Chitransh Aggarwal: हर कोई IIT में एडमिशन पाने का सपना देखते हैं लेकिन आज हम ऐसे शख्स के बारे में बताएंगे, जो जिन्होने कोडिंग के लिए ठुकरा दी IIT की सीट.
Chitransh Aggarwal : IIT में एडमिशन पाने के लिए लोग रात-दिन मेहनत करते हैं. अगर आप जी-तोड़ मेहनत करते हैं, तो सफलता पाने से कोई भी नहीं रोक सकता है. आज आपको ऐसे शख्स के बारे में बताएंगे, जिन्होने अपने कोडिंग के जुनून से IIT की सीट ठुकरा दी.
उनका नाम चित्रांश अग्रवाल है, जो छत्तीसगढ़ के दुर्ग के रहने वाले हैं. उन्होने ऐसा मुकाम हासिल किया है जिसका सपना हर इंजीनियर देखता है. आपको बताते हैं कैसे उन्होने इस मुकाम को हासिल किया है. चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट आपको बता दें चित्रांश अग्रवाल ने डॉक्यूसाइन में इंटर्नशिप के साथ-साथ उन्होने Insight Performance Testing Framework को स्केलेबल बनाना इस कठिन प्रोजेक्ट पर काम किया था. उनका 1 मिलियन प्रोडक्शन वर्कलोड का कॉन्ट्रैक्ट्स इतना भी आसान नहीं था, बिना सर्वर क्रैश उनको ये सब कुछ ठीक तरीके से करना था. इस कठिन प्रोजेक्ट ने चित्रांश को बारीकियां से चीजों के बारे में सिखाया है. चित्रांश को डॉक्यूसाइन से लगभग 76 लाख रुपये का एनुअल पैकेज मिला है. कैसे की पूरी तैयारी ये चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था. उन्होने अपनी तैयारी कुछ हिस्सों में बांटकर की थी. उनका कहना था की वो रोजाना LeetCode पर सवाल हल किया करते थे, जिससे उनकी कोडिंग स्पीड काफी ज्यादा तेज होती रहती थी. उन्होने लगातार OS, OOPS, DBMS जैसे सब्जेक्ट्स को भी रोजाना पढ़ा. चित्रांश का कहना था की उन्होने थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल एप्लीकेशन पर भी फोकस किया है. रोजाना दिन-रात इस चीज को लेकर काफी ज्यादा मेहनत किया और ये सफल हुई. चित्रांश ने कहा की उनकी इस सफलता के पीछे परिवार का सबसे बड़ा योगदान रहा है. उनके माता-पिता ने मानसिक तौर पर उनको मजबूत बनाया है. उनकी बहन जो MBBS कर रही हैं वे उनकी प्रेरणा और मजबूती बनी हैं. आज अपनी इस बड़ी सफलता से कई इंजीनियरिंग छात्रों के लिए है प्रेरणा बन गए हैं. इसे भी पढ़ें: Success Story: गिरा दी झुग्गी, सिर से हटी छत, JEE परीक्षा के बाद ऐसे बनें इंजीनियर
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