MP PHE Employee: पीएचई विभाग को वेतन कटौती की चेतावनी, सेवानिवृत्त कर्मचारी के मामले में अवमानना पर हाईकोर्ट सख्त

Mp Phe Department News

MP PHE Employee: पीएचई विभाग को वेतन कटौती की चेतावनी, सेवानिवृत्त कर्मचारी के मामले में अवमानना पर हाईकोर्ट सख्त
एमपी उच्च न्यायालयएमपी हाई कोर्ट की चेतावनीएमपी पीएचई विभाग
  • 📰 NBT Hindi News
  • ⏱ Reading Time:
  • 83 sec. here
  • 10 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 61%
  • Publisher: 51%

MP High Court: एमपी हाई कोर्ट ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर वे कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करते तो उनकी वेतन में 50 प्रतिशत कटौती की जा सकती है। कोर्ट ने राज्य सरकार पर 15000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है जो याचिकाकर्ता को दिया...

भोपाल: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी है। अगर वे कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करते हैं तो उनकी सैलरी में 50% की कटौती हो सकती है। यह चेतावनी एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान दी गई। यह मामला पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति बकाया राशि से जुड़ा है। कोर्ट ने राज्य सरकार पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह राशि याचिकाकर्ता को मिलेगी।विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा पीएचई विभाग के एक सेवानिवृत्त पंप अटेंडेंट हैं। उन्होंने अवमानना याचिका दायर की थी। इससे पहले हाईकोर्ट ने उनके द्वारा दायर याचिका पर पीएचई विभाग को आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि मिश्रा के कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए उनकी पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति बकाया राशि का निर्धारण किया जाए। यह काम आदेश के 90 दिनों के भीतर करना था, लेकिन विभाग ने ऐसा नहीं किया। इसलिए मिश्रा ने अवमानना याचिका दायर की।अधिकारियों ने नोटिस का नहीं दिया जवाब जस्टिस डी के पालीवाल की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। उन्होंने देखा कि कई मौके देने के बावजूद पीएचई विभाग के अधिकारियों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। रीवा के पीएचई के कार्यपालक अभियंता ने दलील दी। उन्होंने कहा कि विभाग हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करने पर विचार कर रहा है। इसलिए आदेश का पालन नहीं किया गया। अपील दायर करने की अनुमति मांगी गई है।अदालत ने जताई नाराजगीकोर्ट ने आदेश का पालन न करने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि विभाग हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करे या नहीं, यह कोर्ट तय नहीं करेगा। लेकिन आदेश का पालन बिना किसी देरी के किया जाना चाहिए। प्रशासन पर लगा जुर्मानाकोर्ट ने आदेश की अवहेलना के लिए राज्य सरकार पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो मामले में प्रतिवादी बनाए गए अधिकारियों के वेतन में आधी कटौती का आदेश पारित किया जा सकता है।.

भोपाल: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी है। अगर वे कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करते हैं तो उनकी सैलरी में 50% की कटौती हो सकती है। यह चेतावनी एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान दी गई। यह मामला पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति बकाया राशि से जुड़ा है। कोर्ट ने राज्य सरकार पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह राशि याचिकाकर्ता को मिलेगी।विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा पीएचई विभाग के एक सेवानिवृत्त पंप अटेंडेंट हैं। उन्होंने अवमानना याचिका दायर की थी। इससे पहले हाईकोर्ट ने उनके द्वारा दायर याचिका पर पीएचई विभाग को आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि मिश्रा के कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए उनकी पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति बकाया राशि का निर्धारण किया जाए। यह काम आदेश के 90 दिनों के भीतर करना था, लेकिन विभाग ने ऐसा नहीं किया। इसलिए मिश्रा ने अवमानना याचिका दायर की।अधिकारियों ने नोटिस का नहीं दिया जवाब जस्टिस डी के पालीवाल की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। उन्होंने देखा कि कई मौके देने के बावजूद पीएचई विभाग के अधिकारियों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। रीवा के पीएचई के कार्यपालक अभियंता ने दलील दी। उन्होंने कहा कि विभाग हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करने पर विचार कर रहा है। इसलिए आदेश का पालन नहीं किया गया। अपील दायर करने की अनुमति मांगी गई है।अदालत ने जताई नाराजगीकोर्ट ने आदेश का पालन न करने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि विभाग हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करे या नहीं, यह कोर्ट तय नहीं करेगा। लेकिन आदेश का पालन बिना किसी देरी के किया जाना चाहिए। प्रशासन पर लगा जुर्मानाकोर्ट ने आदेश की अवहेलना के लिए राज्य सरकार पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो मामले में प्रतिवादी बनाए गए अधिकारियों के वेतन में आधी कटौती का आदेश पारित किया जा सकता है।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

NBT Hindi News /  🏆 20. in İN

एमपी उच्च न्यायालय एमपी हाई कोर्ट की चेतावनी एमपी पीएचई विभाग पीएचई विभाग को एमपी हाईकोर्ट की चेतावनी एमपी हाई कोर्ट का फैसला पीएचई विभाग को वेतन कटौती की चेतावनी MP PHE Employee News

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में 60 हज़ार से अधिक सुरक्षा कर्मी तैनातगणतंत्र दिवस पर दिल्ली में 60 हज़ार से अधिक सुरक्षा कर्मी तैनातगणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधिक सख्त बना दिया गया है।
Read more »

शराब पीने की आदत से परेशान पत्नी की बेरहमी से हत्या, दोषी को आजीवन कारावासशराब पीने की आदत से परेशान पत्नी की बेरहमी से हत्या, दोषी को आजीवन कारावासउत्तर प्रदेश के बरेली जिले की एक अदालत ने शराब पीने की आदत से परेशान होने पर पत्नी को मारने के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
Read more »

सीतापुर: दुष्कर्म आरोपी कांग्रेस सांसद राकेश राठौर गिरफ्तारसीतापुर: दुष्कर्म आरोपी कांग्रेस सांसद राकेश राठौर गिरफ्तारउत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक महिला ने कांग्रेस सांसद राकेश राठौर पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। पुलिस ने बुधवार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद सांसद की गिरफ्तारी की।
Read more »

WhatsApp पर 'निकाह कबूल': मुजफ्फरपुर में नाबालिग छात्र-छात्रा का अनोखा मामलाWhatsApp पर 'निकाह कबूल': मुजफ्फरपुर में नाबालिग छात्र-छात्रा का अनोखा मामलाव्हाट्सएप पर 'निकाह कबूल' करने के मामले में, नाबालिग छात्र-छात्रा ने पुलिस को समझाएं की।
Read more »

एलन मस्क व्हाइट हाउस पहुंचे, ट्रंप के साथ सरकार के खर्च में कटौती के फैसले पर चर्चा कीएलन मस्क व्हाइट हाउस पहुंचे, ट्रंप के साथ सरकार के खर्च में कटौती के फैसले पर चर्चा कीअमेरिकी सरकार में सरकारी दक्षता विभाग का नेतृत्व कर रहे एलन मस्क मंगलवार को व्हाइट हाउस पहुंचे और डोनाल्ड ट्रंप के साथ सरकार के खर्च में व्यापक कटौती के अपने फैसले पर चर्चा की। मस्क ने इस बातचीत में कटौती के अपने फैसले का बचाव किया और स्वीकार किया कि उनके विभाग से कुछ गलतियां हुई हैं और आगे भी हो सकती हैं। ट्रंप ने सरकार के खर्च में कटौती के लिए मस्क की तारीफ की और संघीय कर्मचारियों की संख्या में कटौती जारी रखने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए।
Read more »

महिलाओं को 'तलाक़शुदा' कहने पर पाबंदी, कोर्ट ने कहा- औरत की पहचान तलाक़ या शादी नहींमहिलाओं को 'तलाक़शुदा' कहने पर पाबंदी, कोर्ट ने कहा- औरत की पहचान तलाक़ या शादी नहींजम्मू- कश्मीर के हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान 'तलाक़शुदा' शब्द के इस्तेमाल को बुरी आदत क़रार दिया है और महिला का पूरा नाम इस्तेमाल करने की सलाह दी है.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 18:19:56