Premanand Ji Maharaj: कमजोर शरीर, कठोर दिनचर्या और आधी रोटी, फिर भी वृंदावन से बाहर क्यों नहीं जाते प्रेमान...

Premanand Ji Maharaj News

Premanand Ji Maharaj: कमजोर शरीर, कठोर दिनचर्या और आधी रोटी, फिर भी वृंदावन से बाहर क्यों नहीं जाते प्रेमान...
Premanand Maharaj VrindavanWhy Premanand Ji Never Leaves VrindavanKshetra Sanyas Meaning
  • 📰 News18 India
  • ⏱ Reading Time:
  • 187 sec. here
  • 19 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 127%
  • Publisher: 51%

Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद महाराज का क्षेत्र सन्यास उनके जीवन का सबसे बड़ा संकल्प है. खराब किडनियों, कम भोजन और कठिन दिनचर्या के बावजूद वह वृंदावन नहीं छोड़ते. राधा रानी के प्रति समर्पण और हठ योग ही उनकी असली शक्ति है.

Premanand Ji Maharaj : वृंदावन सिर्फ एक तीर्थ नहीं, बल्कि लाखों भक्तों के लिए भाव, आस्था और समर्पण का केंद्र है. इसी वृंदावन की गलियों में रहने वाले प्रेमानंद महाराज आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. उनकी कमजोर देह, खराब किडनियां और सादा जीवन देखकर अक्सर लोगों के मन में एक सवाल उठता है कि आखिर इतनी गंभीर हालत में भी महाराज इलाज के लिए बाहर क्यों नहीं जाते.

क्यों वह न तो देश के बड़े अस्पतालों में जाते हैं और न ही विदेश जाकर इलाज कराते हैं. इस सवाल का जवाब सिर्फ उनकी बीमारी में नहीं, बल्कि उनके लिए गए एक बड़े संकल्प में छुपा है, जिसे वह “क्षेत्र सन्यास” कहते हैं. प्रेमानंद महाराज का जीवन दिखाता है कि जब कोई साधक खुद को पूरी तरह ईश्वर के चरणों में सौंप देता है, तो उसके फैसले भी आम लोगों से अलग हो जाते हैं. महाराज का कहना है कि वृंदावन उनके लिए सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि राधा रानी की साक्षात भूमि है. उन्होंने अपना जीवन, शरीर और सांसें सब कुछ श्रीजी को अर्पित कर दिया है. यही वजह है कि चाहे कितनी भी तकलीफ क्यों न हो, वह वृंदावन छोड़ने का विचार भी मन में नहीं लाते. इस लेख में हम जानेंगे कि क्षेत्र सन्यास क्या होता है, प्रेमानंद महाराज ने इसे क्यों अपनाया और इसका उनके हठ योग से क्या रिश्ता है. 1. राधा नाम की शक्ति से खराब किडनी के बाद भी जीवित हैं महाराज प्रेमानंद महाराज खुद कहते हैं कि उनकी जिंदगी आज भी चल रही है तो उसका कारण दवा नहीं, बल्कि राधा नाम है. दोनों किडनियां फेल होने के बाद भी वह वर्षों से जीवित हैं. उनका मानना है कि राधा रानी का नाम जपने से भीतर ऐसी शक्ति आती है जो शरीर को सहारा देती है. महाराज अपने भक्तों को भी यही समझाते हैं कि नाम जप सिर्फ बोलने की चीज नहीं, बल्कि जीने की ताकत है. यह भी पढ़ें – दवा के बाद भी नहीं उतर रहा फीवर? 3 ग्रह, 3 तरह का अनाज और 3 दिन का उपाय, शाम को इस समय कर लें, छू मंतर हो जाएगा बुखार 2. इलाज के लिए बाहर जाने से क्यों करते हैं इंकार कई भक्त भावुक होकर महाराज से इलाज की गुजारिश करते हैं. कोई बड़े शहर के अस्पताल का नाम लेता है तो कोई विदेश ले जाने की बात करता है. मगर महाराज हर बार शांत स्वर में कहते हैं कि अब उनका सहारा सिर्फ श्रीजी हैं. उनका मानना है कि जब जीवन राधा रानी को सौंप दिया, तो शरीर की चिंता भी उन्हीं पर छोड़ दी. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 3. केवल वृंदावन में ही देते हैं दर्शन और प्रवचन प्रेमानंद महाराज दूसरे संतों की तरह जगह-जगह जाकर प्रवचन नहीं देते. वह सिर्फ वृंदावन में ही रहते हैं. जो भक्त मिलना चाहता है, उसे वृंदावन आना पड़ता है. जब कोई उन्हें अपने शहर बुलाता है तो वह साफ कहते हैं कि उन्होंने क्षेत्र सन्यास लिया है, इसलिए अब वृंदावन छोड़ना संभव नहीं. 4. क्या होता है क्षेत्र सन्यास क्षेत्र सन्यास का मतलब होता है किसी एक स्थान से खुद को जीवनभर के लिए बांध लेना. यानी चाहे कैसी भी परिस्थिति आए, उस जगह को छोड़ा नहीं जा सकता. यह सिर्फ शरीर को बांधना नहीं, बल्कि मन को भी उसी क्षेत्र में स्थिर कर देना होता है. पुराने रिश्ते, पहचान और यादें पीछे छूट जाती हैं और साधक खुद को उस भूमि से जोड़ लेता है जो उसे ईश्वर से जोड़ती है. 5. इसलिए महाराज नहीं छोड़ सकते वृंदावन प्रेमानंद महाराज ने वृंदावन को अपनी अंतिम शरण मान लिया है. उनका कहना है कि चाहे कैसी भी विपदा आए, वह राधा रानी की भूमि नहीं छोड़ सकते. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी श्रीजी के चरणों में सौंप दी है और उसी वचन पर अडिग हैं. 6. क्षेत्र सन्यास एक तरह का हठ योग यहां हठ का मतलब जिद नहीं, बल्कि मजबूत संकल्प है. जब साधक अपने सुख-दुख, जीवन-मृत्यु सब कुछ ईश्वर को सौंप देता है, तब ऐसा हठ अपने आप पैदा होता है. प्रेमानंद महाराज का हठ योग भी यही है कि वह तब तक वृंदावन में रहेंगे, जब तक राधा रानी खुद उन्हें बुलाने नहीं आतीं. 7. आधी रोटी और चम्मच से पानी महाराज की दिनचर्या बेहद सादा है. वह पूरे दिन में सिर्फ आधी रोटी खाते हैं और बहुत कम पानी पीते हैं, वो भी चम्मच से. डायलिसिस जैसी कठिन प्रक्रिया के बाद भी उनके चेहरे पर कभी शिकन नहीं दिखती. उनका संयम लोगों को हैरान कर देता है. 8. कभी नहीं बदलती दिनचर्या प्रेमानंद महाराज की दिनचर्या सालों से एक जैसी है. रात 2 बजे उठना, स्नान के बाद 3 बजे पदयात्रा, फिर कुछ देर विश्राम और सुबह 4:15 बजे से सत्संग और यमुनाष्टक का पाठ. शरीर कमजोर है, मगर अनुशासन में कोई ढील नहीं. 9. कितने घंटे सोते हैं महाराज महाराज दिन में सिर्फ 3 से 4 घंटे ही सोते हैं. अकसर रात 11:30 बजे तक भजन करते हैं और फिर थोड़ी देर विश्राम लेते हैं. उनका मानना है कि जब मन राधा नाम में लगा हो, तो नींद भी अपने आप कम हो जाती है.

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

News18 India /  🏆 21. in İN

Premanand Maharaj Vrindavan Why Premanand Ji Never Leaves Vrindavan Kshetra Sanyas Meaning Kshetra Sanyas In Hinduism Premanand Ji Spiritual Life Radha Rani Devotion Vrindavan Saint Life Premanand Maharaj Health Condition Hatha Yoga In Spirituality Saints Of Vrindavan Radha Bhakti Marg प्रेमानंद महाराज वृंदावन क्षेत्र सन्यास क्या है राधा रानी भक्ति

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

माता-पिता की भक्ति से बच्चे परेशान होते हैं, क्या करें? Premanand Ji Maharaj ने बताई कुछ अहम बातेंमाता-पिता की भक्ति से बच्चे परेशान होते हैं, क्या करें? Premanand Ji Maharaj ने बताई कुछ अहम बातेंPremanand Ji Maharaj: जब एक माता-पिता ने महाराज जी से कहा कि हमारी भक्ति से बच्चे परेशान होते हैं Watch video on ZeeNews Hindi
Read more »

Premanand Ji Maharaj ने बताया समाज और परिवार में बढ़ते हुए क्रोध का समाधान, इन बातों को ध्यान से समझेंPremanand Ji Maharaj ने बताया समाज और परिवार में बढ़ते हुए क्रोध का समाधान, इन बातों को ध्यान से समझेंPremanand Ji Maharaj: जब एक भक्त ने पूछा कि समाज और परिवार में बढ़ते क्रोध का समाधान क्या है. इस पर Watch video on ZeeNews Hindi
Read more »

Premanand Maharaj: क्या सचमुच किसी की बुरी नजर लगती है या फिर ये भ्रम है... प्रेमानंद ने दिया जवाबPremanand Maharaj: क्या सचमुच किसी की बुरी नजर लगती है या फिर ये भ्रम है... प्रेमानंद ने दिया जवाबPremanand Maharaj Teachings: वृंदावन के प्रेमानंद महाराज ईश्वर नाम जप के अलावा भक्तों की शंकाओं का समाधान करने के लिए भी जाने जाते हैं. एक भक्त ने उनसे पूछा कि क्या वाकई 'बुरी नजर' जैसी कोई चीज होती है या यह केवल हमारे मन का एक वहम है?
Read more »

Premanand Maharaj: 'आने वाली नई पीढ़ी है भारत का भविष्य...' प्रेमानंद महाराज की हुई ALLEN इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर से ये खास बातचीतPremanand Maharaj: 'आने वाली नई पीढ़ी है भारत का भविष्य...' प्रेमानंद महाराज की हुई ALLEN इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर से ये खास बातचीतPremanand Maharaj: वृंदावन के संत गुरु प्रेमानंद महाराज ने ALLEN इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर से मुलाकात की, जहां उन्होंने बच्चों के भविष्य को लेकर गहन चर्चा की. महाराज जी ने उन्हें सही लक्ष्य और संयम को जीवन की सफलता का मूल बताया.
Read more »

सुदामा कुटी में शताब्दी महोत्सव में शामिल हुए प्रेमानंद महाराज: भगवान कौशल किशोर के दर्शन किए, श्रीराम महाय...सुदामा कुटी में शताब्दी महोत्सव में शामिल हुए प्रेमानंद महाराज: भगवान कौशल किशोर के दर्शन किए, श्रीराम महाय...Vrindavan centenary festival sees Sant Premanand Maharaj join. Follow latest updates on this spiritual event in Vrindavan.
Read more »

प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे ‘छोटा भीम’ और ‘डोरेमोन’! सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियोप्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे ‘छोटा भीम’ और ‘डोरेमोन’! सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियोधर्म-कर्म Premanand Ji Maharaj: मथुरा-वृंदावन के श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम में प्रेमानंद जी महाराज से मिलने वॉयस आर्टिस्ट सोनल कौशल ने छोटा भीम और डोरेमोन की आवाज में भक्ति की प्रस्तुति दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 22:03:34