केंद्र सरकार ने टैक्सी परमिट की वैधता 12 से बढ़ाकर 15 साल कर दी है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी। इससे हिमाचल प्रदेश के 70 हजार सहित देशभर के टैक्सी ऑपरेटरों को बड़ी राहत मिलेगी।
राज्य ब्यूरो, शिमला। केंद्र सरकार ने टैक्सी ऑपरेटरों को बड़ी राहत दी है। टैक्सी परमिट की वैधता को 15 साल कर दिया है। पहले यह वैधता केवल 12 साल की थी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। राज्यों को सूचित कर दिया गया है। केंद्र के इस फैसले से हिमाचल के 70 हजार टैक्सी आपरेटरों को बड़ी राहत मिली है। यह नियम पहली अप्रैल से लागू हो जाएगा। डिप्टी सीएम ने उठाया था केंद्र से मामला हिमाचल के टैक्सी ऑपरेटर पिछले कई समय से प्रदेश सरकार व उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मांग कर रहे थे कि परमिट की वैधता 15 साल की जाए। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार के समक्ष कई बार यह मामला उठाया।हाल ही में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने इस पर विस्तार से चर्चा की थी। उन्होंने इस दौरान टैक्सी आपरेटरों को पेश आ रही दिक्कतों से अवगत करवाया था। केंद्र ने उन्हें आश्वासन दिया था जल्द इस पर निर्णय लिया जाएगा। पहले क्या थी स्थिति अभी तक टैक्सी वाहनों की आयु सीमा 15 वर्ष थी, जबकि उन्हें जो परमिट जारी किया जाता था, वह 12 वर्ष का था। इससे विसंगति बनी रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने से टैक्सी और टैक्सी परमिट/दोनों की वैधता 15 वर्ष हो जाएगी। आपरेटरों को बार बार नवीनीकरण की प्रक्रिया से राहत मिलेगी और आर्थिक बोझ भी कम होगा। केंद्र के समक्ष उठाया था मामला, आपरेटरों को होगा फायदा : मुकेश उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। बैठक में उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। इसमें सफलता मिली है। केंद्र के इस फैसले से हिमाचल सहित देशभर के टैक्सी आपरेटरों को फायदा मिलेगा। हिमाचल में कुल 24,48,291 वाहन हिमाचल परिवहन विभाग के अनुसार प्रदेश में कुल 24,48,291 वाहन पंजीकृत है। इनमें 70 हजार टैक्सियां शामिल है। आपरेटर पिछले काफी समय से यह मांग उठा रहे थे। इस पर निर्णय केंद्र सरकार को लेना था। कई टैक्सियों की कीमत 20 से 30 लाख के करीब है। बैंक से लोन लेकर ज्यादातर आपरेटर टैक्सी लेते हैं। आठ से 10 साल में बैंक का लोन चुका पाते है। जब गाड़ी कमाई करना शुरू करती है तो परमिट खत्म हो जाता है। अब उन्हें इससे राहत मिलेगी। यह भी पढ़ें: हिमाचल के नाहन में बकरी फार्म में घुस गया तेंदुआ, 2 लोगों को किया लहूलुहान; कुत्तों ने किया डटकर मुकाबला.
राज्य ब्यूरो, शिमला। केंद्र सरकार ने टैक्सी ऑपरेटरों को बड़ी राहत दी है। टैक्सी परमिट की वैधता को 15 साल कर दिया है। पहले यह वैधता केवल 12 साल की थी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। राज्यों को सूचित कर दिया गया है। केंद्र के इस फैसले से हिमाचल के 70 हजार टैक्सी आपरेटरों को बड़ी राहत मिली है। यह नियम पहली अप्रैल से लागू हो जाएगा। डिप्टी सीएम ने उठाया था केंद्र से मामला हिमाचल के टैक्सी ऑपरेटर पिछले कई समय से प्रदेश सरकार व उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मांग कर रहे थे कि परमिट की वैधता 15 साल की जाए। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार के समक्ष कई बार यह मामला उठाया।हाल ही में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने इस पर विस्तार से चर्चा की थी। उन्होंने इस दौरान टैक्सी आपरेटरों को पेश आ रही दिक्कतों से अवगत करवाया था। केंद्र ने उन्हें आश्वासन दिया था जल्द इस पर निर्णय लिया जाएगा। पहले क्या थी स्थिति अभी तक टैक्सी वाहनों की आयु सीमा 15 वर्ष थी, जबकि उन्हें जो परमिट जारी किया जाता था, वह 12 वर्ष का था। इससे विसंगति बनी रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने से टैक्सी और टैक्सी परमिट/दोनों की वैधता 15 वर्ष हो जाएगी। आपरेटरों को बार बार नवीनीकरण की प्रक्रिया से राहत मिलेगी और आर्थिक बोझ भी कम होगा। केंद्र के समक्ष उठाया था मामला, आपरेटरों को होगा फायदा : मुकेश उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। बैठक में उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। इसमें सफलता मिली है। केंद्र के इस फैसले से हिमाचल सहित देशभर के टैक्सी आपरेटरों को फायदा मिलेगा। हिमाचल में कुल 24,48,291 वाहन हिमाचल परिवहन विभाग के अनुसार प्रदेश में कुल 24,48,291 वाहन पंजीकृत है। इनमें 70 हजार टैक्सियां शामिल है। आपरेटर पिछले काफी समय से यह मांग उठा रहे थे। इस पर निर्णय केंद्र सरकार को लेना था। कई टैक्सियों की कीमत 20 से 30 लाख के करीब है। बैंक से लोन लेकर ज्यादातर आपरेटर टैक्सी लेते हैं। आठ से 10 साल में बैंक का लोन चुका पाते है। जब गाड़ी कमाई करना शुरू करती है तो परमिट खत्म हो जाता है। अब उन्हें इससे राहत मिलेगी। यह भी पढ़ें: हिमाचल के नाहन में बकरी फार्म में घुस गया तेंदुआ, 2 लोगों को किया लहूलुहान; कुत्तों ने किया डटकर मुकाबला
Taxi Permit Validity Central Government Decision Mukesh Agnihotri Nitin Gadkari Taxi Operators Relief Vehicle Permit Extension Himachal Pradesh Transport Shimla Taxi News Shimla News Shimla Latest News Shimla News In Hindi Shimla Samachar
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
वर्ल्ड अपडेट्स: रिसर्च- अमेरिका में हिंदू सबसे ज्यादा शिक्षित धार्मिक समूह: 70% के पास बैचलर डिग्री, यहूदी ...International Breaking News Headlines Update; Dainik Bhaskar Breaking News Headlines Today, and World Latest Pictures Videos, Pictures, and More From Dainik Bhaskar.
Read more »
60 दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट'... देहरादून में 70 साल की महिला से ऐसे हुई 3 करोड़ की ठगीदेहरादून में 'डिजिटल अरेस्ट' करके साइबर ठगों ने बुजुर्ग महिला से 3.09 करोड़ रुपए ठग लिए. ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर धमकाया, बच्चों पर कार्रवाई की चेतावनी दी और जांच के नाम पर रकम ट्रांसफर करवा ली गई. पुलिस जांच में जुटी है.
Read more »
दिल्ली और उत्तराखंड में खेती की नई तकनीक सीखेंगे बहराइच के किसान, 70 कृषकों का दल रवानाबहराइच से 70 किसानों का एक दल दिल्ली और उत्तराखंड में कृषि की नवीनतम तकनीक सीखने के लिए रवाना हुआ। दो सप्ताह के इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को उन्नत खेती के तरीकों से अवगत कराना है।
Read more »
बांग्लादेश कैबिनेट में व्यवसायियों का दबदबा: 70% मंत्री कारोबारी पृष्ठभूमि सेबांग्लादेश में हाल ही में हुए संसदीय चुनाव के बाद, नई कैबिनेट में व्यवसायियों का दबदबा देखने को मिल रहा है। 50 मंत्रियों और राज्य मंत्रियों में से 35 ने अपने पेशे के रूप में व्यवसाय दर्ज किया है। टीआईबी ने चिंता जताई है कि कैबिनेट में बिजनेस करने वालों का दबदबा मुश्किलें खड़ी कर सकता है और हितों के टकराव से ऊपर उठना होगा। चुनाव में निर्वाचित सांसदों में भी व्यवसायियों की संख्या अधिक है, जिससे नीति निर्माण में प्रभाव की संभावना है।
Read more »
गाजियाबाद में आरटीओ ने बांटी 70 करोड़ से ज्यादा की ईवी सब्सिडी, 2125 लोगों के खाते में पहुंची राशिगाजियाबाद आरटीओ ने सितंबर 2023 से अब तक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 70 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी वितरित की है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, 2,125 वाहन मालिकों के बैंक खातों में सीधे राशि भेजी गई है। इसमें 1,415 इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों को 70 लाख से अधिक और 710 इलेक्ट्रिक कारों को 70 करोड़ से अधिक की सब्सिडी मिली है, जिससे जिले...
Read more »
70 दिन में तैयार, 10 गुना मुनाफा, टनकुप्पा के किसानों की गाजर क्रांतिCarrot Farming: बिहार के गया जिले के टनकुप्पा प्रखंड में गाजर की खेती किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है. यहां करीब 80–90 एकड़ में अशोक वेरायटी की गाजर उगाई जाती है, जो 70–80 दिनों में तैयार हो जाती है और कम लागत में 10 गुना तक मुनाफा देती है. एक कट्ठा में 4–5 क्विंटल उत्पादन के साथ किसानों को 10–12 हजार रुपये तक की आमदनी हो जाती है.
Read more »
