विजयवाड़ा में लोग केसिनेनी को प्यार से नानी कहकर बुलाते हैं ajittiwari24
विजयवाड़ा भी अन्य सभी लोकसभा सीटों की तरह शुरू से ही कांग्रेस का गढ़ रहा है. यहां अभी तक हुए 16 आम चुनावों में 11 बार कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया है. वहीं, तीन बार तेलुगू देशम पार्टी और एक बार निर्दलीय उम्मीदवार ने इस सीट पर जीत हासिल की है.
2014 में हुए आम चुनावों में इस सीट पर 31 लोगों ने उम्मीदवारी दाखिल की जिसमें से 22 उम्मीदवारों ने चुनाव में भाग लिया और 9 लोगों ने उम्मीदवारी वापस ले ली. जिसके बाद तेलुगू देशम पार्टी के उम्मीदवार केसिनेनी श्रीनिवास ने 74 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से वाईएसआर कांग्रेस के उम्मीदवार को पटखनी दी.करीब 15 लाख वोटों वाले विजयवाड़ा लोकसभा सीट पर 2014 में 76 फीसदी वोटिंग हुई. टीडीपी उम्मीदवार को 2014 में 49.59 फीसदी वोट मिले थे वहीं, कांग्रेस 3.33 फीसद में सिमटकर रह गई थी. विजयवाड़ा से सांसद नानी के कामों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने भी तारीफ की है. उन्होंने 2008 में प्राजा राज्यम पार्टी का दामन थामा लेकिन यहां वो ज्यादा दिन तक नहीं रुक पाए और जनवरी 2009 में पार्टी को अलविदा कह दिया. उन्होंने पार्टी की विचारधाराओं पर सवाल उठाते हुए टीडीपी में शामिल हो गए.मोदी पर तंज कसने पर आए चार्चा मेंटीडीपी सांसद उस समय चर्चा में आए जब संसद में उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसा और कहा कि सदन में पीएम मोदी के भाषण के दौरान उन्हें लग रहा था कि मानो बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म चल रही है. उन्होंने मोदी के भाषण को ग्रेट एक्शन और ग्रेट ड्रामा बताया. साथ ही कहा कि पीएम मोदी दुनिया के बेस्ट एक्टर और अद्भुत रेटर हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है.' जिसके बाद बीजेपी उनपर भड़क गई थी और सदन में कड़ा विरोध जताया था.कई समितियों में रहे सदस्य2014 में लोकसभा सांसद के लिए चुने जाने के बाद उन्हें विशेषाधिकार समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया. इसके बाद सितंबर 2014 में उन्हें शहरी विकास संबंधी स्थायी समिति में भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया. यही नहीं, वो परामर्शदात्री समिति, ग्रामीण विकास मंत्रालय, पंचायती राज और पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय में भी सदस्य रहे हैं.सदन में मौजूदगी के मामले में भी नानी का ग्राफ अच्छा रहा है. सदन में उन्होंने 82 फीसदी मौजूदगी दर्ज कराई है. इस दौरान उन्होंने 28 बहसों में हिस्सा लेते हुए 307 सवाल दागे.विधानसभा में TDP का दबदबाविजयवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में कुल 7 विधानसभाएं आती हैं जिसमें से 2 विधानसभाएं एससी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं. इसके अलावा पांच विधानसभाएं विजयवाड़ा वेस्ट, विजयवाड़ा सेंट्रल, विजयवाड़ा ईस्ट, मिलावरम और जग्गयापेटा विधानसभाएं शामिल हैं. इन 7 विधानसभाओं में 5 पर तेलुगू देशम पार्टी के विधायक हैं वहीं दो सीटों पर वाईएसआर कांग्रेस के विधायकों ने जीत दर्ज की थी.सांसद निधि का खर्चसांसद निधि के तहत विजयवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये मिलने का प्रावधान है. हालांकि, केंद्र की तरफ से विजयवाड़ा को 15 करोड़ की राशि जारी हुई. इसके बाद सांसद राव ने अपने लोकसभा क्षेत्र में विकास के कार्यों के लिए 28.84 करोड़ रुपये की राशि की मांग की, जिसमें से उन्हें 22.39 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी मिल गई. लेकिन केसिनेनी ने अपने क्षेत्र में महज 11.48 करोड़ रुपये ही खर्च किया.एक झटके में खत्म किया ट्रांसपोर्ट बिजनेसकेसिनेनी एक प्रसिद्ध राजनेता और उद्यमी हैं. नानी अपने खाली समय में गोल्फ खेलना पसंद करते हैं. 3 जनवरी, 2019 को लोकसभा से निलंबित किए गए 21 से ज्यादा सांसदों में केसिनेनी का नाम भी शामिल था. इन्हें सदन के अनुरूप व्यवहार न करने के आरोप में निलंबन झेलना पड़ा था. इसके अलावा, टीडीपी सांसद को उस समय ट्रांसपोर्ट अधिकारियों से माफी मांगनी पड़ी जब उन्हें मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तलब कर पार्टी की छवि खराब करने के आरोप में फटकार लगाई थी. दरअसल, केसिनेनी सांसद के साथ-साथ एक बड़े उद्यमी भी हैं.उनकी केसिनेनी ट्रैवल्स नाम की कंपनी थी जिसकी बसें पूरे आंध्र और तेलंगाना में चलती थीं. लेकिन आंध्र प्रदेश ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों के साथ हुए विवाद के बाद उन्होंने अपने इस बिजनेस को खत्म करने का फैसला लिया. विजयवाड़ा से तेदेपा सांसद, विधायक और पार्षद पर परिवहन आयुक्त के दफ्तर हंगामा करने और उन्हें घंटों बंधक बनाने का आरोप था. इसके बाद परिवहन कर्मचारियों ने केसिनेनी से माफी नहीं मांगने पर हड़ताल करने की धमकी दी. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले में दखल दिया और केसिनेनी समेत तीनों नेताओं को माफी मांगने को कहा. मुख्यमंत्री के कहने पर तीनों नेताओं ने माफी मांगी.264 गांवों का बदला स्वरूपनानी भारत में एकमात्र सांसद हैं जिन्होंने टाटा ट्रस्ट को अपने निर्वाचन क्षेत्र में गांवों को विकसित करने के लिए राजी किया. नानी के काम से प्रभावित होकर रतन टाटा ने 2015 में विजयवाड़ा लोकसभा क्षेत्र के 264 गांवों को गोद लिया और नानी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया. यही नहीं, इन गांवों में विकास कार्यों को समय रहते ही खत्म कर लिया गया.नानी की मेहनत और रतन टाटा का उनपर विश्वास की बदौलत आज, विजयवाड़ा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र को भारत में मॉडल निर्वाचन क्षेत्रों में से एक माना जाता है. जमीनी रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि नानी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में काफी अच्छा आधार अर्जित किया है.12वीं तक की पढ़ाई फिर कूद पड़े बिजनेस मेंकेसिनेनी ट्रैवल्स केसिनेनी ग्रुप में एक डिवीजन था, जिसकी शुरुआत नानी के दादा केसिनेनी वेंकैया ने 1928 में की थी. 1958 में राष्ट्रीयकरण के बाद केसिनेनी ट्रैवल्स तेजी से आगे बढ़ा. नानी के सिर से उनके पिता का साया उसी समय उठ गया जब वो 5 वर्ष के थे. इसके बाद दादा के बीमार होने के बाद व्यवसाय की बागडोर केसिनेनी ने संभाली. उन्होंने सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई की और व्यवसाय के क्षेत्र में कूद पड़े.
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