रिजर्व सीटों पर इसलिए खराब रहता है बीएसपी का प्रदर्शन– News18 हिंदी

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जानिये क्यों रिज़र्व सीटों पर खराब रहा है बसपा का प्रदर्शन ElectionsWithNews18 BattleOf2019

March 14, 2019, 10:44 AM IST पिछले तीस साल में हुए लोकसभा के चुनावों के आंकड़ों पर गौर करें तो पता लगेगा कि पिछड़ों और दलितों की पार्टी होने का दावा करने वाली बहुजन समाज पार्टी यानि बीएसपी का प्रदर्शऩ रिजर्व सीटों पर बहुत खराब रहा है.

वो भी खासकर उस प्रदेश में जो उसकी सबसे बड़ी ताकत है. ये प्रदेश यूपी है. ये 17 रिजर्व सीटें हैं लेकिन इन पर लोकसभा चुनावों में बीएसपी ने सबसे खराब प्रदर्शन किया है. बसपा का गठन कांशीराम द्वारा 14 अप्रैल 1984 में किया गया था. 1989 मेंपार्टी ने पहली बार 245 सीटों पर चुनाव लड़ा. जिसमें तीन पर उसने जीत हासिल की. बीएसपी ने हमेशा से अनुूसूचित जाति, खासकर दलितों के बीच अपने मजबूत बेस का दावा किया है. पार्टी ने गठन के बाद से लगातार ये कहा है कि वो समाज से इस वर्ग को रिप्रजेंट करती रही है. हालांकि पिछले कुछ चुनावों में बीएसपी ने अपनी सोशल इंजीनियरिंग में कुछ बदलाव भी किया है. लेकिन अगर यूपी की रिजर्व संसदीय सीटों की बात करें तो इन पर बीएसपी का प्रदर्शन कभी बहुत चमकदार नहीं रहा है. यूपी में कुल 80 सीटों में 17 सीटें एससी के लिए रिजर्व हैं, जो देश की सबसे ज्यादा सुरक्षित सीटें हैं.बीएसपी ने 2004 में रिजर्व में केवल पांच सीटें जीतीं, वर्ष 2009 में उसे केवल एक रिजर्व सीट पर जीत मिली. जबकि 2009 के चुनाव में बीएसपी को 21सीटें मिलीं थीं. अगर हम इन 17 रिजर्व सीटों की बात 1989 से लेकर 2014 चुनाव तक करें तो ये 136 सीटें बैठती हैं. इनमें बीएसपी को केवल 16 सीटों पर जीत मिली है.बीजेपी ने वर्ष 2014 में यूपी में सभी रिजर्व सीटें जीती थीं. ओवरआल वर्ष 1989 से 2014 तक इन 17 रिजर्व सीटों को अगर जोड़ें तो ये 136 होती हैं, इनमें 65 पर बीजेपी ने जीत पाई. समाजवादी पार्टी ने 29 पर जीत हासिल की.माना जाता है कि चूंकि इन रिजर्व सीटों पर केवल दलित उम्मीदवारों के बीच ही मुकाबला होता है, लिहाजा इनमें दलित वोट आपस में खूब बंटते हैं. ऐसे में जो उम्मीदवार अपर कास्ट और ओबीसी के ज्यादा वोट हासिल करता है, वो जीत जाता है. यानि इन सीटों की चाबी दलितों नहीं बल्कि गैर दलितों के हाथ में होती है.2009 के चुनावों में बीएसपी को इन रिजर्व सीटों पर केवल दो पर जीत मिली थी. ये सीटें लालगंज और मिसरख की थीं. इस चुनावों में यूपी की सबसे ज्यादा 10 रिजर्व सीटों पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली थी. जबकि बीजेपी और कांग्रेस को दो - दो सीटें मिली थीं जबकि एक सीट पर राष्ट्रीय लोकदल का प्रत्याशी जीता था.हालांकि बीएसपी ने 2009 में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए ओवरआल 21 सीटें जीती थीं. उसमें उसे 20 सीटों पर यूपी में जीत मिली थी जबकि एक सीट मध्य प्रदेश में जीती थी.इन रिजर्व सीटों के पिछले व्यवहार को देखते हुए इस बार 17 में 10 सीटों पर बीएसपी अपने उम्मीदवार खडे़ कर रही है तो बाकि पर समाजवादी सीट के कैंडीडेट खड़े होंगे.उत्तर प्रदेश की जो संसदीय सीटें रिजर्व हैं. उनके नाम इस तरह हैं-नगीना, बुलंदशहर, हाथरस, आगरा, शाहजहांपुर, हरदोई, मिसरख, जालौन, कौशांबी, बाराबंकी, बांसगंज, लालगंज, मछलीशहर, राबर्ट्सगंज, मोहनलालगंज और बहराइच.वर्ष 1989 से अब तक लोकसभा चुनावों में बीएसपी का प्रदर्शन

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