मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच, यूएई होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए सैन्य कार्रवाई में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है।
मध्य-पूर्व में संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। युद्धविराम की उम्मीदों के बीच, एक ऐसी खबर आई है, जिससे इस आशंका को बल मिल रहा है कि ईरान युद्ध के दायरे को और बढ़ा सकता है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने अपनी रिपोर्ट में शीर्ष अधिकारियों के हवाले से बताया है कि संयुक्त अरब अमीरात ( यूएई ), अमेरिका और उसके सहयोगी, होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी ताकत से सुरक्षित करने में मदद करने की तैयारी कर रहे हैं। इस कदम के साथ, यूएई खाड़ी क्षेत्र का पहला ऐसा देश बन जाएगा, जो ईरान ी हमलों का सीधा सामना करने के बाद, इस
संघर्ष में सक्रिय रूप से शामिल होगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कथित तौर पर ईरान के खिलाफ युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करने की योजना बना रहे हैं, और होर्मुज को फिर से खोलने का काम बाद के लिए टाल रहे हैं।\एक ओर जहां वॉशिंगटन इस युद्ध से जल्द बाहर निकलने की सोच रहा है, वहीं दूसरी ओर खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देश, जिनमें यूएई सबसे आगे है, अमेरिका से युद्ध जारी रखने की बात कर रहे हैं। यूएई कई स्तरों पर काम कर रहा है। WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, यूएई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पारित करवाने पर काम कर रहा है, जिससे सैन्य कार्रवाई को आधिकारिक मंजूरी मिल सके। यूएई के राजनयिकों ने अमेरिका, यूरोप और एशिया की अन्य सैन्य ताकतों से एक गठबंधन बनाने और इस होर्मुज जलडमरूमध्य को बलपूर्वक फिर से खोलने का आग्रह किया है। यह जलडमरूमध्य इस मरुस्थलीय देश के ऊर्जा निर्यात, जहाजरानी उद्योग और खाद्य आपूर्ति के लिए जीवन रेखा का काम करता है। यूएई का यह कदम क्षेत्रीय भू-राजनीतिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है, क्योंकि यह ईरान के साथ सीधे टकराव में शामिल होने वाला पहला खाड़ी देश होगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है, खासकर ईरान और सऊदी अरब के बीच, जो यमन में प्रॉक्सी युद्ध लड़ रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्गों में से एक है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए महत्वपूर्ण है। इस मार्ग पर किसी भी प्रकार की अस्थिरता का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।\यूएई का यह कदम केवल सैन्य दृष्टिकोण से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यूएई संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहा है, जो क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने का प्रयास है। इसके अतिरिक्त, यूएई चाहता है कि अन्य देश होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए सैन्य गठबंधन में शामिल हों। इस तरह के गठबंधन से न केवल जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि ईरान को भी एक मजबूत संदेश जाएगा। आर्थिक रूप से, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा यूएई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उसके तेल निर्यात और जहाजरानी उद्योग के लिए जीवन रेखा है। यदि यह जलडमरूमध्य सुरक्षित नहीं रहता है, तो यूएई की अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। अमेरिकी प्रशासन का रुख भी इस मामले में महत्वपूर्ण है। ट्रम्प प्रशासन शुरू में ईरान के साथ संघर्ष को कम करने का इच्छुक था, लेकिन यूएई और अन्य सहयोगियों के दबाव के कारण, अमेरिका की रणनीति बदल सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अमेरिका यूएई के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाता है। इस घटनाक्रम से मध्य-पूर्व में मौजूदा संघर्ष के भविष्य और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है
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