देवउठनी एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा से जागते हैं, जिसके बाद शुभ कार्यों की भी शुरुआत हो जाती है। इस दिन पर देवों को जगाने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में चलिए जानते हैं देवउठनी एकादशी पर देवों को जगाने की...
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं जो एक अबूझ मुहूर्त भी है। इस साल देवउठनी एकादशी का व्रत 1 नवंबर को किया जा रहा है। माना जाता है कि इस दिन पर विशेष विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक को जीवन में अच्छे परिणाम मिलते हैं। देवउठनी एकादशी का शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 1 नवंबर को सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर प्रारंभ हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 2 नवंबर को सुबह 7 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में देवउठनी एकादशी का व्रत शनिवार, 1 नवंबर को किया जाएगा। एकादशी व्रत पारण का समय कुछ इस प्रकार रहेगा - व्रत पारण का समय - 2 नवंबर दोपहर 1 बजकर 31 मिनट से दोपहर 3 बजकर 46 मिनट देवों को जगाने की विधि देवउठनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद पूजा स्थल की अच्छे से साफ-सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करें। अब घर के आंगन में भगवान विष्णु के पद चिह्न बनाए और उन्हें ढक दें। इसके बाद एक चौकी पर साफ व कौरा लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। पूजा के दौरान प्रभु श्रीहरि को फल, सिंघाड़े, गन्ना, आलू, मूली, तिल, आदि चीजें अर्पित करें, साथ ही उन्हें जनेऊ व नए वस्त्र चढ़ाएं। देवउठनी एकादशी व्रत की कथा सुनें। रात के समय में पूजा स्थल पर 11 दीपक जलाएं और वंदना करें। अब सहपरिवार भगवान विष्णु और उनके पद चिह्नों की पूजा-अर्चना करें। देवों को जगाने के लिए घंटी और शंख बजाएं और जयकार लगाएं। इसके साथ ही देवों को जगाने के लिए पारंपरिक तौर पर गीत आदि भी गाए जाते हैं। यह भी पढ़ें - Devuthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी के दिन क्या खाएं और क्या नहीं? जानें व्रत करने का सही नियम यह भी पढ़ें - Dev Uthani Ekadashi 2025 : देवउठनी एकादशी पर चाहिए श्रीविष्णु की कृपा, तो इन शक्तिशाली मंत्रों के जाप से होगी मनचाही मुराद पूरी अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।.
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं जो एक अबूझ मुहूर्त भी है। इस साल देवउठनी एकादशी का व्रत 1 नवंबर को किया जा रहा है। माना जाता है कि इस दिन पर विशेष विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक को जीवन में अच्छे परिणाम मिलते हैं। देवउठनी एकादशी का शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 1 नवंबर को सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर प्रारंभ हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 2 नवंबर को सुबह 7 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में देवउठनी एकादशी का व्रत शनिवार, 1 नवंबर को किया जाएगा। एकादशी व्रत पारण का समय कुछ इस प्रकार रहेगा - व्रत पारण का समय - 2 नवंबर दोपहर 1 बजकर 31 मिनट से दोपहर 3 बजकर 46 मिनट देवों को जगाने की विधि देवउठनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद पूजा स्थल की अच्छे से साफ-सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करें। अब घर के आंगन में भगवान विष्णु के पद चिह्न बनाए और उन्हें ढक दें। इसके बाद एक चौकी पर साफ व कौरा लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। पूजा के दौरान प्रभु श्रीहरि को फल, सिंघाड़े, गन्ना, आलू, मूली, तिल, आदि चीजें अर्पित करें, साथ ही उन्हें जनेऊ व नए वस्त्र चढ़ाएं। देवउठनी एकादशी व्रत की कथा सुनें। रात के समय में पूजा स्थल पर 11 दीपक जलाएं और वंदना करें। अब सहपरिवार भगवान विष्णु और उनके पद चिह्नों की पूजा-अर्चना करें। देवों को जगाने के लिए घंटी और शंख बजाएं और जयकार लगाएं। इसके साथ ही देवों को जगाने के लिए पारंपरिक तौर पर गीत आदि भी गाए जाते हैं। यह भी पढ़ें - Devuthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी के दिन क्या खाएं और क्या नहीं? जानें व्रत करने का सही नियम यह भी पढ़ें - Dev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर चाहिए श्रीविष्णु की कृपा, तो इन शक्तिशाली मंत्रों के जाप से होगी मनचाही मुराद पूरी अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
Dev Uthani Ekadashi देवउठनी एकादशी 2025 प्रबोधनी एकादशी 2025 विष्णु जी को जगाने की विधि देव उठाने का शुभ मुहूर्त Dev Uthani Ekadashi 2025 Date Dev Uthani Ekadashi Kab Hai Dev Uthani Ekadashi Vrat 2025 Tulsi Vivah 2025 Prabodhani Ekadashi 2025 Devutthana Ekadashi 2025 Vishnu Ji Puja Vidhi Dev Uthani Ekadashi Shubh Muhurat देवउठनी एकादशी उपाय Dev Uthani Ekadashi Upay Lord Vishnu Blessings Devuthani Ekadashi Upay Devo Ko Kaise Jagayein Ekadashi November 2025 Ekadashi देवउठनी एकादशी कब है Kab Ki Hai Ekadashi In November 2025 ग्यारस कब है Ekadashi 2025 Ekadashi Kab Hai 2025 Ekadashi Kis Din Hai Ekadashi Vrat Kab Hai एकादशी कब की है Purnima November 2025 एकादशी November Mein Ekadashi Kab Hai Dev Uthani Ekadashi Kab Ki Hai एकादशी किस तारीख को है
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