बुधवार को मुंबई से बारामती जा रहे महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान लैंडिंग के वक्त दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा बारामती के पास ग्रामीण क्षेत्र में हुआ।
बुधवार की सुबह महाराष्ट्र के लिए कभी न भूलने वाला सदमा लेकर आई. मुंबई से बारामती जा रहे महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान लैंडिंग के वक्त दुर्घटना ग्रस्त हो गया. खेतों में गिरे इस विमान ने गिरते ही आग पकड़ ली और देखते-देखते आग का गोला बन गया.
चश्मदीदों के मुताबिक लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान अचानक लड़खड़ाया, कंट्रोल खो बैठा और पल भर में हादसे का शिकार हो गया. यह वही पल था, जिसने न सिर्फ एक वरिष्ठ नेता की जिंदगी छीन ली, बल्कि राज्य की राजनीति को भी गहरे शोक में डुबो दिया. चश्मदीदों के अनुसार विमान रनवे की दिशा में उतर रहा था, लेकिन लैंडिंग स्ट्रिप तक पहुंचने से पहले ही उसका संतुलन बिगड़ गया. लोगों ने बताया कि विमान हवा में ही अस्थिर दिख रहा था और जमीन से टकराते ही उसमें भयानक आग लग गई. इसके बाद एक के बाद एक करीब पांच धमाके हुए, इससे पूरा इलाका दहल उठा. खेतों में गिरते ही विमान आग का गोला बन गया. इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. अजित पवार NCP के वरिष्ठ नेता थे और बुधवार को बारामती में चुनाव प्रचार से जुड़े चार अहम कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे. यह इलाका उनका राजनीतिक गढ़ माना जाता है. हादसा बारामती के आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में हुआ, जहां खेतों के बीच विमान गिरा. तेज आवाज और धुएं का गुबार देखकर आसपास के किसान और स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े लेकिन आग इतनी विकराल थी कि कोई पास तक नहीं जा सका. कुछ ही मिनटों में पूरा विमान जलकर नष्ट हो गया. चश्मदीदों ने बताया कि विमान जमीन से टकराते ही फ्यूल टैंक में विस्फोट हुआ. इसके बाद लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विमान का ढांचा पूरी तरह पिघल चुका था. मलबे से लगातार धुआं उठ रहा था और चारों ओर जलने की तेज गंध फैली हुई थी. लोगों ने बाल्टियों में पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाफी साबित हुई. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. पूरे इलाके को सील कर दिया गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया. अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने और क्षेत्र को सुरक्षित करने में समय लगा, क्योंकि विमान पूरी तरह जल चुका था. प्रारंभिक जांच में लैंडिंग के वक्त कंट्रोल लॉस की आशंका जताई जा रही है. हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. इस हादसे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में शोक और सन्नाटा छा गया है. अजित पवार एक तेज फैसले लेने वाले, जमीन से जुड़े और प्रभावशाली नेता माने जाते थे. उनके अचानक चले जाने से न केवल एनसीपी बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है. बारामती में मातम का माहौल है और समर्थक गहरे सदमे में हैं. यह घटना एक बार फिर हवाई सुरक्षा और छोटे एयर स्ट्रिप्स पर लैंडिंग की चुनौतियों पर सवाल खड़े करती है. अजित पवार का यह आखिरी सफर महाराष्ट्र के लिए गहरे जख्म की तरह है. एक पल पहले जो नेता जनता से मिलने वाला था, अगले ही पल इतिहास बन गया. खेतों में जला विमान, बिखरा मलबा और उठता धुआं ये दृश्य लंबे समय तक लोगों के जहन में रहेंगे. यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सत्ता, सुरक्षा और व्यवस्था पर गंभीर सवाल छोड़ गया है. इनके जवाब अब जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे.
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