जरूरत की खबर- बारिश में AC से आती है बदबू: सीलन, फंगस समेत हो सकते हैं ये 7 रिस्क, मानसून में बरतें 6 जरूरी...

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जरूरत की खबर- बारिश में AC से आती है बदबू: सीलन, फंगस समेत हो सकते हैं ये 7 रिस्क, मानसून में बरतें 6 जरूरी...
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Monsoon Season Air Conditioner Maintenance Care Checklist Explained; How to maintain AC temperature in Monsoon Season? सरकार एसी बनाने वाली कंपनियों के साथ मिलकर तापमान का स्टैंडर्ड तय कर रही है जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा.

सीलन, फंगस समेत हो सकते हैं ये 7 रिस्क, मानसून में बरतें 6 जरूरी सावधानियांउन गिने-चुने देशों में है, जहां सभी ऋतुएं होती हैं। इनमें मानसून बेहद सुकून देने वाला मौसम है। इस मौसम में भी कुछ लोग AC का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसकी देखभाल और बदली हुई जरूरतों को नजरअंदाज कर देते हैं। नतीजतन सीलन, फंगस, बदबू, बिजली बिल में इजाफा और कई बार AC में खराबी तक आ जाती है। इसलिए गर्मी की तुलना में मानसून में AC की देखभाल कहीं ज्यादा जरूरी होती है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो छोटा-सा फॉल्ट बड़ी परेशानी बन सकता है।AC से जुड़ी कौन-सी लापरवाहियां भारी पड़ सकती हैं?एक्सपर्ट: शशिकांत उपाध्याय, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर, अहमदाबादमानसून में हवा में नमी ज्यादा होती है, जो AC की कार्यक्षमता पर असर डालती है। अगर समय पर सफाई और सर्विसिंग न हो तो AC में फंगस, बैक्टीरिया और धूल जमा हो सकती है। इससे हवा दूषित हो जाती है, जो एलर्जी, सिरदर्द या सांस की समस्या का कारण बन सकती है। साथ ही नमी के कारण कूलिंग कॉइल और फिल्टर जल्दी गंदे होते हैं, जिससे बिजली की खपत बढ़ती है और कूलिंग कमजोर हो जाती है। कई बार AC से पानी टपकने लगता है, जिससे दीवारें भी खराब हो सकती हैं। इसलिए मानसून में AC की देखभाल पर खास ध्यान देना जरूरी है।अगर AC का फिल्टर गंदा हो या पानी बाहर निकालने वाली पाइप बंद हो जाए तो नमी कमरे में जमा होने लगती है। बहुत ठंडा टेम्परेचर रखने से भी दीवारों और खिड़कियों पर पानी जम सकता है, जिससे सीलन बढ़ जाती है। इसलिए मानसून में AC की सफाई जरूरी है और टेम्परेचर ज्यादा कम नहीं रखना चाहिए।मानसून में AC को सिर्फ चलाना ही नहीं, बल्कि उसकी देखभाल भी जरूरी है। इससे वह लंबे समय तक सही काम करेगी। साथ ही बिजली की बचत भी होगी। नीचे दिए गए कुछ आसान और कारगर तरीकों को अपनाकर आप अपने AC की परफॉर्मेंस को बेहतर बना सकते हैं।मानसून में लगातार बढ़ती नमी, बारिश और गंदगी की वजह से AC के कुछ खास हिस्से जल्दी प्रभावित होते हैं। जैसेकि-बारिश के मौसम में धूल की वजह से एयर फिल्टर पर जल्दी गंदगी जम सकती है। इसलिए हर 10-15 दिन में फिल्टर को निकालकर धोएं। गंदा फिल्टर हवा की क्वालिटी को खराब कर सकता है और एलर्जी या सांस से जुड़ी परेशानियों का कारण बन सकता है।मानसून में अक्सर पानी की निकासी में दिक्कत आती है, खासकर अगर पाइप में धूल या काई जम गई हो। पानी सही से न निकलने से इनडोर यूनिट से पानी टपकने लगेगा। यह सीलन और दीवारों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए समय-समय पर ड्रेनेज पाइप को साफ करवाना जरूरी है।बारिश में आउटडोर यूनिट के आसपास मिट्टी, पत्तियां और कीड़-पतंगे जमा हो सकते हैं। इससे यूनिट के फिन्स और पंखे पर असर पड़ता है और कूलिंग घट जाती है। इसलिए कोशिश करें कि यूनिट छांव या शेड में हो और उसके आसपास सफाई बनी रहे।बारिश में हवा की नमी कॉइल पर जमकर उसे चिपचिपा बना सकती है। इससे कूलिंग धीरे-धीरे कम होने लगती है और बिजली की खपत बढ़ती है। हर सीजन की शुरुआत में इसकी डीप क्लीनिंग जरूर करवाएं।मानसून में डक्ट के अंदर नमी और गंदगी फंगस को जन्म देती है। इससे हवा में बदबू और एलर्जी के कण फैल सकते हैं। इसलिए मानसून में डक्ट की सफाई कराना जरूरी है, खासकर बच्चों या अस्थमा के मरीजों के लिए।कुछ लोग 16-18 डिग्री पर AC चला देते हैं, जिससे कमरे में सीलन और पानी की बूंदें जम सकती हैं। यह सेहत और दीवारों दोनों के लिए नुकसानदायक है। साथ ही बारिश के मौसम में आउटडोर यूनिट के आसपास मिट्टी, पत्तियां और कीड़े जमा हो जाते हैं, जिससे यूनिट की परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है। इन गलतियों से बचकर आप AC को न सिर्फ सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि बिजली की बचत और बेहतर कूलिंग भी पा सकते हैं।नहीं, नम मौसम में पूरे दिन AC चलाना ठीक नहीं है। इससे कमरे में नमी फंस सकती है, जिससे सीलन, बदबू और फंगल इंफेक्शन की समस्या हो सकती है। साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ती है और AC पर दबाव पड़ता है। बेहतर है कि AC को ड्राई मोड पर चलाएं, बीच-बीच में कमरे को हवादार करें और जरूरत हो तो सीलिंग फैन का भी इस्तेमाल करें। इससे ठंडक बनी रहेगी और AC पर लोड भी कम होगा।मानसून में AC का इस्तेमाल बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित है, लेकिन सही देखभाल और संतुलित इस्तेमाल के साथ। इस मौसम में हवा में नमी ज्यादा होती है, जो सांस, एलर्जी और फंगल इन्फेक्शन जैसी समस्याएं बढ़ा सकती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों का इम्यून सिस्टम थोड़ा कमजोर होता है, इसलिए उन्हें साफ और आरामदायक वातावरण की ज्यादा जरूरत होती है।हां, मानसून में AC का टेम्परेचर थोड़ा अलग और संतुलित रखना चाहिए। इस मौसम में वातावरण में पहले से ही नमी होती है, इसलिए बहुत कम टेम्परेचर पर AC चलाना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए। इससे कमरे में न तो ज्यादा ठंडक होती है और न ही नमी बढ़ती है। साथ ही AC की परफॉर्मेंस बेहतर रहती है, बिजली की बचत होती है।नहीं, मानसून में AC की इनडोर यूनिट को अलग से कवर करने की जरूरत नहीं होती क्योंकि यह पहले से ही घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर होती है और मौसम की सीधी मार से बची रहती है। जरूरत कवरिंग की सिर्फ आउटडोर यूनिट को होती है, खासकर तब जब वह खुले में लगी हो और बारिश सीधा उस पर पड़े।जरूरत की खबर- मानसून में कार-बाइक चलाते हुए सावधान:बारिश में बढ़ता एक्सीडेंट का रिस्क, ये 6 गलतियां न करें, 11 जरूरी सावधानियां बारिश का मौसम तपती गर्मी से राहत देता है। लेकिन यह सड़क पर सफर को काफी चुनौतीपूर्ण बना देता है। बारिश के दौरान सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है, जो कई बार वाहन चालकों के लिए खतरा बन जाते हैं। ऐसे में मानसून के दिनों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।जरूरत की खबर- बारिश-उमस में बढ़ती थाई रैशेज की समस्या:जरूरत की खबर- यूरिन से आंखें धोने का वीडियो वायरल:जरूरत की खबर- रेलवे ने लॉन्च किया नया एप ‘RailOne’:पानीपत में बारिश, 8 जिलों में 3 घंटे का अलर्ट11 अगस्त से हड़ताल पर जा सकते हैं निगम कर्मीकोरबा में वाटरफॉल में फंसे 5 युवक-युवतियों का रेस्क्यूप्रयागराज का रामघाट डूबा, नोएडा में 4 मंजिला मकान ढहाउत्तराखंड के भारी बारिश का अलर्ट.

सीलन, फंगस समेत हो सकते हैं ये 7 रिस्क, मानसून में बरतें 6 जरूरी सावधानियांउन गिने-चुने देशों में है, जहां सभी ऋतुएं होती हैं। इनमें मानसून बेहद सुकून देने वाला मौसम है। इस मौसम में भी कुछ लोग AC का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसकी देखभाल और बदली हुई जरूरतों को नजरअंदाज कर देते हैं। नतीजतन सीलन, फंगस, बदबू, बिजली बिल में इजाफा और कई बार AC में खराबी तक आ जाती है। इसलिए गर्मी की तुलना में मानसून में AC की देखभाल कहीं ज्यादा जरूरी होती है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो छोटा-सा फॉल्ट बड़ी परेशानी बन सकता है।AC से जुड़ी कौन-सी लापरवाहियां भारी पड़ सकती हैं?एक्सपर्ट: शशिकांत उपाध्याय, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर, अहमदाबादमानसून में हवा में नमी ज्यादा होती है, जो AC की कार्यक्षमता पर असर डालती है। अगर समय पर सफाई और सर्विसिंग न हो तो AC में फंगस, बैक्टीरिया और धूल जमा हो सकती है। इससे हवा दूषित हो जाती है, जो एलर्जी, सिरदर्द या सांस की समस्या का कारण बन सकती है। साथ ही नमी के कारण कूलिंग कॉइल और फिल्टर जल्दी गंदे होते हैं, जिससे बिजली की खपत बढ़ती है और कूलिंग कमजोर हो जाती है। कई बार AC से पानी टपकने लगता है, जिससे दीवारें भी खराब हो सकती हैं। इसलिए मानसून में AC की देखभाल पर खास ध्यान देना जरूरी है।अगर AC का फिल्टर गंदा हो या पानी बाहर निकालने वाली पाइप बंद हो जाए तो नमी कमरे में जमा होने लगती है। बहुत ठंडा टेम्परेचर रखने से भी दीवारों और खिड़कियों पर पानी जम सकता है, जिससे सीलन बढ़ जाती है। इसलिए मानसून में AC की सफाई जरूरी है और टेम्परेचर ज्यादा कम नहीं रखना चाहिए।मानसून में AC को सिर्फ चलाना ही नहीं, बल्कि उसकी देखभाल भी जरूरी है। इससे वह लंबे समय तक सही काम करेगी। साथ ही बिजली की बचत भी होगी। नीचे दिए गए कुछ आसान और कारगर तरीकों को अपनाकर आप अपने AC की परफॉर्मेंस को बेहतर बना सकते हैं।मानसून में लगातार बढ़ती नमी, बारिश और गंदगी की वजह से AC के कुछ खास हिस्से जल्दी प्रभावित होते हैं। जैसेकि-बारिश के मौसम में धूल की वजह से एयर फिल्टर पर जल्दी गंदगी जम सकती है। इसलिए हर 10-15 दिन में फिल्टर को निकालकर धोएं। गंदा फिल्टर हवा की क्वालिटी को खराब कर सकता है और एलर्जी या सांस से जुड़ी परेशानियों का कारण बन सकता है।मानसून में अक्सर पानी की निकासी में दिक्कत आती है, खासकर अगर पाइप में धूल या काई जम गई हो। पानी सही से न निकलने से इनडोर यूनिट से पानी टपकने लगेगा। यह सीलन और दीवारों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए समय-समय पर ड्रेनेज पाइप को साफ करवाना जरूरी है।बारिश में आउटडोर यूनिट के आसपास मिट्टी, पत्तियां और कीड़-पतंगे जमा हो सकते हैं। इससे यूनिट के फिन्स और पंखे पर असर पड़ता है और कूलिंग घट जाती है। इसलिए कोशिश करें कि यूनिट छांव या शेड में हो और उसके आसपास सफाई बनी रहे।बारिश में हवा की नमी कॉइल पर जमकर उसे चिपचिपा बना सकती है। इससे कूलिंग धीरे-धीरे कम होने लगती है और बिजली की खपत बढ़ती है। हर सीजन की शुरुआत में इसकी डीप क्लीनिंग जरूर करवाएं।मानसून में डक्ट के अंदर नमी और गंदगी फंगस को जन्म देती है। इससे हवा में बदबू और एलर्जी के कण फैल सकते हैं। इसलिए मानसून में डक्ट की सफाई कराना जरूरी है, खासकर बच्चों या अस्थमा के मरीजों के लिए।कुछ लोग 16-18 डिग्री पर AC चला देते हैं, जिससे कमरे में सीलन और पानी की बूंदें जम सकती हैं। यह सेहत और दीवारों दोनों के लिए नुकसानदायक है। साथ ही बारिश के मौसम में आउटडोर यूनिट के आसपास मिट्टी, पत्तियां और कीड़े जमा हो जाते हैं, जिससे यूनिट की परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है। इन गलतियों से बचकर आप AC को न सिर्फ सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि बिजली की बचत और बेहतर कूलिंग भी पा सकते हैं।नहीं, नम मौसम में पूरे दिन AC चलाना ठीक नहीं है। इससे कमरे में नमी फंस सकती है, जिससे सीलन, बदबू और फंगल इंफेक्शन की समस्या हो सकती है। साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ती है और AC पर दबाव पड़ता है। बेहतर है कि AC को ड्राई मोड पर चलाएं, बीच-बीच में कमरे को हवादार करें और जरूरत हो तो सीलिंग फैन का भी इस्तेमाल करें। इससे ठंडक बनी रहेगी और AC पर लोड भी कम होगा।मानसून में AC का इस्तेमाल बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित है, लेकिन सही देखभाल और संतुलित इस्तेमाल के साथ। इस मौसम में हवा में नमी ज्यादा होती है, जो सांस, एलर्जी और फंगल इन्फेक्शन जैसी समस्याएं बढ़ा सकती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों का इम्यून सिस्टम थोड़ा कमजोर होता है, इसलिए उन्हें साफ और आरामदायक वातावरण की ज्यादा जरूरत होती है।हां, मानसून में AC का टेम्परेचर थोड़ा अलग और संतुलित रखना चाहिए। इस मौसम में वातावरण में पहले से ही नमी होती है, इसलिए बहुत कम टेम्परेचर पर AC चलाना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए। इससे कमरे में न तो ज्यादा ठंडक होती है और न ही नमी बढ़ती है। साथ ही AC की परफॉर्मेंस बेहतर रहती है, बिजली की बचत होती है।नहीं, मानसून में AC की इनडोर यूनिट को अलग से कवर करने की जरूरत नहीं होती क्योंकि यह पहले से ही घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर होती है और मौसम की सीधी मार से बची रहती है। जरूरत कवरिंग की सिर्फ आउटडोर यूनिट को होती है, खासकर तब जब वह खुले में लगी हो और बारिश सीधा उस पर पड़े।जरूरत की खबर- मानसून में कार-बाइक चलाते हुए सावधान:बारिश में बढ़ता एक्सीडेंट का रिस्क, ये 6 गलतियां न करें, 11 जरूरी सावधानियां बारिश का मौसम तपती गर्मी से राहत देता है। लेकिन यह सड़क पर सफर को काफी चुनौतीपूर्ण बना देता है। बारिश के दौरान सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है, जो कई बार वाहन चालकों के लिए खतरा बन जाते हैं। ऐसे में मानसून के दिनों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।जरूरत की खबर- बारिश-उमस में बढ़ती थाई रैशेज की समस्या:जरूरत की खबर- यूरिन से आंखें धोने का वीडियो वायरल:जरूरत की खबर- रेलवे ने लॉन्च किया नया एप ‘RailOne’:पानीपत में बारिश, 8 जिलों में 3 घंटे का अलर्ट11 अगस्त से हड़ताल पर जा सकते हैं निगम कर्मीकोरबा में वाटरफॉल में फंसे 5 युवक-युवतियों का रेस्क्यूप्रयागराज का रामघाट डूबा, नोएडा में 4 मंजिला मकान ढहाउत्तराखंड के भारी बारिश का अलर्ट

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