ट्रम्प जन्मसिद्ध नागरिकता पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में शामिल होने की योजना बना रहे हैं

राजनीति News

ट्रम्प जन्मसिद्ध नागरिकता पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में शामिल होने की योजना बना रहे हैं
डोनाल्ड ट्रम्पजन्मसिद्ध नागरिकतासुप्रीम कोर्ट
  • 📰 Amar Ujala
  • ⏱ Reading Time:
  • 194 sec. here
  • 10 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 98%
  • Publisher: 51%

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि वे जन्मसिद्ध नागरिकता से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे। यह कदम देश की शीर्ष अदालत में एक महत्वपूर्ण चुनौती का प्रतिनिधित्व करता है, जो गैर-नागरिक माता-पिता से पैदा हुए बच्चों को स्वचालित अमेरिकी नागरिकता प्रदान करने वाले मौजूदा कानून को बदलने के ट्रम्प के प्रयासों से संबंधित है। ट्रम्प का मानना है कि यह व्यवस्था गलत है और इसका दुरुपयोग हो रहा है, जिससे उन लोगों को नागरिकता मिल रही है जो इसे हासिल करने के हकदार नहीं हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वे जन्मसिद्ध नागरिकता के मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। देश की सर्वोच्च अदालत उनके उस कार्यकारी आदेश पर सुनवाई करने वाली है जिसमें उन्होंने इस पुरानी व्यवस्था को चुनौती दी है। जब ट्रम्प से पूछा गया कि क्या वे अदालत में मौजूद रहेंगे तो उन्होंने कहा, मुझे लगता है ऐसा ही होगा, मैं जरूर जाऊंगा। मैंने इस बहस को बहुत लंबे समय से सुना है। यह पूरा मामला ट्रम्प की उस कोशिश पर टिका है जिसमें वे अमेरिका में गैर-नागरिक

माता-पिता से पैदा होने वाले बच्चों को मिलने वाली स्वचालित नागरिकता को खत्म करना चाहते हैं। वर्तमान में यह व्यवस्था संविधान के 14वें संशोधन के तहत लागू है। ट्रम्प ने इस कानून को इतिहास के संदर्भ में पेश किया। उन्होंने कहा कि यह कानून गृहयुद्ध के बाद के समय के लिए था। उनके अनुसार इसका असली मकसद पूर्व गुलामों के बच्चों को सुरक्षा देना और उन्हें नागरिकता का अधिकार दिलाना था। ट्रम्प ने तर्क दिया कि आज इस नीति का इस्तेमाल इसके असली उद्देश्य से भटक गया है। उन्होंने कहा कि यह कानून उन करोड़पतियों और अरबपतियों के बच्चों को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए नहीं बना था जो केवल इसी मकसद से यहां आते हैं। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह गलत बताया। ट्रम्प ने कहा, यह सबसे अजीब बात है जो मैंने कभी देखी है। कानूनी जानकारों ने वर्षों से इसे बहुत खराब तरीके से संभाला है। राष्ट्रपति ने इस नीति के गलत इस्तेमाल की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोग यहां आते हैं और उन्हें बताया जाता है कि उनका पूरा परिवार अब अमेरिका का नागरिक बन जाएगा। ट्रम्प को अपनी कानूनी दलीलों पर भरोसा है लेकिन उन्होंने जजों के फैसलों को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की। उन्होंने डेमोक्रेटिक राष्ट्रपतियों द्वारा नियुक्त जजों का जिक्र करते हुए कहा, भले ही आपका केस कितना भी मजबूत क्यों न हो वे आपके खिलाफ ही फैसला सुनाएंगे। उन्होंने इसकी तुलना रिपब्लिकन द्वारा नियुक्त जजों से करते हुए कहा कि वे अक्सर स्वतंत्र रूप से फैसला सुनाकर यह साबित करना चाहते हैं कि वे कितने ईमानदार हैं। पिछले कुछ वर्षों में यह मुद्दा काफी राजनीतिक हो गया है। रिपब्लिकन पार्टी इस पर कड़े प्रतिबंध लगाने के पक्ष में है जबकि डेमोक्रेट्स इसे एक बुनियादी संवैधानिक गारंटी मानते हैं। 14वां संशोधन साल 1868 में गृहयुद्ध के बाद लागू हुआ था। इसका उद्देश्य यह पक्का करना था कि पूर्व गुलामों और उनके वंशजों को अमेरिकी नागरिक के रूप में पहचान मिले। हालांकि कानूनी विशेषज्ञ इस पर बहस करते रहे हैं लेकिन अदालतों ने हमेशा इसकी व्यापक व्याख्या की है। यही वजह है कि इस व्यवस्था में किसी भी बदलाव के लिए कड़ी न्यायिक समीक्षा के अधीन हो जाता है। इस मामले में ट्रम्प की भागीदारी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जो इस मुद्दे को और अधिक सार्वजनिक ध्यान दिलाएगा। इस सुनवाई में ट्रम्प की उपस्थिति, उनके रुख को और मजबूती प्रदान करेगी और उनके समर्थकों को प्रेरित करेगी। यह मामला अमेरिकी समाज में गहरी बहस को जन्म देता है, जो नागरिकता, आव्रजन और संविधान की व्याख्या से संबंधित है। अदालत का फैसला इस मुद्दे पर एक निर्णायक मोड़ हो सकता है और भविष्य की नीतियों को प्रभावित कर सकता है। ट्रम्प का मानना है कि वर्तमान कानून का दुरुपयोग हो रहा है और यह उन लोगों को नागरिकता देने के लिए बनाया गया है जो यहां गलत तरीके से आते हैं। वह इसे बदलना चाहते हैं ताकि केवल योग्य और वैध तरीके से आने वाले लोगों को ही नागरिकता मिले। ट्रम्प का मानना है कि मौजूदा कानून राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा है। उनका मानना है कि इस कानून के कारण अमेरिका में गैरकानूनी आव्रजन बढ़ रहा है और इससे देश के संसाधनों पर बोझ पड़ रहा है। ट्रम्प इस मुद्दे को अपनी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा मानते हैं और इस पर लगातार जोर दे रहे हैं। उनका मानना है कि इस मुद्दे पर जनता का समर्थन हासिल करने से उन्हें आगामी चुनावों में फायदा होगा। इस मामले में ट्रम्प का रुख अमेरिकी राजनीति में एक ध्रुवीकरण का कारण बन गया है। डेमोक्रेट्स ट्रम्प के इस कदम का विरोध कर रहे हैं और इसे संविधान के खिलाफ बता रहे हैं। वे इस मामले में न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान करने की बात कर रहे हैं। इस मामले पर विभिन्न कानूनी विशेषज्ञों और विद्वानों के बीच भी अलग-अलग राय हैं। कुछ का मानना है कि ट्रम्प का तर्क कमजोर है जबकि अन्य उनके दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं। इस मुद्दे पर हो रही बहस अमेरिकी समाज के मूल्यों और सिद्धांतों पर प्रकाश डालती है। इस मामले में अदालत का फैसला अमेरिका के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है और इसके दूरगामी परिणाम क्या होंगे। इस मामले में ट्रम्प की सक्रियता एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है जो अमेरिकी राजनीति को प्रभावित कर रहा है। यह मामला नागरिकता की परिभाषा और आव्रजन नीतियों पर चल रही बहस को और तेज कर देगा। ट्रम्प का मानना है कि वे इस मामले में जीत हासिल करेंगे और उनकी नीतियों को लागू किया जाएगा

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Amar Ujala /  🏆 12. in İN

डोनाल्ड ट्रम्प जन्मसिद्ध नागरिकता सुप्रीम कोर्ट नागरिकता आव्रजन

 

United States Latest News, United States Headlines



Render Time: 2026-04-01 17:05:22