Lok Sabha Election 2019: राहुल के कारण वीआइपी स्टेट्स मिलने से वायनाड खुश

United States News News

Lok Sabha Election 2019: राहुल के कारण वीआइपी स्टेट्स मिलने से वायनाड खुश
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 Dainik Jagran
  • ⏱ Reading Time:
  • 160 sec. here
  • 4 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 67%
  • Publisher: 53%

राहुल गांधी के वायनाड से नामांकन दाखिल करने के बाद वायनाड वासियों में यह आम राय है कि वे केवल एक सांसद नहीं चुनने जा रहे हैं बल्कि प्रधानमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार को चुनेंगे। RahulGandhiWayanad INCIndia

वजह चाहे भले ही सियासी हो मगर वायनाड अचानक मिले वीआइपी स्टेट्स से काफी खुश है। वायनाड के लोगों को इस नये वीआइपी स्टेट्स के सहारे अपने इलाके का पिछड़ापन दूर होने की उम्मीदें जग गई हैं। इससे वायनाड को वाराणसी या अमेठी जैसी प्राथमिकता मिलेगी। रेलवे लाइन से लेकर यूनिवर्सिटी जैसे उनके सपने हकीकत बन सकते हैं। राहुल गांधी से इलाके की सूरत बदलने की अपेक्षाओं और उम्मीदों से साफ है कि सांसद के रूप में यहां के लोगों की कसौटी पर खरा उतरना सहज नहीं होगा। वायनाड के जिला मुख्यालय शहर केलपट्टा के हर चौक-चौराहे पर चाय की चुस्कियों के साथ राहुल गांधी के चुनाव लड़ने की सियासी चर्चा गरम है। हालांकि मलयालम भाषा में होने वाले इन संवादों को समझना कठिन है मगर पूछने पर कई लोग खुलकर यह बताने से गुरेज नहीं कर रहे कि राहुल से उनकी कैसी अपेक्षाएं हैं। शहर के युवा कारोबारी श्रीजित कुमार कहते हैं कि श्रीनगर और पूर्वोत्तर भारत में रेल पहुंच गई है, मगर वायनाड में इतने सालों बाद भी रेलवे लाइन नहीं है। वायनाड संसदीय क्षेत्र के सुल्तान बथेरी विधानसभा का इलाको हो या नीलांबुर इन जगहों के तमाम लोगों की एक सुर में राय थी कि रेलवे लाइन आने से ही इलाके के विकास की पटरी खुलेगी।पहाड़ी इलाका होने के कारण सड़क संपर्क भी केरल के दूसरे इलाकों के मुकाबले सीमित है और इसीलिए भी रेलवे लाइन की जरूरत लोग मानते हैं। नीलांबुर के बीनू अब्राहम ने कहा कि हम लोग राहुल गांधी से यह उम्मीद करते हैं कि कर्नाटक के नानचंनकोट और वायनाड के नीलमगुरू के बीच रेलवे लाइन शुरू कराकर वे इलाके की सूरत बदलने का बड़ा काम करेंगे। वे कहते हैं कि आखिर हम कोई एक साधारण सांसद चुनने नहीं जा रहे बल्कि कांग्रेस-यूपीए के प्रधानमंत्री पद के दावेदार को संसद में भेजने जा रहे हैं। वायनाड के एक स्थानीय पत्रकार अदीब कहते हैं कि वन क्षेत्र होने की वजह से वैकल्पिक सड़क मार्ग बनाना यहां बेहद कठिन है और लोग यह भी उम्मीद कर रहे कि राहुल वन कानून की बेडि़यों को ढीला करा यहां विकास की गाड़ी को गति देंगे। केरल देश में शिक्षा के लिहाज से सबसे अग्रणी राज्य है मगर वायनाड में कोई यूनिवर्सिटी नहीं है न ही मेडिकल कालेज। कांग्रेस अध्यक्ष से लोगों की अपेक्षाओं की फेहरिस्त में ये दोनों मांग भी शामिल हैं। विकास के पैमाने पर वायनाड केरल का सबसे पिछड़ा जिला है और सूबे की सबसे ज्यादा आदिवासी जनसंख्या यहीं रहती है। राज्य में आदिवासियों के लिए आरक्षित तीन विधानसभा सीटों में से दो इसी जिले में हैं। केरल में स्कूल ड्रॉप आउट भी इस जिले में सबसे ज्यादा हैं। विकास के पैमाने पर वायनाड की मौजूदा स्थिति इसी से समझी जा सकती है कि देश के सबसे पिछडे़ 115 जिलों में वायनाड शामिल है। नीति आयोग ने इसे देश के विकास के आकांक्षी 115 जिलों की सूची में रखा है। कलपेट्टा की स्थानीय पत्रकार मीनू मोहनन के अनुसार स्थानीय लोगों में यह आम धारणा बन रही है कि वे अपना वोट भविष्य के प्रधानमंत्री दावेदार को देने जा रहे हैं तो उनके मुद्दों को भी वैसे ही तवज्जो मिलेगी। हालांकि माकपा के स्थानीय नेता गागरिन इससे असहमति जताते हुए कहते हैं कि राहुल गांधी सुरक्षित सीट की तलाश में वायनाड आए हैं। यहां का विकास उनकी प्राथमिकता सूची में होगा इसकी गुंजाइश नहीं। राहुल के यहां आने से इस इलाके की सूरत कितनी बदलेगी यह तो समय बताएगा मगर वायनाड के लोग अपने इलाके के अचानक बढ़े वीवीआइपी स्टेट्स से इसीलिए भी खुश हैं कि उत्तर भारत से अचानक लोगों का यहां आना बढ़ गया है। केवल राजनीतिज्ञ और मीडिया ही नहीं दूसरे क्षेत्र से जुडे़ लोग भी वायनाड आ रहे हैं। इसकी वजह से पर्यटन का मौसम खत्म हो जाने के बाद भी होटलों, टैक्सी और इस व्यवसाय से जुडे़ लोगों को ऑफ सीजन का अहसास नहीं हो रहा है।.

वजह चाहे भले ही सियासी हो मगर वायनाड अचानक मिले वीआइपी स्टेट्स से काफी खुश है। वायनाड के लोगों को इस नये वीआइपी स्टेट्स के सहारे अपने इलाके का पिछड़ापन दूर होने की उम्मीदें जग गई हैं। इससे वायनाड को वाराणसी या अमेठी जैसी प्राथमिकता मिलेगी। रेलवे लाइन से लेकर यूनिवर्सिटी जैसे उनके सपने हकीकत बन सकते हैं। राहुल गांधी से इलाके की सूरत बदलने की अपेक्षाओं और उम्मीदों से साफ है कि सांसद के रूप में यहां के लोगों की कसौटी पर खरा उतरना सहज नहीं होगा। वायनाड के जिला मुख्यालय शहर केलपट्टा के हर चौक-चौराहे पर चाय की चुस्कियों के साथ राहुल गांधी के चुनाव लड़ने की सियासी चर्चा गरम है। हालांकि मलयालम भाषा में होने वाले इन संवादों को समझना कठिन है मगर पूछने पर कई लोग खुलकर यह बताने से गुरेज नहीं कर रहे कि राहुल से उनकी कैसी अपेक्षाएं हैं। शहर के युवा कारोबारी श्रीजित कुमार कहते हैं कि श्रीनगर और पूर्वोत्तर भारत में रेल पहुंच गई है, मगर वायनाड में इतने सालों बाद भी रेलवे लाइन नहीं है। वायनाड संसदीय क्षेत्र के सुल्तान बथेरी विधानसभा का इलाको हो या नीलांबुर इन जगहों के तमाम लोगों की एक सुर में राय थी कि रेलवे लाइन आने से ही इलाके के विकास की पटरी खुलेगी।पहाड़ी इलाका होने के कारण सड़क संपर्क भी केरल के दूसरे इलाकों के मुकाबले सीमित है और इसीलिए भी रेलवे लाइन की जरूरत लोग मानते हैं। नीलांबुर के बीनू अब्राहम ने कहा कि हम लोग राहुल गांधी से यह उम्मीद करते हैं कि कर्नाटक के नानचंनकोट और वायनाड के नीलमगुरू के बीच रेलवे लाइन शुरू कराकर वे इलाके की सूरत बदलने का बड़ा काम करेंगे। वे कहते हैं कि आखिर हम कोई एक साधारण सांसद चुनने नहीं जा रहे बल्कि कांग्रेस-यूपीए के प्रधानमंत्री पद के दावेदार को संसद में भेजने जा रहे हैं। वायनाड के एक स्थानीय पत्रकार अदीब कहते हैं कि वन क्षेत्र होने की वजह से वैकल्पिक सड़क मार्ग बनाना यहां बेहद कठिन है और लोग यह भी उम्मीद कर रहे कि राहुल वन कानून की बेडि़यों को ढीला करा यहां विकास की गाड़ी को गति देंगे। केरल देश में शिक्षा के लिहाज से सबसे अग्रणी राज्य है मगर वायनाड में कोई यूनिवर्सिटी नहीं है न ही मेडिकल कालेज। कांग्रेस अध्यक्ष से लोगों की अपेक्षाओं की फेहरिस्त में ये दोनों मांग भी शामिल हैं। विकास के पैमाने पर वायनाड केरल का सबसे पिछड़ा जिला है और सूबे की सबसे ज्यादा आदिवासी जनसंख्या यहीं रहती है। राज्य में आदिवासियों के लिए आरक्षित तीन विधानसभा सीटों में से दो इसी जिले में हैं। केरल में स्कूल ड्रॉप आउट भी इस जिले में सबसे ज्यादा हैं। विकास के पैमाने पर वायनाड की मौजूदा स्थिति इसी से समझी जा सकती है कि देश के सबसे पिछडे़ 115 जिलों में वायनाड शामिल है। नीति आयोग ने इसे देश के विकास के आकांक्षी 115 जिलों की सूची में रखा है। कलपेट्टा की स्थानीय पत्रकार मीनू मोहनन के अनुसार स्थानीय लोगों में यह आम धारणा बन रही है कि वे अपना वोट भविष्य के प्रधानमंत्री दावेदार को देने जा रहे हैं तो उनके मुद्दों को भी वैसे ही तवज्जो मिलेगी। हालांकि माकपा के स्थानीय नेता गागरिन इससे असहमति जताते हुए कहते हैं कि राहुल गांधी सुरक्षित सीट की तलाश में वायनाड आए हैं। यहां का विकास उनकी प्राथमिकता सूची में होगा इसकी गुंजाइश नहीं। राहुल के यहां आने से इस इलाके की सूरत कितनी बदलेगी यह तो समय बताएगा मगर वायनाड के लोग अपने इलाके के अचानक बढ़े वीवीआइपी स्टेट्स से इसीलिए भी खुश हैं कि उत्तर भारत से अचानक लोगों का यहां आना बढ़ गया है। केवल राजनीतिज्ञ और मीडिया ही नहीं दूसरे क्षेत्र से जुडे़ लोग भी वायनाड आ रहे हैं। इसकी वजह से पर्यटन का मौसम खत्म हो जाने के बाद भी होटलों, टैक्सी और इस व्यवसाय से जुडे़ लोगों को ऑफ सीजन का अहसास नहीं हो रहा है।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Dainik Jagran /  🏆 10. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

राहुल गांधी अमेठी के साथ केरल के वायनाड से भी लड़ेंगे चुनाव: कांग्रेसराहुल गांधी अमेठी के साथ केरल के वायनाड से भी लड़ेंगे चुनाव: कांग्रेसLok Sabha Election 2019 Rahul Gandhi will Contest From kerala Wayanad | कांग्रेस का कहना- केरल से लगातार आ रही कार्यकर्ताओं की मांग को देखते हुए उन्होंने वायनाड से भी चुनाव लड़ने का फैसला किया
Read more »

राहुल गांधी अमेठी के साथ ही केरल वायनाड से भी लड़ेंगे चुनावराहुल गांधी अमेठी के साथ ही केरल वायनाड से भी लड़ेंगे चुनावनई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दो जगह से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। राहुल ने अमेठी के साथ ही केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ेंगे।
Read more »

राहुल गांधी के खिलाफ केरल के वायनाड से भी लड़ेंगी स्मृति ईरानी!- Amarujalaराहुल गांधी के खिलाफ केरल के वायनाड से भी लड़ेंगी स्मृति ईरानी!- Amarujalaखबर आ रही है कि भाजपा अमेठी के साथ ही वायनाड में भी राहुल को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में है। चर्चा है कि भाजपा वायनाड
Read more »

राहुल के वायनाड से चुनाव लड़ने से क्या कांग्रेस को फ़ायदा होगा?राहुल के वायनाड से चुनाव लड़ने से क्या कांग्रेस को फ़ायदा होगा?क्या राहुल गांधी का वायनाड से चुनाव लड़ना कांग्रेस को नया जीवनदान देगा. क्या कहतें हैं राजनीति के जानकार.
Read more »

राहुल गांधी वायनाड से लड़ेंगे चुनाव, बीजेपी से ज्यादा लेफ्ट पार्टियां परेशानराहुल गांधी वायनाड से लड़ेंगे चुनाव, बीजेपी से ज्यादा लेफ्ट पार्टियां परेशानमाकपा के मुखपत्र के संपादकीय में लिखा गया है कि राहुल गांधी का वायनाड से लड़ने की योजना से कांग्रेस के पतन की शुरुआत होगी. अमेठी में संभावित हार को देखते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी डर गए हैं. माकपा ने कहा कि राहुल गांधी की बीजेपी से डर कर भागने की राजनीतिक रणनीति बताती है कि वह एक नेता के तौर फेल हो गए हैं.
Read more »

वायनाड में हाथियों के आतंक से परेशान आदिवासियों को राहुल गांधी से उम्मीद- दिलाएंगे राहतवायनाड में हाथियों के आतंक से परेशान आदिवासियों को राहुल गांधी से उम्मीद- दिलाएंगे राहतवायनाड से राहुल गांधी के चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद से ही इस शहर पर हर किसी की नजर है और स्थानीय लोगों अपने-अपने स्तर पर क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों को उठा रहे हैं. हाथियों से परेशान एक आदिवासी महिला का कहना है कि हाथियों से निपटना और उनके हमलों से बचना सबसे बड़ा मुद्दा है. जंगलों के भीतर हमारे घरों में हाथियों के हमलों का डर रहता है. इस बार हम वोट नहीं देंगे. इन चुनावों में हिस्सा लेने का कोई फायदा नहीं है.
Read more »

राहुल वायनाड से मैदान में, जानें 2 सीटों से लड़ चुका कौन-कौन-Navbharat Timesराहुल वायनाड से मैदान में, जानें 2 सीटों से लड़ चुका कौन-कौन-Navbharat Timesकांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार अपनी संसदीय सीट अमेठी के साथ-साथ केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ रहे हैं। राहुल के दो सीटों पर चुनाव लड़ने पर विवाद हो रहा है। एक तरफ बीजेपी उन पर अमेठी से भागने का आरोप लगा रही है तो कांग्रेस इसकी वजह पार्टी को दक्षिण में मजबूत करना बता रही है। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब कोई नेता एक से ज्यादा सीट पर चुनाव लड़ रहे हों। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और इंदिरा गांधी से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी भी दो सीटों से चुनाव लड़ चुके हैं। आगे स्लाइड में देखिए और कौन-कौन से नेता इस लिस्ट में हैं--
Read more »

स्मृति ईरानी ने राहुल के वायनाड से नामांकन को बताया अमेठी से धोखास्मृति ईरानी ने राहुल के वायनाड से नामांकन को बताया अमेठी से धोखास्मृति ने कहा कि जो व्यक्ति पिछले 15 साल से अमेठी में है, उसने अपने समर्थकों को छोड़ना तय कर लिया और किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन पत्र भरने का फैसला किया क्योंकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पता है कि राहुल को अमेठी में समर्थन नहीं है.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 21:15:17