बीजेपी कैसे करेगी इस सीट पर टीएमसी का मुकाबला?
टीएमसी ने उनपर दोबारा भरोसा जताया है. उनका मुकाबला सीपीएम के शेख इब्राहिम से है. इस सीट से बीजेपी ने सिद्धार्थ नस्कर को उतारा है. जबकि कांग्रेस की ओर से डॉ लक्ष्मण चंद्र सेठ चुनाव मैदान में हैं. मुख्य मुकाबला टीएमसी के दिब्येंदु अधिकारी और सीपीएम के शेख इब्राहिम के बीच ही है.
इस सीट पर पहले कांग्रेस का कब्जा था. उसके बाद सीपीएम ने लगातार इस सीट से जीत हासिल की. टीएमसी ने 2009 में उलटफेर किया और इस सीट को अपने कब्जे में कर लिया. 2009 से लगातार टीएमसी सांसद इस इलाके का प्रतिनिधित्व कर रहा है. 1952 में सबसे पहले इस सीट से सतीश चंद्र सामंत चुने गए. सामंत ने लगातार 1977 तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया. बीच में 1967 और 1971 का चुनाव वो बंगाल कांग्रेस के टिकट से लड़कर जीते. इमरजेंसी के बाद हुए 1977 के चुनाव में भारतीय लोकदल के प्रत्याशी सुशील कुमार धारा इस सीट से जीते. 1980 के चुनाव में तमलुक सीट सीपीएम के खाते में चली गई. सीपीएम के सत्यगोपाल मिश्रा ने लगातार 1996 तक इस सीट से सांसद रहे. 1996 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के जयंत भट्टाचार्य ने इस सीट से जीत हासिल की. इसके 1998 के चुनाव में सीपीएम ने एक बार से वापसी की. 1998 से लेकर 2009 तक इस सीट से सीपीएम के लक्ष्मण चंद्र सेठ सांसद चुने गए. 2009 के चुनाव में टीएमसी ने सीपीएम के वर्चस्व को तोड़ा. इस सीट से सुवेंदु अधिकारी सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे. 2014 के चुनाव में सुवेंदु अधिकारी दोबारा चुने गए. टीएमसी ने इस पर अपना कब्जा बरकरार रखा.2014 के चुनाव में टीएमसी के सुवेंदु अधिकारी ने सीपीएम के उम्मीदवार शेख इब्राहिम को करारी शिकस्त दी. सुवेंदु अधिकारी ने 2 लाख से ज्यादा के वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी. 2016 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने ये सीट खाली कर दी. नंदीग्राम से विधायक बनने के बाद वो राज्य सरकार में मंत्री बनाए गए. इसके बाद 2016 में हुए उपचुनाव में सुवेंदु अधिकारी के छोटे भाई दिब्येंदु अधिकारी को टीएमसी ने चुनाव मैदान में उतारा. दिब्येंदु अधिकारी सीपीएम के उम्मीदवार मंदिरा पांडा को हराकर इस सीट से सांसद चुने गए. 2019 के चुनावों में भी टीएमसी ने उनपर भरोसा दिखाते हुए चुनाव मैदान में उतारा है.सुवेंदु और दिब्येंदु अधिकारी टीएमसी सांसद और मनमोहन सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री रहे शिशिर कुमार अधिकारी के बेटे हैं. शिशिर कुमार अधिकारी पश्चिम बंगाल के कांठी लोकसभा सीट से सांसद हैं.तमलुक लोकसभा सीट का इलाका पान की खेती के लिए मशहूर है. 60 फीसदी से अधिक कृषि पर आधारित इस इलाके के ज्यादातर हिस्से में पान की खेती ही होती है. यहां से पान की सप्लाई देश में ही नहीं बल्कि विदेशों तक में होती है.
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