UPSC Success Story: आईएएस श्रुति शर्मा उन चुनिंदा आईएएस अधिकारियों में से एक हैं, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला रैंक हासिल किया है. आइए हम आपको उनकी प्रेरणादायक जर्नी के बारे में बताते हैं.
IAS Shruti Sharma Success Story: संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है, जिसमें सफलता हासिल करने के लिए एक उम्मीदवार को सही रणनीति के साथ कड़ी मेहनत करने के अलावा अपने अंदर आत्मविश्वास और संयम बनाए रखने की जरूरत होती है.
कैंडिडेट को सही दिशा में गलतियों से सीखते हुए आगे बढ़ने की जरूरत होती है. ऐसे में आइए आज हम आपको एक ऐसी यूपीएससी उम्मीदवार की प्रेरणादायक जर्नी के बारे में बताते हैं, जो पहले अटेंप्ट में मात्र एक नंबर से चूक गई, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक पहला हासिल कर इतिहास रच दिया और अपने अफसर बनने के सपने को साकार किया. IAS श्रुति शर्मा हम बात कर रहे हैं आईएएस श्रुति शर्मा की, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली हैं. श्रुति एक सामान्य परिवार से आती हैं. उनके पिता आर्किटेक्चर और उनकी मां शिक्षिका हैं. श्रुति बचपन से ही पढ़ने-लिखने में काफी होशियार थी. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली से की. इंटरमीडिएट के बाद श्रुति ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से की. ये भी पढ़ें: UPSC Success Story: बचपन में गुजर गए पिता, मजदूरी करके मां ने पढ़ाया, फिर दिव्या ने किया कमाल, पहले IPS और फिर बनीं IAS पहले प्रयास में 1 नंबर से चूकीं श्रुति अपने लक्ष्य को लेकर शुरू से ही क्लियर थी. उन्होंने ग्रेजुएशन के दौरान ही तय कर लिया था कि उन्हें सिविल सेवा में अपना करियर बनाना है. यही कारण था कि श्रुति ने ग्रेजुएशन के बाद ही यूपीएससी सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी. साल 2019 में श्रुति ने यूपीएससी सीएसई का पहला अटेंप्ट दिया, लेकिन मेंस परीक्षा में केवल 1 अंक से वो चूक गई. हालांकि, पहले अटेंप्ट में सपल नहीं होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे अटेंप्ट की तैयारी में जुट गई. दूसरे अटेंप्ट में हासिल की पहली रैंक श्रुति की मेहनत और आत्मविश्वास का परिणाम रहा कि उन्होंने UPSC CSE 2021 में अपने परिणाम से सभी को चौका दिया. श्रुति ने दूसरे अटेंप्ट में ऑल इंडिया रैंक पहला हासिल कर इतिहास रच दिया. इसी के साथ उनका चयन आईएएस के पद पर हुआ. श्रुति की सफलता आज के समय में यूपीएससी एस्पिरेंट्स के लिए एक प्रेरणा है. जानकारी के लिए बता दें, वर्तमान में श्रुति देवरिया में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर सेवा दे रही हैं. ये भी पढ़ें: Success Story: पिता के अधूरे सपने को बेटी ने किया साकार, बिना कोचिंग अफसर बन बनी मिसाल, UPSC में हासिल की 9वीं रैंक
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