Premanand Maharaj: श्रीकृष्ण ने क्यों अर्जुन को संन्यास की जगह युद्ध के लिए कहा था? प्रेमानंद महाराज ने दिया उत्तर

What Does Krishna Say About Action? News

Premanand Maharaj: श्रीकृष्ण ने क्यों अर्जुन को संन्यास की जगह युद्ध के लिए कहा था? प्रेमानंद महाराज ने दिया उत्तर
How To Be Intelligent Like Lord Krishna?What Is The Right Action As Per Lord Krishnaबुद्धि श्रेष्ठ या कर्म
  • 📰 AajTak
  • ⏱ Reading Time:
  • 147 sec. here
  • 14 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 97%
  • Publisher: 63%

Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि जीवन में हर इंसान संघर्ष से भागता है. लेकिन, जीवन में कर्म करने से कभी भागना नहीं चाहिए क्योंकि कर्तव्य का पालन ही सच्चा धर्म है. यानी जो कार्य हमें मिला है, उसे हमें ईमानदारी और श्रद्धा से पूरा करना चाहिए.

Premanand Maharaj : हमारे बड़े-बुजुर्ग कहकर गए हैं कि जीवन का अर्थ ही संघर्ष और मेहनत है. अगर इंसान संघर्ष करना बंद कर दे तो उसकी प्रगति रुक जाएगी. दरअसल, संघर्ष व्यक्ति को मजबूत और समझदार बनाता है. इसी जीवन रूपी संघर्ष से जुड़ा एक सवाल भक्त ने प्रेमानंद महाराज से पूछा.

उस महिला में महाराज जी से कहा कि, 'अर्जुन जी युद्ध से पहले सन्यास लेना चाहते थे परंतु श्रीकृष्ण ने उन्हें युद्ध में लड़ने का संदेश दिया था. ऐसे ही हमारे जीवन में भी युद्ध करना, मेहनत करना और संघर्ष करते रहना क्यों आवश्यक होता है.' .stroy-870 .read-more-content ~ div {display: none;} .stroy-870 .read-more-content #tab-link-wrapper-plugin {display: none;} .stroy-870 .read-more-content #live-tv-ico {display: none;}.story-with-main-sec .read-more-content p.edpara {display: none;}और पढ़ेंकर्तव्यों के लिए है मनुष्य जीवनप्रेमानंद महाराज ने इस प्रश्न का बहुत ही सुंदर उत्तर देते हुए कहा कि, 'मनुष्य को जीवन अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए मिला है. स्वधर्मे निधनं श्रेयः, परधर्मो भयावहः यानी अपने धर्म का पालन करते हुए मृत्यु भी श्रेष्ठ है, पर दूसरे के धर्म का अनुसरण करना भयावह होता है. अर्जुन उस समय अपने निज धर्म को छोड़कर संन्यास रूपी धर्म अपनाना चाहते थे. भगवान ने उन्हें समझाया कि जब तक तुम्हारा निज धर्म का कार्य पूरा नहीं होता, तब तक संन्यास उचित नहीं है. जब तक कर्तव्य बाकी है, तब तक कर्म करना ही श्रेष्ठ है.लेकिन, भगवान ने अर्जुन को युद्ध करने के लिए कैसे कहा- 'सर्वदा सर्वकाले निर्युद्ध्य च, ' यानी मेरा स्मरण करते हुए युद्ध करो. इसी तरह आप डॉक्टर हैं, मास्टर हैं, वकील हैं, किसान हैं या व्यापारी हैं, जो भी कार्य आपको मिले वो भगवान का स्मरण करते हुए कीजिए. यही आपका धर्म है, यही पूजा है, और यही भगवत् प्राप्ति का मार्ग भी है.' Advertisement संत रविदास का दिया उदाहरणआगे प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, 'इन्हीं कर्मों को जोड़ते हुए मैं आपको एक संत की महिमा के बारे में बताता हूं, जिनमें संत रविदास जी सर्वोत्तम उदाहरण हैं. वे गृहस्थ थे, उनकी पत्नी थी, परंतु उन्होंने अपने कर्म को ही पूजा माना था. उस समय एक पंडित जी रोज गंगा स्नान को जाते थे, तो रविदास जी ने उनसे कहा कि, 'आप तो रोज गंगा स्नान के लिए जाते हैं, तो मेरे लिए ये दो केले गंगा जी को अर्पित कर देना और कहना रविदास ने भेजे हैं.' पंडित जी ने गंगा जी में केले अर्पित किए तो गंगा जी के जल से हाथ निकला और वे केले ले लिए.फिर, वही हाथ प्रकट होकर बोला कि 'पंडित जी, रविदास को हमारी ओर से ये स्वर्ण कंगन दे देना.' पंडित जी हैरान रह गए, पर जब लौटने लगे तो चाहे जिस गली से जाएं, बार-बार घूमकर रविदास जी के घर के सामने ही पहुंच जाते. आखिरकार उन्होंने रविदास जी को वह कंगन दे दिया. तब रविदास जी बोले, 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' मतलब अगर मन शुद्ध है तो वही स्थान तीर्थ बन जाता है. उन्होंने अपने कर्म को ही पूजा बनाया, और उसी में सिद्धि प्राप्त की.' Advertisement कर्म ही है धर्मअंत में प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, 'जैसे अर्जुन जी के लिए युद्ध धर्म था, वैसे ही हमारे लिए हमारा कर्म धर्म है. भगवान ने जो काम हमें दिया है, उसे धर्मपूर्वक, सत्यपूर्वक और भगवान के स्मरण के साथ करते रहना चाहिए. यही स्वधर्म है, यही पूजा है, और यही भगवत् प्राप्ति का मार्ग है. जब हम अपने कर्म में बेईमानी छोड़कर, ईमानदारी और भगवान के नाम के साथ कर्म करेंगे, तभी भगवान प्रसन्न होंगे. इसलिए, भगवान ने अर्जुन जी से कहा था कि 'संन्यास नहीं अर्जुन, इस समय युद्ध करो. युद्ध करते हुए मेरा स्मरण करो, यही तुम्हारा स्वधर्म है, यही तुम्हारा परम कर्तव्य है.'---- समाप्त ---- ये भी देखें

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

AajTak /  🏆 5. in İN

How To Be Intelligent Like Lord Krishna? What Is The Right Action As Per Lord Krishna बुद्धि श्रेष्ठ या कर्म गीता का उपदेश कर्मयोग का सिद्धांत श्रीकृष्ण ने गीता में कर्म पर क्या कहा है? श्रीकृष्ण ने गीता में बुद्धि पर क्या कहा है Premanand Maharaj Premanand Maharaj Teachings प्रेमानंद महाराज

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

Premanand Maharaj: रील्स देखने में खूब लगता है मन? प्रेमानंद महाराज ने बताया यह आसान उपायPremanand Maharaj: रील्स देखने में खूब लगता है मन? प्रेमानंद महाराज ने बताया यह आसान उपायPremanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज ने कहा कि मोबाइल रखना गलत नहीं, लेकिन उस पर नियंत्रण जरूरी है. जो देखना है वही देखकर मोबाइल बंद कर दो. संयम और आत्मनियंत्रण से ही मन भटकने से बचेगा.
Read more »

कौन हैं कच्छ की कोयल? गीता रबारी ने राधे किशोरी दया करो भजन सुनाया, प्रेमानंद महाराज हो गए भावविहोरकौन हैं कच्छ की कोयल? गीता रबारी ने राधे किशोरी दया करो भजन सुनाया, प्रेमानंद महाराज हो गए भावविहोरPramanand Maharaj Geeta Rabari Bhajan: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में गुजरात की भजन गायिका गीता रबारी ने भेंट की और उन्हें कृष्ण भजन सुनाया।
Read more »

मुंबई में नारेबाजी के बीच न ट्रेन रुकी न लोग... कट कर 2 लोगों की मौत, कई जख्मीमुंबई में नारेबाजी के बीच न ट्रेन रुकी न लोग... कट कर 2 लोगों की मौत, कई जख्मीChhatrapati Shivaji Maharaj Terminus: मुंबई में गुरुवार शाम CSMT रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान एक हादसा हो गया. हड़ताल के कारण स्थानीय ट्रेन सेवाएं ठप होने से 4 यात्री ट्रैक पर पैदल आगे बढ़ रहे थे, तभी एक ट्रेन ने उनको टक्कर मार दी. हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई.
Read more »

क्या सच में राशि वाली अंगूठियां पहनने से भाग्य में बदलाव आता है? ध्यान से सुनिए Premanand Ji Maharaj की ये बातेंक्या सच में राशि वाली अंगूठियां पहनने से भाग्य में बदलाव आता है? ध्यान से सुनिए Premanand Ji Maharaj की ये बातेंPremanand Ji Maharaj: जब एक भक्त ने पूछा कि क्या सच में राशि के हिसाब के अंगूठियां पहनने से भाग्य Watch video on ZeeNews Hindi
Read more »

स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: पुस्तकें सच्ची मित्र हैं, ये ज्ञान देती हैं और जीवन की जटिलताओं को ...स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: पुस्तकें सच्ची मित्र हैं, ये ज्ञान देती हैं और जीवन की जटिलताओं को ...Acharya Swami Avdheshanand Giri Maharaj Ji Life Lessons स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र / पुस्तकें सच्ची मित्र हैं, ये ज्ञान देती हैं और जीवन की जटिलताओं को सुलझाती हैं
Read more »

क्या भक्ति में इतनी ताकत होती है, जो इंसान को जिंदगी में गिरने न दे? ध्यान से सुनिए Premanand Ji Maharaj की ये बातेंक्या भक्ति में इतनी ताकत होती है, जो इंसान को जिंदगी में गिरने न दे? ध्यान से सुनिए Premanand Ji Maharaj की ये बातेंPremanand Ji Maharaj: जब एक भक्त ने पूछा कि क्या भक्ति में इतनी ताकत होती है कि वो इंसान को जिंदगी Watch video on ZeeNews Hindi
Read more »



Render Time: 2026-04-02 10:24:05