वक्त बदलने पर अब लोग घर में सिर्फ इंडोर और फ्लावर प्लांट नहीं उगाते। बल्कि औषधीय पौधों को भी तवज्जो देते हैं। ऐसे में अगर आप गिलोय की बेल लगाना चाहते हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए है। दरअसल हम आपको एक पत्ते की मदद से गिलोय को गमले में उगाने का तरीका बता रहे...
गिलोय, जिसे अमृता या गुडुची के नाम से भी जाना जाता है। ये एक चमत्कारी औषधीय पौधा है जो अपने अनगिनत स्वास्थ्य लाभों के लिए मशबूर है। कोराना काल के दौरान इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए गिलोय का काफी इस्तेमाल किया गया। तभी, अब ज्यादातर लोग इस औषधीय पौधे के बारे में जानते हैं।वैसे गिलोय को घर पर गमले में उगाना काफी आसान है। आप कटिंग या गिलोय की डंडी से आसानी से इसकी बेल उगा सकते हैं। माली ने इस पौधे को उगाने का सही समय भी बताया है ताकि ग्रोथ होने में समय ना लगे। इस पौधे को उगाकर आप घर में हरियाली के साथ-साथ एक छोटा सा औषधालय भी जोड़ सकते हैं।कब लगाना चाहिए गिलोय का पौधा गिलोय का पौधा लगाने का सबसे अच्छा समय गर्मी और बरसात का मौसम होता है। खासतौर पर जून और जुलाई का महीना इसके लिए बेस्ट माना जाता है। अभी जुलाई का महीना चल रहा है तो माली के मुताबिक इस समय गिलोय की कटिंग उगाने से कुछ ही दिन में पौधा बढ़ता हुआ दिखने लगेगा। सही गमले का चुनाव गिलोय एक बेल वाला पौधा है, इसलिए इसे सहारा देने के लिए सही गमले का सिलेक्शन करना जरूरी होता है। कम से कम 10-12 इंच चौड़ा और गहरा गमला लेना चाहिए। जैसे-जैसे पौधा बढ़ता है, इसे बड़े गमले में भी शिफ्ट कर सकते हैं। इसके लिए मिट्टी के गमले सबसे अच्छे होते हैं, गमले के निचले हिस्से में अतिरिक्त पानी निकलने के लिए कम से कम 3-4 छेद जरूर हों।मिट्टी तैयार करना गिलोय को अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ मिट्टी की जरूरत होती है। आप 50% सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30% रेत और 20% अच्छी गुणवत्ता वाली गोबर की खाद या केंचुआ खाद मिला सकते हैं। ध्यान रहे, रेत मिलाने से मिट्टी में जल निकाली बेहतर होती है। तो, इसे ना मिलाने की गलती ना करें। कटिंग से गिलोय उगाने का तरीका गिलोय को बीज से उगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन कटिंग से उगाना सबसे आसान और सफल तरीका माना जाता है। एक हेल्दी, परिपक्व गिलोय की बेल से 6-8 इंच लंबी कटिंग लें। कटिंग में कम से कम 2-3 नोड होना चाहिए। कटिंग के निचले हिस्से से पत्तियां हटा दें। अब इसे मिट्टी में 2-3 इंच गहरा लगाएं, ध्यान रहे कि कम से कम एक नोड मिट्टी के अंदर हो। लगाने के तुरंत बाद अच्छी तरह पानी भी दें।माली की टिप्स भी जानें गिलोय के पौधे की यूं करें देखभाल गमले को ऐसी जगह रखें जहां इसे सीधी धूप न मिले। लेकिन पर्याप्त रोशनी मिलना चाहिए। मिट्टी को नम रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें। जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर पानी डालें, सर्दियों में पानी कम दें। एक बार जब कटिंग में जड़ें आ जाएं और नई पत्तियां निकलने लगें, तो रोजाना 4-6 घंटे की सीधी धूप में रखना चाहिए। यह एक बेल है तो बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत होगी। आप गमले में एक छोटी सी लकड़ी या कोई जाली लगा सकते हैं। हर 2-3 महीने में एक बार जैविक खाद जैसे गोबर की खाद या कम्पोस्ट डालने से पौधे की अच्छी ग्रोथ होगी। जब गिलोय की बेल अच्छी तरह से बढ़ जाए, तो कटाई कर सकते हैं। इसकी पत्तियों और तने दोनों का उपयोग होता है।डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।.
गिलोय, जिसे अमृता या गुडुची के नाम से भी जाना जाता है। ये एक चमत्कारी औषधीय पौधा है जो अपने अनगिनत स्वास्थ्य लाभों के लिए मशबूर है। कोराना काल के दौरान इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए गिलोय का काफी इस्तेमाल किया गया। तभी, अब ज्यादातर लोग इस औषधीय पौधे के बारे में जानते हैं।वैसे गिलोय को घर पर गमले में उगाना काफी आसान है। आप कटिंग या गिलोय की डंडी से आसानी से इसकी बेल उगा सकते हैं। माली ने इस पौधे को उगाने का सही समय भी बताया है ताकि ग्रोथ होने में समय ना लगे। इस पौधे को उगाकर आप घर में हरियाली के साथ-साथ एक छोटा सा औषधालय भी जोड़ सकते हैं।कब लगाना चाहिए गिलोय का पौधा गिलोय का पौधा लगाने का सबसे अच्छा समय गर्मी और बरसात का मौसम होता है। खासतौर पर जून और जुलाई का महीना इसके लिए बेस्ट माना जाता है। अभी जुलाई का महीना चल रहा है तो माली के मुताबिक इस समय गिलोय की कटिंग उगाने से कुछ ही दिन में पौधा बढ़ता हुआ दिखने लगेगा। सही गमले का चुनाव गिलोय एक बेल वाला पौधा है, इसलिए इसे सहारा देने के लिए सही गमले का सिलेक्शन करना जरूरी होता है। कम से कम 10-12 इंच चौड़ा और गहरा गमला लेना चाहिए। जैसे-जैसे पौधा बढ़ता है, इसे बड़े गमले में भी शिफ्ट कर सकते हैं। इसके लिए मिट्टी के गमले सबसे अच्छे होते हैं, गमले के निचले हिस्से में अतिरिक्त पानी निकलने के लिए कम से कम 3-4 छेद जरूर हों।मिट्टी तैयार करना गिलोय को अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ मिट्टी की जरूरत होती है। आप 50% सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30% रेत और 20% अच्छी गुणवत्ता वाली गोबर की खाद या केंचुआ खाद मिला सकते हैं। ध्यान रहे, रेत मिलाने से मिट्टी में जल निकाली बेहतर होती है। तो, इसे ना मिलाने की गलती ना करें। कटिंग से गिलोय उगाने का तरीका गिलोय को बीज से उगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन कटिंग से उगाना सबसे आसान और सफल तरीका माना जाता है। एक हेल्दी, परिपक्व गिलोय की बेल से 6-8 इंच लंबी कटिंग लें। कटिंग में कम से कम 2-3 नोड होना चाहिए। कटिंग के निचले हिस्से से पत्तियां हटा दें। अब इसे मिट्टी में 2-3 इंच गहरा लगाएं, ध्यान रहे कि कम से कम एक नोड मिट्टी के अंदर हो। लगाने के तुरंत बाद अच्छी तरह पानी भी दें।माली की टिप्स भी जानें गिलोय के पौधे की यूं करें देखभाल गमले को ऐसी जगह रखें जहां इसे सीधी धूप न मिले। लेकिन पर्याप्त रोशनी मिलना चाहिए। मिट्टी को नम रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें। जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर पानी डालें, सर्दियों में पानी कम दें। एक बार जब कटिंग में जड़ें आ जाएं और नई पत्तियां निकलने लगें, तो रोजाना 4-6 घंटे की सीधी धूप में रखना चाहिए। यह एक बेल है तो बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत होगी। आप गमले में एक छोटी सी लकड़ी या कोई जाली लगा सकते हैं। हर 2-3 महीने में एक बार जैविक खाद जैसे गोबर की खाद या कम्पोस्ट डालने से पौधे की अच्छी ग्रोथ होगी। जब गिलोय की बेल अच्छी तरह से बढ़ जाए, तो कटाई कर सकते हैं। इसकी पत्तियों और तने दोनों का उपयोग होता है।डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।
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