इमरजेंसी के 50 साल-PM सहित पूरी कैबिनेट ने मौन रखा: मोदी ने लिखा- कांग्रेस ने लोकतंत्र को कैद किया; खड़गे का...

PM Narendra Modi News

इमरजेंसी के 50 साल-PM सहित पूरी कैबिनेट ने मौन रखा: मोदी ने लिखा- कांग्रेस ने लोकतंत्र को कैद किया; खड़गे का...
PM Modi Vs CongressEmergency 1975Constitution
  • 📰 Dainik Bhaskar
  • ⏱ Reading Time:
  • 253 sec. here
  • 9 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 114%
  • Publisher: 51%

Emergency 1975; Prime Minister Narendra Modi On Congress Government And Constitution.

मोदी ने लिखा- कांग्रेस ने लोकतंत्र को कैद किया; खड़गे का जवाब- ये झूठ छिपाने का नाटककांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कांफ्रेंस करके इमरजेंसी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट बैठक में आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर एक प्रस्ताव पास किया गया। इसके बाद आपातकाल के पीड़ितों को श्रद्धांजलि के रूप में दो मिनट का मौन रखा गया। कैबिनेट बैठक में तीन बड़े फैसले लिए गए। पहला- पुणे मेट्रो विस्तार के लिए 3626 करोड़ रुपये पारित। दूसरा- झरिया अंडरग्राउंड फायर के लिए 5940 करोड़ रुपये का संशोधित मास्टर प्लान मंजूर। तीसरा- आगरा में 111 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र स्थापित किया जाएगा। इससे पहले बुधवार सुबह पीएम मोदी ने आपातकाल को लेकर सोशल मीडिया X पर लिखा कि इस दिन कांग्रेस ने लोकतंत्र को कैद कर लिया था। प्रेस की स्वतंत्रता को खत्म कर दी थी। इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जवाब दिया कि, ये लोग अपनी गलती छिपाने के लिए यह सब नाटक करते हैं। दरअसल 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी। यह 21 मार्च 1977 यानी 21 महीने तक लागू रहा था। भाजपा इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाती है।इमरजेंसी को लेकर मोदी ने लिखा, यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। भारत के लोग इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाते हैं। भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा करना और उन आदर्शों को बनाए रखना, जिनके लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। यह हमारा कर्तव्य है। यह उनका सामूहिक संघर्ष ही था, जिसके चलते तत्कालीन कांग्रेस सरकार को लोकतंत्र बहाल करना पड़ा और नए चुनाव कराने पड़े, जिसमें वे बुरी तरह हार गए। हम आपातकाल के खिलाफ लड़ाई में डटे रहने वाले हर व्यक्ति को सलाम करते हैं। पूरे भारत से अलग-अलग विचारधाराओं के लोग आए, उन्होंने एक उद्देश्य से एक-दूसरे के साथ मिलकर काम किया।PM ने अपनी पोस्ट में 'द इमरजेंसी डायरीज' नाम की बुक का भी जिक्र किया। पीएम ने लिखा, जब आपातकाल लगाया गया था, तब मैं RSS का युवा प्रचारक था। आपातकाल विरोधी आंदोलन मेरे लिए सीखने का एक अनुभव था। इसने हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को बचाए रखने की अहमियत को दिखाया। साथ ही, मुझे राजनीतिक स्पेक्ट्रम के सभी लोगों से बहुत कुछ सीखने को मिला। मुझे खुशी है कि ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन ने उन अनुभवों में से कुछ को एक किताब के रूप में संकलित किया है, जिसकी प्रस्तावना एचडी देवेगौड़ा ने लिखी है, जो खुद आपातकाल विरोधी आंदोलन के एक दिग्गज थे। इमरजेंसी के 50 साल पूरे होने पर भाजपा की तरफ से जारी 'द इमरजेंसी डायरीज' किताब का एक पन्ना, जिसे पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।उधर इमरजेंसी को लेकर बीजेपी की तरफ से लगाए जा रहे आरोपों पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा, जिस बात को 50 साल हो गए, ये लोग उसे बार-बार दोहरा रहे हैं। जिनका देश की आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं, जिनका संविधान निर्माण में कोई योगदान नहीं रहा। वे हमेशा संविधान के खिलाफ बात करते हैं। अंबेडकर, नेहरू और संविधान सभा ने जो संविधान तैयार किया उस संविधान को भी उन्होंने रामलीला मैदान में जलाया। उन्होंने अंबेडकर, नेहरू गांधी की फोटो जलाई थी। उनका कहना था कि जो संविधान बना है उसमें हमारी पारंपरिक संस्कृति का अंश नहीं है। चाहे वो मनुस्मृति के तत्व हों, वे इसमें नहीं थे इसलिए वे संविधान को नहीं मानते।ने कहा,"आज से 50 साल पहले कांग्रेस की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की थी, जो कोई राजनीतिक घटना नहीं बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला था। पचास साल बाद भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ जी रही है। उसके इरादे आज भी वही हैं जो 1975 में थे।ने कहा, यह देश की आत्मा को कुचलने का सीधा प्रयास था। आपातकाल एक परिवार की तरफ से रचा गया षड्यंत्र था जो सत्ता के नशे में था और यह कांग्रेस की अत्याचारी और क्रूर मानसिकता का भी प्रमाण था।ने लिखा, देश में आपातकाल, कानूनों के हथियारीकरण, न्यायिक स्वतंत्रता के हनन और नियमों की अनदेखी करके लगाया गया था। कांग्रेस में जो लोग हाथ में संविधान की कॉपी लेकर घूमते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि 50 साल भी भारत उस अत्याचार को याद करता है।ने कहा कि भारत का लोकतंत्र इसलिए बचा है क्योंकि लोगों ने उस वक्त आपातकाल का विरोध किया। संविधान, लोकतंत्र और कई संस्थाओं को रौंदने वाली घटना ऐसी है, जिसे कभी नहीं भूलना चाहिए।हरियाणा में 50 साल बाद BJP याद दिलाएगी इमरजेंसी: CM सैनी-केंद्रीय मंत्री खट्टर समेत 27 चेहरे फील्ड में उतारे हरियाणा में आज बीजेपी इमरजेंसी की 50वीं वर्षगांठ पर पुरानी यादों को ताजा करेगी। इसके लिए पार्टी की ओर से मेगा प्लानिंग की गई है। CM नायब सैनी सहित केंद्रीय मंत्रियों के साथ 27 बड़े चेहरे फील्ड में उतरेंगे। इस कार्यक्रम के जरिए बीजेपी कांग्रेस पर निशाना साधेगी।इमरजेंसी में तानाशाही के खिलाफ खड़े रहे बरेली के अटल: 7 डंडे तोड़ दिए गए, नाखून प्लास से खींचे गए 28 अक्टूबर 1975 की शाम बरेली कोतवाली पुलिस ने वीरेंद्र अटल को उनके घर से गिरफ्तार किया। हाथों में रिवॉल्वर लिए इंस्पेक्टर हाकिम राय और उनकी टीम ने घर में घुसकर उन्हें उठा लिया। अगले दिन—29 अक्टूबर की सुबह, सीओ ऑफिस में तत्कालीन डीएम माता प्रसाद के सामने पहले डंडों से पीटा गया, फिर प्लास से उनके नाखून खींचे गए।हरियाणा का गैंगस्टर, 20 साल की उम्र में जिंदगी खत्म:हिमाचल के कुल्लू में बादल फटा, जीवा नाला उफान पर:अंतरिक्ष पहुंचकर एस्ट्रोनॉट शुभांशु बोले- व्हाट ए राइड:यूपी के 43 शहरों में बारिश, सहारनपुर में बाढ़अंत्योदय संबल पखवाड़ाछिंदवाड़ा में शाम को हुई बारिशयमुनानगर में बाढ़ जैसे हालात, घरों में घुसा पानीचंडीगढ़ में मॉनसून ने दी दस्तक.

मोदी ने लिखा- कांग्रेस ने लोकतंत्र को कैद किया; खड़गे का जवाब- ये झूठ छिपाने का नाटककांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कांफ्रेंस करके इमरजेंसी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट बैठक में आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर एक प्रस्ताव पास किया गया। इसके बाद आपातकाल के पीड़ितों को श्रद्धांजलि के रूप में दो मिनट का मौन रखा गया। कैबिनेट बैठक में तीन बड़े फैसले लिए गए। पहला- पुणे मेट्रो विस्तार के लिए 3626 करोड़ रुपये पारित। दूसरा- झरिया अंडरग्राउंड फायर के लिए 5940 करोड़ रुपये का संशोधित मास्टर प्लान मंजूर। तीसरा- आगरा में 111 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र स्थापित किया जाएगा। इससे पहले बुधवार सुबह पीएम मोदी ने आपातकाल को लेकर सोशल मीडिया X पर लिखा कि इस दिन कांग्रेस ने लोकतंत्र को कैद कर लिया था। प्रेस की स्वतंत्रता को खत्म कर दी थी। इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जवाब दिया कि, ये लोग अपनी गलती छिपाने के लिए यह सब नाटक करते हैं। दरअसल 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी। यह 21 मार्च 1977 यानी 21 महीने तक लागू रहा था। भाजपा इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाती है।इमरजेंसी को लेकर मोदी ने लिखा, यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। भारत के लोग इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाते हैं। भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा करना और उन आदर्शों को बनाए रखना, जिनके लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। यह हमारा कर्तव्य है। यह उनका सामूहिक संघर्ष ही था, जिसके चलते तत्कालीन कांग्रेस सरकार को लोकतंत्र बहाल करना पड़ा और नए चुनाव कराने पड़े, जिसमें वे बुरी तरह हार गए। हम आपातकाल के खिलाफ लड़ाई में डटे रहने वाले हर व्यक्ति को सलाम करते हैं। पूरे भारत से अलग-अलग विचारधाराओं के लोग आए, उन्होंने एक उद्देश्य से एक-दूसरे के साथ मिलकर काम किया।PM ने अपनी पोस्ट में 'द इमरजेंसी डायरीज' नाम की बुक का भी जिक्र किया। पीएम ने लिखा, जब आपातकाल लगाया गया था, तब मैं RSS का युवा प्रचारक था। आपातकाल विरोधी आंदोलन मेरे लिए सीखने का एक अनुभव था। इसने हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को बचाए रखने की अहमियत को दिखाया। साथ ही, मुझे राजनीतिक स्पेक्ट्रम के सभी लोगों से बहुत कुछ सीखने को मिला। मुझे खुशी है कि ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन ने उन अनुभवों में से कुछ को एक किताब के रूप में संकलित किया है, जिसकी प्रस्तावना एचडी देवेगौड़ा ने लिखी है, जो खुद आपातकाल विरोधी आंदोलन के एक दिग्गज थे। इमरजेंसी के 50 साल पूरे होने पर भाजपा की तरफ से जारी 'द इमरजेंसी डायरीज' किताब का एक पन्ना, जिसे पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।उधर इमरजेंसी को लेकर बीजेपी की तरफ से लगाए जा रहे आरोपों पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा, जिस बात को 50 साल हो गए, ये लोग उसे बार-बार दोहरा रहे हैं। जिनका देश की आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं, जिनका संविधान निर्माण में कोई योगदान नहीं रहा। वे हमेशा संविधान के खिलाफ बात करते हैं। अंबेडकर, नेहरू और संविधान सभा ने जो संविधान तैयार किया उस संविधान को भी उन्होंने रामलीला मैदान में जलाया। उन्होंने अंबेडकर, नेहरू गांधी की फोटो जलाई थी। उनका कहना था कि जो संविधान बना है उसमें हमारी पारंपरिक संस्कृति का अंश नहीं है। चाहे वो मनुस्मृति के तत्व हों, वे इसमें नहीं थे इसलिए वे संविधान को नहीं मानते।ने कहा,"आज से 50 साल पहले कांग्रेस की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की थी, जो कोई राजनीतिक घटना नहीं बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला था। पचास साल बाद भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ जी रही है। उसके इरादे आज भी वही हैं जो 1975 में थे।ने कहा, यह देश की आत्मा को कुचलने का सीधा प्रयास था। आपातकाल एक परिवार की तरफ से रचा गया षड्यंत्र था जो सत्ता के नशे में था और यह कांग्रेस की अत्याचारी और क्रूर मानसिकता का भी प्रमाण था।ने लिखा, देश में आपातकाल, कानूनों के हथियारीकरण, न्यायिक स्वतंत्रता के हनन और नियमों की अनदेखी करके लगाया गया था। कांग्रेस में जो लोग हाथ में संविधान की कॉपी लेकर घूमते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि 50 साल भी भारत उस अत्याचार को याद करता है।ने कहा कि भारत का लोकतंत्र इसलिए बचा है क्योंकि लोगों ने उस वक्त आपातकाल का विरोध किया। संविधान, लोकतंत्र और कई संस्थाओं को रौंदने वाली घटना ऐसी है, जिसे कभी नहीं भूलना चाहिए।हरियाणा में 50 साल बाद BJP याद दिलाएगी इमरजेंसी: CM सैनी-केंद्रीय मंत्री खट्टर समेत 27 चेहरे फील्ड में उतारे हरियाणा में आज बीजेपी इमरजेंसी की 50वीं वर्षगांठ पर पुरानी यादों को ताजा करेगी। इसके लिए पार्टी की ओर से मेगा प्लानिंग की गई है। CM नायब सैनी सहित केंद्रीय मंत्रियों के साथ 27 बड़े चेहरे फील्ड में उतरेंगे। इस कार्यक्रम के जरिए बीजेपी कांग्रेस पर निशाना साधेगी।इमरजेंसी में तानाशाही के खिलाफ खड़े रहे बरेली के अटल: 7 डंडे तोड़ दिए गए, नाखून प्लास से खींचे गए 28 अक्टूबर 1975 की शाम बरेली कोतवाली पुलिस ने वीरेंद्र अटल को उनके घर से गिरफ्तार किया। हाथों में रिवॉल्वर लिए इंस्पेक्टर हाकिम राय और उनकी टीम ने घर में घुसकर उन्हें उठा लिया। अगले दिन—29 अक्टूबर की सुबह, सीओ ऑफिस में तत्कालीन डीएम माता प्रसाद के सामने पहले डंडों से पीटा गया, फिर प्लास से उनके नाखून खींचे गए।हरियाणा का गैंगस्टर, 20 साल की उम्र में जिंदगी खत्म:हिमाचल के कुल्लू में बादल फटा, जीवा नाला उफान पर:अंतरिक्ष पहुंचकर एस्ट्रोनॉट शुभांशु बोले- व्हाट ए राइड:यूपी के 43 शहरों में बारिश, सहारनपुर में बाढ़अंत्योदय संबल पखवाड़ाछिंदवाड़ा में शाम को हुई बारिशयमुनानगर में बाढ़ जैसे हालात, घरों में घुसा पानीचंडीगढ़ में मॉनसून ने दी दस्तक

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Dainik Bhaskar /  🏆 19. in İN

PM Modi Vs Congress Emergency 1975 Constitution

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

राहुल गांधी के 'महाराष्ट्र चुनाव फिक्सिंग' वाले आरोपों को ECI ने कहा बेतुका, 4 पॉइंट्स में किया पलटवारराहुल गांधी के 'महाराष्ट्र चुनाव फिक्सिंग' वाले आरोपों को ECI ने कहा बेतुका, 4 पॉइंट्स में किया पलटवारराहुल गांधी के आरोपों का खंडन करते हुए ईसीआई ने कहा कि कांग्रेस नेता द्वारा तथ्यों को बार-बार पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है.
Read more »

भाजपा ने लोकतंत्र को मजाक बना कर रखा है : उदित राजभाजपा ने लोकतंत्र को मजाक बना कर रखा है : उदित राजभाजपा ने लोकतंत्र को मजाक बना कर रखा है : उदित राज
Read more »

मोदी 3.0 सरकार का एक साल पूरा, प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने पूरे किए 11 सालमोदी 3.0 सरकार का एक साल पूरा, प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने पूरे किए 11 सालमोदी 3.0 का एक साल पूरा, प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने पूरे किए 11 साल Modi 3.0 Govt one Years completed today PM Modi JP Nadda BJP Amit shah देश
Read more »

'मोदी सरकार ने संविधान के हर पन्ने पर तानाशाही की स्याही रगड़ने में गंवाए पिछले 11 साल', खड़गे का केंद्र पर हमला'मोदी सरकार ने संविधान के हर पन्ने पर तानाशाही की स्याही रगड़ने में गंवाए पिछले 11 साल', खड़गे का केंद्र पर हमलाकांग्रेस अध्यक्ष ने X पोस्ट पर कहा कि मोदी सरकार पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने भारतीय लोकतंत्र, अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को गहरा आघात पहुँचाया है।
Read more »

लीग क्रिकेट की आड़ में एक और करियर खत्म... सिर्फ 29 साल के निकोलस पूरन का संन्यास, लिखा भावुक पोस्टलीग क्रिकेट की आड़ में एक और करियर खत्म... सिर्फ 29 साल के निकोलस पूरन का संन्यास, लिखा भावुक पोस्टवेस्टइंडीज के खतरनाक बल्लेबाज निकोलस पूरन ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। पूरन ने सिर्फ 29 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है।
Read more »

PM Modi Odisha Visit: 'मुझे तो महाप्रभु की धरती पर जाना है', ट्रंप के​ निमंत्रण को PM मोदी ने ऐसे किया मनाPM Modi Odisha Visit: 'मुझे तो महाप्रभु की धरती पर जाना है', ट्रंप के​ निमंत्रण को PM मोदी ने ऐसे किया मनाPM Modi Odisha Visit: ओडिश सरकार की पहली वर्षगांठ के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ओडिशा में डबल इंजन की सरकार ने यहां की जनता का डबल बेनेफिट किया है
Read more »



Render Time: 2026-04-02 04:13:01