यूपी लोकसभा चुनाव 2019: पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में छिपी है दिल्‍ली की सत्‍ता की कुंजी

United States News News

यूपी लोकसभा चुनाव 2019: पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में छिपी है दिल्‍ली की सत्‍ता की कुंजी
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 NBT Hindi News
  • ⏱ Reading Time:
  • 166 sec. here
  • 4 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 70%
  • Publisher: 51%

लोकसभा चुनाव: पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में छिपी है दिल्‍ली की सत्‍ता की चाबी via NavbharatTimes LokSabhaElections2019 ElectionsWithTimes

सुभाष मिश्रा, लखनऊ यूपी की चुनावी जंग को जीतने के लिए सभी राजनीतिक दलों के योद्धा मैदान में उतर चुके हैं। गुरुवार को मेरठ में रैली कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जंग का आगाज कर दिया। माना जा रहा है कि इस बार के आम चुनाव में दिल्‍ली के राजसिंहासन की चाबी पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में छिपी हुई है, जहां त्रिकोणीय संघर्ष के आसार हैं। इसलिए योगी आदित्‍यनाथ, अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी ने अपना पूरा जोर पूर्वी यूपी पर लगा दिया है। आजमगढ़ से चुनाव लड़ने जा रहे अखिलेश यादव पहली बार इस इलाके से चुनावी मैदान में हैं, जहां लोकसभा की 35 सीटें आती हैं। बीजेपी ने वर्ष 2014 के लोकसभा और वर्ष 2017 के राज्‍य विधानसभा चुनाव में इस इलाके पर अपना कब्‍जा किया है। वर्ष 2014 के चुनाव में बीजेपी ने पूर्वी यूपी की 35 में से 32 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2014 के आम चुनाव में जब मोदी लहर में बीजेपी ने पूरे इलाके पर कब्‍जा कर लिया था तब अखिलेश के पिता और समाजवादी पार्टी के संस्‍थापक मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ से 60 हजार वोटों से जीते थे। काशी: मोदी vs प्रियंका? एक सवाल से अटकलें अखिलेश के खिलाफ निरहुआ को मिल सकता है टिकट बीजेपी ने अभी यहां से अपने उम्‍मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है लेकिन ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस सीट से भोजपुरी फिल्‍म स्‍टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को टिकट मिल सकता है। आजमगढ़ में एक बड़ी आबादी यादव और मुस्लिमों की है, इसलिए जातिगत गणित अखिलेश यादव के पक्ष में है। निरहुआ पड़ोस के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं और बीजेपी को आशा है कि उनकी स्‍टार छव‍ि को भुनाकर आजमगढ़ में कमल खिलाया जा सकता है। पूर्वी उत्‍तर प्रदेश बहुत सघन बसा हुआ है। इस क्षेत्र में काफी गरीबी और पिछड़ापन है। यहां पर मानव विकास सूचकांक सूखा प्रभावित बुंदेलखंड से भी खराब है। योगी सरकार के अंतर्गत पूर्वी यूपी पर काफी ध्‍यान दिया जा रहा है लेकिन अभी तक इसका खास प्रभाव देखने को नहीं मिला है। 1980 के दशक में कांग्रेस के पतन के बाद बीजेपी ने धीरे-धीरे पूर्वी यूपी पर अपना कब्‍जा कर लिया। एक दशक तक क्षेत्र में क्षेत्रीय दलों का दबदबा राम जन्‍मभूमि आंदोलन और तीन धार्मिक शहरों अयोध्‍या, गोरखपुर और वाराणसी ने बीजेपी की मदद की। लेकिन वर्ष 1993 में एसपी और बीएसपी के गठबंधन ने भगवा ब्रिगेड को तगड़ा झटका दिया। एक दशक तक इस क्षेत्र में क्षेत्रीय दलों का दबदबा रहा। बीजेपी वर्ष 2004 और वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में 10 सीटों तक सिमट कर रह गई। हालांकि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जातिगत गणित अपने साथ किया और एसपी से गैर यादव ओबीसी वोटों का एक बड़ा हिस्‍सा और बीएसपी से गैर जाटव दलित वोट अपने पाले में कर लिया। 3 राज्यों में PM मोदी की रैली, अयोध्या में प्रियंका इसको देखते हुए अखिलेश ने एक बार फिर से गठबंधन को बढ़ावा दिया। बीएसपी से गठबंधन करके और सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर पर कब्‍जा करके यह साबित कर दिया कि बीजेपी को हराना मुमकिन है। अखिलेश ने पूर्वी यूपी में छोटे दलों जैसे निषाद पार्टी से गठबंधन किया जिसका गोरखपुर, भदोही और आसपास के जिलों में अच्‍छा प्रभाव है। गोरखपुर में एसपी ने प्रवीण निषाद को टिकट दिया और जीत दर्ज की। विकास के कामों को लेकर चुनाव में उतर रही बीजेपी उधर, बीजेपी वाराणसी और गोरखपुर में किए गए विकास के कामों को लेकर चुनाव में उतर रही है। मोदी ने वर्ष 2014 से लेकर अब तक वाराणसी में विकास कार्यों पर 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। योगी ने भी गोरखपुर के लिए यही मॉडल अपनाया है। उधर, कांग्रेस ने देरी से शुरुआत की लेकिन प्रियंका गांधी वाड्रा के आने के बाद अब उसका अभियान भी जोर पकड़ रहा है। प्रियंका ने इलाहाबाद से वाराणसी तक गंगा यात्रा के जरिए अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की। यदि कांग्रेस को इस क्षेत्र में मजबूती मिलती है तो एसपी-बीएसपी और बीजेपी दोनों को नुकसान होगा।.

सुभाष मिश्रा, लखनऊ यूपी की चुनावी जंग को जीतने के लिए सभी राजनीतिक दलों के योद्धा मैदान में उतर चुके हैं। गुरुवार को मेरठ में रैली कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जंग का आगाज कर दिया। माना जा रहा है कि इस बार के आम चुनाव में दिल्‍ली के राजसिंहासन की चाबी पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में छिपी हुई है, जहां त्रिकोणीय संघर्ष के आसार हैं। इसलिए योगी आदित्‍यनाथ, अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी ने अपना पूरा जोर पूर्वी यूपी पर लगा दिया है। आजमगढ़ से चुनाव लड़ने जा रहे अखिलेश यादव पहली बार इस इलाके से चुनावी मैदान में हैं, जहां लोकसभा की 35 सीटें आती हैं। बीजेपी ने वर्ष 2014 के लोकसभा और वर्ष 2017 के राज्‍य विधानसभा चुनाव में इस इलाके पर अपना कब्‍जा किया है। वर्ष 2014 के चुनाव में बीजेपी ने पूर्वी यूपी की 35 में से 32 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2014 के आम चुनाव में जब मोदी लहर में बीजेपी ने पूरे इलाके पर कब्‍जा कर लिया था तब अखिलेश के पिता और समाजवादी पार्टी के संस्‍थापक मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ से 60 हजार वोटों से जीते थे। काशी: मोदी vs प्रियंका? एक सवाल से अटकलें अखिलेश के खिलाफ निरहुआ को मिल सकता है टिकट बीजेपी ने अभी यहां से अपने उम्‍मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है लेकिन ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस सीट से भोजपुरी फिल्‍म स्‍टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को टिकट मिल सकता है। आजमगढ़ में एक बड़ी आबादी यादव और मुस्लिमों की है, इसलिए जातिगत गणित अखिलेश यादव के पक्ष में है। निरहुआ पड़ोस के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं और बीजेपी को आशा है कि उनकी स्‍टार छव‍ि को भुनाकर आजमगढ़ में कमल खिलाया जा सकता है। पूर्वी उत्‍तर प्रदेश बहुत सघन बसा हुआ है। इस क्षेत्र में काफी गरीबी और पिछड़ापन है। यहां पर मानव विकास सूचकांक सूखा प्रभावित बुंदेलखंड से भी खराब है। योगी सरकार के अंतर्गत पूर्वी यूपी पर काफी ध्‍यान दिया जा रहा है लेकिन अभी तक इसका खास प्रभाव देखने को नहीं मिला है। 1980 के दशक में कांग्रेस के पतन के बाद बीजेपी ने धीरे-धीरे पूर्वी यूपी पर अपना कब्‍जा कर लिया। एक दशक तक क्षेत्र में क्षेत्रीय दलों का दबदबा राम जन्‍मभूमि आंदोलन और तीन धार्मिक शहरों अयोध्‍या, गोरखपुर और वाराणसी ने बीजेपी की मदद की। लेकिन वर्ष 1993 में एसपी और बीएसपी के गठबंधन ने भगवा ब्रिगेड को तगड़ा झटका दिया। एक दशक तक इस क्षेत्र में क्षेत्रीय दलों का दबदबा रहा। बीजेपी वर्ष 2004 और वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में 10 सीटों तक सिमट कर रह गई। हालांकि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जातिगत गणित अपने साथ किया और एसपी से गैर यादव ओबीसी वोटों का एक बड़ा हिस्‍सा और बीएसपी से गैर जाटव दलित वोट अपने पाले में कर लिया। 3 राज्यों में PM मोदी की रैली, अयोध्या में प्रियंका इसको देखते हुए अखिलेश ने एक बार फिर से गठबंधन को बढ़ावा दिया। बीएसपी से गठबंधन करके और सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर पर कब्‍जा करके यह साबित कर दिया कि बीजेपी को हराना मुमकिन है। अखिलेश ने पूर्वी यूपी में छोटे दलों जैसे निषाद पार्टी से गठबंधन किया जिसका गोरखपुर, भदोही और आसपास के जिलों में अच्‍छा प्रभाव है। गोरखपुर में एसपी ने प्रवीण निषाद को टिकट दिया और जीत दर्ज की। विकास के कामों को लेकर चुनाव में उतर रही बीजेपी उधर, बीजेपी वाराणसी और गोरखपुर में किए गए विकास के कामों को लेकर चुनाव में उतर रही है। मोदी ने वर्ष 2014 से लेकर अब तक वाराणसी में विकास कार्यों पर 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। योगी ने भी गोरखपुर के लिए यही मॉडल अपनाया है। उधर, कांग्रेस ने देरी से शुरुआत की लेकिन प्रियंका गांधी वाड्रा के आने के बाद अब उसका अभियान भी जोर पकड़ रहा है। प्रियंका ने इलाहाबाद से वाराणसी तक गंगा यात्रा के जरिए अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की। यदि कांग्रेस को इस क्षेत्र में मजबूती मिलती है तो एसपी-बीएसपी और बीजेपी दोनों को नुकसान होगा।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

NBT Hindi News /  🏆 20. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

लोकसभा चुनाव: बदली राज बब्बर की सीट, मुरादाबाद की जगह फतेहपुर सीकरी से लड़ेंगे-Navbharat Timesलोकसभा चुनाव: बदली राज बब्बर की सीट, मुरादाबाद की जगह फतेहपुर सीकरी से लड़ेंगे-Navbharat Timesलोकसभा चुनाव 2019 न्यूज़: कांग्रेस ने शुक्रवार देर रात जारी 7वीं सूची में दो अहम बदलाव किए हैंं। यूपी में हुए इन बदलावों के तहत जहां मुरादाबाद से अब राज बब्बर की जगह कवि इमरान प्रतापगढ़ी चुनाव लड़ेंगे वहीं बिजनौर से नसीमुद्दीन सिद्दीकी को प्रत्याशी बनाया गया है।
Read more »

लोकसभा चुनाव 2019 : भाजपा ने 11 उम्मीदवारों की सूची जारी कीलोकसभा चुनाव 2019 : भाजपा ने 11 उम्मीदवारों की सूची जारी कीनई दिल्ली। भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए 11 और उम्मीदवारों की सूची जारी की है। पार्टी ने इस सूची में उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, केरल और पश्चिम बंगाल की लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है।
Read more »

राहुल केरल की वायनाड सीट से लड़ सकते हैं चुनावराहुल केरल की वायनाड सीट से लड़ सकते हैं चुनावराहुल के वायनाड से चुनाव लड़ने की ख़बर पर स्मृति ने ली चुटकी. आज के अख़बारों की सुर्खियां.
Read more »

लोकसभा चुनाव 2019: CPI की टिकट पर बेगूसराय से चुनाव लड़ेंगे कन्हैया कुमार– News18 हिंदीलोकसभा चुनाव 2019: CPI की टिकट पर बेगूसराय से चुनाव लड़ेंगे कन्हैया कुमार– News18 हिंदीकन्हैया कुमार की दावेदारी के बाद अब बेगूसराय लोकसभा सीट का मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है ElectionsWithNews18 BattleOf2019
Read more »

लोकसभा चुनाव 2019: एनडीए ने उम्मीदवारों के जरिए की सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश-Navbharat Timesलोकसभा चुनाव 2019: एनडीए ने उम्मीदवारों के जरिए की सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश-Navbharat Timesलोकसभा चुनाव 2019 न्यूज़: एनडीए की लिस्ट में 6 दलितों को भी जगह दी गई है, जिनमें से 4 अकेले पासवान जाति से ही हैं। इनमें बड़े चेहरे लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान के बेटे चिराग और उनके भाई रामचंद्र पासवान और पशुपति कुमार पारस हैं।
Read more »

लोकसभा चुनाव: गुजरात और UP के लिए कांग्रेस ने जारी की कैंडिडेट की एक और लिस्टलोकसभा चुनाव: गुजरात और UP के लिए कांग्रेस ने जारी की कैंडिडेट की एक और लिस्टकांग्रेस ने गुजरात और उत्तर प्रदेश के लिए प्रत्याशियों की एक और लिस्ट जारी की है. गुजरात के कच्छ से नरेश एन माहेश्वरी, नवसारी से धर्मेश भीमाभाई पटेल और उत्तर प्रदेश के रामपुर सीट से संजय कपूर को टिकट मिला है.
Read more »

मेरठ में नरेंद्र मोदी की रैली की आँखों देखीमेरठ में नरेंद्र मोदी की रैली की आँखों देखीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की, पाँच साल पहले भी उन्होंने मेरठ से ही अभियान शुरू किया था.
Read more »



Render Time: 2026-04-01 22:08:10