​जाने क्या है हनीमून सिस्टाइटिस, क्या हैं लक्षण और उनका इलाज डॉक्टर मनन गुप्ता से

What Is Honeymoon Cystitis Urinary Tract Infection News

​जाने क्या है हनीमून सिस्टाइटिस, क्या हैं लक्षण और उनका इलाज डॉक्टर मनन गुप्ता से
हनीमून सिस्टाइटिस क्या हैक्या हनीमून सिस्टाइटिस एक गंभीर समस्या हो सकती हैकौन से खाद्य पदार्थ हनीमून सिस्टाइटिस के जोखिम को
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हनीमून सिस्टाइटिस महिलाओं में होने वाला एक आम संक्रमण है। यह यौन सक्रियता के कारण बढ़ सकता है। पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना और पेट में दर्द जैसे लक्षण इस बीमारी में देखे जा सकते हैं। हालांकि हाइजीन, हाइड्रेशन और डॉक्टर की मदद से इस संक्रमण को रोका जा सकता...

हनीमून सिस्टाइटिस एक प्रकार का यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन है। यह आमतौर पर महिलाओं में यौन संबंध बनाने के बाद देखने को मिलता है। इस इंफेक्शन से ब्लैडर में जलन और सूजन पैदा हो जाती है जिससे पेशाब करने में काफी जलन और बार-बार पेशाब आने जैसी समस्याएं होने लगती है। एलांटिस हेल्थकेयर दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर और इनफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट, डॉक्टर मनन गुप्ता के अनुसार इसका नाम हनीमून सिस्टाइटिस इसलिए पड़ा क्योंकि यह समस्या आम तौर पर न्यूली मैरिड महिलाओं में अधिक देखी जाती है जो शादी के बाद सेक्शुअली एक्टिव होती हैं। हालांकि यह किसी भी उम्र की महिला को प्रभावित कर सकता है। यौन संबंध के दौरान बैक्टीरिया यूरेथ्रा के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं जिससे इंफेक्शन हो जाता है। हनीमून सिस्टाइटिस के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। यदि संक्रमण का समय पर इलाज न किया जाए तो यह गुर्दों तक फैल सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकता है। हनीमून सिस्टाइटिस का इलाज आयुर्वेद और एलोपैथी दोनों में ही उपलब्ध है। घरेलू उपाय और स्वच्छता को अपना कर इसे शुरुआत में रोका जा सकता है। इस लेख में हम हनीमून सिस्टाइटिस के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में विस्तार से जानेंगे ‌। : iStockहनीमून सिस्टाइटिस के लक्षण हनीमून सिस्टाइटिस के लक्षण आम तौर पर यौन संबंध के कुछ घंटे या एक-दो दिन बाद दिखाई देने लगते हैं। बार-बार पेशाब आना, पेशाब करने में जलन, पेट के निचले हिस्से में दर्द, मूत्र में खून या बदबू और थकान व कमजोरी इसके आम लक्षण हैं।हनीमून सिस्टाइटिस से पीड़ित महिलाओं को बार-बार पेशाब करने की इच्छा होती है लेकिन हर बार बहुत कम मात्रा में ही पेशाब आता हैऔर पेशाब करते समय जलन या दर्द महसूस होता है। इस इन्फेक्शन के बाद पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता है। हनीमून सिस्टाइटिस के मुख्य कारण हनीमून सिस्टाइटिस के पीछे कई कारण होते हैं। बार-बार या असुरक्षित यौन संबंध बनाने से यूरेथ्रा में बैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं। कई बार कुछ महिलाएं गर्भनिरोधक उपाय करती हैं। जिसमें स्पर्मिसाइडल जेल या डायाफ्राम का उपयोग किया जाता है। इस उपाय से भी बैक्टीरिया को बढ़ावा मिल सकता है। यौन संबंध बनाने से पहले या बाद में अगर साफ सफाई न रखा जाए तो भी इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता है। वहीं कुछ महिलाओं के यूरेथ्रा की संरचना ही ऐसी होती है जिसमें बैक्टीरिया आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। हनीमून सिस्टाइटिस का इलाज हनीमून सिस्टाइटिस का इलाज जल्द से जल्द करना जरूरी है, वरना यह गंभीर रूप ले सकता है। इसके इलाज के लिए अक्सर डॉक्टर एंटीबायोटिक की सलाह देते हैं। पेशाब में जलन और दर्द को कम करने के लिए पेन किलर भी दिए जा सकते हैं। इसके दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए सबसे जरूरी है दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना।, जिससे बैक्टीरिया आसानी से शरीर से बाहर निकल जाएं। कुछ रिसर्च के अनुसार क्रेनबेरी जूस पीने से यूरेथ्रा में बैक्टीरिया के संक्रमण का खतरा कम होता है। वहीं दही और अन्य प्रोबायोटिक्स खाने से अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं इससे इंफेक्शन को कम करने में भी मदद मिल सकती है।हनीमून सिस्टाइटिस से बचाव हनीमून सिस्टाइटिस संक्रमण से बचने के लिए साफ सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। यौन संबंध से पहले और बाद में रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स को हल्के गुनगुने पानी से धोना बेहतर होगा। यौन संबंध बनाने के बाद महिलाओं को तुरंत पेशाब करना चाहिए इससे बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं और इन्फेक्शन का खतरा कम होता है। महिलाओं को अगर गर्भनिरोधक इस्तेमाल करना है तो डॉक्टर के सलाह से सही गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करें। जैसा कि हमने बताया शरीर को हाइड्रेटेड रखने से इन्फेक्शन का खतरा कम होता है इसलिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। क्या है एक्सपर्ट्स की राय डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स इस इंफेक्शन से बचने के लिए कुछ विशेष सुझाव देते हैं। महिलाओं को इस बीमारी से बचने के लिए हमेशा साफ अंडरगारमेंट्स पहनने चाहिए और सिंथेटिक कपड़ों के बजाय कॉटन के कपड़े हमारे लिए बेहतर होते हैं। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए आप बैलेंस डाइट लें जिसमें विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल हो। नींबू, संतरा और आंवला जैसे खट्टे फलों का सेवन करने से शरीर में बैक्टीरिया को खत्म करने की क्षमता बढ़ती है। वहीं महिलाओं को अपने यौन अंगों की सफाई के लिए अत्यधिक साबुन या केमिकल प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचना चाहिए इससे पीएच बैलेंस बिगड़ सकता है।​डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।.

हनीमून सिस्टाइटिस एक प्रकार का यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन है। यह आमतौर पर महिलाओं में यौन संबंध बनाने के बाद देखने को मिलता है। इस इंफेक्शन से ब्लैडर में जलन और सूजन पैदा हो जाती है जिससे पेशाब करने में काफी जलन और बार-बार पेशाब आने जैसी समस्याएं होने लगती है। एलांटिस हेल्थकेयर दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर और इनफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट, डॉक्टर मनन गुप्ता के अनुसार इसका नाम हनीमून सिस्टाइटिस इसलिए पड़ा क्योंकि यह समस्या आम तौर पर न्यूली मैरिड महिलाओं में अधिक देखी जाती है जो शादी के बाद सेक्शुअली एक्टिव होती हैं। हालांकि यह किसी भी उम्र की महिला को प्रभावित कर सकता है। यौन संबंध के दौरान बैक्टीरिया यूरेथ्रा के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं जिससे इंफेक्शन हो जाता है। हनीमून सिस्टाइटिस के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। यदि संक्रमण का समय पर इलाज न किया जाए तो यह गुर्दों तक फैल सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकता है। हनीमून सिस्टाइटिस का इलाज आयुर्वेद और एलोपैथी दोनों में ही उपलब्ध है। घरेलू उपाय और स्वच्छता को अपना कर इसे शुरुआत में रोका जा सकता है। इस लेख में हम हनीमून सिस्टाइटिस के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में विस्तार से जानेंगे ‌। : iStockहनीमून सिस्टाइटिस के लक्षण हनीमून सिस्टाइटिस के लक्षण आम तौर पर यौन संबंध के कुछ घंटे या एक-दो दिन बाद दिखाई देने लगते हैं। बार-बार पेशाब आना, पेशाब करने में जलन, पेट के निचले हिस्से में दर्द, मूत्र में खून या बदबू और थकान व कमजोरी इसके आम लक्षण हैं।हनीमून सिस्टाइटिस से पीड़ित महिलाओं को बार-बार पेशाब करने की इच्छा होती है लेकिन हर बार बहुत कम मात्रा में ही पेशाब आता हैऔर पेशाब करते समय जलन या दर्द महसूस होता है। इस इन्फेक्शन के बाद पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता है। हनीमून सिस्टाइटिस के मुख्य कारण हनीमून सिस्टाइटिस के पीछे कई कारण होते हैं। बार-बार या असुरक्षित यौन संबंध बनाने से यूरेथ्रा में बैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं। कई बार कुछ महिलाएं गर्भनिरोधक उपाय करती हैं। जिसमें स्पर्मिसाइडल जेल या डायाफ्राम का उपयोग किया जाता है। इस उपाय से भी बैक्टीरिया को बढ़ावा मिल सकता है। यौन संबंध बनाने से पहले या बाद में अगर साफ सफाई न रखा जाए तो भी इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता है। वहीं कुछ महिलाओं के यूरेथ्रा की संरचना ही ऐसी होती है जिसमें बैक्टीरिया आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। हनीमून सिस्टाइटिस का इलाज हनीमून सिस्टाइटिस का इलाज जल्द से जल्द करना जरूरी है, वरना यह गंभीर रूप ले सकता है। इसके इलाज के लिए अक्सर डॉक्टर एंटीबायोटिक की सलाह देते हैं। पेशाब में जलन और दर्द को कम करने के लिए पेन किलर भी दिए जा सकते हैं। इसके दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए सबसे जरूरी है दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना।, जिससे बैक्टीरिया आसानी से शरीर से बाहर निकल जाएं। कुछ रिसर्च के अनुसार क्रेनबेरी जूस पीने से यूरेथ्रा में बैक्टीरिया के संक्रमण का खतरा कम होता है। वहीं दही और अन्य प्रोबायोटिक्स खाने से अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं इससे इंफेक्शन को कम करने में भी मदद मिल सकती है।हनीमून सिस्टाइटिस से बचाव हनीमून सिस्टाइटिस संक्रमण से बचने के लिए साफ सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। यौन संबंध से पहले और बाद में रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स को हल्के गुनगुने पानी से धोना बेहतर होगा। यौन संबंध बनाने के बाद महिलाओं को तुरंत पेशाब करना चाहिए इससे बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं और इन्फेक्शन का खतरा कम होता है। महिलाओं को अगर गर्भनिरोधक इस्तेमाल करना है तो डॉक्टर के सलाह से सही गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करें। जैसा कि हमने बताया शरीर को हाइड्रेटेड रखने से इन्फेक्शन का खतरा कम होता है इसलिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। क्या है एक्सपर्ट्स की राय डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स इस इंफेक्शन से बचने के लिए कुछ विशेष सुझाव देते हैं। महिलाओं को इस बीमारी से बचने के लिए हमेशा साफ अंडरगारमेंट्स पहनने चाहिए और सिंथेटिक कपड़ों के बजाय कॉटन के कपड़े हमारे लिए बेहतर होते हैं। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए आप बैलेंस डाइट लें जिसमें विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल हो। नींबू, संतरा और आंवला जैसे खट्टे फलों का सेवन करने से शरीर में बैक्टीरिया को खत्म करने की क्षमता बढ़ती है। वहीं महिलाओं को अपने यौन अंगों की सफाई के लिए अत्यधिक साबुन या केमिकल प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचना चाहिए इससे पीएच बैलेंस बिगड़ सकता है।​डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

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हनीमून सिस्टाइटिस क्या है क्या हनीमून सिस्टाइटिस एक गंभीर समस्या हो सकती है कौन से खाद्य पदार्थ हनीमून सिस्टाइटिस के जोखिम को हनीमून सिस्टाइटिस किन कारणों से होता है

 

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