Naxal free India: नक्सल मुक्त भारत पर संसद में होगी चर्चा, 31 मार्च की समयसीमा पर केंद्र सरकार का फोकस

Naxal Free India Deadline News

Naxal free India: नक्सल मुक्त भारत पर संसद में होगी चर्चा, 31 मार्च की समयसीमा पर केंद्र सरकार का फोकस
Lok Sabha Discussion NaxalismAmit Shah Naxal StrategyMaoist Surrender India
  • 📰 Amar Ujala
  • ⏱ Reading Time:
  • 124 sec. here
  • 23 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 119%
  • Publisher: 51%

देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने के लक्ष्य पर अब संसद में भी सीधी चर्चा होने जा रही है। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत बनाने की समयसीमा

देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने के लक्ष्य पर अब संसद में भी सीधी चर्चा होने जा रही है। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत बनाने की समयसीमा तय की है। इसी दिशा में 30 मार्च को लोकसभा में इस मुद्दे पर अहम चर्चा होगी। यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब लगातार सरेंडर और ऑपरेशन के चलते नक्सल नेटवर्क कमजोर पड़ता दिख रहा है और सरकार अपने लक्ष्य के करीब पहुंचने का दावा कर रही है। लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे इस मुद्दे पर चर्चा की शुरुआत करेंगे। यह चर्चा नियम 193 के तहत होगी, जिसमें सदस्य बिना वोटिंग के किसी अहम मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही कई बार कह चुके हैं कि सरकार 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ये भी पढ़ें- ब्रह्मोस का नया अवतार: 800 किमी मारक क्षमता वाली मिसाइल लाने की तैयारी, अब और ताकतवर हो जाएगी भारतीय सेना क्या सरेंडर से कमजोर पड़ रहा है नक्सल नेटवर्क? पिछले एक साल में कई बड़े माओवादी नेताओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा का रास्ता अपनाया है। हाल ही में 25 मार्च को ओडिशा में वांछित माओवादी नेता सुकृ समेत चार अन्य ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। इन पर कुल 66 लाख रुपये का इनाम था। सरेंडर के दौरान उन्होंने एके-47, आईएनएसएएस और अन्य हथियार भी जमा कराए। इससे साफ संकेत मिलता है कि नक्सल संगठन की ताकत तेजी से घट रही है। क्या नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थिति नियंत्रण में है? ओडिशा पुलिस के एडीजी संजीव पांडा के मुताबिक, कंधमाल जिले में अब सिर्फ 8-9 नक्सली ही बचे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ऑपरेशन और तेज किए जाएंगे, ताकि तय समयसीमा तक पूरी तरह सफलता मिल सके। उन्होंने बाकी नक्सलियों से भी सरेंडर करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार की पुनर्वास नीति का पूरा लाभ दिया जाएगा। क्या बस्तर में नक्सलियों की कमर टूट चुकी है? छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दंडकारण्य इलाके में सक्रिय माओवादी संगठन के बड़े नेता पप्पा राव समेत 17 नक्सलियों ने 17 मार्च को सरेंडर किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दंडकारण्य में पहली बार नक्सल संगठन लगभग नेतृत्वविहीन हो गया है। यह सरकार के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। क्या पुनर्वास नीति बन रही है गेम चेंजर? सरकार की पुनर्वास और मुख्यधारा में लाने की नीति इस बदलाव की बड़ी वजह मानी जा रही है। कई शीर्ष माओवादी नेताओं ने इसी नीति के तहत आत्मसमर्पण किया है। सरकार का मानना है कि कड़े ऑपरेशन के साथ-साथ पुनर्वास की रणनीति ने नक्सलवाद को कमजोर करने में अहम भूमिका निभाई है। अब देखना होगा कि 31 मार्च की समयसीमा तक सरकार अपने लक्ष्य को पूरी तरह हासिल कर पाती है या नहीं। अन्य वीडियो-.

देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने के लक्ष्य पर अब संसद में भी सीधी चर्चा होने जा रही है। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत बनाने की समयसीमा तय की है। इसी दिशा में 30 मार्च को लोकसभा में इस मुद्दे पर अहम चर्चा होगी। यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब लगातार सरेंडर और ऑपरेशन के चलते नक्सल नेटवर्क कमजोर पड़ता दिख रहा है और सरकार अपने लक्ष्य के करीब पहुंचने का दावा कर रही है। लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे इस मुद्दे पर चर्चा की शुरुआत करेंगे। यह चर्चा नियम 193 के तहत होगी, जिसमें सदस्य बिना वोटिंग के किसी अहम मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही कई बार कह चुके हैं कि सरकार 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ये भी पढ़ें- ब्रह्मोस का नया अवतार: 800 किमी मारक क्षमता वाली मिसाइल लाने की तैयारी, अब और ताकतवर हो जाएगी भारतीय सेना क्या सरेंडर से कमजोर पड़ रहा है नक्सल नेटवर्क? पिछले एक साल में कई बड़े माओवादी नेताओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा का रास्ता अपनाया है। हाल ही में 25 मार्च को ओडिशा में वांछित माओवादी नेता सुकृ समेत चार अन्य ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। इन पर कुल 66 लाख रुपये का इनाम था। सरेंडर के दौरान उन्होंने एके-47, आईएनएसएएस और अन्य हथियार भी जमा कराए। इससे साफ संकेत मिलता है कि नक्सल संगठन की ताकत तेजी से घट रही है। क्या नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थिति नियंत्रण में है? ओडिशा पुलिस के एडीजी संजीव पांडा के मुताबिक, कंधमाल जिले में अब सिर्फ 8-9 नक्सली ही बचे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ऑपरेशन और तेज किए जाएंगे, ताकि तय समयसीमा तक पूरी तरह सफलता मिल सके। उन्होंने बाकी नक्सलियों से भी सरेंडर करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार की पुनर्वास नीति का पूरा लाभ दिया जाएगा। क्या बस्तर में नक्सलियों की कमर टूट चुकी है? छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दंडकारण्य इलाके में सक्रिय माओवादी संगठन के बड़े नेता पप्पा राव समेत 17 नक्सलियों ने 17 मार्च को सरेंडर किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दंडकारण्य में पहली बार नक्सल संगठन लगभग नेतृत्वविहीन हो गया है। यह सरकार के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। क्या पुनर्वास नीति बन रही है गेम चेंजर? सरकार की पुनर्वास और मुख्यधारा में लाने की नीति इस बदलाव की बड़ी वजह मानी जा रही है। कई शीर्ष माओवादी नेताओं ने इसी नीति के तहत आत्मसमर्पण किया है। सरकार का मानना है कि कड़े ऑपरेशन के साथ-साथ पुनर्वास की रणनीति ने नक्सलवाद को कमजोर करने में अहम भूमिका निभाई है। अब देखना होगा कि 31 मार्च की समयसीमा तक सरकार अपने लक्ष्य को पूरी तरह हासिल कर पाती है या नहीं। अन्य वीडियो-

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Amar Ujala /  🏆 12. in İN

Lok Sabha Discussion Naxalism Amit Shah Naxal Strategy Maoist Surrender India Bastar Naxal News Dandakaranya Maoist Update Odisha Maoist Surrender Anti Naxal Operations India Cpi Maoist Surrender India Internal Security India News In Hindi Latest India News Updates नक्सल मुक्त भारत लोकसभा नक्सल चर्चा अमित शाह नक्सल योजना माओवादी सरेंडर बस्तर नक्सल खबर दंडकारण्य नक्सल ओडिशा नक्सली आत्मसमर्पण आंतरिक सुरक्षा भारत

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

लाल आतंक पर अंतिम प्रहार: 31 मार्च तक माओवाद की विदाई का 'काउंटडाउन' शुरूलाल आतंक पर अंतिम प्रहार: 31 मार्च तक माओवाद की विदाई का 'काउंटडाउन' शुरूकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित 31 मार्च की समयसीमा के करीब आने के साथ, भारत में माओवाद अपने अंत की ओर है। सुरक्षा बल 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' के तहत बचे हुए 130-150 सशस्त्र कैडरों को निशाना बना रहे हैं।
Read more »

UP Weather Today, 27 March: गाजियाबाद, वाराणसी सहित 38 जिलों में हल्‍की बारिश, 40 की स्‍पीड से चलेंगी हवाएंUP Weather Today, 27 March: गाजियाबाद, वाराणसी सहित 38 जिलों में हल्‍की बारिश, 40 की स्‍पीड से चलेंगी हवाएंUttar Pradesh Aaj Ka Mausam, 27 March 2026: नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से यूपी में 27 से 31 मार्च तक मौसम बदला-बदला नजर आएगा।
Read more »

चुनौतियों से निपटने के लिए भारत पूरी तरह तैयार, जानें लॉकडाउन की अफवाहों पर क्या बोले पेट्रोलियम मंत्रीचुनौतियों से निपटने के लिए भारत पूरी तरह तैयार, जानें लॉकडाउन की अफवाहों पर क्या बोले पेट्रोलियम मंत्रीचुनौतियों से निपटने के लिए भारत पूरी तरह तैयार, जानें लॉकडाउन की अफवाहों पर क्या बोले पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri says Rumours of lockdown in India are completely false
Read more »

कानपुर के कई इलाकों में हुई बारिश: अचानक मौसम बदला, धूप-छांव का दौर जारी; पारा 31 डिग्री के करीब पहुंचाकानपुर के कई इलाकों में हुई बारिश: अचानक मौसम बदला, धूप-छांव का दौर जारी; पारा 31 डिग्री के करीब पहुंचाKanpur weather update: Sudden change brings temperature to 30°C, rain showers expected today. Follow Dainik Bhaskar. शहर में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।
Read more »

UP Weather Today, 28 March: नोएडा, प्रयागराज समेत 30 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, 1 अप्रैल को साफ होगा मौसमUP Weather Today, 28 March: नोएडा, प्रयागराज समेत 30 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, 1 अप्रैल को साफ होगा मौसमUttar Pradesh Aaj Ka Mausam, 28 March 2026: मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी और पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में 31 मार्च तक हल्‍की बारिश का क्रम बना रहेगा।
Read more »

आंधी-तूफान, बारिश और बर्फबारी... दिल्ली-उत्तराखंड से लेकर महाराष्ट्र तक 10 राज्यों में बदलेगा मौसम का मिजाजआंधी-तूफान, बारिश और बर्फबारी... दिल्ली-उत्तराखंड से लेकर महाराष्ट्र तक 10 राज्यों में बदलेगा मौसम का मिजाजसक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण 28 से 31 मार्च तक भारत में मौसम बदलेगा। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश, बर्फबारी और तेज हवाएं चलेंगी।
Read more »



Render Time: 2026-04-02 04:38:55