विकीमीडिया का दावा है कि AI के उपयोग से विकिपीडिया पर ह्यूमन ट्रैफिक में लगभग 8 की कमी आई है। ChatGPT जैसे AI टूल्स विकिपीडिया के कंटेंट को सीधे स्क्रैप कर रहे हैं, जिससे यूजर्स को सीधे जवाब मिल रहे हैं और वेबसाइट पर ट्रैफिक कम हो रहा है। कम विजिट का मतलब है कम वॉलंटियर एडिटर और डोनर, जिससे विकिपीडिया के भविष्य पर असर पड़ सकता...
डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। विकिपीडिया की की पैरेंट कंपनी विकीमीडिया ने दावा किया है कि एआई के उपयोग के कारण ऑनलाइन इनसाइक्लोपीडिया वेबसाइट पर ह्यूमन ट्रैफिक में करीब 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। दरअसल, ऑर्गनाइजेशन ने विजिटर्स को डायवर्ट करने के लिए ChatGPT और सर्च इंजन जैसे जेनरेटिव AI टूल्स को दोषी करार दिया है। दावा किया जा रहा है कि इस प्रकार के AI चैटबॉट और सर्च इंजन सीधे विकिपीडिया के कंटेंट को स्क्रैप कर रहे हैं और यूजर को जवाब दे रहे हैं, जिससे वेबसाइट पर ट्रैफिक कम हो रहा है। विकिपीडिया ने AI को ठहराया जिम्मेदार एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में बताया गया कि विकिमीडिया में प्रोडक्ट के सीनियर डायरेक्टर मार्शल मिलर का कहना है कि ह्यूमन ट्रैफिक में ये गिरावट एआई चैटबॉट द्वारा विकिपीडिया के कंटेंट को स्क्रैप करने और यूजर्स को सीधे जवाब देने की वजह से है। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि लोगों की साइट पर जाने की जरूरत खत्म हो गई है। एक आधिकारिक पोस्ट में मार्षल मिलर लिखते हैं कि बॉट्स और क्रॉलर्स का विकिमीडिया प्रोजेक्ट्स के ट्रैफ़िक डेटा पर लगातार बड़ा असर पड़ रहा है। उन्होंने आगे लिखा कि हर महीने, विकिपीडिया और दूसरे विकिमीडिया प्रोजेक्ट्स को दुनिया भर से अरबों पेजव्यू मिलते हैं। जैसे ही यह ट्रैफिक आता है, विकिमीडिया फाउंडेशन के एल्गोरिदम इसे इंसानों या बॉट्स से आने वाले ट्रैफिक के तौर पर क्लासिफाई करते हैं। विकिपीडिया से जानकारी ले रहे एआई चैटबॉट्स उन्होंने अपने पोस्ट में दावा किया है कि हमें ह्यूमन ट्रैफिक के लेवल की सही समझ मिलती है, और यह हमें इस बात पर रोक लगाने में मदद करता है कि थर्ड-पार्टी बॉट्स कमर्शियल सर्च और AI एक्सपीरियंस को पावर देने के लिए डेटा कैसे खींचते हैं। हमारी जैसी वेबसाइट्स को स्क्रैप करने वाले कई बॉट्स लगातार और बेहतर होते जा रहे हैं, और इंसानी दिखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी है कि संस्था ने मई 2025 के आसपास, अधिकांश ब्राजील से आने वाले ह्यूमन ट्रैफिक की बहुत अधिक मात्रा देखना शुरू किया। नए ट्रेंड से बढ़ी विकीपीडिया की चिंता सबसे ध्यान देने वाली बात है कि ये नया ट्रेंड विकीपीडिया के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि वेबसाइट पर कम विजिट का मतलब है कि कम वॉलंटियर एडिटर और डोनर। इंसानी इनपुट में कमी विकिपीडिया के भविष्य पर असर डालती है।.
डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। विकिपीडिया की की पैरेंट कंपनी विकीमीडिया ने दावा किया है कि एआई के उपयोग के कारण ऑनलाइन इनसाइक्लोपीडिया वेबसाइट पर ह्यूमन ट्रैफिक में करीब 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। दरअसल, ऑर्गनाइजेशन ने विजिटर्स को डायवर्ट करने के लिए ChatGPT और सर्च इंजन जैसे जेनरेटिव AI टूल्स को दोषी करार दिया है। दावा किया जा रहा है कि इस प्रकार के AI चैटबॉट और सर्च इंजन सीधे विकिपीडिया के कंटेंट को स्क्रैप कर रहे हैं और यूजर को जवाब दे रहे हैं, जिससे वेबसाइट पर ट्रैफिक कम हो रहा है। विकिपीडिया ने AI को ठहराया जिम्मेदार एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में बताया गया कि विकिमीडिया में प्रोडक्ट के सीनियर डायरेक्टर मार्शल मिलर का कहना है कि ह्यूमन ट्रैफिक में ये गिरावट एआई चैटबॉट द्वारा विकिपीडिया के कंटेंट को स्क्रैप करने और यूजर्स को सीधे जवाब देने की वजह से है। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि लोगों की साइट पर जाने की जरूरत खत्म हो गई है। एक आधिकारिक पोस्ट में मार्षल मिलर लिखते हैं कि बॉट्स और क्रॉलर्स का विकिमीडिया प्रोजेक्ट्स के ट्रैफ़िक डेटा पर लगातार बड़ा असर पड़ रहा है। उन्होंने आगे लिखा कि हर महीने, विकिपीडिया और दूसरे विकिमीडिया प्रोजेक्ट्स को दुनिया भर से अरबों पेजव्यू मिलते हैं। जैसे ही यह ट्रैफिक आता है, विकिमीडिया फाउंडेशन के एल्गोरिदम इसे इंसानों या बॉट्स से आने वाले ट्रैफिक के तौर पर क्लासिफाई करते हैं। विकिपीडिया से जानकारी ले रहे एआई चैटबॉट्स उन्होंने अपने पोस्ट में दावा किया है कि हमें ह्यूमन ट्रैफिक के लेवल की सही समझ मिलती है, और यह हमें इस बात पर रोक लगाने में मदद करता है कि थर्ड-पार्टी बॉट्स कमर्शियल सर्च और AI एक्सपीरियंस को पावर देने के लिए डेटा कैसे खींचते हैं। हमारी जैसी वेबसाइट्स को स्क्रैप करने वाले कई बॉट्स लगातार और बेहतर होते जा रहे हैं, और इंसानी दिखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी है कि संस्था ने मई 2025 के आसपास, अधिकांश ब्राजील से आने वाले ह्यूमन ट्रैफिक की बहुत अधिक मात्रा देखना शुरू किया। नए ट्रेंड से बढ़ी विकीपीडिया की चिंता सबसे ध्यान देने वाली बात है कि ये नया ट्रेंड विकीपीडिया के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि वेबसाइट पर कम विजिट का मतलब है कि कम वॉलंटियर एडिटर और डोनर। इंसानी इनपुट में कमी विकिपीडिया के भविष्य पर असर डालती है।
AI Impact On Wikipedia Wikimedia Foundation Chatgpt Generative AI Tools Online Encyclopedia Human Traffic Decline Content Scraping Search Engine Impact Wikipedia Editors
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
4000 कर्मचारियों के छंटनी के बाद बदले Salesforce CEO के सुर! अब निकाली वैकेंसी, बोले; AI...Salesforce Layoffs AI Agents: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का बढ़ता प्रभाव आज टेक कंपनियों और उनके कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा सवाल बन गया है. एक तरफ जहां AI मिनटों में बड़े से बड़े काम कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर लाखों लोगों की नौकरी पर खतरा बना हुआ है.
Read more »
डोनाल्ड ट्रंप ने AI वीडियो शेयर कर उड़ाया प्रदर्शनकारियों का मजाक, प्लेन से आंदोलनकारियों पर फेंका कीचड़डोनाल्ड ट्रंप ने AI-जनरेटेड वीडियो शेयर कर प्रदर्शनकारियों का मजाक उड़ाया, जिसमें उन्हें 'किंग ट्रंप' फाइटर जेट के रूप में दिखाया गया है जो प्रदर्शनकारियों पर कीचड़ गिरा रहा है.
Read more »
अमेरिका में AI कंपनी में कैसे मिलेगी जॉब? स्टैनफर्ड प्रोफेसर ने दिए स्टूडेंट-वर्कर्स को ये 5 'सीक्रेट' टिप्सAI Jobs in USA: अमेरिका एक ऐसा देश है, जहां पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी सबसे ज्यादा नौकरियां पैदा हो रही हैं। AI जॉब्स में सैलरी भी अच्छी मिल रही है।
Read more »
Google का भारत में विशाल AI हब: 15 अरब डॉलर का निवेशGoogle भारत में अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा AI हब स्थापित करने जा रहा है, जिसमें 15 अरब डॉलर का निवेश होगा। यह विशाखापटनम में स्थापित होगा और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा समाधान और AI मॉडल को बढ़ावा देगा।
Read more »
हाथों में ब्रश लेकर भगवान हनुमान जी की पैंटिंग करता दिखा बंदर, AI वीडियो ने ला दी जनता के चेहरे पर मुस्कुराहटMonkey AI Video: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दिल जीत लेने वाला वीडियो, जिसमें एक बंदर हाथों में ब्रश Watch video on ZeeNews Hindi
Read more »
AI में आत्मा नहीं! 4 हजार लोगों को निकालने के बाद इस कंपनी के CEO के बदले सुर, अब निकालीं 5 हजार नौकरियांउनकी कंपनी ने 4,000 कस्टमर सपोर्ट कर्मचारियों की छंटनी कर दी और उनकी जगह AI एजेंट्स को रखा, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने कहा कि AI इंसान की जगह नहीं ले सकता.
Read more »
