कानून सभी के लिए समान, वकील किसी भी तरह से बच नहीं सकते... बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्यों कही ये बात

United States News News

कानून सभी के लिए समान, वकील किसी भी तरह से बच नहीं सकते... बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्यों कही ये बात
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 AajTak
  • ⏱ Reading Time:
  • 94 sec. here
  • 3 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 41%
  • Publisher: 63%

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में संशोधन करने और धारा घोषित करने के लिए भारत संघ को निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को यह टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि, 353 एवं 332 अधिवक्ताओं पर लागू नहीं होंगे.

बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को वकीलों से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि, कानून सभी के लिए समान है और वकील भी उससे किसी तरह बच नहीं सकते हैं. वे कानून के तहत अपराधों के आरोप से छूट या विशेष सुरक्षा की मांग नहीं कर सकते हैं.

हालांकि अदालत ने राज्य सरकार को 4 सप्ताह के भीतर याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 11 जून को रखी गई हैं. बता दें कि, भारतीय दंड संहिता में संशोधन करने और धारा घोषित करने के लिए भारत संघ को निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को यह टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि, 353 एवं 332 अधिवक्ताओं पर लागू नहीं होंगे. धारा 353 लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल के लिए है, जबकि 332 तब लागू किया जाता है जब कोई व्यक्ति स्वेच्छा से किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए चोट पहुंचाता है.न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ के समक्ष वकील नितिन सतपुते की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई. याचिकाकर्ता के वकील विनोद रमन ने दलील दी कि लोगों को विरोध करने से रोकने के लिए आपराधिक बल का उपयोग करना अवैध था. राज्य में एक वकील दंपती का अपहरण कर हत्या कर दी गयी थी.Advertisementइसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए 2 फरवरी को वकील आजाद मैदान में इकट्ठा हुए थे. इस दौरान पुलिस ने वकीलों के साथ मारपीट की, जिससे कई वकील घायल हो गए. याचिका में वकीलों के साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का अनुरोध किया गया है. सरकारी वकील हितेन वेनेगांवकर ने कहा कि घटना के सीसीटीवी फुटेज से कोई मनमानी सामने नहीं आई है. पुलिस बैरिकेड्स उन्हें मंत्रालय तक मार्च करने से रोकने के लिए लगाए गए थे.विरोध प्रदर्शन की खबरों में सामने आया था कि, सतपुते सहित कुछ वकीलों के साथ मारपीट की गई, जिससे एक वकील बेहोश हो गया और अन्य को चोटें आईं. जवाब में, सतपुते की याचिका में न केवल वकीलों को रोकने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई, बल्कि अधिवक्ताओं के खिलाफ अपराधों को विशेष रूप से संबोधित करने के लिए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को लागू करने और आईपीसी में धारा 353 को जोड़ने की भी मांग की गई. सुनवाई के बाद पीठ ने वेनेगांवकर को याचिका का जवाब देते हुए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और याचिका की सुनवाई 16 मई तक के लिए स्थगित कर दी Live TV

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

AajTak /  🏆 5. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

दिल्ली शराब घोटाला: CM अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 15 अप्रैल को करेगा सुनवाईदिल्ली शराब घोटाला: CM अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 15 अप्रैल को करेगा सुनवाईदिल्ली उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलने के बाद आप ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.
Read more »

Lok Sabha Elections 2024: बीजेपी का संकल्प पत्र और कांग्रेस का घोषणा पत्र, जानिए दोनों पार्टियों ने किन मुद्दों पर रखा खास फोकसदोनों दलों ने सत्ता में आने पर जनता के सामने जो दावे किए हैं, उनको किस तरह पूरा करेंगे, इस पर कोई बात नहीं कही है।
Read more »

PM Modi Bihar Visit Live : संविधान बदलने की बात पर गरजे पीएम मोदी, कहा- यह तो बाबा साहब भी नहीं बदल सकतेPM Modi Bihar Visit Live : संविधान बदलने की बात पर गरजे पीएम मोदी, कहा- यह तो बाबा साहब भी नहीं बदल सकतेप्रधानमंत्री मोदी ने बिहार यात्रा के दौरान संविधान बदलने की बात पर गरज की है, उन्होंने कहा कि यह तो बाबा साहब भी नहीं बदल सकते।
Read more »

सीमा हैदर और सचिन मीणा की बढ़ीं मुश्किलें, कोर्ट ने शादी कराने वाले पंडित, वकील और बारातियों को भेजा नोटिसगुलाम हैदर ने वकील मोमिन मलिक के माध्यम से याचिका दाखिल की है। इस मामले में गुलाम हैदर भी गवाही के लिए भारत आ सकता है।
Read more »



Render Time: 2026-04-02 18:52:47