आरजेडी से निकाले जा चुके तेज प्रताप यादव ने परिवार की खुशी में हिस्सा लेकर संकेत दिया है कि रिश्तों की डोर अभी पूरी तरह नहीं टूटी है.
तेज प्रताप यादव ने परिवार और पार्टी से बेदखल किये जाने के बाद भी घर में आई खुशी में शामिल होने की कोशिश की है. सीधे सीधे न सही. सोशल मीडिया तो है ही, हर मर्ज का इलाज. तेज प्रताप यादव ने छोटे भाई तेजस्वी यादव के दूसरे बेटे के जन्म पर सोशल मीडिया के जरिये खुशी जाहिर की है.
Advertisementखुद को कृष्ण और तेजस्वी यादव को अर्जुन बताने वाले तेज प्रताप ने सोशल साइट X पर लिखा है, 'श्री बांके बिहारी जी के असीम कृपा व आशीर्वाद से नवजात शिशु के आगमन पर मुझे बड़े पापा बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है... छोटे भाई तेजस्वी प्रसाद यादव एवं राजश्री यादव को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं... भतीजे को मेरा स्नेहिल आशीर्वाद एवं शुभ प्यार.'तेज प्रताप को लेकर चाहे जितने भी सवाल उठते हों, लेकिन उनकी X पोस्ट में ऐसे सारे सवालों का जवाब है. और सबसे बड़ा जवाब तो उनके खिलाफ हुए एक्शन पर है. संदेश तो यही है, कोई भले ही परिवार से निकाल दे, लेकिन वो किसी को अपने दिल से नहीं निकालने वाले हैं. उनके दिल में सभी के लिए उतना ही प्यार है. तेज प्रताप ने जैसे डंके की चोट पर अनुष्का यादव के साथ अपनी मोहब्बत और रिलेशनशिप को स्वीकार किया है, उसी दावे के साथ भतीजे के स्वागत में खुद को फिर से बड़े पापा होने की खुशी जाहिर की है - और ये सब राजनीति की परिधि से बाहर की बातें हैं. लेकिन, जहां परिवार और पार्टी में आपसी घालमेल हो, वहां ये बात कौन कौन समझ पाएगा, ये कह पाना और समझना काफी मुश्किल है. Advertisement तेज प्रताप और अनुष्का यादव के 12 साल से रिलेशनशिप में होने की बात सामने आने के बाद से ही बवाल मचा हुआ है. सबसे बड़ा पेंच ये है कि तेज प्रताप यादव की शादी 2018 में हुई है, और वो रिश्ते में होने की बाद उसके पांच साल पहले से बता रहे हैं. मतलब, वो बताना चाहते हैं कि उनकी शादी उनकी मर्जी के खिलाफ हुई है. तेज प्रताप और ऐश्वर्या राय के विवाह को राजनीतिक शादी की कैटेगरी में रखा जाता है, और दोनों के बीच तलाक का मामला अभी कोर्ट में है. शायद इसी वजह से तेज प्रताप ने रिश्ते की बात बताने के बाद पोस्ट डिलीट की, और अकाउंट हैक होने का दावा भी किया. ऐसा कई बार किया, इसलिए सब कुछ शक के दायरे में आ गया - लेकिन तभी आरजेडी नेता और उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप यादव को परिवार और पार्टी दोनों जगह से बेदखल कर दिये जाने की सोशल मीडिया पर भी घोषणा कर डाली. और, अब मीडिया के सामने आकर ऐश्वर्या राय पूरे लालू परिवार को खरी-खोटी सुनाते हुए पूछ रही हैं, जब पहले से ही रिलेशनशिप में थे तो मेरी जिंदगी क्यों बर्बाद की गई. सवाल तो बिल्कुल वाजिब है. Advertisement अब अगर तेज प्रताप यादव की निजी जिंदगी से जुड़े विवाद को थोड़ी देर के लिए अलग रख कर देखें, तो अभी उनकी राजनीतिक स्थिति करीब करीब वैसी ही हो गई है, जैसी कुछ दिनों पहले तक बीएसपी नेता मायावती के भतीजे आकाश आनंद की हुआ करती थी. डावांडोल राजनीतिक स्थिति तो तेज प्रताप की शुरू से ही रही है. तेज प्रताप और आकाश आनंद की मिलती जुलती जिंदगीअव्वल तो तेज प्रताप और आकाश आनंद की तुलना करने की कोई खास वजह नहीं बनती. एक उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ा है, तो दूसरा बिहार की राजनीति से. और, इस दोनों को तुलनात्मक नजरिये से देखने की ठोस वजह भी यही लगती है. क्योंकि, कुछ बातें ऐसी हैं जो एक जगह रख कर देखने पर दोनों के मामलों में मिलती जुलती जरूर लगती हैं. 1. तेज प्रताप यादव को पहली बार आरजेडी से निकाला गया है, जबकि ऐसा ही मामला बीएसपी में आकाश आनंद के साथ तीन बार हो चुका है. आकाश आनंद को एक बार तो उनके बयान, और फिर अपने ससुर के बहकावे आकर पार्टी विरोधी गतिविधि का आरोप लगाकर बीएसपी से बाहर कर दिया गया था. तेज प्रताप यादव की कुछ हरकतें विवादित जरूर रही हैं, लेकिन कभी उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप नहीं लगा है - और ये आरोप तो अब भी नहीं लगा है. Advertisement 2. तेज प्रताप यादव और आकाश आनंद की निजी जिंदगी की बात करें, तो शादी के मामले में दोनों ने ही परिवार का ही मान रखा है. ये भी संयोग है कि दोनों की शादियां भी राजनीतिक रिश्तों की बदौलत ही हुई है. आकाश आनंद का तो नहीं मालूम, लेकिन अब तो लगता है तेज प्रताप यादव ने दिल पर पत्थर रख कर मां-बाप का मान सम्मान तो रखा ही था. 3. एक फर्क ये जरूर है कि तेज प्रताप के मामले में पहले से ही विवाद चल रहा है, और अब जबकि वो रिश्ते का इजहार और कबूल कर रहे हैं, तो विवाद नये सिरे से जोर पकड़ चुका है. आकाश आनंद ने चुपचाप वहीं शादी कर ली, जहां मायावती ने तय किया. और, निभाते भी आ रहे हैं. लेकिन तेज प्रताप वैसा नहीं कर सके, और अब तो कोर्ट में चल रहे तलाक के केस के बीच ही ये नया विवाद खड़ा हो गया है. आकाश आनंद को तो खोई हुई प्रतिष्ठा और पावर मिल चुका है, लेकिन तेज प्रताप का भविष्य अभी अनिश्चित और अंधकारमय नजर आ रहा है. बिहार विधानसभा के लिए चुनाव भी छह महीने के अंदर ही होने वाले हैं. क्या तेज प्रताप यादव को भी माफी मिल पाएगी? Advertisement तेज प्रताप यादव के स्टेटस अपडेट को लालू यादव ने 'गैर-जिम्मेदाराना आचरण' करार दिया है, और उसे पारिवारिक मूल्यों और सार्वजनिक शिष्टाचार से हटने की बात मानी है - और उनको राष्ट्रीय जनता दल से 6 साल के लिए निकाले जाने के साथ ही परिवार से भी बेदखल कर दिया गया है. असल में, तेज प्रताप यादव ने अपनी फेसबुक पोस्ट में रिलेशनशिप की जानकारी दी थी. रिश्ते के बारे में दो बार फोटो के साथ पोस्ट लिखा, और दोनो बार पोस्ट को डिलीट भी कर दिया. तेज प्रताप ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर भी फोटो पोस्ट कर रिश्ते को सार्वजनिक कर दिया. बाद में तेज प्रताप ने एक्स से भी पोस्ट को डिलीट कर दिया और अकाउंट हैक होने का दावा किया. लेकिन, तेज प्रताप के सारे दावे तब गलत साबित हुए जब उनके पिता लालू यादव ने एक के बाद एक पोस्ट करके तेज प्रताप के खिलाफ एक्शन की जानकारी दी.निजी जिंदगी की बात तो अपनी जगह है ही, तेज प्रताप के सामने राजनीतिक तौर पर भी मुश्किलें आ खड़ी हुई हैं. तेज प्रताप बिहार के स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं, और फिलहाल विधायक हैं. कुछ ही महीने में बिहार में चुनाव होने वाले हैं. अगर सब कुछ ठीक रहता तो वो फिर से आरजेडी के टिकट पर चुनाव जरूर लड़ते. लेकिन, अभी तो ये असंभव सा हो गया है. Advertisement मुश्किल ये है कि वो पार्टी में भी नहीं है. ऐसा भी नहीं कि उनकी अपनी कोई राजनीतिक पहचान बन चुकी हो, क्योंकि अब भी वो लालू यादव के बेटे के तौर पर ही जाने जाते हैं. ये ठीक है कि समय समय पर कोई न कोई संगठन भी बनाते रहे हैं, लेकिन कभी गंभीरता से काम करते तो नहीं ही देखे गये. आकाश आनंद की तरह अपने बयानों के लिए कभी विवादों में नहीं आये, लेकिन उनकी हरकतें जरूर विवादों में रही हैं. कभी कृष्ण बनकर रोमांटिक रोल में वृंदावन में धुनी जमा देने, तो कभी शिव का रूप धारण कर मस्त मौला वाले अंदाज में रहने वाले तेज प्रताप को अचानक एक साथ दो दो मोर्चों पर जूझना पड़ रहा है - निजी जिंदगी और राजनीतिक कॅरियर के मामले में भी.आकाश आनंद मायावती के भतीजे हैं, जबकि तेज प्रताप लालू यादव के बड़े बेटे हैं. तेज प्रताप तो पहले से ही मलाल पाले हुए हैं कि बड़ा बेटा होने के बावजूद लालू यादव ने उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव को अपनी राजनीतक विरासत सौंप दी है - अब सवाल उठता है क जैसे आकाश आनंद को मायावती ने पूरी तरह माफ कर दिया है, क्या तेज प्रताप को भी लालू यादव वैसे ही माफी दे देंगे? ये भी देखें
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