यूपी के टॉप मेडिकल संस्थान, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) के डॉक्टरों में अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ चुकी है। यहां के निदेशक को 3 साल का एक्सटेंशन मिलने से बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने खुलकर कर विरोध दर्ज कराया है।इनमें वो डॉक्टरUP - Lucknow - Inside story of the protest against the extension given to SGPGI director, Many...
UP Lucknow Inside Story Of The Protest Against The Extension Given To SGPGI Director, Many Doctors Themselves Willing To Become Directo r,his Extension Made Their Hopes Vanished2028 तक रहेंगे निदेशक; डॉक्टरों द्वारा किए जा रहे विरोध की इनसाइड स्टोरीयूपी के टॉप मेडिकल संस्थान, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों में अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ रही है। यहां के निदेशक को 3 साल का एक्सटेंशन मिलने से बड़ी संख्या में डॉक्टर विरोध दर्ज करा रहे हैं। इनमें वो डॉक्टर भी शाशुक्रवार को राजभवन में प्रो.
आरके धीमन को फरवरी 2028 तक 3 साल के लिए एक्सटेंशन देने का आदेश जारी किया गया। शुक्रवार शाम फैकल्टी फोरम की तरफ से मीडिया रिलीज जारी कर बताया गया कि SGPGI संस्थान के संकाय को किसी भी चर्चा, विचार-विमर्श या सूचना दिए बिना केवल एक व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए अचानक लिए गए इस निर्णय से संस्थान के फैकल्टी दुखी और भयभीत हैं। SGPGI को देश के शीर्ष रैंकिंग चिकित्सा संस्थानों में से एक बनाने के लिए ये डॉक्टर दिन रात मेहनत कर रहे हैं। ऐसे नियमों और एक्ट में बदलाव से डॉक्टरों का इस संस्थान से मोहभंग हो जाएगा। ऐसे में यंग टॉप फैकल्टी सुपर स्पेशियलिटी विभागों में शामिल नहीं होंगे।डेढ़ हजार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट दांव पर SGPGI में मौजूदा समय कई बेहद अहम प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इनमें अकेले एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर और सलोनी हार्ट फाउंडेशन के साथ मिलकर दुनिया का सबसे बड़ा नवजात बच्चों का हार्ट सर्जरी सेंटर शामिल है। सिर्फ इन दोनों प्रोजेक्ट की लागत 1100 करोड़ की है। सीएम योगी इन प्रोजेक्ट का कुछ महीने पहले ही शिलान्यास कर चुके हैं। ऐसे में अगले 2 से 4 साल के भीतर से पूरे हो जाएंगे। इसके अलावा भी करीब 400 करोड़ के अन्य प्रोजेक्ट पर भी काम हो रहा है। इन सबको लाने में प्रो.धीमन की अहम भूमिका रही है। ऐसे में उनके न रहने पर इन प्रोजेक्ट पर असर पड़ सकता है। यही कारण रहा कि उनको एक्सटेंशन दिया गया।सीएम योगी ने प्रो.आरके धीमन को कोविड के दौरान उसके प्रबंधन और उपचार के लिए बनाई गई राज्य सलाहकार बोर्ड का अध्यक्ष बनाया था। उनकी अगुआई में भी टास्क फोर्स ने लॉक डाउन, सर्विलांस, और उसके बाद भी वैक्सीनेशन से जुड़े मामलों पर फैसले लिए थे। बाद में यूपी की कोविड स्ट्रेटेजी की कई जगह सराहना हुई, ऐसे में सीएम की नजर में प्रो.धीमन की अच्छी इमेज बनी। जो उनको एक्सटेंशन दिलाने में बेहद फायदेमंद रही।राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का NAAC इवैल्यूएशन पर खासा जोर रहा। यूपी के कई राज्य विश्वविद्यालयों में उन्होंने इसका इवैल्यूएशन कराया। उन्होंने SGPGI को भी इसे कराने का टारगेट दिया था। प्रो.धीमन के 5 साल का कार्यकाल पूरा होने से महज 2 महीने पहले SGPGI में NAAC टीम पहुंची। करीब एक महीने बाद इसकी रेटिंग आई। SGPGI प्रदेश का पहला मेडिकल संस्थान बना जिसे NAAC में A++ की ग्रेडिंग मिली। ये सफलता भी प्रो.धीमन के लिए बेहद मुरीद साबित हुई।प्रो.धीमन के लिए सबसे अहम, उनका केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कनेक्शन रहा। ऐसा कहा जाता है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी प्रो.धीमन के PGI चंडीगढ़ में किए गए काम से बेहद प्रभावित रहे। पिछले साल ही उन्हें राष्ट्रपति ने पद्मश्री से नवाजा है। ऐसे में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक अच्छी इमेज के कारण ही उन्हें ये सौगात दी गई।निदेशक की रिटायरमेंट ऐज बढ़ाने के विरोध में संस्थान के 90 डॉक्टर एकमत हैं। गवर्नर, मुख्यमंत्री और चीफ सेक्रेटरी को भी पत्र लिखकर आपत्ति जता रहे हैं। जिन डॉक्टरों ने आवेदन किया था उनका कहना है कि पहले निदेशक पद की भर्ती के लिए प्रोसेस शुरू की गई। बाद में अचानक एक्सटेंशन दे दिया गया।दरअसल दोनों गुटों के बीच विवादों की खबर तब से सामने आई जब SGPGI में निदेशक की ओर से रिटायरमेंट के 3 माह के अंदर प्रोफेसर से लेकर असिस्टेंट प्रोफेसर तक की भर्ती का विज्ञापन निकाला। 22 विभागों में 84 पदों पर निकाले गए विज्ञापन को कई डॉक्टरों ने नियम विरुद्ध बताया। फैकल्टी फोरम के सदस्यों ने इस विज्ञापन में निकाले गए पद आरक्षण के लिहाज से भी गड़बड़ी होने पर सवाल उठाए थे। ऐसे में भर्ती विज्ञापन पर कई प्रोफेसर, सीनियर डॉक्टर अब खुलकर निदेशक का विरोध करने के मूड में आ चुके हैं। उनका कहना है कि निदेशक को खुद ही अपने नियमों को ध्यान रखना चाहिए21 जनवरी को SGPGI फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष और महासचिव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निदेशक के खिलाफ मोर्चा खोला था। तब फैकल्टी फोरम के प्रतिनिधियों ने संस्थान निदेशक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था- फैकल्टी मेंबर्स की लगातार अनदेखी की जा रही है। ऐसे में अब उनके खिलाफ मजबूर होकर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलानी पड़ रही है। फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष डॉ.अमिताभ आर्या ने कहा था- यहां हर साल मुख्य सचिव को भेजी जाने वाली ACR रिपोर्ट पिछले 4 साल से नहीं भेजी गई। सीनियर प्रोफेसरशिप के लिए कई प्रोफेसरों के प्रस्ताव को भी रोक दिया गया है।फैकल्टी फोरम के प्रेसिडेंट प्रो.अमिताभ आर्या ने कहा- इन सब कारणों से संस्थान से कई फैकल्टी निजी हॉस्पिटल का रुख कर रहे हैं। 4 सालों में 24 डॉक्टरों ने संस्थान को छोड़ दिया। 20 फैकल्टी मेंबर रिटायर हो गए। संस्थान में अच्छे फैकल्टी मेंबर्स की कमी हो गई है।कुछ महीने पहले राजभवन की तरफ से निकाले गए SGPGI के निदेशक पद के विज्ञापन पर 42 डॉक्टरों ने अप्लाई किया था। आवेदन करने वाले इन सभी डॉक्टरों की उम्मीदों पर प्रो.धीमन को मिले एक्सटेंशन से पानी फिर गया है। बड़ी बात ये है कि इनमें कई दिग्गज डॉक्टर भी शामिल हैं। इनमें KGMU की कुलपति प्रो.सोनिया नित्यानंद भी थी। वो मूल रूप से SGPGI की फैकल्टी मेंबर हैं। इसके अलावा KGMU और SGPGI के कई बड़े और नामी डॉक्टरों ने अप्लाई किया था।अचानक हुए इस घटनाक्रम के बाद, SGPGI के निदेशक प्रो.आरके धीमन ने अपने 5 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा 7 फरवरी 2025 को 5 साल पूरे हो रहे हैं। हमने संस्थान को अपना बेस्ट दिया है। कई बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं। संस्थान को NAAC की ग्रेडिंग में A++ की रेटिंग मिली है। संस्थान में हर वर्ग के मरीजों को लाभ मिल रहा। सभी की सुनी जा रही है।डॉ.बीसी जोशी- दिसंबर 1982 से मई 1986डॉ.एस एस अग्रवाल- अक्टूबर 1993 से मार्च 1997डॉ. एके महापात्रा- सितंबर 2006 से सितंबर 2009डॉ.आरके धीमन- फरवरी 2020 से अब तक यह खबर भी पढ़ें... लखनऊ में SGPGI निदेशक को 3 साल का एक्सटेंशन मिला:90 डॉक्टर विरोध में उतरे, बोले- संस्थान पर खतरा, गलत हुआराज्यपाल आनंदी बेन पटेल की तरफ से जारी किए गए आदेश में कहा गया कि SGPGI के निदेशक प्रो.आरके धीमन का कार्यकाल 7 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है। SGPGI अधिनियम, 1983 की धारा-12-क के अन्तर्गत उनको तीन वर्ष की अतिरिक्त अवधि अथवा अग्रिम आदेशों, जो भी पहले हो, तक के लिए के निदेशक के दायित्वों के निर्वहन की अतिरिक्त अवधि प्रदान किया जाता है।उत्तरी सर्द हवाओं ने ठिठुराया न्यूनतम तामपान 7.6 डिग्रीMP में आज सर्द हवाओं का अलर्टगोरखपुर में पछुआ हवाओं से फिर बढ़ी ठंडहिमाचल में बर्फबारी के बाद कोल्ड अटैक
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