंगल सीख सलाईइतनी या घर बहुअन आईजितने जंगल हीसा रोड़ेजितने जंगल झाऊ झुंडइतने याघर जन्मो पूतओले कोले, धरे चपेटाओले कोले, धरे अनारओले कोले, धरे मंजीराउठो देव बैठो देव दूसरा गीत मूली का पत्ता हरिया भरिया ईश्वर का मुख पानी भरिया, मूली का पत्ता हरिया भरिया बबीता का मुख पानो भरिया ओल्या-कोल्या धरे अनार जीयो वीरेन्द्र तेरे यार ओल्या-कोल्या धरे अनार जीयो पुनीत तेरे यार ओल्या कोल्या धरे पंज गट्टे जीयो ललिता तेरे बेटे ओल्या-कोल्या धरे पंज गट्टे जीयो मनीषा तेरे बेटे ओल्या-कोल्या धरे अंजीर जीयो सरोज तेरे वीर ओल्या कोल्या धरे अंजीर जीयो पूजा तेरे बीर ओल्या-कोल्या लटके चाबी, एक दीपा ये तेरी भाभी ओल्या-कोल्या लटके चाबी एक शगुन ये तेरी भाभी बुल बुलड़ी नै घालो गाड़ी राज करे अशोक की दादी बुल बुलड़ी नै घालो गाड़ी राज करे पुनित की दादी बुल बुलड़ी नै घालो गाड़ी राज करे रोहन की दादी जितनी इस घर सींक सलाई उतनी इस घर बहूअड़ आई जितनी खूंटी टाँगू सूत उतने इस घर जनमे पूत जितने इस घर ईंट रोड़े उतने इस घर हाथी घोड़े उठ नारायण, बैठ नारायण, चल चना के खेत नारायण में बोऊँ तू सींच नारायण, में काटृ तू उठा नारायण मैं पीस तू छान नारायण, में पोऊ तू खा नारायण कोरा करवा शीतल पानी, उठो देवो पियो पानी | उठो देवा, बैठो देवा, अंगुरिया चटकाओ देवा ॥ जागो जागो हरितश गोतियों के देवा यह भी पढ़ें - Dev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर चाहिए श्रीविष्णु की कृपा, तो इन शक्तिशाली मंत्रों के जाप से होगी मनचाही मुराद पूरी यह भी पढ़ें - Devuthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर इन 7 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा धन और सम्मान अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
Dev Uthani Ekadashi देवउठनी एकादशी 2025 प्रबोधनी एकादशी 2025 विष्णु जी को जगाने की विधि देव उठाने का शुभ मुहूर्त Dev Uthani Ekadashi 2025 Date Dev Uthani Ekadashi Kab Hai Prabodhani Ekadashi 2025 Devo Ko Jagane Ki Vidhi Dev Uthani Gyaras Ke Geet Devo Ko Jagane Ke Geet Dev Uthani Ekadashi Geet Utho Dev Bhaitho Vishnu Ji Ko Jagane Ki Vidhi Ekadashi November 2025 Ekadashi देवउठनी एकादशी कब है Ekadashi Kab Ki Hai Ekadashi In November 2025 ग्यारस कब है Ekadashi 2025 Ekadashi Kab Hai 2025 Ekadashi Kis Din Hai Ekadashi Vrat Kab Hai एकादशी कब की है Purnima November 2025 एकादशी November Mein Ekadashi Kab Hai Dev Uthani Ekadashi Kab Ki Hai एकादशी किस तारीख को है
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