नई दिल्ली: त्रिची के आर.
नई दिल्ली: त्रिची के आर. नरसिम्मन की कहानी पारंपरिक कृषि धारणाओं को तोड़ती है। 1998 में अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर उन्होंने कृषि-उद्यमिता की यात्रा शुरू की। इसकी शुरुआत बहुत छोटी थी। लेकिन, अब यह 158 एकड़ के ऑर्गेनिक एग्रोफॉरेस्ट्री इकोसिस्टम में बदल गई है। इससे नरसिम्मन की सालाना 40-50 लाख रुपये की कमाई होती है। मोनोकल्चर की अस्थिरता से सबक लेते हुए उन्होंने 'थ्री-टियर मॉडल' विकसित किया। यह बदलाव कमाल कर गया। आइए, यहां आर.
नरसिम्मन की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।खेती शुरू करने का ये था मकसद खेती शुरू करने का ये था मकसद' imgsize='131338' >आर. नरसिम्मन ने 1998 में नौकरी छोड़कर खेती शुरू की थी। इसका शुरुआती लक्ष्य रिटायरमेंट के बाद शांतिपूर्ण जीवन जीना था। उन्होंने जल्दी ही अल्फांसो आम की खेती करके तेजी से विकास किया। हालांकि, असुरक्षित मौसम और बाजार के उतार-चढ़ाव जैसी मोनोकल्चर की कमजोरियों का अनुभव करने के बाद उन्होंने इंटीग्रेटेड एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल को अपनाया। यह मॉडल भूमि के हर हिस्से का इस्तेमाल करता है। पहला स्तर सागौन, लाल चंदन और सिल्वर ओक जैसे लंबी अवधि के निवेश के लिए आरक्षित है। दूसरा स्तर आम, केला और तरबूज जैसी वार्षिक रिटर्न देने वाली फसलों के लिए है। तीसरा स्तर मौसमी रिटर्न देने वाली दालों के लिए है। अकेले 25,000 सिल्वर ओक और दूसरे पेड़ सालाना 10-15 लाख रुपये की अतिरिक्त आय देते हैं।ऑर्गेनिक खेती अपनाने का मिला फायदा ऑर्गेनिक खेती अपनाने का मिला फायदा' imgsize='139834' >नरसिम्मन ने 2008 में पूरी तरह से जैविक खेती को अपनाया। इसमें वह अपनी 16 देसी गायों के गोबर से बनी खाद का इस्तेमाल करते हैं। सौर ऊर्जा संचालित ड्रिप सिंचाई और एक 700 वर्ग फीट का सौर ड्रायर उनके खेत को टिकाऊ बनाता है। 2010 में उनके खेत में 35.75 किलो का रिकॉर्ड-तोड़ तरबूज उगा। इसे देखकर बीज फर्म नामधारी भी अचंभित रह गई। इस एक तरबूज को 5,000 रुपये में बेचा गया। इसने साबित किया कि जैविक गुणवत्ता स्थानीय बाजार में भी प्रीमियम मूल्य दिला सकती है। इस सफलता ने उन्हें राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया। 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें किसानों की आय दोगुनी करने की नीति योजना में सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया, जहां उन्होंने सब्सिडी डिस्ट्रीब्यूशन से बिचौलियों को हटाने सहित 22 सुझाव दिए।दर्जनों पुरस्कार से किया गया सम्मानित दर्जनों पुरस्कार से किया गया सम्मानित' imgsize='28794' >नरसिम्मन के मॉडल की सबसे खास बात इसकी आत्मनिर्भरता है। कई दशकों में विकसित यह इकोसिस्टम वर्षा जल संचयन यानी रेवॉटर हारवेस्टिंग, सौर ऊर्जा और वृक्षों के पत्तों की कई परतों के माध्यम से चलता है। यह डिजाइन उनके खेत को मानवीय हस्तक्षेप के बिना 20 वर्षों तक स्वतंत्र रूप से संचालित करने और भोजन प्रदान करने की क्षमता देता है। यह पारिस्थितिक संतुलन प्राकृतिक कीट प्रबंधन, मिट्टी के स्वास्थ्य और खाद्य विविधता को सुनिश्चित करता है। उनकी अभिनव पद्धति ने उन्हें नीति आयोग और इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर सहित 60 से अधिक पुरस्कार दिलाए हैं। उनका खेत अब बीएससी से लेकर पीएचडी स्तर तक के छात्रों के लिए एक जीवित प्रयोगशाला बन गया है, जहां वह युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण देते हैं।भविष्य की योजनाएं हैं बड़ी भविष्य की योजनाएं हैं बड़ी' imgsize='72420' >अपने एग्रो-एंटरप्राइज की सफलता के बावजूद नरसिम्मन भविष्य पर नजर गड़ाए हुए हैं। उन्होंने भारतीय वन आनुवंशिक संस्थान के साथ मिलकर चंदन और देसी लकड़ी के पेड़ों को बाजार में लाने की योजना बनाई है। उनका लक्ष्य स्वदेशी, तेजी से बढ़ने वाली लकड़ी की किस्मों को व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बनाकर लकड़ी के आयात पर भारत की निर्भरता को कम करना है। वह एग्री-टूरिज्म शुरू करने की भी योजना बना रहे हैं ताकि शहरी निवासी इस सफल एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल को देख सकें। उनके लिए मिट्टी एक बैंक खाता है। पेड़ पेंशन। अगर सभी किसान सालाना केवल 10 पेड़ लगाते हैं तो भारत एक दशक में लकड़ी का आयात बंद कर सकता है। उनका मानना है कि कृषि एक 100 साल का निवेश है। उनका डॉक्टर बेटा भी अब इसमें दिलचस्पी ले रहा है।
आर नरसिम्मन की सफलता आर नरसिम्मन सफलता की कहानी आर नरसिम्मन एग्री बिजनेस सफलता की कहानी Who Is R Narasimman R Narasimman Success R Narasimman Success Story R Narasimman Agri Business Success Story
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
Success Story: गए थे घूमने, मिल गई 'रानी'... ऐसे बदली इंजीनियर की कहानी, अब 1.5 करोड़ का कोराबारअद्वैत कुलकर्णी मैकेनिकल इंजीनियर हैं। वह महाराष्ट्र के कोल्हापुर के रहने वाले हैं। त्रिपुरा की एक ट्रिप ने उनकी जिंदगी बदल दी। 2017 में त्रिपुरा के अनानास बागानों की विशाल हरियाली से मंत्रमुग्ध होकर अद्वैत को बिजनेस आइडिया आया। उन्होंने अनानास के डिब्बाबंद स्लाइस का उत्पादन शुरू...
Read more »
ಮಾಜಿ ವಿಶ್ವ ಸುಂದರಿಗಿದೆ ಹೃದಯ ಕಾಯಿಲೆ! ನಗುಮುಖದಿಂದಲೇ ಆರೋಗ್ಯ ಸಮಸ್ಯೆಯೊಂದಿಗೆ ಹೋರಾಡುತ್ತಿರುವ ಸ್ಟಾರ್ ನಟಿ..Sushmita Sen cardiac procedure: ಖ್ಯಾತ ಬಾಲಿವುಡ್ ನಟಿ ಸುಷ್ಮಿತಾ ಸೇನ್ ಇಂದು ತಮ್ಮ 50 ನೇ ಹುಟ್ಟುಹಬ್ಬವನ್ನು ಆಚರಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ಅವರ ವೈಯಕ್ತಿಕ ಜೀವನದ ಕೆಲವು ಸಂಗತಿಗಳನ್ನು ಇಲ್ಲಿ ತಿಳಿಯೋಣ..
Read more »
Success Story: एक शौक जो कारोबार में बदल गया, इंजीनियरिंग की नौकरी भी नहीं रोक पाई, अब 35 करोड़ रुपये का टर्नओवरSuccess Story of Mustufa Ali: हैदराबाद के रहने वाले मुस्तफा पुरानी कारें बेचते हैं। वह विप्रो (Wipro) में इंजीनियर रह चुके हैं। आज उनकी कंपनी का टर्नओवर करोड़ों रुपये का है।
Read more »
Success Story: माता-पिता सरकारी अफसर, बिटिया ने यूपीएससी परीक्षा में किया टॉप, अब मिला 2 करोड़ का पुरस्कारTina Dabi IAS Success Story: देश की सबसे चर्चित महिला आईएएस अधिकारियों में शामिल टीना डाबी एक बार फिर से सुर्खियों में छाई हुई हैं. हाल ही में उन्हें 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया गया है.
Read more »
Success Story: पिता के बलिदान ने बदली जिंदगी! बेटे ने लगातार 2 बार UPSC क्रैक कर हासिल की 26वीं रैंक, बना IASUPSC Success Story: आईएएस प्रदीप सिंह उन चुनिंदा उम्मीदवारों में से एक हैं, जिन्होंने लगातार 2 बार यूपीएससी क्रैक कर मिसाल कायम किया है. आइए हम आपको उनकी पिता के बलिदान के साथ खुद के समर्पण, लगन और आत्मविश्वास से हासिल की हुई सफलता की कहानी के बारे में बताते हैं.
Read more »
Chankya Niti: गांठ बांध लें आचार्य चाणक्य की ये 5 बातें, सुकून से कटेगी जिंदगी, सफलता पाने से कोई रोक नहीं सकेगा!Chanakya Niti For Success: आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति शास्त्र में कई ऐसी बातें बताई हैं जो समय के
Read more »
