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जर्मन एयरपोर्ट की घेराबंदी करने वालों पर 4 लाख यूरो का जुर्माना को स्किप करेंलास्ट जेनरेशन के कार्यकर्ताओं ने रनवे के पास खुद को चिपका कर उसे ब्लॉक कर दिया थाजर्मनी में क्लाइमेट एक्शन ग्रुप 'लास्ट जेनरेशन' के 10 कार्यकर्ताओं पर अदालत ने 400,000 यूरो का जुर्माना लगाया है.
यह जुर्माना उन्हें यूरोविंग्स एयरलाइन को देना होगा. अदालत ने हैम्बर्ग एयरपोर्ट की घेराबंदी करने के लिए इन कार्यकर्ताओं पर जुर्माना लगाया है. हैम्बर्ग रीजनल कोर्ट ने करीब दो साल की सुनवाई के बाद मंगलवार देर शाम यह फैसला सुनाया है. अदालत ने यह भी कहा है कि अगर कार्यकर्ताओं ने दोबारा एयरपोर्ट की घेराबंदी की तो उन्हें छह महीने के लिए हिरासत में रखा जाएगा यानी कि दूसरे शब्दों में उन्हें जेल जाना होगा. हालांकि, अदालत के फैसले के खिलाफ अभी अपील की गुंजाइश है. 13 जुलाई, 2023 को जलवायु कार्यकर्ता एयरपोर्ट की बाड़ को पार कर परिसर में घुस गए. इसके बाद इनमें से चार ने खुद को रनवे के पास चिपका लिया. कुल मिला कर चार महिलाएं और छह लोग इसमें शामिल थे जिनकी उम्र उस वक्त 19-63 वर्ष के बीच थी. यूरोविंग्स एयरलाइन लुफ्थांसा ग्रुप की सब्सिडियरी है. संविधान दिवस के मौके पर क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधीमनाया जा रहा है. 26 नवंबर, 1949 को भारत की संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था, उसी के उपलक्ष्य में यह दिवस मनाया जा रहा है. इस मौके पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों को एक पत्र लिखकर उन्हें मौलिक कर्तव्यों की याद दिलाई. उन्होंने लिखा, “हमारे सामने विकसित भारत का लक्ष्य है इसलिए हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखते हुए ही आगे बढ़ना है.” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि भारत का संविधान सिर्फ एक किताब नहीं, यह देश के हर नागरिक से किया गया एक पवित्र वादा है. उन्होंने लिखा, “जब तक संविधान सुरक्षित है, हर भारतीय के अधिकार सुरक्षित हैं. आइए, प्रण लें कि हम संविधान पर किसी भी तरह का आक्रमण नहीं होने देंगे. इसकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है और इस पर होने वाले हर प्रहार के सामने सबसे पहले खड़ा रहूंगा.” संविधान दिवस के मौके पर पुरानी संसद की इमारत में एक समारोह भी हुआ, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई नेता मौजूद रहे. इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने नौ भाषाओं में संविधान का अनुवादित संस्करण जारी किया. इन भाषाओं में मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगू, उड़िया और असमिया भाषा शामिल है. डॉनल्ड ट्रंप ने पुतिन से बातचीत के लिए अपना दूत मॉस्को भेजने की बात कही हैअमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अगले हफ्ते अपने दूत स्टीव विटकॉफ को यूक्रेन युद्ध समाप्ति के समझौते के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत करने के लिए मॉस्को भेजेंगे. मंगलवार को ट्रंप ने यह जानकारी दी. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा है,"असहमति के अब कुछ ही बिंदु रह गए हैं." हालांकि, यूरोपीय नेता आशंकाओं में घिरे हैं और इस बीच रूसी मिसाइलें यूक्रेन पर हमले कर रही हैं. ट्रंप ने यह भी उम्मीद जताई है कि वे"जल्दी ही" पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि यह मुलाकात,"सिर्फ तभी होगी जब युद्ध खत्म करने पर समझौता हो जाएगा या फिर समझौता होने का आखिरी चरण आ जाएगा." बाद में ट्रंप ने अपने विमान एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से यह भी कहा कि उनके दामाद जेयर्ड कुशनर भी मॉस्को में विटकॉफ के साथ जा सकते हैं. अमेरिका ने युद्ध खत्म करने के लिए 28 बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव दिया है. इस बात के कयास लग रहे हैं कि यह प्रस्ताव विटकॉफ और पुतिन के विदेश नीति सलाहकार के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत से निकला है. ब्लूमबर्ग ने इन दोनों के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा हासिल होने की खबर दी है. इस ब्यौरे के मुताबिक, विटकॉफ ने यूक्रेन के लिए 20 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव तैयार करने की बात कही थी. ट्रंप के 28 बिंदुओ वाली प्रस्ताव को मोटे तौर पर रूस के हित में माना जा रहा था. हालांकि, अब यूक्रेन से बातचीत के बाद उसमें बदलाव किए गए हैं और यूक्रेन के हितों को उसमें जगह दी गई है. विटकॉफ जल्द ही इस संशोधित प्रस्ताव पर पुतिन से मॉस्को में बात करेंगे. 40 अरब डॉलर के विशेष बजट से हथियार खरीदेगा ताइवान को स्किप करेंताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर समझौते की कोई जगह नहीं हैताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने बुधवार को कहा कि वे हथियार खरीदने के लिए 40 अरब डॉलर का विशेष बजट लेकर आएंगे. इस बजट के तहत ताइवान डोम भी बनाया जाएगा, जो एक अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली होगी. यह बजट अगले आठ सालों यानी 2026 से 2033 तक के लिए आवंटित किया जाएगा. इससे पहले, ताइवान ने 2026 के लिए अपने सैन्य बजट में 3.3 फीसदी की बढ़ोतरी की और 31.8 अरब डॉलर सैन्य खर्च के लिए आवंटित किए. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, राष्ट्रपति चिंग-ते ने कहा कि यह बजट चीन के बढ़ते खतरे से खुद की रक्षा करने की ताइवान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. दरअसल, चीन ताइवान पर अपना हक जताता है और उसने बीते पांच सालों में ताइवान पर राजनीतिक औरअमेरिका इस मामले में ताइवान का समर्थन करता है. हालांकि, ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने ताइवान पर दबाव बनाया कि वहके लिए अधिक खर्च करे. इसके बाद अगस्त में चिंग-ते ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि 2030 तक ताइवान का सैन्य खर्च उनकी जीडीपी के पांच फीसदी के बराबर हो जाएगा. इसके बाद अब सैन्य खरीद के लिए इस विशेष बजट की घोषणा की गई है.
