समता बोथरा राजधानी दिल्ली की रहने वाली हैं। उन्होंने जीवन के उस पड़ाव में एक सफल कारोबार खड़ा कर दिया है जब लोग सुस्ताने के बारे में सोचने लगते हैं। 30 साल घर की जिम्मेदारियां संभालने के बाद 2018 में समता ने 'मम्मीज कुल्फी' की नींव रखी। जिस वेंचर की शुरुआत सिर्फ 5 हजार रुपये से घर की रसाई से हुई थी, वह आज एक करोड़ के सालाना टर्नओवर वाले...
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की 51 वर्षीय समता बोथरा ने घर की रसोई से सफल व्यवसाय खड़ा किया है। एक गृहिणी के रूप में तीन दशक बिताने के बाद 2018 में उन्होंने 'मम्मीज कुल्फी' की शुरुआत की। आइसक्रीम उद्योग से पारिवारिक जुड़ाव होने के बावजूद उनकी दिलचस्पी इस काम में कभी नहीं थी। हालांकि, होली से ठीक पहले एक प्रयोग के रूप में बनाई गई उनकी होममेड कुल्फी को परिवार और रिश्तेदारों से इतना प्यार मिला कि उन्हें इसे बिजनेस में बदलने का आइडिया आया। बेटे की मदद से उन्होंने सिर्फ 5,000 रुपये के शुरुआती निवेश से तीन फ्लेवर्स के साथ काम शुरू किया। आज उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर लगभग 1 करोड़ रुपये है। यह पूरे दिल्ली में विस्तार करने की तैयारी में है। आइए, यहां समता बोथरा की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।रसोई से बिजनेस का आइडिया रसोई से बिजनेस का आइडिया ' imgsize='51674' >समता बोथरा ने अपने जीवन के 30 से ज्यादा साल घर संभालने में बिताए। उन्होंने साल 2018 में होली से पहले घर पर कुल्फी बनाने का प्रयोग किया। यह कुल्फी गाढ़े दूध और फ्लेवर्स से बनाई गई थी। उनके परिवार को यह इतनी पसंद आई कि उन्होंने इसे रिश्तेदारों को भी खिलाया। रिश्तेदारों से बार-बार कुल्फी की डिमांड आने लगी। इससे समता को इसे बिजनेस में बदलने का आइडिया आया। उन्होंने अपने बेटे की मदद से सिर्फ 5,000 रुपये के निवेश से कुल्फी के सांचे खरीदे और 'मम्मीज कुल्फी' की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में उन्हें हर दो दिन में मुश्किल से एक ऑर्डर मिलता था। लेकिन, 6-7 महीनों में लोगों के बीच इसके स्वाद की चर्चा फैलने लगी।ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मिला बड़ा ब्रेक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मिला बड़ा ब्रेक' imgsize='48672' >साल 2019 में जब समता के स्टार्टअप ने जोमैटो और स्विगी जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराया तो बिजनेस में बड़ा उछाल आया। जहां पहले कभी-कभार ऑर्डर मिलते थे, वहीं इसके बाद शाम 6 बजे से रसोई के पास डिलीवरी राइडर्स की लाइन लगने लगी। रोजाना 60-70 ऑर्डर डिस्पैच होने लगे। इस सफलता को देखकर समता ने कॉरपोरेट ऑर्डर्स के लिए जोमैटो के साथ भागीदारी की। अब वह डेलॉयट, ईवाई और केपीएमजी जैसी बड़ी कंपनियों के लिए एक बार में 2000 से 3000 कुल्फी के बल्क ऑर्डर पूरे करने लगी हैं। साथ ही कई कंपनियों में पॉप-अप स्टॉल भी बढ़ाए हैं। अब ₹1 करोड़ का टर्नओवर अब ₹1 करोड़ का टर्नओवर' imgsize='37112' >शुरुआत में समता कच्चे माल के चयन से लेकर कुल्फी तैयार करने और पैकेजिंग तक सब कुछ खुद करती थीं। इसमें एक बैच तैयार करने में 16 से 20 घंटे लगते थे। बढ़ती मांग को देखते हुए यह प्रक्रिया अव्यावहारिक हो गई। इसलिए उन्होंने मशीनीकरण अपनाया। सेमी-ऑटोमैटिक सांचे और एक टीम को काम पर लगाया। अब दूध उबालने और कुल्फी जमाने में लगने वाला समय काफी कम हो गया है। आज यह स्टार्टअप मुख्य रूप से कुल्फी और आइस पॉप्स सेगमेंट में काम करता है। इसमें केसर पिस्ता, पान बहार और केरी पुदीना जैसे फ्लेवर्स लोकप्रिय हैं। वर्तमान में उनकी मासिक बिक्री लगभग 10 लाख रुपये है। इससे कंपनी का सालाना टर्नओवर लगभग 1 करोड़ तक रुपये पहुंच गया है।बड़ी हैं आगे की योजनाएं बड़ी हैं आगे की योजनाएं ' imgsize='27022' >फिलहाल समता की 'मम्मीज कुल्फी' के पूर्वी दिल्ली में तीन कार्ट हैं। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रही है। बढ़ते ऑर्डर ट्रैफिक को देखते हुए समता अब होम किचन से एक बड़ी यूनिट में जाने की योजना बना रही हैं। इसमें बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए व्यवस्थित पैकेजिंग मशीनें होंगी। इसके अलावा, कंपनी अपनी पहुंच को बढ़ाने के लिए अगले कुछ महीनों में ब्लिंकिट और इंस्टाग्राम जैसे इंस्टा-डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर भी रजिस्टर करने की तैयारी कर रही है ताकि पूर्वी दिल्ली से बाहर के ग्राहकों तक भी पहुंचा जा सके। साथ ही मौजूदा कियोस्कों की संख्या में बढ़ोतरी भी उनकी प्राथमिकता में है।.
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की 51 वर्षीय समता बोथरा ने घर की रसोई से सफल व्यवसाय खड़ा किया है। एक गृहिणी के रूप में तीन दशक बिताने के बाद 2018 में उन्होंने 'मम्मीज कुल्फी' की शुरुआत की। आइसक्रीम उद्योग से पारिवारिक जुड़ाव होने के बावजूद उनकी दिलचस्पी इस काम में कभी नहीं थी। हालांकि, होली से ठीक पहले एक प्रयोग के रूप में बनाई गई उनकी होममेड कुल्फी को परिवार और रिश्तेदारों से इतना प्यार मिला कि उन्हें इसे बिजनेस में बदलने का आइडिया आया। बेटे की मदद से उन्होंने सिर्फ 5,000 रुपये के शुरुआती निवेश से तीन फ्लेवर्स के साथ काम शुरू किया। आज उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर लगभग 1 करोड़ रुपये है। यह पूरे दिल्ली में विस्तार करने की तैयारी में है। आइए, यहां समता बोथरा की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।रसोई से बिजनेस का आइडिया रसोई से बिजनेस का आइडिया ' imgsize='51674' >समता बोथरा ने अपने जीवन के 30 से ज्यादा साल घर संभालने में बिताए। उन्होंने साल 2018 में होली से पहले घर पर कुल्फी बनाने का प्रयोग किया। यह कुल्फी गाढ़े दूध और फ्लेवर्स से बनाई गई थी। उनके परिवार को यह इतनी पसंद आई कि उन्होंने इसे रिश्तेदारों को भी खिलाया। रिश्तेदारों से बार-बार कुल्फी की डिमांड आने लगी। इससे समता को इसे बिजनेस में बदलने का आइडिया आया। उन्होंने अपने बेटे की मदद से सिर्फ 5,000 रुपये के निवेश से कुल्फी के सांचे खरीदे और 'मम्मीज कुल्फी' की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में उन्हें हर दो दिन में मुश्किल से एक ऑर्डर मिलता था। लेकिन, 6-7 महीनों में लोगों के बीच इसके स्वाद की चर्चा फैलने लगी।ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मिला बड़ा ब्रेक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मिला बड़ा ब्रेक' imgsize='48672' >साल 2019 में जब समता के स्टार्टअप ने जोमैटो और स्विगी जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराया तो बिजनेस में बड़ा उछाल आया। जहां पहले कभी-कभार ऑर्डर मिलते थे, वहीं इसके बाद शाम 6 बजे से रसोई के पास डिलीवरी राइडर्स की लाइन लगने लगी। रोजाना 60-70 ऑर्डर डिस्पैच होने लगे। इस सफलता को देखकर समता ने कॉरपोरेट ऑर्डर्स के लिए जोमैटो के साथ भागीदारी की। अब वह डेलॉयट, ईवाई और केपीएमजी जैसी बड़ी कंपनियों के लिए एक बार में 2000 से 3000 कुल्फी के बल्क ऑर्डर पूरे करने लगी हैं। साथ ही कई कंपनियों में पॉप-अप स्टॉल भी बढ़ाए हैं। अब ₹1 करोड़ का टर्नओवर अब ₹1 करोड़ का टर्नओवर' imgsize='37112' >शुरुआत में समता कच्चे माल के चयन से लेकर कुल्फी तैयार करने और पैकेजिंग तक सब कुछ खुद करती थीं। इसमें एक बैच तैयार करने में 16 से 20 घंटे लगते थे। बढ़ती मांग को देखते हुए यह प्रक्रिया अव्यावहारिक हो गई। इसलिए उन्होंने मशीनीकरण अपनाया। सेमी-ऑटोमैटिक सांचे और एक टीम को काम पर लगाया। अब दूध उबालने और कुल्फी जमाने में लगने वाला समय काफी कम हो गया है। आज यह स्टार्टअप मुख्य रूप से कुल्फी और आइस पॉप्स सेगमेंट में काम करता है। इसमें केसर पिस्ता, पान बहार और केरी पुदीना जैसे फ्लेवर्स लोकप्रिय हैं। वर्तमान में उनकी मासिक बिक्री लगभग 10 लाख रुपये है। इससे कंपनी का सालाना टर्नओवर लगभग 1 करोड़ तक रुपये पहुंच गया है।बड़ी हैं आगे की योजनाएं बड़ी हैं आगे की योजनाएं ' imgsize='27022' >फिलहाल समता की 'मम्मीज कुल्फी' के पूर्वी दिल्ली में तीन कार्ट हैं। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रही है। बढ़ते ऑर्डर ट्रैफिक को देखते हुए समता अब होम किचन से एक बड़ी यूनिट में जाने की योजना बना रही हैं। इसमें बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए व्यवस्थित पैकेजिंग मशीनें होंगी। इसके अलावा, कंपनी अपनी पहुंच को बढ़ाने के लिए अगले कुछ महीनों में ब्लिंकिट और इंस्टाग्राम जैसे इंस्टा-डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर भी रजिस्टर करने की तैयारी कर रही है ताकि पूर्वी दिल्ली से बाहर के ग्राहकों तक भी पहुंचा जा सके। साथ ही मौजूदा कियोस्कों की संख्या में बढ़ोतरी भी उनकी प्राथमिकता में है।
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