आतंकियों को पैसा पहुंचाने का मामला: पाकिस्तान उच्चायोग की भूमिका पर ईडी की निगाह terrorfunding
{"_id":"5c88844fbdec22147760eca6","slug":"terror-funding-in-kashmir-ed-probing-role-of-pakistan-high-commission-in-new-delhi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":";टेरर ;फंडिंग ;मामला: ;ईडी ;का ;आरोप- ;पाकिस्तान ;उच्चायोग ;ने ;आतंकियों ;को ;पैसा ;पहुंचाया","category":{"title":"India News","title_hn":";देश","slug":"india-news"}}न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हुर्रियत नेताओं के जरिए आतंकी फंडिंग के आरोपों में कश्मीरी व्यवसायी जहूर अहमद शाह वटाली की एक करोड़ रुपये से अधिक की गुड़गांव की संपत्ति को कुर्क करने के बाद, एजेंसी आने वाले दिनों में छह करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क कर सकता है। द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने अपनी जांच में पाया है कि कश्मीरी अलगाववादियों को कथित तौर पर भारत में अशांति फैलाने के लिए सीमा पार से कम से कम 7 करोड़ रुपये मिले हैं। इसे अपराध के जरिए कमाया हुआ धन करार देते हुए ईडी ने आरोप लगाया है कि इन पैसों को भारत में मौजूद रैकेट और पाकिस्तान उच्चायोग के जरिए बांटा गया था। एजेंसी ने दावा किया है कि गुलाम मोहम्मद भट्ट के घर की तलाशी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों से इसकी पुष्टि की गई है। भट्ट ने वटाली के साथ बतौर कैशियर और अकाउंटेंट काम किया था। द इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि तमाम कोशिशों के बावजूद पाकिस्तान उच्चायोग तक उनकी प्रतिक्रिया के लिए नहीं पहुंचा जा सका। पाकिस्तान उच्चायोग के प्रवक्ता ने भेजे गए एसएमएस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उच्चायोग के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की कि यह नंबर पाकिस्तान उच्चायोग के प्रवक्ता का है। ईडी का मुकदमा लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के खिलाफ एनआईए द्वारा दायर एक चार्जशीट पर आधारित है। एजेंसी का आरोप है कि लश्कर और हिजबुल कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं के जरिए पैसे मुहैया कराता है। एनआईए ने मंगलवार को मीरवाइज उमर फारूक को दिल्ली में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह"सुरक्षा को खतरा" का हवाला देते हुए पेश नहीं हुआ। ईडी ने एक बयान में दावा किया, “दस्तावेज से पता चलता है कि जहूर अहमद शाह वटाली हाफिज सईद से, आईएसआई से, नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग से और दुबई स्थित एक स्रोत से भी पैसे प्राप्त कर रहा था। इसके बाद वटाली इन पैसों को हुर्रियत नेताओं, अलगाववादियों और जम्मू-कश्मीर के पत्थरबाजों को बांटता था।" बयान मे यह भी बताया गया है कि वटाली इन दस्तावेज को अपने नियमित व्यापार में शामिल किए हुए था और इन पर उसके दस्तखत हैं। ईडी के बयान में कहा गया है कि “यह दस्तावेज स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि हुर्रियत नेता पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों और वटाली के जरिए पाकिस्तान से धन प्राप्त कर रहे थे। वटाली के हस्ताक्षर को भी सत्यापित किया गया है। विशेषज्ञ की रिपोर्ट के मुताबिक दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर और उसके लिखावट का नमूने के साथ-साथ उसकी खुद की लिखावट एक जैसे हैं।"प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हुर्रियत नेताओं के जरिए आतंकी फंडिंग के आरोपों में कश्मीरी व्यवसायी जहूर अहमद शाह वटाली की एक करोड़ रुपये से अधिक की गुड़गांव की संपत्ति को कुर्क करने के बाद, एजेंसी आने वाले दिनों में छह करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क कर सकता है।द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने अपनी जांच में पाया है कि कश्मीरी अलगाववादियों को कथित तौर पर भारत में अशांति फैलाने के लिए सीमा पार से कम से कम 7 करोड़ रुपये मिले हैं। इसे अपराध के जरिए कमाया हुआ धन करार देते हुए ईडी ने आरोप लगाया है कि इन पैसों को भारत में मौजूद रैकेट और पाकिस्तान उच्चायोग के जरिए बांटा गया था। एजेंसी ने दावा किया है कि गुलाम मोहम्मद भट्ट के घर की तलाशी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों से इसकी पुष्टि की गई है। भट्ट ने वटाली के साथ बतौर कैशियर और अकाउंटेंट काम किया था। द इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि तमाम कोशिशों के बावजूद पाकिस्तान उच्चायोग तक उनकी प्रतिक्रिया के लिए नहीं पहुंचा जा सका। पाकिस्तान उच्चायोग के प्रवक्ता ने भेजे गए एसएमएस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उच्चायोग के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की कि यह नंबर पाकिस्तान उच्चायोग के प्रवक्ता का है। ईडी का मुकदमा लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के खिलाफ एनआईए द्वारा दायर एक चार्जशीट पर आधारित है। एजेंसी का आरोप है कि लश्कर और हिजबुल कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं के जरिए पैसे मुहैया कराता है। एनआईए ने मंगलवार को मीरवाइज उमर फारूक को दिल्ली में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह"सुरक्षा को खतरा" का हवाला देते हुए पेश नहीं हुआ।ईडी ने एक बयान में दावा किया, “दस्तावेज से पता चलता है कि जहूर अहमद शाह वटाली हाफिज सईद से, आईएसआई से, नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग से और दुबई स्थित एक स्रोत से भी पैसे प्राप्त कर रहा था। इसके बाद वटाली इन पैसों को हुर्रियत नेताओं, अलगाववादियों और जम्मू-कश्मीर के पत्थरबाजों को बांटता था।" बयान मे यह भी बताया गया है कि वटाली इन दस्तावेज को अपने नियमित व्यापार में शामिल किए हुए था और इन पर उसके दस्तखत हैं। ईडी के बयान में कहा गया है कि “यह दस्तावेज स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि हुर्रियत नेता पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों और वटाली के जरिए पाकिस्तान से धन प्राप्त कर रहे थे। वटाली के हस्ताक्षर को भी सत्यापित किया गया है। विशेषज्ञ की रिपोर्ट के मुताबिक दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर और उसके लिखावट का नमूने के साथ-साथ उसकी खुद की लिखावट एक जैसे हैं।"विज्ञापन.
{"_id":"5c88844fbdec22147760eca6","slug":"terror-funding-in-kashmir-ed-probing-role-of-pakistan-high-commission-in-new-delhi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":";टेरर ;फंडिंग ;मामला: ;ईडी ;का ;आरोप- ;पाकिस्तान ;उच्चायोग ;ने ;आतंकियों ;को ;पैसा ;पहुंचाया","category":{"title":"India News","title_hn":";देश","slug":"india-news"}}न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हुर्रियत नेताओं के जरिए आतंकी फंडिंग के आरोपों में कश्मीरी व्यवसायी जहूर अहमद शाह वटाली की एक करोड़ रुपये से अधिक की गुड़गांव की संपत्ति को कुर्क करने के बाद, एजेंसी आने वाले दिनों में छह करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क कर सकता है। द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने अपनी जांच में पाया है कि कश्मीरी अलगाववादियों को कथित तौर पर भारत में अशांति फैलाने के लिए सीमा पार से कम से कम 7 करोड़ रुपये मिले हैं। इसे अपराध के जरिए कमाया हुआ धन करार देते हुए ईडी ने आरोप लगाया है कि इन पैसों को भारत में मौजूद रैकेट और पाकिस्तान उच्चायोग के जरिए बांटा गया था। एजेंसी ने दावा किया है कि गुलाम मोहम्मद भट्ट के घर की तलाशी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों से इसकी पुष्टि की गई है। भट्ट ने वटाली के साथ बतौर कैशियर और अकाउंटेंट काम किया था। द इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि तमाम कोशिशों के बावजूद पाकिस्तान उच्चायोग तक उनकी प्रतिक्रिया के लिए नहीं पहुंचा जा सका। पाकिस्तान उच्चायोग के प्रवक्ता ने भेजे गए एसएमएस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उच्चायोग के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की कि यह नंबर पाकिस्तान उच्चायोग के प्रवक्ता का है। ईडी का मुकदमा लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के खिलाफ एनआईए द्वारा दायर एक चार्जशीट पर आधारित है। एजेंसी का आरोप है कि लश्कर और हिजबुल कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं के जरिए पैसे मुहैया कराता है। एनआईए ने मंगलवार को मीरवाइज उमर फारूक को दिल्ली में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह"सुरक्षा को खतरा" का हवाला देते हुए पेश नहीं हुआ। ईडी ने एक बयान में दावा किया, “दस्तावेज से पता चलता है कि जहूर अहमद शाह वटाली हाफिज सईद से, आईएसआई से, नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग से और दुबई स्थित एक स्रोत से भी पैसे प्राप्त कर रहा था। इसके बाद वटाली इन पैसों को हुर्रियत नेताओं, अलगाववादियों और जम्मू-कश्मीर के पत्थरबाजों को बांटता था।" बयान मे यह भी बताया गया है कि वटाली इन दस्तावेज को अपने नियमित व्यापार में शामिल किए हुए था और इन पर उसके दस्तखत हैं। ईडी के बयान में कहा गया है कि “यह दस्तावेज स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि हुर्रियत नेता पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों और वटाली के जरिए पाकिस्तान से धन प्राप्त कर रहे थे। वटाली के हस्ताक्षर को भी सत्यापित किया गया है। विशेषज्ञ की रिपोर्ट के मुताबिक दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर और उसके लिखावट का नमूने के साथ-साथ उसकी खुद की लिखावट एक जैसे हैं।"प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हुर्रियत नेताओं के जरिए आतंकी फंडिंग के आरोपों में कश्मीरी व्यवसायी जहूर अहमद शाह वटाली की एक करोड़ रुपये से अधिक की गुड़गांव की संपत्ति को कुर्क करने के बाद, एजेंसी आने वाले दिनों में छह करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क कर सकता है।द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने अपनी जांच में पाया है कि कश्मीरी अलगाववादियों को कथित तौर पर भारत में अशांति फैलाने के लिए सीमा पार से कम से कम 7 करोड़ रुपये मिले हैं। इसे अपराध के जरिए कमाया हुआ धन करार देते हुए ईडी ने आरोप लगाया है कि इन पैसों को भारत में मौजूद रैकेट और पाकिस्तान उच्चायोग के जरिए बांटा गया था। एजेंसी ने दावा किया है कि गुलाम मोहम्मद भट्ट के घर की तलाशी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों से इसकी पुष्टि की गई है। भट्ट ने वटाली के साथ बतौर कैशियर और अकाउंटेंट काम किया था। द इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि तमाम कोशिशों के बावजूद पाकिस्तान उच्चायोग तक उनकी प्रतिक्रिया के लिए नहीं पहुंचा जा सका। पाकिस्तान उच्चायोग के प्रवक्ता ने भेजे गए एसएमएस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उच्चायोग के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की कि यह नंबर पाकिस्तान उच्चायोग के प्रवक्ता का है। ईडी का मुकदमा लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के खिलाफ एनआईए द्वारा दायर एक चार्जशीट पर आधारित है। एजेंसी का आरोप है कि लश्कर और हिजबुल कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं के जरिए पैसे मुहैया कराता है। एनआईए ने मंगलवार को मीरवाइज उमर फारूक को दिल्ली में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह"सुरक्षा को खतरा" का हवाला देते हुए पेश नहीं हुआ।ईडी ने एक बयान में दावा किया, “दस्तावेज से पता चलता है कि जहूर अहमद शाह वटाली हाफिज सईद से, आईएसआई से, नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग से और दुबई स्थित एक स्रोत से भी पैसे प्राप्त कर रहा था। इसके बाद वटाली इन पैसों को हुर्रियत नेताओं, अलगाववादियों और जम्मू-कश्मीर के पत्थरबाजों को बांटता था।" बयान मे यह भी बताया गया है कि वटाली इन दस्तावेज को अपने नियमित व्यापार में शामिल किए हुए था और इन पर उसके दस्तखत हैं। ईडी के बयान में कहा गया है कि “यह दस्तावेज स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि हुर्रियत नेता पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों और वटाली के जरिए पाकिस्तान से धन प्राप्त कर रहे थे। वटाली के हस्ताक्षर को भी सत्यापित किया गया है। विशेषज्ञ की रिपोर्ट के मुताबिक दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर और उसके लिखावट का नमूने के साथ-साथ उसकी खुद की लिखावट एक जैसे हैं।"विज्ञापन
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
वायुसेना ने हमले की तस्वीरें भारत सरकार को सौंपीं, आतंकी कैंप को हुई काफी क्षति : सूत्रसूत्रों ने कहा कि सरकार को रविवार को 26 फरवरी को जैश-ए- मोहम्मद के शिविर पर किए गए हवाई हमले के सभी ‘सबूत’ दिए गए.
Read more »
दूसरों को बचाते हुए सीआईएसएफ सब इंस्पेक्टर की चली गई जान, जानें मामलाCISF सब इंस्पेक्टर महावीर प्रसाद गोदाना ने लोगों को बचाते हुए अपनी जान दे दी। बता दें कि बुधवार को दक्षिण दिल्ली में सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सामाजिक न्याय मंत्रालय के कार्यालय में आग लगी थी।
Read more »
118 साल की महिला को लगाया पेसमेकर, वर्ल्ड रिकॉर्ड की दावेदारी पेश की जाएगीdoctors at Ludhiana placed pacemaker by operating 118 years old lady | करतार कौर सांघा की सर्जरी लुधियाना के निजी अस्पताल में हुई, इससे पहले रिकाॅर्ड 107 साल की उम्र का करतार के भाई की उम्र 116 साल, 1945 में वे ब्रिटिश आर्मी से रिटायर हुए थे करतार भी सरकारी नौकरी में थीं, उनकी बेटी की उम्र 88 साल
Read more »
इन चार प्रधानमंत्रियों और तीन मुख्यमंत्रियों ने की थी अयोध्या मामला सुलझाने की कोशिश- Amarujalaइन चार प्रधानमंत्रियों और तीन मुख्यमंत्रियों ने की थी अयोध्या मामला सुलझाने की कोशिश AyodhyaRamMandir ayodhyamediation Ayodhya AyodhyaCase
Read more »
पाकिस्तान ने एफएटीएफ की समीक्षा इकाई से भारत को हटाने की मांग की- Amarujalaपाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने पेरिस स्थित संस्था एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्शल बिलिंगसलीआ को भेजे एक पत्र में ऐसा
Read more »
Lok Sabha Election 2019 Full Schedule : लोकसभा चुनाव में आपकी सीट पर कब होगी वोटिंग, पढ़ें पूरी डिटेलचुनाव आयोग ने रविवार को लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है. जिसके मुताबिक पहले चरण में 11 अप्रैल को 20 राज्यों की 91 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. इनमें आंध्र प्रदेश की 25, यूपी की 8, बिहार की 4, महाराष्ट्र की 7, अरुणाचल प्रदेश की 2, असम की 5, छत्तीसगढ़ की 1, जम्मू-कश्मीर की 2, मणिपुर की 1, मेघालय की 2, मिज़ोरम की 1, नागालैंड की 1, ओडिशा की 4, सिक्किम की 1, उत्तराखंड की 5, पश्चिम बंगाल की 2, लक्षद्वीप की 1, तेलंगाना की 17, त्रिपुरा की 1 और अंडमान की 1 सीटें शामिल हैं.
Read more »
VVIP हेलीकॉप्टर घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, फ्रांस में जब्त की बिचौलिए मिशेल की प्रॉपर्टीईडी ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले के आरोपी और मनी लॉड्रिंग मामले में गिरफ्तार हुए वकील गौतम खेतान के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की.
Read more »
नीरव मोदी ने पत्नी, बहन और पिता की कंपनियों को दिया पीएनबी से लिया पैसापंजाब नेशनल बैंक से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए नीरव मोदी द्वारा कथित रूप से डाइवर्ट किए गए 1015 मिलियन डॉलर में 927 मिलियन डॉलर की सुरागकशी प्रवर्तन निदेशालय ने कर ली है।
Read more »
