जानें, आखिर क्यों पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़नेवालों के पर्चे थोक में खारिज हुए-Navbharat Times

United States News News

जानें, आखिर क्यों पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़नेवालों के पर्चे थोक में खारिज हुए-Navbharat Times
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 NBT Hindi News
  • ⏱ Reading Time:
  • 177 sec. here
  • 4 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 74%
  • Publisher: 51%

जानें, आखिर क्यों पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़नेवालों के पर्चे थोक में खारिज हुए via NavbharatTimes ElectionsWithTimes

हाइलाइट्स:वाराणसी लोकसभा सीट पर 102 उम्मीदवारों ने भरे पर्चे, 70 से ज्यादा हुए खारिजकई उम्मीदवारों ने गलत हलफनामे तो कइयों ने बिना प्रस्तावक के ही भरे थे पर्चेपर्चा वापस लेने के समय पांच उम्मीदवारों ने अपने पर्चे वापस भी ले लिएअब वाराणशी में नरेंद्र मोदी के सामने सिर्फ 25 उम्मीदवार मैदान में हैंवाराणसी पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए देश के कई राज्यों से थोक में आए उम्मीदवारों की उम्मीदें थोक में पर्चा खारिज होने से ध्वस्त हो गईं। लोकसभा चुनाव 2019 में तेलंगाना की निजामाबाद लोकसभा सीट के बाद सबसे ज्यादा 102 उम्मीदवारों के पर्चा दाखिल करने के बाद 71 प्रत्याशियों का पर्चा किन कारणों से खारिज हुआ? यह जानने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह से एनबीटी ने बातचीत की तो कई चौंकाने वाले कारण सामने आए। एसपी के टिकट पर आखिरी दिन नामांकन करने वाले तेज बहादुर यादव का पर्चा किस कारण से खारिज हुआ सबको पता है कि अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दे सके लेकिन बाकी उम्मीदवारों का किस कारण हुआ, इसको जानकार आप भी चौंक जाएंगे। लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में 19 मई को होने वाले चुनाव के लिए वाराणसी संसदीय सीट पर 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक चली नामांकन प्रक्रिया के दौरान 102 उम्मीदवारों ने 119 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान 71 उम्मीदवारों के 88 पर्चे खारिज हो गए। पीएम मोदी से मुकाबले के लिए मैदान में सिर्फ 30 प्रत्याशी बचे। नामांकनपत्रों की वापसी के दौरान पांच प्रत्याशियों ने पर्चे वापस ले लिए, इस तरह पीएम मोदी को सियासी पिच पर टक्कर देने वाले सिर्फ 25 लोग हैं। प्रस्तावक पूरे न मिलने से सबसे ज्यादा पर्चे खारिज जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह से बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि जिन 71 लोगों के पर्चे खारिज हुए, उसमें सबसे ज्यादा संख्या ऐसे लोगों की थी, जो 10 प्रस्तावक भी नहीं जुटा सके। निर्वाचन आयोग के नियमानुसार, निर्दलीय उम्मीदवारों को 10 प्रस्तावकों की आवश्यकता होती है, जो जिस संसदीय क्षेत्र में चुनाव लड़ने के लिए आवेदन किए हों, वहां के होने चाहिए। लगभग दो दर्जन पर्चे इसी कारण खारिज हुए। कुछ ऐसे पर्चे भी खारिज किए गए, जिन्होंने 10 प्रस्तावकों के नाम तो लिखे थे लेकिन उनकी वोटर आईडी कार्ड की फोटोकॉपी नहीं जमा की थी और ना ही प्रस्तावकों के हस्ताक्षर किए थे। तेलंगाना से आए किसानों की संख्या इसमें सबसे ज्यादा थी। 'धरतीपकड़' सहित आधा दर्जनों ने लगाए थे पुराने शपथपत्र काशी के धरतीपकड़ कहे जाने वाले नरेंद्रनाथ दूबे 'अडिग' सहित प्रदेश के दूसरे राज्यों से कई प्रत्याशियों ने तो पुराने हलफनामे और शपथपत्र दाखिल करके ही नामांकनपत्र दाखिल कर दिए थे। इसकी जांच कराने पर पता चला कि यह पुराना हलफनामा है, जिसके कारण पर्चा खारिज हो गया। आयोग के नियमानुसार, प्रत्याशी को नामांकन के समय नया हलफनामा और शपथपत्र दाखिल करना होता है। दो प्रत्याशियों ने बिना जमानत राशि के ही किया था नामांकन पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की चाहत रखने में वाराणसी आए दो उम्मीदवार तो बिना जमानत राशि बैंक में जमा किए ही अंतिम दिन नामांकन कर दिया था। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान इनके द्वारा पेश बैंक के चालान की जांच करवाई गई तो पता चला कि किसी दूसरे प्रत्याशी के चालान फॉर्म में हेराफेरी करके पर्चा भर दिए थे, इनका भी नामांकन खारिज कर दिया गया। कोई मांगेगा तोप पर वोट तो कोई हेलिकॉप्टर पर पीएम नरेंद्र मोदी के सामने नामांकनपत्रों की वापसी के बाद जो 25 प्रत्याशी बचे हैं, उसमें कांग्रेस के अजय राय को हाथ, एसपी की शालिनी यादव को साइकल के अलावा थोक में जो निर्दल उम्मीदवार मैदान में हैं। उनको तरह-तरह के चुनाव चिन्ह दिए गए हैं। वाराणसी के मतदाताओं को कमल का फूल, हाथ, साइकल के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों को ट्रैक्टर चलाता किसान, लूडो, फुटबाल, आदमी और पाल युक्त नौका, हरी मिर्च, फलों से युक्त टोकरी, ऑटो रिक्शा, बल्लेबाज, तोप, कप और प्लेट, एयरकंडिशनर, माचिस की डिब्बी, छड़ी, हेलिकॉप्टर, पेन स्टैंड, ट्रक, केतली, चिमटा, दूरबीन, हीरा, खाने से भरी थाली, बेबी वॉकर, चूड़ियां आदि चुनाव चिह्न बांटे गए।.

हाइलाइट्स:वाराणसी लोकसभा सीट पर 102 उम्मीदवारों ने भरे पर्चे, 70 से ज्यादा हुए खारिजकई उम्मीदवारों ने गलत हलफनामे तो कइयों ने बिना प्रस्तावक के ही भरे थे पर्चेपर्चा वापस लेने के समय पांच उम्मीदवारों ने अपने पर्चे वापस भी ले लिएअब वाराणशी में नरेंद्र मोदी के सामने सिर्फ 25 उम्मीदवार मैदान में हैंवाराणसी पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए देश के कई राज्यों से थोक में आए उम्मीदवारों की उम्मीदें थोक में पर्चा खारिज होने से ध्वस्त हो गईं। लोकसभा चुनाव 2019 में तेलंगाना की निजामाबाद लोकसभा सीट के बाद सबसे ज्यादा 102 उम्मीदवारों के पर्चा दाखिल करने के बाद 71 प्रत्याशियों का पर्चा किन कारणों से खारिज हुआ? यह जानने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह से एनबीटी ने बातचीत की तो कई चौंकाने वाले कारण सामने आए। एसपी के टिकट पर आखिरी दिन नामांकन करने वाले तेज बहादुर यादव का पर्चा किस कारण से खारिज हुआ सबको पता है कि अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दे सके लेकिन बाकी उम्मीदवारों का किस कारण हुआ, इसको जानकार आप भी चौंक जाएंगे। लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में 19 मई को होने वाले चुनाव के लिए वाराणसी संसदीय सीट पर 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक चली नामांकन प्रक्रिया के दौरान 102 उम्मीदवारों ने 119 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान 71 उम्मीदवारों के 88 पर्चे खारिज हो गए। पीएम मोदी से मुकाबले के लिए मैदान में सिर्फ 30 प्रत्याशी बचे। नामांकनपत्रों की वापसी के दौरान पांच प्रत्याशियों ने पर्चे वापस ले लिए, इस तरह पीएम मोदी को सियासी पिच पर टक्कर देने वाले सिर्फ 25 लोग हैं। प्रस्तावक पूरे न मिलने से सबसे ज्यादा पर्चे खारिज जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह से बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि जिन 71 लोगों के पर्चे खारिज हुए, उसमें सबसे ज्यादा संख्या ऐसे लोगों की थी, जो 10 प्रस्तावक भी नहीं जुटा सके। निर्वाचन आयोग के नियमानुसार, निर्दलीय उम्मीदवारों को 10 प्रस्तावकों की आवश्यकता होती है, जो जिस संसदीय क्षेत्र में चुनाव लड़ने के लिए आवेदन किए हों, वहां के होने चाहिए। लगभग दो दर्जन पर्चे इसी कारण खारिज हुए। कुछ ऐसे पर्चे भी खारिज किए गए, जिन्होंने 10 प्रस्तावकों के नाम तो लिखे थे लेकिन उनकी वोटर आईडी कार्ड की फोटोकॉपी नहीं जमा की थी और ना ही प्रस्तावकों के हस्ताक्षर किए थे। तेलंगाना से आए किसानों की संख्या इसमें सबसे ज्यादा थी। 'धरतीपकड़' सहित आधा दर्जनों ने लगाए थे पुराने शपथपत्र काशी के धरतीपकड़ कहे जाने वाले नरेंद्रनाथ दूबे 'अडिग' सहित प्रदेश के दूसरे राज्यों से कई प्रत्याशियों ने तो पुराने हलफनामे और शपथपत्र दाखिल करके ही नामांकनपत्र दाखिल कर दिए थे। इसकी जांच कराने पर पता चला कि यह पुराना हलफनामा है, जिसके कारण पर्चा खारिज हो गया। आयोग के नियमानुसार, प्रत्याशी को नामांकन के समय नया हलफनामा और शपथपत्र दाखिल करना होता है। दो प्रत्याशियों ने बिना जमानत राशि के ही किया था नामांकन पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की चाहत रखने में वाराणसी आए दो उम्मीदवार तो बिना जमानत राशि बैंक में जमा किए ही अंतिम दिन नामांकन कर दिया था। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान इनके द्वारा पेश बैंक के चालान की जांच करवाई गई तो पता चला कि किसी दूसरे प्रत्याशी के चालान फॉर्म में हेराफेरी करके पर्चा भर दिए थे, इनका भी नामांकन खारिज कर दिया गया। कोई मांगेगा तोप पर वोट तो कोई हेलिकॉप्टर पर पीएम नरेंद्र मोदी के सामने नामांकनपत्रों की वापसी के बाद जो 25 प्रत्याशी बचे हैं, उसमें कांग्रेस के अजय राय को हाथ, एसपी की शालिनी यादव को साइकल के अलावा थोक में जो निर्दल उम्मीदवार मैदान में हैं। उनको तरह-तरह के चुनाव चिन्ह दिए गए हैं। वाराणसी के मतदाताओं को कमल का फूल, हाथ, साइकल के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों को ट्रैक्टर चलाता किसान, लूडो, फुटबाल, आदमी और पाल युक्त नौका, हरी मिर्च, फलों से युक्त टोकरी, ऑटो रिक्शा, बल्लेबाज, तोप, कप और प्लेट, एयरकंडिशनर, माचिस की डिब्बी, छड़ी, हेलिकॉप्टर, पेन स्टैंड, ट्रक, केतली, चिमटा, दूरबीन, हीरा, खाने से भरी थाली, बेबी वॉकर, चूड़ियां आदि चुनाव चिह्न बांटे गए।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

NBT Hindi News /  🏆 20. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

'डोमराजा' से लेकर जानें काशी में कौन-कौन बने PM मोदी के प्रस्तावक'डोमराजा' से लेकर जानें काशी में कौन-कौन बने PM मोदी के प्रस्तावकLoksabha Elections 2019: कुछ एक्सपर्ट्स का कहना था कि बीजेपी और पीएम मोदी इन चार नामों के आधार पर पूर्वांचल में चुनावी समीकरण बदलने की कोशिश में है।
Read more »

कानपुर के गौतम रघुवंशी बने यूपी बोर्ड 10वीं के टॉपर, सफलता की कहानी जानें इनकी जुबानीकानपुर के गौतम रघुवंशी बने यूपी बोर्ड 10वीं के टॉपर, सफलता की कहानी जानें इनकी जुबानीकानपुर के गौतम रघुवंशी बने यूपी बोर्ड 10वीं के टॉपर, सफलता की कहानी जानें इनकी जुबानी UPBoard10thResult UPBoardResults2019 GautamRaghuvanshi
Read more »

मोदी की अपील के बावजूद वोट नहीं दे सकेंगे विराट कोहली, जानें क्यों?मोदी की अपील के बावजूद वोट नहीं दे सकेंगे विराट कोहली, जानें क्यों?चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विराट कोहली का आवेदन प्राप्त हो गया है। हालांकि उनकी एप्लीकेशन होल्ड पर है। वह वर्तमान लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे।
Read more »

वाराणसी में मोदी के ख़िलाफ़ क्यों उतरे फ़ौजी तेज बहादुर यादववाराणसी में मोदी के ख़िलाफ़ क्यों उतरे फ़ौजी तेज बहादुर यादवपूर्व बीएसएफ़ जवान तेज बहादुर यादव प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ रहे हैं, पढ़िए, उन्होंने चुनाव लड़ने का फ़ैसला क्यों किया.
Read more »

प्रियंका गांधी ने बताया- वाराणसी से क्यों नहीं लड़ा पीएम मोदी के खिलाफ चुनावप्रियंका गांधी ने बताया- वाराणसी से क्यों नहीं लड़ा पीएम मोदी के खिलाफ चुनाववाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ने को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पहली बार बयान दिया है. प्रियंका गांधी ने कहा कि मेरी पार्टी के नेताओं ने कहा कि प्रचार करना है, क्योंकि यूपी में मेरी 41 सीटें हैं जिसमें मुझे पूरा जोर लगाना है.
Read more »

लखनऊ के मुस्लिम युवाओं के बीच क्यों 'फेमस' हो रहा है ये 'हिंदू आचार्य'– News18 हिंदीलखनऊ के मुस्लिम युवाओं के बीच क्यों 'फेमस' हो रहा है ये 'हिंदू आचार्य'– News18 हिंदीलखनऊ के मुस्लिम युवाओं के बीच क्यों 'फेमस' हो रहा है ये 'हिंदू आचार्य', Loksabha elections 2019 Reciting Hazrat Ali Congress’s Acharya Krishnam Striking Right Note with Muslims in Lucknow
Read more »

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ क्‍यों नहीं लड़ा चुनाव, प्रियंका गांधी ने खुद बताई वजहप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ क्‍यों नहीं लड़ा चुनाव, प्रियंका गांधी ने खुद बताई वजहकांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा के वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की चर्चाएं गरम थीं. लेकिन पार्टी ने यहां से अजय राय को टिकट दिया है.
Read more »

अयोध्‍या: जानें PM मोदी के रैली स्‍थल की रामलला के जन्‍म से जुड़ी कहानी- 5 बातेंअयोध्‍या: जानें PM मोदी के रैली स्‍थल की रामलला के जन्‍म से जुड़ी कहानी- 5 बातेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अयोध्‍या में गोसाईंगज के मया बाजार में तमसा नदी के किनारे बुधवार को चुनावी रैली का आयोजन हुआ. पीएम मोदी भले ही रामलला के दर्शन करने नहीं पहुंच पाएं हों लेकिन अयोध्या में पीएम मोदी के रैलीस्थल का भी रामजन्म से बहुत गहरा संबंध है.
Read more »

पीएम मोदी के भाई प्रहलाद मोदी की पत्नी का हार्ट अटैक से निधनपीएम मोदी के भाई प्रहलाद मोदी की पत्नी का हार्ट अटैक से निधनभगवती बेन, 55 साल की थीं. उनका निधन हार्ट अटैक की वजह से हुआ है. भगवती बेन पिछले काफी समय से बीमार थीं और अहमदाबाद के एक अस्पताल में भर्ती थीं. आज शाम को ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 18:58:25