राजकुमार चौहान हत्याकांड: गोरखनाथ पुलिस ने संभाली जांच, साक्ष्यों की गहन समीक्षा शुरू

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राजकुमार चौहान हत्याकांड: गोरखनाथ पुलिस ने संभाली जांच, साक्ष्यों की गहन समीक्षा शुरू
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राजकुमार चौहान हत्याकांड की जांच गोरखनाथ थाने में स्थानांतरित हो गई है। नए विवेचक ने सभी साक्ष्य और केस डायरी अपने कब्जे में ले ली है। अब तक दर्ज गवाहों के बयानों का पुनः सत्यापन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर दोबारा दर्ज होंगे।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। राजकुमार चौहान हत्याकांड की जांच गोरखनाथ थाने में स्थानांतरित होने के बाद प्रभारी निरीक्षक अब तक जुटाए गए सभी साक्ष्यों को अपने कब्जे में ले लिया है, उनकी गहन समीक्षा भी शुरू कर दी है। केस डायरी और उपलब्ध दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद पुलिस जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाएगी। साथ ही अब तक दर्ज गवाहों के बयानों का पुनः सत्यापन किया जाएगा और आवश्यक होने पर उनके बयान दोबारा दर्ज किए जाएंगे, ताकि जांच में किसी प्रकार की चूक न रह जाए। इस मामले में चिलुआताल पुलिस 10 लोगों को अब तक जेल भेज चुकी है। इसमें दो नामजद आरोपित भी शामिल है। शेष छह नामजद आरोपितों को चिलुआताल पुलिस पर बचाने का आरोप लगा था। स्वजन की मांग पर एसएसपी ने विवेचक बदल दिया है। नए विवेचक विवेचक का जेल जाने वालों के साथ नामजद छह आरोपितों की भूमिका पर फोकस रहेगा। 17 मार्च की सुबह करीब 6:15 बजे बरगदवा निवासी राजकुमार चौहान की घर से कुछ दूरी पर चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इसके पूर्व आरोपितों ने असलहे से फायरिंग कर दहशत फैलाया था। राजकुमार की पत्नी सुशीला देवी की तहरीर पर चिलुआताल पुलिस ने दीपक गौड़, धर्मदेव चौहान, लालजी यादव उर्फ गट्टू, धरमपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडेय, सत्येंद्र चौधरी उर्फ टिल्लू, अभय पांडेय व अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। जांच करते हुए पुलिस ने सीसी कैमरे के फुटेज, आडियो रिकार्डिंग समेत अन्य साक्ष्यों के जरिए मुख्य दो आरोपित समेत 10 को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसमें नामजद आरोपितों में दिपक गौंड व लालजी यादव का नाम भी शामिल है। पुलिस को इनके विरुद्ध साक्ष्य मिले। अन्य के भूमिका की भी जांच चल रही थी। इधर राजकुमार के स्वजन पुलिस की कार्रवाई पर संतुष्टि तो जता रहे थे, लेकिन नामजद अन्य छह आरोपितों को हत्या में साजिशकर्ता के रूप में बताते हुए पुलिस पर बचाने का आरोप लगा रहे थे। यह भी पढ़ें- राजकुमार चौहान हत्याकांड: असलहा देने और छिपाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता इसके बाद से एसएसपी ने स्वजन से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया कि, पूरे मामले की जांच अगर कहीं और कराना चाहे तो लिखित प्रार्थना पत्र दें। इसके बाद स्वजन की मांग पर एसएसपी ने विवेचक बदलते हुए प्रभारी निरीक्षक गोरखनाथ विजय प्रताप सिंह को नया विवेचक बनाया। साथ में सीओ गोरखनाथ और एसपी सिटी निमिष पाटिल को विवेचना की निगरानी करने का निर्देश दिया। सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि नए विवेचक ने जांच शुरू कर दी है। केस डायरी समेत अन्य साक्ष्य व दस्तावेज को अपनी सिपुर्दगी में ले लिया है। पूरे मामले का सत्यापन करने के बाद जरूरत पड़ेगी तो गवाहों का पुन: बयान दर्ज कराया जाएगा। इसके अलावा नामजद छह अन्य आरोपितों के भूमिका की भी नए सिरे से जांच होगी। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।.

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। राजकुमार चौहान हत्याकांड की जांच गोरखनाथ थाने में स्थानांतरित होने के बाद प्रभारी निरीक्षक अब तक जुटाए गए सभी साक्ष्यों को अपने कब्जे में ले लिया है, उनकी गहन समीक्षा भी शुरू कर दी है। केस डायरी और उपलब्ध दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद पुलिस जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाएगी। साथ ही अब तक दर्ज गवाहों के बयानों का पुनः सत्यापन किया जाएगा और आवश्यक होने पर उनके बयान दोबारा दर्ज किए जाएंगे, ताकि जांच में किसी प्रकार की चूक न रह जाए। इस मामले में चिलुआताल पुलिस 10 लोगों को अब तक जेल भेज चुकी है। इसमें दो नामजद आरोपित भी शामिल है। शेष छह नामजद आरोपितों को चिलुआताल पुलिस पर बचाने का आरोप लगा था। स्वजन की मांग पर एसएसपी ने विवेचक बदल दिया है। नए विवेचक विवेचक का जेल जाने वालों के साथ नामजद छह आरोपितों की भूमिका पर फोकस रहेगा। 17 मार्च की सुबह करीब 6:15 बजे बरगदवा निवासी राजकुमार चौहान की घर से कुछ दूरी पर चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इसके पूर्व आरोपितों ने असलहे से फायरिंग कर दहशत फैलाया था। राजकुमार की पत्नी सुशीला देवी की तहरीर पर चिलुआताल पुलिस ने दीपक गौड़, धर्मदेव चौहान, लालजी यादव उर्फ गट्टू, धरमपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडेय, सत्येंद्र चौधरी उर्फ टिल्लू, अभय पांडेय व अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। जांच करते हुए पुलिस ने सीसी कैमरे के फुटेज, आडियो रिकार्डिंग समेत अन्य साक्ष्यों के जरिए मुख्य दो आरोपित समेत 10 को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसमें नामजद आरोपितों में दिपक गौंड व लालजी यादव का नाम भी शामिल है। पुलिस को इनके विरुद्ध साक्ष्य मिले। अन्य के भूमिका की भी जांच चल रही थी। इधर राजकुमार के स्वजन पुलिस की कार्रवाई पर संतुष्टि तो जता रहे थे, लेकिन नामजद अन्य छह आरोपितों को हत्या में साजिशकर्ता के रूप में बताते हुए पुलिस पर बचाने का आरोप लगा रहे थे। यह भी पढ़ें- राजकुमार चौहान हत्याकांड: असलहा देने और छिपाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता इसके बाद से एसएसपी ने स्वजन से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया कि, पूरे मामले की जांच अगर कहीं और कराना चाहे तो लिखित प्रार्थना पत्र दें। इसके बाद स्वजन की मांग पर एसएसपी ने विवेचक बदलते हुए प्रभारी निरीक्षक गोरखनाथ विजय प्रताप सिंह को नया विवेचक बनाया। साथ में सीओ गोरखनाथ और एसपी सिटी निमिष पाटिल को विवेचना की निगरानी करने का निर्देश दिया। सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि नए विवेचक ने जांच शुरू कर दी है। केस डायरी समेत अन्य साक्ष्य व दस्तावेज को अपनी सिपुर्दगी में ले लिया है। पूरे मामले का सत्यापन करने के बाद जरूरत पड़ेगी तो गवाहों का पुन: बयान दर्ज कराया जाएगा। इसके अलावा नामजद छह अन्य आरोपितों के भूमिका की भी नए सिरे से जांच होगी। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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