Madhya Pradesh Weather Latest Updates; Follow MP Bhopal Indore Ujjain Jabalpur Gwalior IMD Cold Waves Alert News, Headlines On Dainik Bhaskar. उत्तर-पूर्वी हवाओं के कमजोर होने और पहाड़ों में जेटस्ट्रीम चलने की वजह से मध्यप्रदेश में ठंड का असर है। भोपाल और जबलपुर में टेम्प्रेचर सामान्य से 2.
उत्तर-पूर्वी हवाओं के कमजोर होने और पहाड़ों में जेटस्ट्रीम चलने की वजह से मध्यप्रदेश में ठंड का असर है। भोपाल और जबलपुर में टेम्प्रेचर सामान्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे है। भोपाल की रातें पिछले साल से ज्यादा सर्द हैं। वहीं, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुपचमढ़ी में दिन-रात दोनों ही सबसे ठंडे हैं। नवंबर महीने में यहां की रातें सबसे सर्द रही हैं। शुक्रवार-शनिवार की रात में यहां पारा 7.
8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। रविवार सुबह मौसम में ठंडक की वजह से झील किनारे धुंध छाई रही। निचले मैदानी इलाकों में घास पर ओस जमी दिखी।भोपाल में टेम्प्रेचर 12.6 डिग्री पिछले साल 14 नवंबर को भोपाल में रात का टेम्प्रेचर 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा था। यह रात नवंबर की सबसे सर्द रात थी जबकि इस बार शुक्रवार-शनिवार की रात में पारा 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यानी भोपाल में नवंबर का महीना पिछले साल से भी सर्द है।भोपाल के अलावा जबलपुर में भी रात का पारा सामान्य से कम है। यहां तापमान 13.8 डिग्री पर पहुंच गया है, जो सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस कम है। इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में पारा 15 डिग्री या इससे अधिक है।मौसम विभाग के अनुसार, 20 नवंबर तक प्रदेश में ठंड का दौर बना रहेगा। भोपाल, इंदौर-जबलपुर में भी सर्दी बढ़ेगी जबकि पचमढ़ी-अमरकंटक सबसे ठंडे रहेंगे। इसकी वजह उत्तर-पूर्वी हवाओं का असर कम होना है। वहीं, पहाड़ों में जेटस्ट्रीम का चलना है। ये हवाएं प्रदेश के उत्तरी हिस्से में भी आ रही हैं। इस वजह से शुक्रवार से मौसम में बदलाव देखने को मिला है, जो अगले कुछ दिन और बना रहेगा।रात के टेम्प्रेचर में गिरावट और सुबह के समय ठंड का असर होने के साथ कोहरा भी छाया रहेगा। पिछले 3 दिन से भोपाल समेत कई जिलों में सुबह 8 बजे तक कोहरा देखने को मिल रहा है। रविवार को भी ऐसा मौसम रह सकता है।इससे पहले शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश के 16 शहरों में टेम्प्रेचर 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। पचमढ़ी में 7.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। मंडला में 10.5 डिग्री, शहडोल में 10.9 डिग्री, शाजापुर में 11.2 डिग्री, बालाघाट में 12.1 डिग्री, नौगांव में 12.3 डिग्री, टीकमगढ़ में 12.4 डिग्री टेम्प्रेचर दर्ज किया गया। इसी तरह बैतूल में 12.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 12.6 डिग्री, राजगढ़ में 13.4 डिग्री, रीवा-रायसेन में 13.5 डिग्री, खंडवा में 14 डिग्री और खरगोन में पारा 14.6 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 12.6 डिग्री, इंदौर में 15.7 डिग्री, ग्वालियर में 15.3 डिग्री, उज्जैन में 15 डिग्री और जबलपुर में तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार को दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर जेटस्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। वहीं, दक्षिणी हिस्से में साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव है। जेटस्ट्रीम हवाओं की रफ्तार तेज होने से प्रदेश में इसका असर रहेगा। अभी हवा तो आ रही हैं, लेकिन उनकी रफ्तार कम है।नवंबर में पिछले 10 साल जैसा ही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। दिन गर्म हैं और रातें ठंडी। हालांकि, 15-16 नवंबर से पारे में ज्यादा गिरावट देखने को मिलती है। 20 से 25 नवंबर के बीच कई शहरों में रात का टेम्प्रेचर 10 डिग्री के नीचे पहुंच जाता है।अधिकांश शहरों में पारा 15 डिग्री से नीचे पहुंच सकता है। अभी पचमढ़ी, शाजापुर, मंडला, शहडोल और अमरकंटक में ही तापमान सबसे कम है।आखिरी सप्ताह में ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में बारिश होने का अनुमान है।नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार भी तीसरे सप्ताह से पारा तेजी से लुढ़केगा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था। इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में दो बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।इंदौर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहता है।पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में पारा 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। 54 साल पहले वर्ष 1970 में टेम्प्रेचर 3 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। 2 नवंबर 2001 को दिन का तापमान 37.3 डिग्री तक पहुंच चुका है जबकि यह सामान्य तौर पर 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। इस महीने बारिश भी होती है। 1927 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में 3 बार ऐसा ही मौसम रह चुका है।पिछले 10 साल में 2022 में न्यूनतम पारा 7.8 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। ओवरऑल रिकॉर्ड 12 नवंबर 1989 को दर्ज किया गया था, तब टेम्प्रेचर 3.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 1946 में पूरे महीने 6 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में दो बार बारिश हो चुकी है। दिन में 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहता है।यहां 30 नवंबर 1974 को रात का तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 6 नवंबर 2008 को दिन का तापमान 36.5 डिग्री रहा था। पिछले 10 साल की बात करें तो न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री के बीच रहा है जबकि दिन में यह 33 से 35 सेल्सियस डिग्री के बीच पहुंच चुका है।दोस्त ने युवक का गला काटकर नदी में फेंकाहाथियों के लिए खेल का मैदान बना धान का..पंजाब-हरियाणा सरकार से सुप्रीम कोर्ट..कैलाश खेर के शो में धक्का-मुक्कीबच्चे ने बताया अमिताभ बच्चन का भविष्यपंजाब के 14 जिलों में धुंध का अलर्टनवंबर में पिछले साल से भी सर्द भोपालहरियाणा के प्राइमरी स्कूल बंद करने की तैयारी
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