ट्रम्प ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए, लोहा-स्टील समेत 4 धातुओं का निर्यात नहीं कर सकेगा

United States News News

ट्रम्प ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए, लोहा-स्टील समेत 4 धातुओं का निर्यात नहीं कर सकेगा
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 Dainik Bhaskar
  • ⏱ Reading Time:
  • 128 sec. here
  • 4 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 54%
  • Publisher: 51%

अमेरिका /ट्रम्प ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए, लोहा-स्टील समेत 4 धातुओं का निर्यात नहीं कर सकेगा DonaldTrump Iran

लोहा, स्टील, एल्युमीनियम और तांबा ईरान के कुल निर्यात का 10% हिस्सा‘दूसरे देशों से भी यही कहना चाहते हैं कि ईरान से आने वाली धातुओं को अपने बंदरगाहों पर न उतरने दें’अमेरिका ने ईरान पर बुधवार को नए प्रतिबंध लगाए हैं। ये प्रतिबंध लोहा, स्टील, एल्युमीनियम और तांबे के निर्यात पर लगाए गए हैं। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ईरान के कुल निर्यात का 10% इन्हीं धातुओं के निर्यात से मिलता है। अमेरिका के नए प्रतिबंधों से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है।ट्रम्प ने कहा, ‘‘मैंने ईरान के लोहा, स्टील, एल्युमीनियम और तांबा सेक्टर पर प्रतिबंध लगाने के आदेश पर दस्तखत कर दिए हैं। ईरान के निर्यात राजस्व का सबसे बड़ा गैर-पेट्रोलियम स्रोत यही है। प्रतिबंधों का मकसद ईरान को धातुओं के निर्यात से होने वाले राजस्व में कटौती करना है। हम दूसरे देशों से भी यही कहना चाहते हैं कि ईरान से आने वाले स्टील और अन्य धातुओं को अपने बंदरगाहों पर न उतरने दें।’’ट्रम्प ने ईरानी अधिकारियों से मिलने की भी इच्छा जताई है। साथ ही आदेश में यह भी कहा कि ईरान धातुओं के निर्यात से मिलने वाली रकम को बड़े पैमाने पर हथियारों की खरीद, आतंकी गुटों और उनके नेटवर्क को मदद देने और सैन्य विस्तार में इस्तेमाल कर सकता है। ट्रम्प के मुताबिक- अमेरिका इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि ईरान किसी भी रूप से परमाणु हथियार और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को आगे न बढ़ा सके।ईरान ने बुधवार को 2015 की एटमी डील की कुछ शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद ही अमेरिका ने उस पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। ईरान, रूस, चीन, फ्रांस, यूके और जर्मनी समझौते में शामिल हैं। 2018 में अमेरिका ने खुद को इस समझौते से अलग कर लिया था।अप्रैल में अमेरिकी सरकार ने फैसला लिया कि ईरान से तेल आयात करने वाले देशों को अब प्रतिबंधों से कोई छूट नहीं दी जाएगी। मई में भारत समेत 8 देशों को प्रतिबंधों में मिली छूट की मियाद खत्म हो रही है। व्हाइट हाउस की सचिव सारा सैंडर्स के मुताबिक, इसके फैसले का मकसद ईरान का तेल आयात शून्य करना है। सैंडर्स ने कहा कि दुनिया के सबसे ज्यादा ऊर्जा उत्पादक देश अमेरिका, सऊदी अरब और यूएई अपने साथियों के साथ इस बात को लेकर प्रतिबद्ध हैं कि वैश्विक तेल बाजार में पर्याप्त मात्रा में सप्लाई होती रहे। उधर, सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार इस फैसले का अध्ययन कर रही है और सही वक्त आने पर इस पर कुछ कहेगी।दो दिन पहले ही अमेरिका ने मध्यपूर्व में अपना नौसैना आक्रमण दल तैनात करने का फैसला किया। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा कि इसका मकसद ईरान को साफ संदेश देना है कि अगर उन्होंने अमेरिका या उसके मित्र देशों के हितों का नुकसान किया तो उसे हमारी बेरहम ताकत का सामना करना पड़ेगा। बोल्टन ने कहा, “हम ईरान से युद्ध नहीं करना चाहते, लेकिन किसी भी हमले का जवाब देने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। फिर चाहे वह किसी छद्म तरीके से हो या ईरान की सेनाओं की तरफ से।”.

लोहा, स्टील, एल्युमीनियम और तांबा ईरान के कुल निर्यात का 10% हिस्सा‘दूसरे देशों से भी यही कहना चाहते हैं कि ईरान से आने वाली धातुओं को अपने बंदरगाहों पर न उतरने दें’अमेरिका ने ईरान पर बुधवार को नए प्रतिबंध लगाए हैं। ये प्रतिबंध लोहा, स्टील, एल्युमीनियम और तांबे के निर्यात पर लगाए गए हैं। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ईरान के कुल निर्यात का 10% इन्हीं धातुओं के निर्यात से मिलता है। अमेरिका के नए प्रतिबंधों से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है।ट्रम्प ने कहा, ‘‘मैंने ईरान के लोहा, स्टील, एल्युमीनियम और तांबा सेक्टर पर प्रतिबंध लगाने के आदेश पर दस्तखत कर दिए हैं। ईरान के निर्यात राजस्व का सबसे बड़ा गैर-पेट्रोलियम स्रोत यही है। प्रतिबंधों का मकसद ईरान को धातुओं के निर्यात से होने वाले राजस्व में कटौती करना है। हम दूसरे देशों से भी यही कहना चाहते हैं कि ईरान से आने वाले स्टील और अन्य धातुओं को अपने बंदरगाहों पर न उतरने दें।’’ट्रम्प ने ईरानी अधिकारियों से मिलने की भी इच्छा जताई है। साथ ही आदेश में यह भी कहा कि ईरान धातुओं के निर्यात से मिलने वाली रकम को बड़े पैमाने पर हथियारों की खरीद, आतंकी गुटों और उनके नेटवर्क को मदद देने और सैन्य विस्तार में इस्तेमाल कर सकता है। ट्रम्प के मुताबिक- अमेरिका इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि ईरान किसी भी रूप से परमाणु हथियार और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को आगे न बढ़ा सके।ईरान ने बुधवार को 2015 की एटमी डील की कुछ शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद ही अमेरिका ने उस पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। ईरान, रूस, चीन, फ्रांस, यूके और जर्मनी समझौते में शामिल हैं। 2018 में अमेरिका ने खुद को इस समझौते से अलग कर लिया था।अप्रैल में अमेरिकी सरकार ने फैसला लिया कि ईरान से तेल आयात करने वाले देशों को अब प्रतिबंधों से कोई छूट नहीं दी जाएगी। मई में भारत समेत 8 देशों को प्रतिबंधों में मिली छूट की मियाद खत्म हो रही है। व्हाइट हाउस की सचिव सारा सैंडर्स के मुताबिक, इसके फैसले का मकसद ईरान का तेल आयात शून्य करना है। सैंडर्स ने कहा कि दुनिया के सबसे ज्यादा ऊर्जा उत्पादक देश अमेरिका, सऊदी अरब और यूएई अपने साथियों के साथ इस बात को लेकर प्रतिबद्ध हैं कि वैश्विक तेल बाजार में पर्याप्त मात्रा में सप्लाई होती रहे। उधर, सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार इस फैसले का अध्ययन कर रही है और सही वक्त आने पर इस पर कुछ कहेगी।दो दिन पहले ही अमेरिका ने मध्यपूर्व में अपना नौसैना आक्रमण दल तैनात करने का फैसला किया। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा कि इसका मकसद ईरान को साफ संदेश देना है कि अगर उन्होंने अमेरिका या उसके मित्र देशों के हितों का नुकसान किया तो उसे हमारी बेरहम ताकत का सामना करना पड़ेगा। बोल्टन ने कहा, “हम ईरान से युद्ध नहीं करना चाहते, लेकिन किसी भी हमले का जवाब देने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। फिर चाहे वह किसी छद्म तरीके से हो या ईरान की सेनाओं की तरफ से।”

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Dainik Bhaskar /  🏆 19. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

आज से ईरान से तेल नहीं ले पाएगा भारत | DW | 02.05.2019आज से ईरान से तेल नहीं ले पाएगा भारत | DW | 02.05.2019अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण भारत अब तेहरान से तेल नहीं खरीद पाएगा. इससे भारत पर व्यापक असर पड़ेगा. इस प्रतिबंध के पालन में मसूद अजहर भी एक फैक्टर है. इसके अलावा भारत को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?
Read more »

ईरान को धमकाने के लिए अमेरिका ने तैनात किया विमानवाहक पोत, तनाव बढ़ने के आसारईरान को धमकाने के लिए अमेरिका ने तैनात किया विमानवाहक पोत, तनाव बढ़ने के आसारअमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से और सख्त होते हुए भूमध्य सागर में विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन करियर स्ट्राइक ग्रुप की तैनाती कर दी है। USA Iran
Read more »

अमेरिका ने बढ़ा दी भारत की टेंशन, नहीं मिलेगा सस्ते दर पर कच्चा तेलअमेरिका ने बढ़ा दी भारत की टेंशन, नहीं मिलेगा सस्ते दर पर कच्चा तेलईरान से भारत सस्ते दर पर कच्चे तेल का आयात करता था। लेकिन अमेरिका के ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद भारत की टेंशन बढ़ गई है।
Read more »

क्या युद्ध की कग़ार पर खड़े हैं अमरीका और ईरानक्या युद्ध की कग़ार पर खड़े हैं अमरीका और ईरानअमरीका ने मध्य पूर्व में अपना युद्धपोत ऐसे वक़्त में भेजा है जब उसके और ईरान के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं.
Read more »

तेल में लगेगी आग? भारत की मुश्किल बढ़ेगी, ट्रंप ने खड़े किए हाथतेल में लगेगी आग? भारत की मुश्किल बढ़ेगी, ट्रंप ने खड़े किए हाथअमेरिका ने सोमवार को कहा कि वह भारत को ईरान के सस्ते तेल का आयात रोकने से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिये भारत को कम दरों पर कच्चा तेल बेचने का भरोसा नहीं दे सकता है.
Read more »

ट्रंप के प्रतिबंधों के साए में कैसा है ईरान? | DW | 07.05.2019ट्रंप के प्रतिबंधों के साए में कैसा है ईरान? | DW | 07.05.2019अलीरेजा पहले ईरान में बेहतर जीवन के सपने देखा करते थे, उन्हें उम्मीद थी कि अपनी गाड़ी होगा, घर होगा. एक साल पहले जब अमेरिका ने ईरान पर दोबारा से प्रतिबंध लगाए तो उनकी नौकरी छूट गई और सारे सपने बिखर गए.
Read more »

परमाणु समझौते से ईरान भी आंशिक रूप से अलग हुआपरमाणु समझौते से ईरान भी आंशिक रूप से अलग हुआईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इराक़ का औचक दौरा किया.
Read more »

ईरान ने की परमाणु समझौते से आंशिक रूप से बाहर निकलने की घोषणा | DW | 08.05.2019ईरान ने की परमाणु समझौते से आंशिक रूप से बाहर निकलने की घोषणा | DW | 08.05.2019परमाणु समझौते सालों की बातचीत के बाद सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों और जर्मनी के साथ किया गया था. इसका लक्ष्य ईरान के परमाणु सत्ता बनने की क्षमता को रोकना था. Iran America nucleardeal
Read more »

ईरान और अमरीका में दुश्मनी की पूरी कहानीईरान और अमरीका में दुश्मनी की पूरी कहानीइस्लामिक रिपब्लिक ईरान से चार दशकों की असहमति का नतीजा यह मिला कि इससे न तो ईरान ने घुटने टेके और न इलाक़े में शांति स्थापित हुई.
Read more »

आखिर अमेरिका के ताकत के आगे झुक गया ईरान, परमाणु समझौते से बनाई दूरी, और कहा...आखिर अमेरिका के ताकत के आगे झुक गया ईरान, परमाणु समझौते से बनाई दूरी, और कहा...रूहानी ने कहा कि ईरान समझौते में शेष बचे साझेदारों के साथ नयी शर्तों पर बातचीत करना चाहता है लेकिन यह भी माना की स्थिति भयावह है.
Read more »

परमाणु समझौते पर ईरान ने पश्चिमी देशों के सामने रखी शर्तपरमाणु समझौते पर ईरान ने पश्चिमी देशों के सामने रखी शर्तईरान ने परमाणु समझौते से खुद को आंशिक तौर पर अलग करने का फ़ैसला किया है. इस पर पश्चिमी देशों की क्या प्रतिक्रिया है.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 05:35:13