शार्क टैंक इंडिया का 5 वां सीजन Shark Tank India Season 5 शुरू हो चुका है। इसकी शुरुआत कल 5 जनवरी को हुई। इस सीजन में 9 पुराने जज और 6 नए जज शामिल होंगे। इन 6 नए जज में से ही एक कनिका टेकरीवाल kanika tekriwal भी है। इनकी सफलता की कहानी Success Story काफी प्रेरणादायक है। लड़की होने की वजह से इन्हें फंडिंग में परेशानी आई और इन्हें अक्सर केबिन क्रू...
नई दिल्ली। शार्क टैंक इंडिया का 5 वां सीजन शुरू हो चुका है। इसकी शुरुआत कल 5 जनवरी को हुई। इस सीजन में 9 पुराने जज के साथ 6 नए जज भी देखने को मिलेंगे। इनमें से ही एक कनिका टेकरीवाल भी है। आज हम इनके ही सफलता की कहानी के बारे में बात करेंगे। ये जेटसेटगो नामक ट्रांसपेरेंट प्राइवेट एविएशन मार्केटप्लेस की फाउंडर है। इनका ये सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने ये बिजनेस करने में फंडिंग से लेकर लोगों की सोच से भी लड़ना पड़ा। उन्होंने ऐसे फील्ड में बिजनेस करने का सोचा, जहां पुरुषों का ज्यादा दबदबा था। लड़की होने की वजह से उन्हें शुरुआत में फंडिंग जुटाने में भी परेशानी आई। आइए जानते हैं कि कैसे कनिका ने 5600 रुपये से 4200 करोड़ रुपये का बिजनेस कैसे खड़ा किया? एयरलाइन बिजनेस ही क्यों? कनिका पहले से पायलट बनाना चाहती थी। वे बचपन से विमानों को देखकर खुश हुआ करती थी। लेकिन उनके परिवार को पायलट बनना मंजूर नहीं था। वे चाहते थे कि कनिका इससे भी कुछ बड़ा करें। कनिका ने अपनी ये चाहत बरकरार रखी और खुद का ट्रांसपेरेंट प्राइवेट एविएशन मार्केटप्लेस जेटसेटगो की शुरुआत की। 5600 रुपये में शुरू किया बिजनेस? वे जिस बिजनेस में कदम रखने जा रही थी। वहां पुरुषों का काफी दबदबा था। उन्हें अक्सर लोग केबिन क्रू में समझ लेते हैं और उनसे ये सवाल पूछते कि क्या वे केबिन क्रू में है? लड़की होने की वजह से उन्हें शुरुआत में फंडिंग में भी काफी दिक्कत आई। उन्होंने इस बिजनेस की शुरुआत 5600 रुपये से की थी। 420 करोड़ रुपये कैसे पहुंचा बिजनेस? उन्हें इस बिजनेस को विस्तार करने में काफी परेशानी आई। हालांकि उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आज उनका ये बिजनेस 420 करोड़ रुपये का हो गया है। उन्होंने इस बिजनेस की शुरुआत 21 साल की उम्र में ही कर ली थी। आज उनके पास 9 प्राइवेट जेट और 2 हेलिकॉप्टर है। इनके जरिए कनिका की कंपनी बड़े प्राइवेट जेट फ्लीट्स में से एक को मैनेज कर रही है। अब तक कनिका की कंपनी 1 लाख से ज्यादा यात्रियों को सेवा दे चुकी है और इसके साथ ही 6000 से ज्यादा उड़ानों का संचालन कर चुकी है। लोग केबिन क्रू में समझा करते कनिका को शुरुआत में काफी दिक्कत आई। क्योंकि एक तो उन्होंने 21 साल की उम्र में मार्केट में एंट्री ली और वे लड़की थी। इस व्यापार में पुरुषों का ज्यादा दबदबा था। इसलिए जब वे एयरपोर्ट विमान की जांच के लिए जाया करती, लोग उन्हें अक्सर केबिन-क्रू में समझ लेते। कनिका के इस सफल बिजनेस ने लोगों के स्टीरियोटाइप सोच को तोड़ा है।.
नई दिल्ली। शार्क टैंक इंडिया का 5 वां सीजन शुरू हो चुका है। इसकी शुरुआत कल 5 जनवरी को हुई। इस सीजन में 9 पुराने जज के साथ 6 नए जज भी देखने को मिलेंगे। इनमें से ही एक कनिका टेकरीवाल भी है। आज हम इनके ही सफलता की कहानी के बारे में बात करेंगे। ये जेटसेटगो नामक ट्रांसपेरेंट प्राइवेट एविएशन मार्केटप्लेस की फाउंडर है। इनका ये सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने ये बिजनेस करने में फंडिंग से लेकर लोगों की सोच से भी लड़ना पड़ा। उन्होंने ऐसे फील्ड में बिजनेस करने का सोचा, जहां पुरुषों का ज्यादा दबदबा था। लड़की होने की वजह से उन्हें शुरुआत में फंडिंग जुटाने में भी परेशानी आई। आइए जानते हैं कि कैसे कनिका ने 5600 रुपये से 4200 करोड़ रुपये का बिजनेस कैसे खड़ा किया? एयरलाइन बिजनेस ही क्यों? कनिका पहले से पायलट बनाना चाहती थी। वे बचपन से विमानों को देखकर खुश हुआ करती थी। लेकिन उनके परिवार को पायलट बनना मंजूर नहीं था। वे चाहते थे कि कनिका इससे भी कुछ बड़ा करें। कनिका ने अपनी ये चाहत बरकरार रखी और खुद का ट्रांसपेरेंट प्राइवेट एविएशन मार्केटप्लेस जेटसेटगो की शुरुआत की। 5600 रुपये में शुरू किया बिजनेस? वे जिस बिजनेस में कदम रखने जा रही थी। वहां पुरुषों का काफी दबदबा था। उन्हें अक्सर लोग केबिन क्रू में समझ लेते हैं और उनसे ये सवाल पूछते कि क्या वे केबिन क्रू में है? लड़की होने की वजह से उन्हें शुरुआत में फंडिंग में भी काफी दिक्कत आई। उन्होंने इस बिजनेस की शुरुआत 5600 रुपये से की थी। 420 करोड़ रुपये कैसे पहुंचा बिजनेस? उन्हें इस बिजनेस को विस्तार करने में काफी परेशानी आई। हालांकि उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आज उनका ये बिजनेस 420 करोड़ रुपये का हो गया है। उन्होंने इस बिजनेस की शुरुआत 21 साल की उम्र में ही कर ली थी। आज उनके पास 9 प्राइवेट जेट और 2 हेलिकॉप्टर है। इनके जरिए कनिका की कंपनी बड़े प्राइवेट जेट फ्लीट्स में से एक को मैनेज कर रही है। अब तक कनिका की कंपनी 1 लाख से ज्यादा यात्रियों को सेवा दे चुकी है और इसके साथ ही 6000 से ज्यादा उड़ानों का संचालन कर चुकी है। लोग केबिन क्रू में समझा करते कनिका को शुरुआत में काफी दिक्कत आई। क्योंकि एक तो उन्होंने 21 साल की उम्र में मार्केट में एंट्री ली और वे लड़की थी। इस व्यापार में पुरुषों का ज्यादा दबदबा था। इसलिए जब वे एयरपोर्ट विमान की जांच के लिए जाया करती, लोग उन्हें अक्सर केबिन-क्रू में समझ लेते। कनिका के इस सफल बिजनेस ने लोगों के स्टीरियोटाइप सोच को तोड़ा है।
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