चंबा के राजकीय प्राथमिक पाठशाला गरोहन में स्टाफ की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल करीब दो महीने से प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा है। अभिभावकों ने स्थायी शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। जब तक स्कूल में स्थायी शिक्षकों की तैनाती नहीं होती तब तक वे बच्चों को स्कूल नहीं...
संवाद सहयोगी, सलूणी। स्कूलों में स्टाफ की कमी चल रही है जिस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में कई स्कूल प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहे हैं, जबकि कई स्कूलों में एक ही शिक्षक व्यवस्था संभाले हुए हैं। शिक्षा खंड सलूणी के अंतर्गत आने वाली राजकीय प्राथमिक पाठशाला गरोहन-एक का भी यही हाल है। यह स्कूल करीब दो माह से प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा है। मौजूदा समय में स्कूल में कुल 60 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनमें से 33 बच्चे पहली से पांचवीं कक्षा में हैं, जबकि 27 छात्र प्री-प्राइमरी में हैं। अभिभावकों ने प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन सोमवार को अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा, लेकिन खुद स्कूल पहुंच गए। अभिभावकों ने स्कूल प्रांगण में इकट्ठे होकर सरकार, मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री सहित प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा, जब तक स्कूल में स्थायी शिक्षकों की तैनाती नहीं होती, तब तक वे इसी तरह से स्कूल में धरना-प्रदर्शन करने के साथ बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। गरोहन स्कूल में एक्स सर्विसमैन कोटे से बैचवाइज आधार पर एक शिक्षक की नियुक्ति हुई थी, उसके बाद एक अन्य शिक्षक की भी वहां पर तैनाती की थी लेकिन अभी तक इनमें से किसी ने ज्वाइन नहीं किया है। जब तक स्कूल में स्थायी शिक्षक की तैनाती नहीं होती, तब तक अन्य स्कूलों से शिक्षकों को भेजा जा रहा है। अभिभावकों की मांग को ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से समस्या के समाधान को लेकर प्रयास जारी हैं। -ज्ञान चंद उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा चंबा। दो महीने से डगमगाई है व्यवस्था पिछले दो माह से स्कूल में जिस तरह से अन्य स्कूलों से शिक्षकों को भेजकर काम चलाया जा रहा है, इससे बच्चों सहित अभिभावकों को भी पता नहीं होता कि अगले दिन स्कूल में कौन शिक्षक होगा। प्रतिनियुक्ति पर स्कूल में भेजे जा रहे शिक्षकों का अधिकांश कार्य मिड-डे मील सहित अन्य कार्यालय कार्यों में भी खत्म हो रहा है। बच्चों को पढ़ाने के लिए भरपूर समय न निकल पाने से बच्चे जैसे घर से स्कूल पहुंच रहे हैं, वैसे ही बिना कुछ पढ़े व सीखे वापस घर पहुंच रहे हैं। यह भी पढ़ें- 'पहला राज्य बना हिमाचल, मस्जिद गिराकर कायम की भाईचारे की मिसाल'; CM सुक्खू और विक्रमादित्य सिंह ने दी प्रतिक्रिया स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने कही ये बात स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि प्राथमिक पाठशाला गरोहन पिछले दो माह से प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रही है। अभिभावक सरकार सहित संबंधित विभाग से स्कूल में स्थायी शिक्षक की नियुक्ति की मांग कर रहे थे। उन्हें मजबूर होकर प्रदर्शन करना पड़ा। अब जब तक स्कूल में स्थायी शिक्षक की तैनाती नहीं की जाती, तब तक अभिभावकों का आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही वे बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। यह भी पढ़ें- हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन, कौन हैं कुलदीप कुमार जो बने पहले अध्यक्ष.
संवाद सहयोगी, सलूणी। स्कूलों में स्टाफ की कमी चल रही है जिस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में कई स्कूल प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहे हैं, जबकि कई स्कूलों में एक ही शिक्षक व्यवस्था संभाले हुए हैं। शिक्षा खंड सलूणी के अंतर्गत आने वाली राजकीय प्राथमिक पाठशाला गरोहन-एक का भी यही हाल है। यह स्कूल करीब दो माह से प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा है। मौजूदा समय में स्कूल में कुल 60 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनमें से 33 बच्चे पहली से पांचवीं कक्षा में हैं, जबकि 27 छात्र प्री-प्राइमरी में हैं। अभिभावकों ने प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन सोमवार को अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा, लेकिन खुद स्कूल पहुंच गए। अभिभावकों ने स्कूल प्रांगण में इकट्ठे होकर सरकार, मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री सहित प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा, जब तक स्कूल में स्थायी शिक्षकों की तैनाती नहीं होती, तब तक वे इसी तरह से स्कूल में धरना-प्रदर्शन करने के साथ बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। गरोहन स्कूल में एक्स सर्विसमैन कोटे से बैचवाइज आधार पर एक शिक्षक की नियुक्ति हुई थी, उसके बाद एक अन्य शिक्षक की भी वहां पर तैनाती की थी लेकिन अभी तक इनमें से किसी ने ज्वाइन नहीं किया है। जब तक स्कूल में स्थायी शिक्षक की तैनाती नहीं होती, तब तक अन्य स्कूलों से शिक्षकों को भेजा जा रहा है। अभिभावकों की मांग को ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से समस्या के समाधान को लेकर प्रयास जारी हैं। -ज्ञान चंद उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा चंबा। दो महीने से डगमगाई है व्यवस्था पिछले दो माह से स्कूल में जिस तरह से अन्य स्कूलों से शिक्षकों को भेजकर काम चलाया जा रहा है, इससे बच्चों सहित अभिभावकों को भी पता नहीं होता कि अगले दिन स्कूल में कौन शिक्षक होगा। प्रतिनियुक्ति पर स्कूल में भेजे जा रहे शिक्षकों का अधिकांश कार्य मिड-डे मील सहित अन्य कार्यालय कार्यों में भी खत्म हो रहा है। बच्चों को पढ़ाने के लिए भरपूर समय न निकल पाने से बच्चे जैसे घर से स्कूल पहुंच रहे हैं, वैसे ही बिना कुछ पढ़े व सीखे वापस घर पहुंच रहे हैं। यह भी पढ़ें- 'पहला राज्य बना हिमाचल, मस्जिद गिराकर कायम की भाईचारे की मिसाल'; CM सुक्खू और विक्रमादित्य सिंह ने दी प्रतिक्रिया स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने कही ये बात स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि प्राथमिक पाठशाला गरोहन पिछले दो माह से प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रही है। अभिभावक सरकार सहित संबंधित विभाग से स्कूल में स्थायी शिक्षक की नियुक्ति की मांग कर रहे थे। उन्हें मजबूर होकर प्रदर्शन करना पड़ा। अब जब तक स्कूल में स्थायी शिक्षक की तैनाती नहीं की जाती, तब तक अभिभावकों का आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही वे बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। यह भी पढ़ें- हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन, कौन हैं कुलदीप कुमार जो बने पहले अध्यक्ष
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