मालेगांव ब्लास्ट केस में साध्वी प्रज्ञा समेत सात आरोपी बरी हो गए हैं। इस फैसले के बाद 'भगवा आतंकवाद' शब्द को लेकर कांग्रेस-बीजेपी में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है।
नई दिल्ली: मालेगांव ब्लास्ट केस में साध्वी प्रज्ञा सहित 7 आरोपी बरी हो गए। अदालत के इस फैसले ने बीजेपी को कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलने का मौका दे दिया। दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच 'भगवा आतंकवाद ' शब्द को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई। एक तरफ जहां बीजेपी नेता खुलकर कांग्रेस पर साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं तो वहीं कांग्रेस के नेता इन आरोपों से बचते दिख रहे हैं।किसी जमाने में इस मुद्दे पर मुखर रहने वाले दिग्वजिय सिंह भी कल बेहद संतुलित बयान देते दिखे। जब उनसे कोर्ट के फैसले के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि न हिंदू आतंकवाद होता है और न ही मुस्लिम आतंकवाद । इन घटनाक्रमों के बीच अब यह बहस शुरू हो गई है कि आखिर यह 'भगवा आतंकवाद ' शब्द आया कहां से.
.. तो चलिए आपको बताते हैं।यूपीए कार्यकाल में गृह सचिव रहे सिंहभगवा आतंकवाद शब्द गढ़ने का आरोप मुख्य रूप से तीन नेताओं पर लगता है। इनमें दो नाम कांग्रेस के दिग्गज पी चिदंबरम और सुशील कुमार शिंदे के हैं तो वहीं तीसरे नेता का नाम आरके सिंह है। वहीं, आरके सिंह जो कभी यूपीए सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय गृह सचिव के पद पर रहे। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली और मोदी कैबिनेट में मंत्री भी रहे।टिप्पणी से बचते नजर आए कांग्रेस नेतागुरुवार को जब कोर्ट का फैसला आया और अदालत ने मालेगांव ब्लास्ट केस के सभी आरोपियों को बरी कर दिया तो कांग्रेस के नेता इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से बचते नजर आए। चिदंबरम से लेकर शिंदे और आरके सिंह तक सभी ने बोलने से परहेज किया। इतना ही नहीं NIA ने भी यह स्पष्ट नहीं किया कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी या नहीं।चिदंबरम ने सबसे पहले किया था जिक्र!भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ने का सबसे पहला आरोप 2008 से 2012 के बीच गृह मंत्री रहे पी चिदंबरम पर लगता है। दरअसल, 25 अगस्त 2010 को चिदंबरम ने दिल्ली में सलाना डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 'भगवा आतंकवाद की हाल ही में उजागर हुई घटना अतीत के कई बम विस्फोटों में शामिल रही है'। यह बयान देते समय वह 2008 के मालेगांव विस्फोट, समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट और 2007 के मक्का मस्जिद और अजमेर शरीफ विस्फोटों के बारे में बात कर रहे थे।शिंदे ने बीजेपी-आरएसएस पर मढ़े थे आरोपसुशील कुमार शिंदे तो चिदंबरम से भी आगे निकल गए थे। उन्होंने जनवरी 2013 को एक कदम और आगे बढ़ते हुए कहा था कि न केवल 'भगवा आतंकवाद' मौजूद है, बल्कि इसे आरएसएस और भाजपा संचालित कर रही है। इनके आतंकी शिविरों से यह निकल रहा है। शिंदे ने जयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर में यह बात कही थी। शिंदे के इस बयान ने उस समय खूब सुर्खियों बटोरीं। उन्होंने समझौता एक्सप्रेस और मालेगांव ब्लास्ट का भी जिक्र किया था।बयान के बाद बैकफुट पर आ गए थे शिंदेहालांकि, शिंदे के बयान के बाद कांग्रेस मुश्किल में पड़ गई थी और कुछ ही दिनों में शिंदे को अपना बयान वापस लेना पड़ा था। शिंदे ने बाद में एक बयान जारी कर कहा था कि आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं था। जयपुर में उनके संक्षिप्त भाषण में जिन संगठनों का जिक्र किया गया, उनसे आतंकवाद का संबंध होने का कोई आधार नहीं है। शिंदे ने माफी मांगते हुए कहा था कि वह यह स्पष्टीकरण जारी कर रहे हैं और उन लोगों से खेद व्यक्त करते हैं, जिन्हें उनके बयान से ठेस पहुंची है।मंत्री बनने के बाद पलट गए आरके सिंहतब तत्कालीन गृह सचिव रहे आरके सिंह ने शिंदे की बात का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि इस बात के सबूत हैं कि आरएसएस से जुड़े लोग आतंकवादी घटनाओं में शामिल थे। सिंह ने रिटायरमेंट के बाद भाजपा जॉइन कर ली थी और मंत्री बन गए थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद आरके सिंह ने 'भगवा आतंकवाद' शब्द गढ़ने का आरोप शिंदे पर लगाया था।
Sushil Kumar Shinde Rk Singh Saffron Terrorism Mumbai 2008 Malegaon Blast Case आतंकवाद सुशील शिंदे चिदंबरम NIA
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
विदेशियों का खाना कैसे भारतीय डिश बना समोसा, जानें इसके पीछे की पूरी कहानी!खस्ता गर्म-गर्म समोसा भला किसे पसंद नहीं होता है. ऑफिस हो या घर बिना समोसा चाय का स्वाद नहीं आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं समोसा भारतीय डिश नहीं है. आइए जानते हैं कैसे विदेशी डिश भारतीयों की फेवरेट बन गई.
Read more »
Malegaon Blast Case: मालेगांव ब्लास्ट केस में 17 साल बाद कोर्ट का फैसला आज, साध्वी प्रज्ञा-कर्नल पुरोहित दोषी हैं या नहीं हो जाएगा साफराज्य | महाराष्ट्र Malegaon Blast Court Case NIA Special Court judgement today updates in hindi मालेगांव ब्लास्ट केस में 17 साल बाद कोर्ट का फैसला आज साध्वी प्रज्ञा-कर्नल पुरोहित दोषी हैं या नहीं आज होगा साफ
Read more »
Malegaon Blast Case: 'वोटबैंक की राजनीति को लेकर भगवा आतंकवाद का झूठा नैरेटिव गढ़ा', फैसले को लेकर बोली भाजपाMalegaon Blast Case: मालेगांव ब्लास्ट मामले में एनआईए कोर्ट ने अपर्याप्त सूबतों के कारण सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष धमाके की बात को साबित नहीं कर सका.
Read more »
Malegaon Blast Case: मालेगांव ब्लास्ट केस में सभी आरोपी बरी, 17 साल बाद आया फैसला; प्रज्ञा बोलीं- आज भगवा की जीत हुईMalegaon BLast case nia court acquits all Accused updates in hindi Malegaon Blast Case: मालेगांव ब्लास्ट केस में सभी आरोपी बरी, 17 साल बाद आया फैसला
Read more »
भगवा आतंकवाद का नैरेटिव फेल, मालेगांव धमाका मामले के सारे आरोपी बरी, फैसले पर सेलेक्टिव नजरिए का विश्लेषणमालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए ब्लास्ट के केस में कोर्ट ने सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया. आरोपियों को बरी करते हुए कोर्ट ने कहा, जांच एजेंसी आरोप साबित नहीं कर पाई, ऐसे में आरोपियों को संदेह का लाभ मिलना चाहिए.
Read more »
मालेगांव ब्लास्ट के आरोपी रामजी कलसांगरा 17 साल से लापता: पत्नी बोलीं- वो कहां हैं, ये एटीएस और भगवान जानें...Malegaon Bomb Blast Accused Ramji Kalsangra Missing Unsolved Case; इंदौर.
Read more »
