सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि तीन महीने या उससे अधिक उम्र के बच्चे को गोद लेने वाली माताओं को मातृत्व अवकाश मिलेगा, साथ ही सरकार को पितृत्व अवकाश पर विचार करने का निर्देश दिया। पहले, यह लाभ केवल तीन महीने से कम उम्र के बच्चों के लिए उपलब्ध था। यह फैसला गोद लेने वाली माताओं के अधिकारों को मजबूत करता है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा कि तीन महीने और उससे अधिक उम्र के बच्चे को गोद लेने वाली मांओं को मातृत्व अवकाश मिलेगा. साथ ही कोर्ट ने कहा कि पितृत्व अवकाश के लेकर सरकार फैसला करेगी. पहले के नियम के मुताबिक तीन महीने के बच्चे को गोद लेने पर 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मिलता था.
शीर्ष कोर्ट ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 60 के उस प्रावधान को असंवैधानिक करार दिया, जिसमें गोद लेने वाली मां को मातृत्व लाभ केवल तभी देने की बात कही गई थी जब बच्चा तीन महीने से कम उम्र का हो. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गोद लेने वाली मां को बच्चे की उम्र की परवाह किए बिना 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मिलना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने प्रावधान की व्याख्या करते हुए कहा कि जो महिला कानूनी रूप से किसी बच्चे को गोद लेती है या जो कमीशनिंग मदर है, उसे बच्चे को सौंपे जाने की तारीख से 12 सप्ताह तक मातृत्व लाभ का अधिकार होगा. इस फैसले को गोद लेने वाली माताओं के अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे उन्हें समानता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित होगा. यह ख़बर बिल्कुल अभी आई है और इसे सबसे पहले आप News18Hindi पर पढ़ रहे हैं. जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इसे अपडेट कर रहे हैं. ज्यादा बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए आप इस खबर को रीफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें. आप हमारे साथ बने रहिए और पाइए हर सही ख़बर, सबसे पहले सिर्फ Hindi.News18.com पर…
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