Dev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर इस विधि से जगाएं देव, जीवनभर मिलेंगे शुभ परिणाम

Dev Uthani Ekadashi 2025 News

Dev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर इस विधि से जगाएं देव, जीवनभर मिलेंगे शुभ परिणाम
Dev Uthani Ekadashiदेवउठनी एकादशी 2025प्रबोधनी एकादशी 2025
  • 📰 Dainik Jagran
  • ⏱ Reading Time:
  • 106 sec. here
  • 37 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 165%
  • Publisher: 53%

देवउठनी एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा से जागते हैं, जिसके बाद शुभ कार्यों की भी शुरुआत हो जाती है। इस दिन पर देवों को जगाने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में चलिए जानते हैं देवउठनी एकादशी पर देवों को जगाने की...

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं जो एक अबूझ मुहूर्त भी है। इस साल देवउठनी एकादशी का व्रत 1 नवंबर को किया जा रहा है। माना जाता है कि इस दिन पर विशेष विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक को जीवन में अच्छे परिणाम मिलते हैं। देवउठनी एकादशी का शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 1 नवंबर को सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर प्रारंभ हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 2 नवंबर को सुबह 7 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में देवउठनी एकादशी का व्रत शनिवार, 1 नवंबर को किया जाएगा। एकादशी व्रत पारण का समय कुछ इस प्रकार रहेगा - व्रत पारण का समय - 2 नवंबर दोपहर 1 बजकर 31 मिनट से दोपहर 3 बजकर 46 मिनट देवों को जगाने की विधि देवउठनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद पूजा स्थल की अच्छे से साफ-सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करें। अब घर के आंगन में भगवान विष्णु के पद चिह्न बनाए और उन्हें ढक दें। इसके बाद एक चौकी पर साफ व कौरा लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। पूजा के दौरान प्रभु श्रीहरि को फल, सिंघाड़े, गन्ना, आलू, मूली, तिल, आदि चीजें अर्पित करें, साथ ही उन्हें जनेऊ व नए वस्त्र चढ़ाएं। देवउठनी एकादशी व्रत की कथा सुनें। रात के समय में पूजा स्थल पर 11 दीपक जलाएं और वंदना करें। अब सहपरिवार भगवान विष्णु और उनके पद चिह्नों की पूजा-अर्चना करें। देवों को जगाने के लिए घंटी और शंख बजाएं और जयकार लगाएं। इसके साथ ही देवों को जगाने के लिए पारंपरिक तौर पर गीत आदि भी गाए जाते हैं। यह भी पढ़ें - Devuthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी के दिन क्या खाएं और क्या नहीं? जानें व्रत करने का सही नियम यह भी पढ़ें - Dev Uthani Ekadashi 2025 : देवउठनी एकादशी पर चाहिए श्रीविष्णु की कृपा, तो इन शक्तिशाली मंत्रों के जाप से होगी मनचाही मुराद पूरी अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।.

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं जो एक अबूझ मुहूर्त भी है। इस साल देवउठनी एकादशी का व्रत 1 नवंबर को किया जा रहा है। माना जाता है कि इस दिन पर विशेष विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक को जीवन में अच्छे परिणाम मिलते हैं। देवउठनी एकादशी का शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 1 नवंबर को सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर प्रारंभ हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 2 नवंबर को सुबह 7 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में देवउठनी एकादशी का व्रत शनिवार, 1 नवंबर को किया जाएगा। एकादशी व्रत पारण का समय कुछ इस प्रकार रहेगा - व्रत पारण का समय - 2 नवंबर दोपहर 1 बजकर 31 मिनट से दोपहर 3 बजकर 46 मिनट देवों को जगाने की विधि देवउठनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद पूजा स्थल की अच्छे से साफ-सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करें। अब घर के आंगन में भगवान विष्णु के पद चिह्न बनाए और उन्हें ढक दें। इसके बाद एक चौकी पर साफ व कौरा लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। पूजा के दौरान प्रभु श्रीहरि को फल, सिंघाड़े, गन्ना, आलू, मूली, तिल, आदि चीजें अर्पित करें, साथ ही उन्हें जनेऊ व नए वस्त्र चढ़ाएं। देवउठनी एकादशी व्रत की कथा सुनें। रात के समय में पूजा स्थल पर 11 दीपक जलाएं और वंदना करें। अब सहपरिवार भगवान विष्णु और उनके पद चिह्नों की पूजा-अर्चना करें। देवों को जगाने के लिए घंटी और शंख बजाएं और जयकार लगाएं। इसके साथ ही देवों को जगाने के लिए पारंपरिक तौर पर गीत आदि भी गाए जाते हैं। यह भी पढ़ें - Devuthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी के दिन क्या खाएं और क्या नहीं? जानें व्रत करने का सही नियम यह भी पढ़ें - Dev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर चाहिए श्रीविष्णु की कृपा, तो इन शक्तिशाली मंत्रों के जाप से होगी मनचाही मुराद पूरी अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Dainik Jagran /  🏆 10. in İN

Dev Uthani Ekadashi देवउठनी एकादशी 2025 प्रबोधनी एकादशी 2025 विष्णु जी को जगाने की विधि देव उठाने का शुभ मुहूर्त Dev Uthani Ekadashi 2025 Date Dev Uthani Ekadashi Kab Hai Dev Uthani Ekadashi Vrat 2025 Tulsi Vivah 2025 Prabodhani Ekadashi 2025 Devutthana Ekadashi 2025 Vishnu Ji Puja Vidhi Dev Uthani Ekadashi Shubh Muhurat देवउठनी एकादशी उपाय Dev Uthani Ekadashi Upay Lord Vishnu Blessings Devuthani Ekadashi Upay Devo Ko Kaise Jagayein Ekadashi November 2025 Ekadashi देवउठनी एकादशी कब है Kab Ki Hai Ekadashi In November 2025 ग्यारस कब है Ekadashi 2025 Ekadashi Kab Hai 2025 Ekadashi Kis Din Hai Ekadashi Vrat Kab Hai एकादशी कब की है Purnima November 2025 एकादशी November Mein Ekadashi Kab Hai Dev Uthani Ekadashi Kab Ki Hai एकादशी किस तारीख को है

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

Dev Uthani Ekadashi 2025: 1 या 2 नवंबर कब है देवउठनी एकादशी? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्वDev Uthani Ekadashi 2025: 1 या 2 नवंबर कब है देवउठनी एकादशी? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्वधर्म-कर्म Dev Uthani Ekadashi 2025: देव उठनी एकादशी का व्रत कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि को रखते हैं. इस बार देव उठनी एकादशी व्रत दो दिन है, 1 नवंबर और 2 नवंबर को. आइए जानते हैं कि देव उठनी एकादशी का व्रत कब रखें?
Read more »

Dev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर जरूर करें तुलसी से जुड़े ये उपाय, खूब बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपाDev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर जरूर करें तुलसी से जुड़े ये उपाय, खूब बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपाधर्म-कर्म Dev Uthani Ekadashi 2025: इस बार देवउठनी एकादशी का व्रत 1 नवंबर को रखा जाएगा. इस दिन श्रीहरि के साथ माता तुलसी का पूजना करना बहुत शुभ माना गया है. तो चलिए जानते हैं इस दिन तुलसी से जुड़े कौन से उपाय करने चाहिए.
Read more »

Dev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर इन कार्यों से बनी रहेगी प्रभु श्रीहरि की कृपाDev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर इन कार्यों से बनी रहेगी प्रभु श्रीहरि की कृपाइस साल 1 नवंबर को देवउठनी एकादशी का व्रत किया जा रहा है। इसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है। देवउठनी एकादशी को एक अबूज मुहूर्त के रूप में भी देखा जाता है, क्योंकि इस तिथि पर शुभ तिथि देखे बिना भी विवाह आदि किए जा सकते हैं। ऐसे में अगर आप प्रभु श्रीहरि के कृपा पात्र बनना चाहते हैं, तो इस दिन पर ये विशेष कार्य जरूर...
Read more »

Dev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर चाहिए श्रीविष्णु की कृपा, तो इन शक्तिशाली मंत्रों के जाप से होगी मनचाही मुराद पूरीDev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर चाहिए श्रीविष्णु की कृपा, तो इन शक्तिशाली मंत्रों के जाप से होगी मनचाही मुराद पूरीकार्तिक का महीना Dev Uthani Ekadashi 2025 बेहद खास होता है। इस महीने के अंत या शुक्ल पक्ष में देवउठनी एकादशी मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। एकादशी के दिन दान करने से साधक पर लक्ष्मी नारायण जी की कृपा बरसती...
Read more »

Dev Uthani Ekadashi 2025: इस दिन समाप्त होगा चातुर्मास, फिर शुरू होंगे शुभ मांगलिक कार्यDev Uthani Ekadashi 2025: इस दिन समाप्त होगा चातुर्मास, फिर शुरू होंगे शुभ मांगलिक कार्यकार्तिक शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु चार महीने बाद जागेंगे, जिससे चातुर्मास व्रत समाप्त होगा और शुभ कार्य शुरू होंगे। इस दिन प्रबोधनी-देवोत्थान एकादशी और तुलसी विवाह मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, भगवान विष्णु शुभ योगों में जागृत होंगे। एकादशी का व्रत करने से धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति होती है, और तुलसी-शालिग्राम का विवाह भी संपन्न...
Read more »

Dev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर करें मां लक्ष्मी की खास पूजा, जीवन में बनी रहेगी सुख-शांतिDev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर करें मां लक्ष्मी की खास पूजा, जीवन में बनी रहेगी सुख-शांतिदेवउठनी एकादशी, जिसे देवोत्थान एकादशी भी कहते हैं। यह कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और सृष्टि का संचालन फिर से संभालते हैं। मान्यता है कि इस पावन अवसर पर मां लक्ष्मी के 108 नामों का जप करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती...
Read more »



Render Time: 2026-04-02 08:27:27