गेहूं की बुवाई के इतने दिन बाद करें पहली सिंचाई, वरना खराब हो सकती है फसल, जानें एक्सपर्ट की सलाह

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गेहूं की बुवाई के इतने दिन बाद करें पहली सिंचाई, वरना खराब हो सकती है फसल, जानें एक्सपर्ट की सलाह
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Gehun Ki Kheti Tips: रबी सीजन में सूखी जमीन में गेहूं की बुवाई के बाद पहली सिंचाई 20–25 दिन बाद करना जरूरी है. इसे क्रिटिकल क्राउन रूट इनिशिएशन अवस्था कहते हैं. इसी समय जड़ों का सही विकास होता है. नमी होने पर सिंचाई 18–20 दिन में भी की जा सकती है.

रबी सीजन में गेहूं की फसल किसानों की आय का मुख्य आधार मानी जाती है, लेकिन अगर बुवाई के समय खेत में नमी की कमी हो और जमीन सूखी हो तो गेहूं की पहली सिंचाई को लेकर किसानों के मन में सबसे ज्यादा सवाल रहता है.

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार सूखी जमीन में गेहूं बोने के बाद पहली सिंचाई का सही समय तय करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही सिंचाई आगे की पूरी फसल की नींव रखती है. कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि खेत पूरी तरह सूखा है और बुवाई सूखी हालत में की गई है तो गेहूं की पहली सिंचाई बुवाई के 20 से 25 दिन बाद करनी चाहिए. इस सिंचाई को क्रिटिकल क्राउन रूट इनिशिएशन कहा जाता है. इसी अवस्था में गेहूं के पौधों में जड़ों का सही विकास होता है और मजबूत फुटाव की शुरुआत होती है. यदि इस समय सिंचाई नहीं की गई, तो फसल कमजोर रह जाती है और उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. अगर खेत में बुवाई से पहले थोड़ी नमी मौजूद हो तो पहली सिंचाई को 18–20 दिन में भी किया जा सकता है, लेकिन बिल्कुल सूखी जमीन में जल्दबाजी में सिंचाई करना भी नुकसानदायक हो सकता है. इससे बीज सड़ने या असमान अंकुरण की समस्या आ सकती है. इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खेत की नमी और मिट्टी की स्थिति को देखकर ही सिंचाई का निर्णय लें. पहली सिंचाई के दौरान यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पानी खेत में ज्यादा देर तक भरा न रहे. हल्की लेकिन समान रूप से सिंचाई करना सबसे बेहतर माना जाता है. खासतौर पर दोमट और बलुई मिट्टी वाले क्षेत्रों में कम पानी में भी अच्छी सिंचाई संभव होती है, जबकि भारी मिट्टी में जल निकासी का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है. कृषि विभाग के अनुसार गेहूं की फसल में पहली सिंचाई सबसे महत्वपूर्ण होती है. इसके बाद दूसरी सिंचाई टिलरिंग अवस्था में, तीसरी बाल निकलते समय और चौथी दाना भरते समय की जाती है, लेकिन अगर पहली सिंचाई सही समय पर हो जाए तो आगे की सिंचाइयों का प्रभाव भी बेहतर दिखाई देता है. अगर खेत सूखा है तो बुवाई के 20–25 दिन बाद पहली सिंचाई जरूर करें. सही समय पर सिंचाई करके किसान न केवल फसल को मजबूत बना सकते हैं, बल्कि उत्पादन में भी अच्छी बढ़ोतरी कर सकते हैं.

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