हासन लोकसभा सीट फिलहाल जेडीएस का गढ़ है और बीते तीन चुनाव से लगातार देवगौड़ा यहां से जीत रहे हैं. (anugrahspeaks)
कर्नाटक की हासल लोकसभा सीट राज्य के दक्षिणी भाग में स्थित है. इस सीट से पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल सेक्युलर के संस्थापक एच. डी. देवगौड़ा सांसद हैं. राजधानी बेंगलुरु से 200 किलोमीटर की दूर पर बसे इस शहर में प्राचीन होयसल राजाओं के पुरातन स्थल मौजूद हैं.
इस बार यह सीट लोकसभा चुनाव के लिए हुए कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन में जेडीएस के खाते में गई हैं, जहां से देवगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को उम्मीदवार बनाया गया है. इस सीट पर एक-एक बार भारतीय लोकदल और स्वतंत्र पार्टी ने भी चुनाव जीता है. इसके अलावा हासल लोकसभा सीट पर 3 बार जनता दल के उम्मीदवार ने भी जीत दर्ज की है. यह सीट पहले मैसूर स्टेट में आती थी और तब इसे हासन चिकमंगलूर के नाम से जाना जाता था. 1957 में मैसूर स्टेट के अंतर्गत ही इस सीट को हासन के तौर पर पहचान मिली. इसके बाद 1974 में हासन सीट कर्नाटक का हिस्सा बन गई. इस लोकसभा सीट पर अकेले देवगौड़ा को 5 बार जीत मिली है. वह 2 बार जनता दल की टिकट से और तीन बार जेडीएस की टिकट से चुनाव जीत चुके हैं.हासल की कुल आबादी 20.16 लाख है जिसमें 15.61 लाख वोट शामिल है. इस लोकसभा सीट के अंतर्गत 7.89 लाख पुरुष और 7.71 लाख महिला वोटर आते हैं. हासल लोकसभा सीट की 78 फीसदी जनता ग्रामीण क्षेत्र और 22 फीसदी आबादी शहरी क्षेत्र से आती है. इसके अलावा यहां की 20 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति वर्ग से है और 2 फीसदी के करीब आबादी अनुसूचित जनजाति वर्ग से है. हासल लोकसभा सीट के अंतर्गत 8 विधानसभा सीटें आती हैं.बीते लोकसभा चुनाव में हासन सीट से जेडीएस उम्मीदवार एचडी देवगौड़ा ने कांग्रेस के ए. मंजू को एक लाख से ज्यादा वोटों से शिकस्त दी थी. इस चुनाव में देवगौड़ा को 5,09,841 वोट मिले थे जबकि मंजू को 4,09,379 मिले थे. साल 2014 में इस सीट पर 73 फीसदी मतदान हुआ और 11 लाख से ज्यादा लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. इस चुनाव में बीजेपी तीसरे स्थान की पार्टी थी और उसे करीब 1,65,688 वोट मिले थे. बीते लोकसभा चुनाव में हासन सीट से बसपा को 1.6 फीसदी और आम आदमी पार्टी को 0.7 फीसदी वोट हासिल हुए थे.हासल लोकसभा सीट से देश के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा लोकसभा सांसद हैं. देवगौड़ा 1996-97 में देश के 11वें प्रधानमंत्री रह चुके हैं, साथ ही 1994-96 में वह कर्नाटक के 14वें मुख्यमंत्री भी रहे. वह 6 बार लोकसभा चुनाव भी जीते और देश के गृहमंत्री का पद भी संभाला. देवगौड़ा इस बार हासन से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे क्योंकि उन्होंने इस सीट से अपने पोते प्रज्वल रेवन्ना को जेडीएस उम्मीदवार घोषित किया है. संसद में देवगौड़ा के प्रदर्शन की बात करें तो वह लोकसभा की 331 में से 182 बैठकों में मौजूद रहें. इसके अलावा उन्होंने सदन की 20 चर्चाओं में हिस्सा भी लिया. वह अपनी सांसद निधि 25 करोड़ की 56 फीसदी राशि, मतलब करीब 14 करोड़ रुपये क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए खर्च कर चुके हैं. साल 2014 में दिए हलफनामे के मुताबिक देवगौड़ा के पास 4 करोड़ की संपत्ति है और उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक केस दर्ज नहीं है.
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