तंत्र विद्या सीखने वाले साधक निशा काल में काल भैरव देव की पूजा करते हैं। साथ ही कठिन भक्ति कर काल भैरव देव को प्रसन्न करते हैं। कठिन भक्ति से प्रसन्न होकर काल भैरव देव साधक को इच्छित वर देते हैं। अगर आप भी मनचाहा वर पाना चाहते हैं तो कालाष्टमी तिथि पर प्रदोष काल में विधि-विधान से काल भैरव देव की पूजा...
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Kalashtami 2024: 01 मई को कालाष्टमी है। यह पर्व हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन काल भैरव देव की पूजा की जाती है। साथ ही मनोवांछित फल की प्राप्ति हेतु व्रत भी रखा जाता है। साधकों के लिए कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का विशेष महत्व है। तंत्र विद्या सीखने वाले साधक निशा काल में काल भैरव देव की पूजा करते हैं। साथ ही कठिन भक्ति कर काल भैरव देव को प्रसन्न करते हैं। कठिन भक्ति से प्रसन्न होकर काल भैरव देव साधक को इच्छित वर देते हैं। अगर आप भी मनचाहा वर पाना चाहते हैं, तो कालाष्टमी तिथि पर प्रदोष काल में विधि-विधान से काल भैरव देव की पूजा करें। साथ ही पूजा के समय काल भैरव देव के 108 नामों का मंत्र जप करें। यह भी पढ़ें: वरुथिनी एकादशी पर दुर्लभ इंद्र योग का हो रहा है निर्माण, प्राप्त होगा अक्षय फल काल भैरव के 108 नाम 1.
ॐ ह्रीं भैरवाय नम: 2. ॐ ह्रीं विराजे नम: 3. ॐ ह्रीं क्षत्रियाय नम: 4. ॐ ह्रीं भूतात्मने नम: 5. ॐ ह्रीं सिद्धाय नम: 6. ॐ ह्रीं सिद्धिदाय नम: 7. ॐ ह्रीं सिद्धिसेविताय नम: 8. ॐ ह्रीं कंकालाय नम: 9. ॐ ह्रीं कालशमनाय नम: 10. ॐ ह्रीं कला-काष्ठा-तनवे नम: 11. ॐ ह्रीं कवये नम: 12. ॐ ह्रीं खर्पराशिने नम: 13. ॐ ह्रीं स्मारान्तकृते नम: 14. ॐ ह्रीं रक्तपाय नम: 15. ॐ ह्रीं श्मशानवासिने नम: 16. ॐ ह्रीं मांसाशिने नम: 17. ॐ ह्रीं पानपाय नम: 18. ॐ ह्रीं त्रिनेत्राय नम: 19. ॐ ह्रीं बहुनेत्राय नम: 20. ॐ ह्रीं पिंगललोचनाय नम: 21. ॐ ह्रीं शूलपाणाये नम: 22. ॐ ह्रीं खड्गपाणाये नम: 23. ॐ ह्रीं धूम्रलोचनाय नम: 24. ॐ ह्रीं भू-भावनाय नम: 25. ॐ ह्रीं क्षेत्रज्ञाय नम: 26. ॐ ह्रीं क्षेत्रपालाय नम: 27. ॐ ह्रीं क्षेत्रदाय नम: 28. ॐ ह्रीं माया-मन्त्रौषधी-मयाय नम: 29. ॐ ह्रीं सर्वसिद्धि प्रदाय नम: 30. ॐ ह्रीं अभीरवे नम: 31. ॐ ह्रीं भैरवीनाथाय नम: 32. ॐ ह्रीं भूतपाय नम: 33. ॐ ह्रीं योगिनीपतये नम: 34. ॐ ह्रीं धनदाय नम: 35. ॐ ह्रीं कालाय नम: 36. ॐ ह्रीं कपालमालिने नम: 37. ॐ ह्रीं भूतनाथाय नम: 38. ॐ ह्रीं कामिनी-वश-कृद्-वशिने नम: 39. ॐ ह्रीं जगद्-रक्षा-कराय नम: 40. ॐ ह्रीं अनंताय नम: 41. ॐ ह्रीं कमनीयाय नम: 42. ॐ ह्रीं कलानिधये नम: 43. ॐ ह्रीं त्रिलोचननाय नम: 44. ॐ ह्रीं ज्वलन्नेत्राय नम: 45. ॐ ह्रीं त्रिशिखिने नम: 46. ॐ ह्रीं त्रिलोकभृते नम: 47. ॐ ह्रीं नागकेशाय नम: 48. ॐ ह्रीं व्योमकेशाय नम: 49. ॐ ह्रीं कपालभृते नम: 50. ॐ ह्रीं त्रिवृत्त-तनयाय नम: 51. ॐ ह्रीं डिम्भाय नम: 52. ॐ ह्रीं शांताय नम: 53. ॐ ह्रीं शांत-जन-प्रियाय नम: 54. ॐ ह्रीं भिक्षुकाय नम: 55. ॐ ह्रीं परिचारकाय नम: 56. ॐ ह्रीं अधनहारिणे नम: 57. ॐ ह्रीं धनवते नम: 58. ॐ ह्रीं प्रतिभागवते नम: 59. ॐ ह्रीं नागहाराय नम: 60. ॐ ह्रीं धूर्ताय नम: 61. ॐ ह्रीं दिगंबराय नम: 62. ॐ ह्रीं शौरये नम: 63. ॐ ह्रीं हरिणाय नम: 64. ॐ ह्रीं पाण्डुलोचनाय नम: 65. ॐ ह्रीं प्रशांताय नम: 66. ॐ ह्रीं शांतिदाय नम: 67. ॐ ह्रीं शुद्धाय नम: 68. ॐ ह्रीं शंकरप्रिय बांधवाय नम: 69. ॐ ह्रीं अष्टमूर्तये नम: 70. ॐ ह्रीं बटुकाय नम: 71. ॐ ह्रीं बटुवेषाय नम: 72. ॐ ह्रीं खट्वांग-वर-धारकाय नम: 73. ॐ ह्रीं भूताध्यक्ष नम: 74. ॐ ह्रीं पशुपतये नम: 75. ॐ ह्रीं सर्पयुक्ताय नम: 76. ॐ ह्रीं शिखिसखाय नम: 77. ॐ ह्रीं भूधराय नम: 78. ॐ ह्रीं भूधराधीशाय नम: 79. ॐ ह्रीं भूपतये नम: 80. ॐ ह्रीं निधिशाय नम: 81. ॐ ह्रीं ज्ञानचक्षुषे नम: 82. ॐ ह्रीं तपोमयाय नम: 83. ॐ ह्रीं अष्टाधाराय नम: 84. ॐ ह्रीं षडाधाराय नम: 85. ॐ ह्रीं भूधरात्मजाय नम: 86. ॐ ह्रीं कपालधारिणे नम: 87. ॐ ह्रीं मारणाय नम: 88. ॐ ह्रीं क्षोभणाय नम: 89. ॐ ह्रीं शुद्ध-नीलांजन-प्रख्य-देहाय नम: 90. ॐ ह्रीं मुंडविभूषणाय नम: 91. ॐ ह्रीं बलिभुजे नम: 92. ॐ ह्रीं बलिभुंगनाथाय नम: 93. ॐ ह्रीं बालाय नम: 94. ॐ ह्रीं नाग-यज्ञोपवीत-वते नम: 95. ॐ ह्रीं जृम्भणाय नम: 96. ॐ ह्रीं मोहनाय नम: 97. ॐ ह्रीं स्तम्भिने नम: 98. ॐ ह्रीं दुष्ट-भूत-निषेविताय नम: 99. ॐ ह्रीं कामिने नम: 100. ॐ ह्रीं कला-निधये नम: 101. ॐ ह्रीं कांताय नम: 102. ॐ ह्रीं बालपराक्रमाय नम: 103. ॐ ह्रीं सर्वापत्-तारणाय नम: 104. ॐ ह्रीं दुर्गाय नम: 105. ॐ ह्रीं मुण्डिने नम: 106. ॐ ह्रीं वैद्याय नम: 107. ॐ ह्रीं प्रभविष्णवे नम: 108. ॐ ह्रीं विष्णवे नम: यह भी पढ़ें: वरुथिनी एकादशी पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जप, कट जाएंगे सारे पाप डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'
Masik Kalashtami Vrat 2024 Masik Kalashtami 2024 Date And Time Masik Kalashtami 2024 Shubh Muhurat Masik Kalashtami 2024 Masik Kalashtami 2024 Kab Hai Masik Kalashtami Masik Kalashtami Puja Mahatva Masik Kalashtami 2024 Tithi Masik Kalashtami 2024 Puja Samay मासिक कालाष्टमी व्रत 2024 मासिक कालाष्टमी व्रत 2024 तिथि मासिक कालाष्टमी व्रत 2024 शुभ मुहूर्त कालाष्टमी के दिन करें दान
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
Chaitra Navratri 2024 Day 7: नवरात्र के सातवें दिन करें मां काली के 108 नामों का मंत्र जप, दूर होंगें सभी कष्टइस दिन मां काली की विशेष पूजा उपासना एवं साधना की जाती है। मां काली की साधना करने वाले साधकों को सभी प्रकार के सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में व्याप्त काल कष्ट दुख संकट रोग शोक दूर हो जाते हैं। सामान्यतः चित्रों एवं प्रतिमाओं में मां काली का रौद्र रूप दिखाया जाता है। हालांकि मां काली ममता की सागर...
Read more »
Sri Narasimha 108 Names: गुरुवार के दिन करें भगवान नरसिंह के 108 नामों का मंत्र जप, सभी संकट हो जाएंगे दूरचिरकाल में भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी। भगवान नरसिंह को उग्रहरि भी कहा जाता है। अतः साधक गुरुवार के दिन भगवान नरसिंह की पूजा-उपासना करते हैं। धार्मिक मत है कि भगवान नरसिंह की पूजा एवं साधना करने वाले साधक के जीवन में व्याप्त समस्त दुख दूर हो जाते हैं। साथ ही जीवन में सुख समृद्धि और शांति का आगमन होता...
Read more »
Hanuman Janmotsav 2024: हनुमान जन्मोत्सव पर करें बजरंबली के 108 नामों का मंत्र जप, दूर होंगे सभी दुख और संतापHanuman Janmotsav 2024 सनातन शास्त्रों में चैत्र पूर्णिमा तिथि के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया है। इस तिथि पर ही त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था। अतः हर वर्ष चैत्र पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा-उपासना की जाती...
Read more »
Masik Kalashtami 2024: मासिक कालाष्टमी के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना रुष्ट हो सकते हैं काल भैरवकालाष्टमी का दिन बहुत शुभ माना जाता है। यह भगवान काल भैरव को समर्पित है जो भगवान शिव का उग्र स्वरूप हैं। मान्यता है कि कालाष्टमी Masik Kalashtami 2024 May के दिन काल भैरव पूजा करने से सुख-शांति की प्राप्ति होती है और जीवन की सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। आइए जानते हैं कि कालाष्टमी के दिन किन कार्यों को करने से बचना...
Read more »
Masik Kalashtami 2024: कालाष्टमी पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप, जीवन के दुख और संकट होंगे दूरतंत्र विद्या सीखने वाले साधक कालाष्टमी Masik Kalashtami 2024 तिथि पर निशा काल में विशेष अनुष्ठान कर अपने आराध्य काल भैरव देव को प्रसन्न करते हैं। मान्यता है कि इस दिन काल भैरव की पूजा करने से घर में सुख शांति और समृद्धि आती है। साथ ही जीवन के दुख और संकटों से छुटकारा मिलता है। इस बार कालाष्टमी 01 मई को...
Read more »
Kalashtami 2024: कालाष्टमी के दिन करें इस मंगलकारी स्तोत्र का पाठ, कालसर्प दोष से मिलेगी निजातज्योतिषियों की मानें तो कालाष्टमी तिथि पर कालसर्प दोष निवारण हेतु उपाय भी किए जाते हैं। अगर आप भी कालसर्प दोष से निजात पाना चाहते हैं तो कालाष्टमी तिथि पर भगवान शिव की श्रद्धा भाव से पूजा करें। इस समय गंगाजल या कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। साथ ही भगवान शिव के अभिषेक के समय इस मंगलकारी स्तोत्र का पाठ...
Read more »
