Masik Shivratri 2025: किस दिन मनाई जाएगी मासिक शिवरात्रि? यहां जानें शुभ मुहूर्त और योग

Sawan Masik Shivratri 2025 News

Masik Shivratri 2025: किस दिन मनाई जाएगी मासिक शिवरात्रि? यहां जानें शुभ मुहूर्त और योग
Masik Shivratri SignificanceMasik Shivratri Vrat 2023Shivratri January 2025 Date
  • 📰 Dainik Jagran
  • ⏱ Reading Time:
  • 118 sec. here
  • 12 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 82%
  • Publisher: 53%

भाद्रपद Bhadrapada Shivratri 2025 का महीना भगवान कृष्ण को समर्पित है। इस महीने में भक्ति भाव से भगवान कृष्ण और राधा रानी की पूजा की जाती है। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। वहीं शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर राधा अष्टमी मनाई जाती...

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। मासिक शिवरात्रि के दिन साधक भक्ति भाव से जटाधारी भगवान शिव और जगत की देवी मां पार्वती की पूजा करते हैं। साथ ही मनचाही मुराद पाने के लिए व्रत रखते हैं। धार्मिक मत है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से विवाहित जातकों के सुख और सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है। वहीं, अविवाहित जातक शीघ्र शादी के लिए व्रत रख शिव-शक्ति की पूजा करते हैं। आइए, भाद्रपद माह की शिवरात्रि की सही डेट और शुभ मुहूर्त जानते हैं- भाद्रपद शिवरात्रि शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 21 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 22 जुलाई को दिन में 11 बजकर 55 मिनट पर चतुर्दशी तिथि समाप्त होगी। चतुर्दशी तिथि पर निशा काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसके लिए 21 अगस्त को भाद्रपद महीने की शिवरात्रि मनाई जाएगी। 21 अगस्त को निशा काल में पूजा का समय देर रात 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक है। वरीयान योग ज्योतिषियों की मानें तो सावन शिवरात्रि पर दुर्लभ वरीयान योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का निर्माण शाम 04 बजकर 14 मिनट से हो रहा है। वहीं, इस योग का समापन 22 अगस्त को दोपहर 02 बजकर 35 मिनट पर होगा। इसके साथ ही सावन शिवरात्रि पर अभिजीत मुहूर्त योग का भी संयोग बन रहा है। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 58 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक है। इस दौरान भगवान शिव की पूजा करने से साधक को दोगुना फल मिलेगा। पंचांग सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 53 मिनट पर सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 54 मिनट पर ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 26 मिनट से 05 बजकर 10 मिनट तक विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से 03 बजकर 26 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 54 मिनट से 07 बजकर 16 मिनट तक निशिता मुहूर्त - रात 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक यह भी पढ़ें- Masik Shivratri पर पूजा के समय जरूर करें इस स्तोत्र का पाठ, सभी मुश्किलें होंगी दूर यह भी पढ़ें- Masik Shivratri 2025: मासिक शिवरात्रि पर कर लिए ये उपाय, तो किसी काम में नहीं आएगी रुकावट अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।.

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। मासिक शिवरात्रि के दिन साधक भक्ति भाव से जटाधारी भगवान शिव और जगत की देवी मां पार्वती की पूजा करते हैं। साथ ही मनचाही मुराद पाने के लिए व्रत रखते हैं। धार्मिक मत है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से विवाहित जातकों के सुख और सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है। वहीं, अविवाहित जातक शीघ्र शादी के लिए व्रत रख शिव-शक्ति की पूजा करते हैं। आइए, भाद्रपद माह की शिवरात्रि की सही डेट और शुभ मुहूर्त जानते हैं- भाद्रपद शिवरात्रि शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 21 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 22 जुलाई को दिन में 11 बजकर 55 मिनट पर चतुर्दशी तिथि समाप्त होगी। चतुर्दशी तिथि पर निशा काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसके लिए 21 अगस्त को भाद्रपद महीने की शिवरात्रि मनाई जाएगी। 21 अगस्त को निशा काल में पूजा का समय देर रात 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक है। वरीयान योग ज्योतिषियों की मानें तो सावन शिवरात्रि पर दुर्लभ वरीयान योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का निर्माण शाम 04 बजकर 14 मिनट से हो रहा है। वहीं, इस योग का समापन 22 अगस्त को दोपहर 02 बजकर 35 मिनट पर होगा। इसके साथ ही सावन शिवरात्रि पर अभिजीत मुहूर्त योग का भी संयोग बन रहा है। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 58 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक है। इस दौरान भगवान शिव की पूजा करने से साधक को दोगुना फल मिलेगा। पंचांग सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 53 मिनट पर सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 54 मिनट पर ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 26 मिनट से 05 बजकर 10 मिनट तक विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से 03 बजकर 26 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 54 मिनट से 07 बजकर 16 मिनट तक निशिता मुहूर्त - रात 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक यह भी पढ़ें- Masik Shivratri पर पूजा के समय जरूर करें इस स्तोत्र का पाठ, सभी मुश्किलें होंगी दूर यह भी पढ़ें- Masik Shivratri 2025: मासिक शिवरात्रि पर कर लिए ये उपाय, तो किसी काम में नहीं आएगी रुकावट अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Dainik Jagran /  🏆 10. in İN

Masik Shivratri Significance Masik Shivratri Vrat 2023 Shivratri January 2025 Date Masik Shivratri Vrat Upay Masik Shivratri Vrat Upay In Hindi Masik Shivratri Vrat 2025 Upay मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि लिस्ट Lord Shiva

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

सावन शिवरात्रि पर किस समय करें शिवलिंग का जलाभिषेक, जानिए पूरे दिन के शुभ मुहूर्तसावन शिवरात्रि पर किस समय करें शिवलिंग का जलाभिषेक, जानिए पूरे दिन के शुभ मुहूर्तसावन की शिवरात्रि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है जिसका सावन के महीने में विशेष महत्व है। इस दौरान भगवान भोलेनाथ सपरिवार धरती पर आते हैं। इस वर्ष यह पर्व 23 जुलाई को मनाया जाएगा। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और विधि-विधान से महादेव की पूजा करते हैं। निशीथ काल और अन्य पहर में पूजन के मुहूर्त...
Read more »

Sawan Shivratri 2025 Date: 23 या 24 जुलाई, कब मनाई जाएगी सावन शिवरात्रि? जानें पूजा का शुभ मुहूर्तSawan Shivratri 2025 Date: 23 या 24 जुलाई, कब मनाई जाएगी सावन शिवरात्रि? जानें पूजा का शुभ मुहूर्तसावन का महीना देवों के देव महादेव को बेहद प्रिय है। सावन शिवरात्रि Sawan Shivratri 2025 के अवसर पर शिव जी और मां पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना होती है। इस पर्व को बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं सावन शिवरात्रि की डेट और शुभ मुहूर्त के बारे...
Read more »

रक्षाबंधन की तिथि दो दिन, किस दिन बांधी जाएगी राखी 8 या 9 अगस्त? जानें मुहूर्तरक्षाबंधन की तिथि दो दिन, किस दिन बांधी जाएगी राखी 8 या 9 अगस्त? जानें मुहूर्तRaksha Bandhan 2025 Date: रक्षाबंधन की तिथि दो दिन, किस दिन बांधी जाएगी राखी 8 या 9 अगस्त? पंडित जी से जानें रक्षाबंधन मुहूर्त
Read more »

शुभ योग में आज सावन का चौथा सोमवार, जानें पूजा विधि, महत्व, मुहूर्त, आरतीशुभ योग में आज सावन का चौथा सोमवार, जानें पूजा विधि, महत्व, मुहूर्त, आरतीSawan Somwar vrat 2025 Today: शुभ योग में आज सावन का चौथा सोमवार, जानें पूजा विधि, महत्व, मुहूर्त, आरती और मंत्र
Read more »

Anant Chaturdashi 2025 Date: किस दिन मनाई जाएगी अनंत चतुर्दशी? यहां पता करें शुभ मुहूर्त और योगAnant Chaturdashi 2025 Date: किस दिन मनाई जाएगी अनंत चतुर्दशी? यहां पता करें शुभ मुहूर्त और योगहर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से चतुर्दशी तिथि तक भगवान गणेश की पूजा की जाती है। वहीं भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। इस शुभ अवसर पर अनंत चतुर्दशी Anant Chaturdashi 2025 Date मनाई जाती...
Read more »

Durva Ashtami 2025: किस दिन मनाई जाएगी दूर्वा अष्टमी? यहां पता करें शुभ मुहूर्त और योगDurva Ashtami 2025: किस दिन मनाई जाएगी दूर्वा अष्टमी? यहां पता करें शुभ मुहूर्त और योगहर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी Radha Ashtami 2025 मनाई जाती है। यह दिन जगत की देवी श्रीराधा रानी को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर राधा रानी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है।
Read more »



Render Time: 2026-04-02 15:41:43