उपग्रह छवियों से पता चलता है कि पाकिस्तान ने अफ़गानिस्तान के पक्तीका प्रांत में सीमा पर बाड़ लगाई है, जिससे सीमा विवाद और तनाव बढ़ गया है। तालिबान सरकार ने पाकिस्तानी कब्जे से इनकार किया है, जबकि क्षेत्र में बाड़ लगाने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
उपग्रह छवियों से पता चलता है कि पाकिस्तान ने पक्तीका में एक क्षेत्र में बाड़ लगाई है। अफ़गानिस्तान के पक्तीका प्रांत में हाल ही में एक घटना हुई जिससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि पाकिस्तान ने अफ़गानिस्तान के कम से कम 12 किलोमीटर क्षेत्र में बाड़ लगाकर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया है। हालांकि, तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अफ़गानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्र सरकारी सुरक्षा बलों के नियंत्रण में हैं। मंत्रालय ने किसी भी पाकिस्तान ी कब्जे से इनकार किया है। इस सप्ताह सोशल मीडिया
प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पाकिस्तानी खातों से एक वीडियो वायरल हुआ जिसका शीर्षक था, 'पाकिस्तान का नक्शा फैल रहा है।' वीडियो में पाकिस्तान के बाड़ वाले सीमावर्ती क्षेत्र की तस्वीरें दिखाकर दावा किया गया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने सीमा पर बाड़ लगाकर अफ़गान तालिबान से छीनी गई ज़मीन पर स्थायी रूप से कब्जा कर लिया है। अफगानिस्तान में सत्ता में रही किसी भी सरकार ने आज तक इस सीमा रेखा को अंतरराष्ट्रीय सीमा मानने से इनकार किया है।\गूगल अर्थ की उपग्रह छवियों से पता चलता है कि पिछले चार वर्षों से इस क्षेत्र में दोनों देशों की सीमा पर बाड़ लगी हुई है। पाकिस्तान लंबे समय से अफ़गानिस्तान के साथ अपनी सीमा पर बाड़ लगा रहा है। सीमा क्षेत्र में कुछ ही दिनों में बाड़ लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। उपग्रह छवियों में देखा जा सकता है कि इस क्षेत्र को बाड़ लगाकर अफ़गानिस्तान की ज़मीन से अलग कर दिया गया है। अगर हम इस क्षेत्र को तस्वीर की मदद से समझना चाहें तो मान सकते हैं कि यह क्षेत्र लगभग अंग्रेजी के एक बड़े 'एल' आकार का है। इसका क्षेत्रफल लगभग 32 वर्ग किलोमीटर है। लोहे की बाड़ ने इसके निचले और ऊपरी हिस्से को अफ़गानिस्तान के क्षेत्र से अलग कर दिया है। अगर हम पाकिस्तान की हजारों किलोमीटर लंबी सीमा पर लगी बाड़ को मानक मानें तो हाल की बाड़बंदी के जरिए पाकिस्तान ने इस 'एल' आकार वाले क्षेत्र को व्यावहारिक रूप से अपने हिस्से में शामिल कर लिया है। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान ने दो जगहों पर अफ़गान सीमा रेखा के कई किलोमीटर अंदर बाड़ लगा दी है। उपग्रह छवियों को ध्यान से देखने पर इस क्षेत्र को अलग करने वाली बाड़ 10 मार्च से पहले नज़र नहीं आती, लेकिन केवल तीन दिन बाद यह बाड़ साफ तौर से दिखाई देने लगती है। इस क्षेत्र का वह हिस्सा जिसे इस नई बाड़ के जरिए पाकिस्तान की तरफ मिलाया गया है, उसकी लंबाई कम से कम 12 किलोमीटर है। एक और अहम बात यह है कि इस बाड़ का काम पूरा होने के बाद उसी सीमावर्ती क्षेत्र के एक और हिस्से में एक नई बाड़ लगाई गई है। यह नई बाड़ ठीक उसी 'एल' आकार वाले क्षेत्र के सिरे पर लगाई गई है।\तालिबान की अंतरिम सरकार के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि डूरंड लाइन के पास स्थित सभी क्षेत्र सुरक्षा बलों के नियंत्रण में हैं। मंत्रालय के अनुसार, अफ़गानिस्तान की ज़मीन के किसी भी हिस्से को लेकर किसी को चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है। तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक ताज़ा वीडियो में सशस्त्र बलों के उप प्रमुख माली खान सिद्दीकी बता रहे हैं कि वह पक्तीका प्रांत के तरवा जिले में मौजूद हैं। वीडियो में वह अफ़गानिस्तान की ज़मीन के भीतर बाड़ लगाने के मामले को 'मीडिया का प्रोपेगंडा' करार देते हुए कहते हैं: 'आप देख रहे हैं कि हमारी फ़ोर्स हर जगह मौजूद है। अगर अंतरराष्ट्रीय मीडिया यहां आना चाहे तो हमें कोई समस्या नहीं है।' पाकिस्तान-अफ़गानिस्तान सीमा पर हुए हालिया टकराव की क्या वजह है? जानिए विशेषज्ञों की राय। पाकिस्तान से जंग के मामले में क्या तालिबान उसके आगे टिक पाएगा? सऊदी एयर बेस पर दो टुकड़ों में टूटे अमेरिकी विमान की तस्वीर की सच्चाई क्या है? ट्रंप ने फिर बातचीत की कही बात, ईरान ने पाकिस्तान की भूमिका पर भी दिया जवाब। ट्रंप बोले- मैं ईरान का तेल अपने कब्जे में लेना चाहता हूं, खार्ग द्वीप पर भी नियंत्रण संभव। लौट रही है लखनऊ की शाही रसोई की रौनक जहाँ 188 साल से परोसे जा रहे हैं लज़ीज़ पकवान
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