श्रीनगर गढ़वाल में उत्तराखंड का लोकपर्व फूलदेई उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में घरों की देहरियों पर फूल डालकर सुख-समृद्धि की कामना की।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के लोकपर्व फूलदेई के अवसर पर श्रीनगर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। पर्व की शुरुआत बच्चों और स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ हर्षोल्लास के साथ हुई। इस दौरान छोटे-छोटे बच्चों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार घरों की देहरियों पर फूल डालकर समृद्धि और सुख-शांति की कामना की। फूलदेई, छम्मा देई जैसे गीतों से नगर गुंजायमान रहा। फूलदेई पर्व के अवसर पर नगर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं पारंपरिक वेशभूषा में तैयार होकर सुबह नागेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पहुंचे। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद यहां से भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया। शोभायात्रा में बच्चे हाथों में फूलों की टोकरी लेकर पारंपरिक फुलारी गीत गाते हुए नगर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरे। इस दौरान फूलारियों ने घर-घर की देहरियों पर रंग-बिरंगे फूल डालकर लोगों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। स्थानीय लोग भी घरों से बाहर निकलकर बच्चों का स्वागत करते नजर आए। शोभायात्रा में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुन के साथ घोघा माता की डोली भी आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और अभिभावक भी शोभायात्रा में शामिल हुए। सभी ने उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखने के लिए इस पर्व की महत्ता पर बल दिया। यह भी पढ़ें- CM Dhami ने मनाया इगास, कहा- 'पहाड़ के लोकपर्व हमारा गर्व, हमारी आत्मा'.
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