नरेंद्र मोदी के भाषण पर अशोक लवासा की राय नहीं बता सकते: चुनाव आयोग-
नरेंद्र मोदी के भाषण पर अशोक लवासा की राय नहीं बता सकते: चुनाव आयोग जनसत्ता ऑनलाइन नई दिल्ली | June 24, 2019 6:47 PM लवासा ने असहमति वाले बयानों को ईसी के आदेशों में दर्ज करने की मांग की थी, पर ऐसा न होने पर लवासा ने खुद को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े मामलों से खुद को अलग कर लिया था। चुनाव आयोग ने सूचना के अधिकार अधिनियम का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर चुनाव आयुक्त कमिश्नर अशोक लवासा की राय बताने से इन्कार कर दिया है। ईसी ने कहा है कि यह छूट-प्राप्त ऐसी सूचना है, जिससे ‘‘किसी व्यक्ति का जीवन या सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।’’ दरअसल, चंद दिनों पहले निपटे आम चुनाव के दौरान पीएम मोदी पर भाषणों के जरिए आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन के आरोप वाली शिकायतों पर किए गए फैसलों पर लवासा ने असहमति जाहिर की थी। ये वर्धा में एक अप्रैल, लातूर में नौ अप्रैल, पाटन और बाड़मेर में 21 अप्रैल और वाराणसी में 25 अप्रैल को हुई रैलियों में मोदी के भाषणों से जुड़े थे। ईसी ने सूचना के खुलासे से छूट लेने के लिए आरटीआई अधिनियम की धारा 8 का हवाला दिया। इसके तहत वैसी सूचना का खुलासा करने से छूट हासिल है, जो किसी भी व्यक्ति के जीवन या शारीरिक सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। दुर्वे ने इन भाषणों के संबंध में आयोग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया और आयोग द्वारा दिए गए निर्णय की जानकारी भी मांगी थी। इस सूचना को भी अधिनियम की धारा 8 का हवाला देते हुए देने से मना कर दिया गया था। लवासा ने पीएम और भाजपा अध्यक्ष व गृह मंत्री अमित शाह को उनके भाषणों के लिए आयोग द्वारा दी गई कई ‘क्लीन चिट’ पर कथित तौर पर असहमति व्यक्त की थी। लवासा ने अपनी असहमति वाली टिप्पणियों को चुनाव आयोग के आदेशों में दर्ज किये जाने की मांग की थी, पर ऐसा नहीं होने पर लवासा ने खुद को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े मामलों से खुद को अलग कर लिया था। आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के लिए मोदी और शाह के खिलाफ की गई शिकायतों में चुनाव आयोग के 11 निर्णयों पर लवासा ने कथित तौर पर असहमति जताई थी। इन निर्णयों में प्रधानमंत्री मोदी और शाह को क्लीन चिट दी गई थी। Also Read Hindi News से जुड़े अपडेट और व्यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App.
नरेंद्र मोदी के भाषण पर अशोक लवासा की राय नहीं बता सकते: चुनाव आयोग जनसत्ता ऑनलाइन नई दिल्ली | June 24, 2019 6:47 PM लवासा ने असहमति वाले बयानों को ईसी के आदेशों में दर्ज करने की मांग की थी, पर ऐसा न होने पर लवासा ने खुद को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े मामलों से खुद को अलग कर लिया था। चुनाव आयोग ने सूचना के अधिकार अधिनियम का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर चुनाव आयुक्त कमिश्नर अशोक लवासा की राय बताने से इन्कार कर दिया है। ईसी ने कहा है कि यह छूट-प्राप्त ऐसी सूचना है, जिससे ‘‘किसी व्यक्ति का जीवन या सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।’’ दरअसल, चंद दिनों पहले निपटे आम चुनाव के दौरान पीएम मोदी पर भाषणों के जरिए आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन के आरोप वाली शिकायतों पर किए गए फैसलों पर लवासा ने असहमति जाहिर की थी। ये वर्धा में एक अप्रैल, लातूर में नौ अप्रैल, पाटन और बाड़मेर में 21 अप्रैल और वाराणसी में 25 अप्रैल को हुई रैलियों में मोदी के भाषणों से जुड़े थे। ईसी ने सूचना के खुलासे से छूट लेने के लिए आरटीआई अधिनियम की धारा 8 का हवाला दिया। इसके तहत वैसी सूचना का खुलासा करने से छूट हासिल है, जो किसी भी व्यक्ति के जीवन या शारीरिक सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। दुर्वे ने इन भाषणों के संबंध में आयोग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया और आयोग द्वारा दिए गए निर्णय की जानकारी भी मांगी थी। इस सूचना को भी अधिनियम की धारा 8 का हवाला देते हुए देने से मना कर दिया गया था। लवासा ने पीएम और भाजपा अध्यक्ष व गृह मंत्री अमित शाह को उनके भाषणों के लिए आयोग द्वारा दी गई कई ‘क्लीन चिट’ पर कथित तौर पर असहमति व्यक्त की थी। लवासा ने अपनी असहमति वाली टिप्पणियों को चुनाव आयोग के आदेशों में दर्ज किये जाने की मांग की थी, पर ऐसा नहीं होने पर लवासा ने खुद को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े मामलों से खुद को अलग कर लिया था। आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के लिए मोदी और शाह के खिलाफ की गई शिकायतों में चुनाव आयोग के 11 निर्णयों पर लवासा ने कथित तौर पर असहमति जताई थी। इन निर्णयों में प्रधानमंत्री मोदी और शाह को क्लीन चिट दी गई थी। Also Read Hindi News से जुड़े अपडेट और व्यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App
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