बदरुद्दीन अजमल: इत्र के कारोबार और लोगों के प्यार ने बुलंदियों पर पहुंचाया

United States News News

बदरुद्दीन अजमल: इत्र के कारोबार और लोगों के प्यार ने बुलंदियों पर पहुंचाया
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 AajTak
  • ⏱ Reading Time:
  • 156 sec. here
  • 4 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 66%
  • Publisher: 63%

IndiaElects असम के बड़े नेता बदरुद्दीन अजमल के जीवन के बारे में पढ़िए

बदरुद्दीन अजमल की गिनती असम के बड़े नेताओं में होती है. वह इत्र के कारोबारी हैं और उनका व्यापार देश ही नहीं विदेशों में भी फैला है. इत्र का व्यापार अजमल का खानदानी पेशा है और इसमें उनका पूरा परिवार लगा हुआ है.

उन्होंने 12 साल पहले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट बनाया. वह असम के धुबरी से सांसद हैं. बदरुद्दीन अजमल असम के रहने वाले हैं. उनका जन्म 12 फरवरी 1950 को मुंबई में हुआ था. उन्होंने दारुम उलीम देवबंद से फाजिल की पढ़ाई की है. बदरुद्दीन अजमल को विश्व को प्रभावित करने वाले 500 मुसलमानों में भी माना जाता है. वह विश्व के सबसे रईस एनजीओ से जुड़े हैं. बदरुद्दीन अजमल के साथ विवाद भी जुड़ते रहे हैं. सेना प्रमुख ने पिछले साल कहा था कि जितनी तेजी से देश में बीजेपी का विस्तार नहीं हुआ, उतनी तेजी से असम में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट बढ़ी है. इसके बाद पूरे देश की निगाहें अजमल की तरफ घूम गईं. सेना प्रमुख का कहना था कि अजमल परिवार की संपत्ति 200 करोड़ है जबकि बीजेपी को 270 करोड़ का डोनेशन मिला है. अजमल ने इसका प्रतिकार करते हुए कहा था कि अगर हमारी पार्टी बढ़ रही है तो सेना प्रमुख को परेशानी क्यों है. उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी आगे बढ़ रही है तो इससे दिक्कत क्यों है? उन्होंने यह भी कहा था कि सेना प्रमुख का यह बयान राजनीति से प्रेरत नहीं है. दरअसरल बदरूद्दीन का जन्म एक मध्यम परिवार में हुआ लेकिन उन्हें यह समझने में देर नहीं लगी कि मुसलमानों को अगर अच्छी शिक्षा न मिल पाए तो वो आगे नहीं बढ़ सकते. बदरुद्दीन ने खुद भी पढ़ाई की और दूसरे मुसलमानों को भी इसके लिए प्रेरित किया. असम की मुस्लिम आबादी ने भी उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित किया. क्योंकि अगर असम के मुसलमानों और बांग्लादेश से आए मुसलमानों को मिला लिया जाए तो असम में मुसलमानों की संख्या तकरीबन 34 फीसदी बैठती है. अजमल देवबंद से पढ़ाई पूरी करने के बाद जमीयत उलमा-ए-हिंद के साथ जुड़ गए. यहां उन्होंने समझा कि राजनीतिक रसूख क्या होता है. इसके बाद उन्होंने 2005 में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक फ्रंट का गठन किया. 2006 में असम में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने 73 उम्मीदवार उतारे, जिसमें 10 सीट जीतने में सफल रहे. इसके बाद पार्टी का ग्राफ बढ़ता ही गया. 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में अजमल सांसद चुने गए. इसके बाद 2011 में हुए विधानसभा चुनाव में AIUDF के 18 विधायक जीतने में सफल रहे. 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने असम में 14 उम्मीदवार खड़े किए, जिसमें धुबरी से बदरुद्दीन अजमल खुद जीते. इसके साथ ही उनकी पार्टी के 2 और सांसद चुने गए. इनमें से एक राधेश्याम बिस्वास हिंदू हैं. 2016 के विधानसभा चुनाव में अजमल की पार्टी 13 सीटें जीतने में सफल रही. अजमल का परिवार एशिया का सबसे अमीर एनजीओ मरकज ए मारिस चलाता है. परिवार के नाम पर एशिया का सबसे बड़ा चैरिटेबल अस्पताल भी है. जिसमें 500 बेड हैं. बदरुद्दीन का इत्र का कारोबार भारत ही नहीं पूरे विश्व में फैला हुआ है. अब कंपनी ने रियल एस्टेट से लेकर चमड़ा उद्योग, चाय उत्पादन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा में भी कदम बढ़ा दिए हैं. उनका कारोबार भारत, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, सिंगापुर सहित कई देशों में फैला हुआ है. अजमल फ्रेगरेंसेज एंड फैशंस, अजमल होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स, बेलजा इंटरप्राइजेज, हैप्पी नेस्ट डेवलपर्स, अल-मजीद डिस्टलेशन एंड प्रोसेसिंग और अजमल बायोटेक कंपनियां अजमल समूह में शामिल हैं. अजमल के पास 43 करोड़ की संपत्ति है, तो उनके भाई सिराजुद्दीन अजमल 67 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं. इसके अलावा उनके दो बेटों के पास 16 करोड़ की संपत्ति है. बदरुद्दीन अजमल के साथ पिछले दिनों एक और विवाद जुड़ा था. इसमें उन्होंने सवाल पूछने पर पत्रकार की पिटाई करने की बात की थी. हालांकि बाद में उन्होंने इसके लिए माफी मांग ली.

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

AajTak /  🏆 5. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

करतारपुर कॉरिडोर: भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के बीच चल रही है बैठक- Amarujalaकरतारपुर कॉरिडोर: भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के बीच चल रही है बैठक- Amarujalaकरतारपुर कॉरिडोर निर्माण को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बैठक चल रही है। इस बैठक में कई अहम मुद्दों को लेकर बातचीत
Read more »

गेंदबाज मोहम्मद शमी के खिलाफ दहेज और यौन उत्पीड़न के मामले में चार्जशीट दाखिल– News18 हिंदीगेंदबाज मोहम्मद शमी के खिलाफ दहेज और यौन उत्पीड़न के मामले में चार्जशीट दाखिल– News18 हिंदीभारतीय गेंदबाज क्रिकेटर मोहम्मद शमी के खिलाफ दहेज और यौन उत्पीड़न के मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है. शमी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए (दहेज उत्पीड़न) और 354 ए (यौन उत्पीड़न) के तहत आरोप लगाए गए हैं. कोलकाता पुलिस ने मोहम्मद शमी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
Read more »

CST ओवर ब्रिज हादसा: मुंबई में एक साल में दूसरा बड़ा हादसा, जिम्मेदार कौन?– News18 हिंदीCST ओवर ब्रिज हादसा: मुंबई में एक साल में दूसरा बड़ा हादसा, जिम्मेदार कौन?– News18 हिंदीगुरुवार को मुंबई के सीएसटी रेलवे स्टेशन के पास स्‍टेशन के बाहर बना फुट ओवर ब्रिज ढह गया. इस हादसे में 4 महिलाओं समेत तीन की मौत हो गई जबकि 34 लोगों के घायल होने की सूचना है. ऐसी ही घटना पिछले साल भी बीएमसी और रेलवे के इस ब्लेमगेम में जाने और कितने लोगों की बलि चढ़ेगी. पर जिनके अपने इस हादसे का शिकार हुए हैं वो तो सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है?
Read more »

जम्मू-कश्मीर में रमजान के बाद और अमरनाथ यात्रा के पहले हो सकते हैं विधानसभा चुनावजम्मू-कश्मीर में रमजान के बाद और अमरनाथ यात्रा के पहले हो सकते हैं विधानसभा चुनावचुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि रमजान के बाद और अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले विधानसभा चुनाव हो सकते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि चुनाव 5 जून से 30 जून के बीच ही मुमकिन है.
Read more »

एक लड़की के देह व्यापार के धंधे में फंसने और निकलने की कहानीएक लड़की के देह व्यापार के धंधे में फंसने और निकलने की कहानी1993 में बाछड़ा समुदाय के पुनर्वास के लिए जबाली योजना शुरू करने का ऐलान किया गया, लेकिन आज तक ये योजना लागू नहीं हो पाई.
Read more »

क्षेत्रीय पार्टियों की नीति और दृष्टिकोण में राष्ट्रहित के बजाय सीमित और संकुचित दृष्टि होती हैक्षेत्रीय पार्टियों की नीति और दृष्टिकोण में राष्ट्रहित के बजाय सीमित और संकुचित दृष्टि होती हैक्षेत्रीय पार्टियों की नीति और दृष्टिकोण में राष्ट्रहित के बजाय सीमित और संकुचित दृष्टि होती है ApniBaat NiranjankIndia nationalInter
Read more »

Opinion: 2019 का चुनाव मोदी के राष्‍ट्रवाद और कांग्रेस के जीवन-मरण के बीच– News18 हिंदीOpinion: 2019 का चुनाव मोदी के राष्‍ट्रवाद और कांग्रेस के जीवन-मरण के बीच– News18 हिंदीOpinion: 2014 की बात की जाए तो नरेंद्र मोदी ने ठीक उसी तरह से अपना अभियान शुरू किया जैसे कोई डॉक्‍टर की बताई दवाई का पालन करता है ElectionsWithNews18 BattleOf2019 INCIndia BJP4India
Read more »

रेलवे में हेल्पर बनने के लिए ग्रेजुएट से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक ने किया आवेदनरेलवे में हेल्पर बनने के लिए ग्रेजुएट से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक ने किया आवेदनरेलवे के आंकड़ों के मुताबिक खलासी और हेल्पर के पदों के लिए आवेदन करने वाले 4,19,137 उम्मीदवारों के पास बीटेक और 40,751 उम्मीदवारों के पास इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री है.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 06:06:41