आदियां पुलिस चौकी हमले के मास्टरमाइंड रणजीत सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के अनुसार गोली लगने के समय वह जीवित था, जिससे हिरासत में मौत के आरोप कमजोर पड़े।
जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। पंजाब के सरहदी जिले गुरदासपुर के आदियां पुलिस चौकी पर हमले और दो पुलिस कर्मियों की हत्या के मामले में मारे गए आरोपी रणजीत सिंह के एनकाउंटर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रणजीत सिंह की मौत गोली लगने से हुई थी और जिस समय उसे गोलियां लगीं, उस समय वह जीवित था। इस खुलासे के बाद पंजाब पुलिस को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, मृतक के स्वजन और एक्शन कमेटी की ओर से आरोप लगाया जा रहा था कि रणजीत सिंह की मौत पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान हुई थी और इसे छिपाने के लिए पुलिस ने एनकाउंटर की कहानी बनाई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार रणजीत सिंह को 25 फरवरी 2026 की सुबह करीब साढ़े सात बजे घायल अवस्था में सिविल अस्पताल बब्बरी लाया गया था। अस्पताल में लाने के लगभग 15 मिनट बाद उसकी मौत हो गई। यह भी पढ़ें- मलोट में आवारा कुत्तों का हमला; बुजुर्ग के होंठ नोचे, गंभीर हालत में बठिंडा किया गया रैफर न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजदगी में हुआ था पोस्टमार्टम रणजीत सिंह का पोस्टमार्टम कई दिनों के विवाद के बाद तीन मार्च को शाम करीब चार बजकर चालीस मिनट पर न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेखा डडवाल की मौजूदगी में किया गया। यह पोस्टमार्टम तीन सदस्यीय चिकित्सकीय बोर्ड की निगरानी में हुआ। बोर्ड में डा.
सुखदेव सिंह, डा. सतिंदरपाल सिंह और डा. हर्ष कुमार शामिल थे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया करीब चार घंटे आठ मिनट तक चली। चिकित्सकों की रिपोर्ट में बताया गया कि रणजीत सिंह के शरीर पर कुल छह घाव पाए गए। इनमें से दो घाव छाती के बाएं और दाएं हिस्से में गोली लगने के थे। इसके अलावा पीठ के दाएं और बाएं हिस्से पर भी घाव पाए गए, जिन्हें गोली के आरपार निकलने के निशान बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि उसके मुंह और नाक में खून के निशान थे। इसके अलावा माथे के बाएं हिस्से पर लालिमा और सूजन का निशान पाया गया, जबकि एक घाव दाईं टांग पर भी था। यह भी पढ़ें- मैनहोल हादसे में मजदूर की मौत पर मुक्तसर प्रशासन घिरा; बिना जांच शव बंगाल भेजा, आयोग के नोटिस पर वापस बुलाया मामले की जांच अभी भी जारी हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि रणजीत सिंह पुलिस की गाड़ी पलटने के बाद फरार हुआ था तो हथकड़ी लगे होने के बावजूद उसने मोटरसाइकिल और पिस्तौल का प्रबंध कहां से किया। बताया जा रहा है कि गाड़ी पलटने के बाद वह घटनास्थल से फरार होकर करीब 22 किलोमीटर दूर पुराना शाला क्षेत्र तक पहुंच गया था। वहां पुलिस ने उसे घेर लिया था। पुलिस के अनुसार घिरने के बाद रणजीत सिंह ने पुलिस पर गोली चलाई, जिसके जवाब में की गई फायरिंग में वह मारा गया। फिलहाल इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच जारी है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि एनकाउंटर की परिस्थितियां क्या थीं और घटनाक्रम किस तरह हुआ। यह भी पढ़ें- सेशन जजों को सरकारी आवास क्यों नहीं, डीसी- एसएसपी के घर खाली कराएं; उच्च न्यायालय ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब
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