जमशेदपुर में टाटा स्टील कमांड क्षेत्र के 95 हजार घरों में मटमैले पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे निवासियों को पेट दर्द और दस्त जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड UISL द्वारा 'ड्रिंक फ्रॉम टैप' का दावा करने के बावजूद, पानी गंदा आ रहा...
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर । टाटा स्टील के कंपनी कमांड क्षेत्र में इन दिनों पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़ा हो रहा है। जिस पानी को कंपनी 'ड्रिंक फ्रॉम टैप' होने का दावा करती है, वही पानी अब नलों से मिट्टी युक्त और मटमैला निकल रहा है। इस समस्या से केवल एक क्षेत्र नहीं, बल्कि कदमा, सोनारी, साकची, गोलमुरी और बारीडीह सहित कई प्रमुख इलाके प्रभावित हैं। टाटा स्टील की अनुषंगी इकाई, टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड शहर में पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी संभालती है। 95 हजार उपभोक्ताओं की सेहत दांव पर कंपनी के वाटर टेस्टिंग लैब को ISO-IEC 17025 का प्रमाणन प्राप्त है, जो इसकी शुद्धता की पुष्टि करता है। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके उलट है। कमांड क्षेत्र के लगभग 95 हजार उपभोक्ताओं के घरों में इन दिनों जो पानी आ रहा है, उसका रंग मिट्टी जैसा है। पानी को बर्तन में भरने के बाद नीचे तलहटी में गंदगी साफ देखी जा सकती है। आमतौर पर टाटा स्टील क्षेत्र के निवासी पानी की शुद्धता पर भरोसा कर घरों में आरओ फिल्टर नहीं लगाते हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। बीमारियों का बढ़ा खतरा, शिकायतें बेअसर स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गंदा पानी पीने से लोगों को पेट दर्द और दस्त जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कदमा निवासी डॉ.
उमेश कुमार ने बताया कि उन्होंने 23 मार्च को जुस्को कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। क्या कहता है प्रबंधन? जुुस्को प्रवक्ता का कहना है कि 19 मार्च को मिली शिकायतों के बाद जांच की गई थी और जलापूर्ति सामान्य कर दी गई थी। प्रवक्ता के अनुसार, यदि अब भी किसी विशिष्ट क्षेत्र में गंदा पानी आ रहा है, तो शिकायत मिलने पर उसकी दोबारा जांच की जाएगी। उपभोक्ताओं की जुबानी, उनकी परेशानी प्रकाश कुमार : पिछले कई दिनों से घर में गंदा पानी आ रहा है। अब हम पानी को छानकर पीने को मजबूर हैं। राम किशुन साहू : दूषित पानी के कारण मोहल्ले में पेट दर्द और दस्त की शिकायतें बढ़ रही हैं। प्रशासन को तुरंत उपाय करना चाहिए। रामू कुमारी : नलों से आने वाले पानी का रंग हल्का मटमैला है, जो रुक-रुक कर आता है।
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