दिल्ली हाई कोर्ट ने रेलवे स्टेशनों पर बढ़ते बाल तस्करी मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि राजधानी तस्करी का अड्डा बन गई है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार, NCPCR और अन्य एजेंसियों से जवाब और डेटा मांगा है।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के रेलवे स्टेशनों पर बच्चों की तस्करी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताने वाली एक जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार और अन्य से जवाब मांगते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली बाल तस्करी का अड्डा बन गई है। जस्टिस तेजस करिया के साथ डिवीजन बेंच की अध्यक्षता करते हुए चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने यह टिप्पणी की।उन्होंने कहा कि हम याचिका के आधार पर ऐसा नहीं कह रहे हैं। कोई बस थोड़ी देर के लिए रेलवे स्टेशन पर खड़ा हो जाए, खुद ही इस समस्या की गंभीरता को समझ जाएगा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हो या पुरानी दिल्ली स्टेशन, या फिर निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां क्या-क्या हो रहा है।अदालत का कड़ा रुख: चार हफ्तों में मांगा जवाबइन टिप्पणियों के साथ कोर्ट ने जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस और एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन की याचिका पर दिल्ली सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग को चार हफ्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। रेल मंत्रालय, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से भी जवाब मांगा गया। NCPCR को दिल्ली में बच्चों की तस्करी से जुड़े मामलों का डेटा भी छह हफ्तों के भीतर कोर्ट में जमा करना है। कोर्ट ने आदेश में कहा कि दिल्ली सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग चार हफ्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करें - हाई कोर्ट। NCPCR को दिल्ली में बच्चों की तस्करी से जुड़े मामलों का डेटा छह हफ्तों में जमा करना है कोर्ट ने कहा, रेलवे ने बनाई हैं SOPs लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार होता नहीं दिख रहाGRP पर बच्चों को वापस तस्करों को देने का आरोपमौजूदा याचिका पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आनंद विहार टर्मिनल पर चलाए गए पांच बचाव अभियानों पर आधारित है। इन अभियानों के दौरान याचिकाकर्ताओं ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ मिलकर ट्रेनों और रेलवे परिसर से कई बच्चों को बचाया।बचाई गई बच्ची फिर मिली स्टेशन परआरोप है कि बावजूद इसके, सरकारी रेलवे पुलिस ने मौजूदा SOPs का पालन नहीं किया और छुड़ाए गए बच्चों को वापस तस्करों को दे दिया। सुनवाई के दौरान एडवोकेट प्रभा सहाय कौर ने एक खास घटना का जिक्र किया जिसमें एक नाबालिग लड़की को बचाया गया था, लेकिन उसे चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के सामने पेश नहीं किया गया। इसके बजाय उसे जाने दिया गया और बाद में एक और छापे के दौरान उसे उसी रेलवे स्टेशन पर फिर से काम करते हुए पाया गया।.
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के रेलवे स्टेशनों पर बच्चों की तस्करी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताने वाली एक जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार और अन्य से जवाब मांगते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली बाल तस्करी का अड्डा बन गई है। जस्टिस तेजस करिया के साथ डिवीजन बेंच की अध्यक्षता करते हुए चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने यह टिप्पणी की।उन्होंने कहा कि हम याचिका के आधार पर ऐसा नहीं कह रहे हैं। कोई बस थोड़ी देर के लिए रेलवे स्टेशन पर खड़ा हो जाए, खुद ही इस समस्या की गंभीरता को समझ जाएगा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हो या पुरानी दिल्ली स्टेशन, या फिर निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां क्या-क्या हो रहा है।अदालत का कड़ा रुख: चार हफ्तों में मांगा जवाबइन टिप्पणियों के साथ कोर्ट ने जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस और एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन की याचिका पर दिल्ली सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग को चार हफ्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। रेल मंत्रालय, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से भी जवाब मांगा गया। NCPCR को दिल्ली में बच्चों की तस्करी से जुड़े मामलों का डेटा भी छह हफ्तों के भीतर कोर्ट में जमा करना है। कोर्ट ने आदेश में कहा कि दिल्ली सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग चार हफ्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करें - हाई कोर्ट। NCPCR को दिल्ली में बच्चों की तस्करी से जुड़े मामलों का डेटा छह हफ्तों में जमा करना है कोर्ट ने कहा, रेलवे ने बनाई हैं SOPs लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार होता नहीं दिख रहाGRP पर बच्चों को वापस तस्करों को देने का आरोपमौजूदा याचिका पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आनंद विहार टर्मिनल पर चलाए गए पांच बचाव अभियानों पर आधारित है। इन अभियानों के दौरान याचिकाकर्ताओं ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ मिलकर ट्रेनों और रेलवे परिसर से कई बच्चों को बचाया।बचाई गई बच्ची फिर मिली स्टेशन परआरोप है कि बावजूद इसके, सरकारी रेलवे पुलिस ने मौजूदा SOPs का पालन नहीं किया और छुड़ाए गए बच्चों को वापस तस्करों को दे दिया। सुनवाई के दौरान एडवोकेट प्रभा सहाय कौर ने एक खास घटना का जिक्र किया जिसमें एक नाबालिग लड़की को बचाया गया था, लेकिन उसे चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के सामने पेश नहीं किया गया। इसके बजाय उसे जाने दिया गया और बाद में एक और छापे के दौरान उसे उसी रेलवे स्टेशन पर फिर से काम करते हुए पाया गया।
हाई कोर्ट टिप्पणी रेलवे स्टेशन तस्करी Ncpcr डेटा Delhi Child Trafficking High Court Remarks Railway Station Trafficking Ncpcr Data Grp Allegations Delhi High Court
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
ऑपरेशन नरकलोक: NCPCR ने चित्रकूट डीएम को लिखी चिट्ठी, मांगी रिपोर्टचित्रकूट में नाबालिग लड़कियों के साथ हो रहे अत्याचर पर आजतक के ऑपरेशन नरकलोक का बड़ा असर हुआ है. एनसीपीसीआर के चेयरमैन ने चित्रकूट के डीएम को तत्काल मामले की जांच करने को कहा है. इसके साथ ही एनसीपीसीआर की तरफ से इस मामले में एफआईआर करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
Read more »
AltNews के मोहम्मद जुबैर के खिलाफ IT एक्ट और POCSO कानून के तहत मामला दर्जNCPCR ने मोहम्मद जुबैर द्वारा शेयर किए गए एक ट्वीट का हवाला दिया है, जिसे 6 अगस्त को शेयर किया गया था और उसमें एक नाबालिग बच्ची की तस्वीर थी।
Read more »
बच्चों के लिए घातक होगी तीसरी लहर: कर्नाटक में 40 हजार बच्चे कोरोना संक्रमित; बाल आयोग की केंद्र को चेतावनी, कहा- NICU सुविधाएं जल्दी बढ़ाएंकोरोना की तीसरी लहर को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने केंद्र को चेतावनी दी है। NCPCR ने कहा कि तीसरी लहर का बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका जाहिर की जा रही है। ऐसे में सरकार को बच्चों के लिए स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना चाहिए ताकि केसों और मौतों पर नियंत्रण पाया जा सके। | Covid-19 3rd Wave Danger for Children Corona Alert by NCPCR Bal Ayog NICU Updates
Read more »
NCPCR seeks data from states, UTs on 20 devices & health services related to treatment of children
Read more »
Uttarakhand Video: देवभूमि के मदरसों में हिंदू बच्चों को इस्लामी तालीम, NCPCR ने किया ये बड़ा खुलासाUttarakhand Video: उत्तराखंड में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने खुलासा किया है. NCPCR Watch video on ZeeNews Hindi
Read more »
पटियाला के स्कूल पर लड़कियों के वॉशरूम में CCTV लगाने का आरोप; बचाव में प्रिंसिपल ने क्या कहा?पटियाला के भूपिंदरा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पर लड़कियों के वॉशरूम में सीसीटीवी लगाने का गंभीर आरोप लगा है। एक अभिभावक ने डीसी और NCPCR को शिकायत दी है।
Read more »
