बिहार चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा और वही मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए, लालू यादव पर दलितों और पिछड़े समुदायों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। कुशवाहा ने एनडीए सरकार की सराहना की और जन सुराज को चुनावी चुनौती नहीं माना।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार चुनाव को लेकर राजनीति क सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच NDA के CM फेस पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान के बाद सियासत तेज हो गई। इस बीच आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का कहना है कि नीतीश कु्मार के नेतृत्व में ही चुनाव हो रहा है और चुनाव के बाद वही CM बनेंगे। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार जी हमारे सीएम चेहरे हैं। बिहार में चुनाव बिहार के सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जा रहा है। हम चुनाव जीतेंगे और उनके नेतृत्व में सरकार शपथ लेगी। महागठबंधन पर हमला महागठबंधन पर आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का कहना है कि महागठबंधन स्वार्थ के आधार पर एकजुट हुई पार्टियों का गठबंधन है। इन्हें जनता के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। बिहार की जनता इनके पक्ष में नहीं है। बिहार चुनाव में इनकी हालत बदतर होने जा रही है। लालू यादव को घेरा बिहार चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर महागठबंधन पर निशाना साधते हुए, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता उनके हाथों से पहले ही फिसल चुकी है। आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर बिहार में अपने पंद्रह साल के शासन के दौरान दलितों और पिछड़े समुदायों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। सोमवार को पटना में एएनआई से बात करते हुए, कुशवाहा ने कहा, उन्होंने एसआईआर पर खूब हंगामा किया, लेकिन उन्हें क्या मिला? क्या आज जनता के बीच इस बारे में कोई चर्चा भी हो रही है कि एसआईआर क्या है? ये लोग जनता के बीच एक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे थे। जनता ने उन्हें पहले ही नकार दिया है। राजद पर निशाना साधते हुए, कुशवाहा ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव की सरकार जमीनी स्तर पर दलितों और पिछड़े समुदायों के लिए राजनीति क प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में विफल रही। कुशवाहा ने कहा, जब लालू प्रसाद यादव पंद्रह साल तक बिहार में सत्ता में थे, तब किसी ने भी किसी दलित को वार्ड सदस्य नहीं बनने दिया। न केवल दलित परिवारों की महिलाओं, अत्यंत पिछड़े परिवारों की महिलाओं, बल्कि पुरुषों को भी सदस्य नहीं बनने दिया जाता था। नीतीश कुमार को सराहा उन्होंने नीतिगत बदलावों के जरिए सामाजिक समावेशन लाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार को श्रेय दिया। उन्होंने आगे कहा, जब नीतीश कुमार ने सत्ता संभाली, तो एनडीए सरकार ने तुरंत मौजूदा प्रावधानों में बदलाव किया। इसका नतीजा यह हुआ कि पिछड़े समुदाय और दलितों का प्रतिनिधित्व बढ़ा है और उन्हें सम्मान की नजर से देखा जाता है। कुशवाहा ने महागठबंधन पर झूठे वादों के ज़रिए सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, लालू प्रसाद यादव को ऐसा करने से किसने रोका था? अब जब सत्ता उनके हाथ से निकल गई है, तो वे फिर से प्रलोभनों का सहारा ले रहे हैं। जनता उनकी असली पहचान जानती है। चुनावों से पहले विश्वास जताते हुए, कुशवाहा ने कहा कि एनडीए बिहार में पूर्ण बहुमत की ओर बढ़ रहा है और आसानी से सरकार बनाएगा। 'जनसुराज चुनौती नहीं' कुशवाहा ने बिहार विधानसभा चुनावों के लिए प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित जन सुराज पार्टी द्वारा पेश की गई चुनावी चुनौती को भी कम करके आंका। उन्होंने कहा, मुझे कहीं भी जन सुराज नहीं दिख रहा। बिहार की लड़ाई में एक तरफ एनडीए है और दूसरी तरफ महागठबंधन । उनकी यह टिप्पणी प्रशांत किशोर के 18 अक्टूबर के उस बयान के जवाब में आई है, जिसमें किशोर ने दावा किया था कि विपक्षी गठबंधन तीसरे स्थान पर रहेगा, जिससे उनकी पार्टी जन सुराज एनडीए के लिए मुख्य चुनौती बन जाएगी। समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ.
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच NDA के CM फेस पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान के बाद सियासत तेज हो गई। इस बीच आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का कहना है कि नीतीश कु्मार के नेतृत्व में ही चुनाव हो रहा है और चुनाव के बाद वही CM बनेंगे। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार जी हमारे सीएम चेहरे हैं। बिहार में चुनाव बिहार के सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जा रहा है। हम चुनाव जीतेंगे और उनके नेतृत्व में सरकार शपथ लेगी। महागठबंधन पर हमला महागठबंधन पर आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का कहना है कि महागठबंधन स्वार्थ के आधार पर एकजुट हुई पार्टियों का गठबंधन है। इन्हें जनता के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। बिहार की जनता इनके पक्ष में नहीं है। बिहार चुनाव में इनकी हालत बदतर होने जा रही है। लालू यादव को घेरा बिहार चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर महागठबंधन पर निशाना साधते हुए, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता उनके हाथों से पहले ही फिसल चुकी है। आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर बिहार में अपने पंद्रह साल के शासन के दौरान दलितों और पिछड़े समुदायों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। सोमवार को पटना में एएनआई से बात करते हुए, कुशवाहा ने कहा, उन्होंने एसआईआर पर खूब हंगामा किया, लेकिन उन्हें क्या मिला? क्या आज जनता के बीच इस बारे में कोई चर्चा भी हो रही है कि एसआईआर क्या है? ये लोग जनता के बीच एक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे थे। जनता ने उन्हें पहले ही नकार दिया है। राजद पर निशाना साधते हुए, कुशवाहा ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव की सरकार जमीनी स्तर पर दलितों और पिछड़े समुदायों के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में विफल रही। कुशवाहा ने कहा, जब लालू प्रसाद यादव पंद्रह साल तक बिहार में सत्ता में थे, तब किसी ने भी किसी दलित को वार्ड सदस्य नहीं बनने दिया। न केवल दलित परिवारों की महिलाओं, अत्यंत पिछड़े परिवारों की महिलाओं, बल्कि पुरुषों को भी सदस्य नहीं बनने दिया जाता था। नीतीश कुमार को सराहा उन्होंने नीतिगत बदलावों के जरिए सामाजिक समावेशन लाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार को श्रेय दिया। उन्होंने आगे कहा, जब नीतीश कुमार ने सत्ता संभाली, तो एनडीए सरकार ने तुरंत मौजूदा प्रावधानों में बदलाव किया। इसका नतीजा यह हुआ कि पिछड़े समुदाय और दलितों का प्रतिनिधित्व बढ़ा है और उन्हें सम्मान की नजर से देखा जाता है। कुशवाहा ने महागठबंधन पर झूठे वादों के ज़रिए सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, लालू प्रसाद यादव को ऐसा करने से किसने रोका था? अब जब सत्ता उनके हाथ से निकल गई है, तो वे फिर से प्रलोभनों का सहारा ले रहे हैं। जनता उनकी असली पहचान जानती है। चुनावों से पहले विश्वास जताते हुए, कुशवाहा ने कहा कि एनडीए बिहार में पूर्ण बहुमत की ओर बढ़ रहा है और आसानी से सरकार बनाएगा। 'जनसुराज चुनौती नहीं' कुशवाहा ने बिहार विधानसभा चुनावों के लिए प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित जन सुराज पार्टी द्वारा पेश की गई चुनावी चुनौती को भी कम करके आंका। उन्होंने कहा, मुझे कहीं भी जन सुराज नहीं दिख रहा। बिहार की लड़ाई में एक तरफ एनडीए है और दूसरी तरफ महागठबंधन। उनकी यह टिप्पणी प्रशांत किशोर के 18 अक्टूबर के उस बयान के जवाब में आई है, जिसमें किशोर ने दावा किया था कि विपक्षी गठबंधन तीसरे स्थान पर रहेगा, जिससे उनकी पार्टी जन सुराज एनडीए के लिए मुख्य चुनौती बन जाएगी। समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ
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